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GK24

17वीं पेंशन अदालत में 897 लंबित शिकायतें ली जाएंगी

डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 17वीं पेंशन अदालत 5 अक्टूबर 2026 को आईआईपीए, नई दिल्ली में होगी, जहाँ अति-वरिष्ठ और पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 शिकायतें ली जाएंगी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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चर्चा में क्यों

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ने 4 अक्टूबर 2026 को बताया कि 17वीं पेंशन अदालत अगले दिन नई दिल्ली के आईआईपीए में डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में होगी और यह पहली विषयगत अदालत है, जिसमें अति-वरिष्ठ तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 शिकायतें ली जा रही हैं।

कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अधीन पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) 17वीं पेंशन अदालत का आयोजन 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) के टी. एन. चतुर्वेदी स्मृति सभागार में करेगा। इसकी अध्यक्षता कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह करेंगे।

पेंशन अदालत क्या है

पेंशन अदालत में किसी पेंशनभोगी की शिकायत से जुड़े सभी कार्यालयों को एक ही मंच पर बुलाया जाता है, ताकि मामला एक मेज से दूसरी मेज घूमने के बजाय उसी बैठक में निपट जाए। विभाग इसे संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण कहता है, जिसमें पेंशनभोगी, बैंक, संबंधित मंत्रालय और लेखा कार्यालय एक साथ बैठकर जवाब देते हैं। यह व्यवस्था अदालती मुकदमे के विकल्प के रूप में काम करती है, इसलिए सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महंगी और लंबी कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। मुकदमेबाजी घटाना केंद्र सरकार की घोषित प्रतिबद्धता है, और यह पहल उसी दिशा में उठाया गया कदम मानी जाती है।

अब तक का रिकॉर्ड

पेंशन अदालतों की शुरुआत 2017 में हुई थी। इससे पहले हुई सोलह अदालतों में कुल 28,797 शिकायतों में से 20,676 शिकायतें मौके पर ही सुलझा ली गईं, अर्थात सफलता दर 71.79 प्रतिशत रही। जो मामले सभागार में ही बंद नहीं हो सके, उन्हें बाद में विभाग की अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों में उठाया गया, इसलिए पिछली अदालतों की कोई शिकायत अधूरी नहीं छोड़ी गई।

17वीं अदालत की खास बात

यह अदालत विषयगत है और इस श्रृंखला में अपनी तरह की पहली है। इसमें केवल अति-वरिष्ठ पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 लंबे समय से लंबित शिकायतें ली जा रही हैं, जो 24 मंत्रालयों तथा विभागों से संबंधित हैं और सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल पर दर्ज की गई थीं। देश के किसी भी हिस्से से पेंशनभोगी और उनके परिजन हाइब्रिड रूप में, यानी स्वयं उपस्थित होकर या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए, कार्यवाही में शामिल हो सकते हैं। बैठक में राज्य मंत्री 13 मई 2026 को हुई 16वीं पेंशन अदालत की सफलता की कहानियों पर पुस्तिकाएँ तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों से जुड़े सवालों पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की एक पुस्तिका भी जारी करेंगे।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजन17वीं पेंशन अदालत
तिथि5 अक्टूबर 2026
स्थानटी. एन. चतुर्वेदी स्मृति सभागार, आईआईपीए, नई दिल्ली
अध्यक्षताडॉ. जितेंद्र सिंह, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री
आयोजकपेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू)
ली गई शिकायतें897, अति-वरिष्ठ तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों की
संबंधित मंत्रालय एवं विभाग24
पोर्टलसीपीईएनजीआरएएमएस
शुरुआत2017
अब तक का रिकॉर्ड28,797 में से 20,676 शिकायतें मौके पर निपटाई गईं (71.79 प्रतिशत)
पिछला संस्करण16वीं पेंशन अदालत, 13 मई 2026
स्वरूपहाइब्रिड, स्वयं उपस्थित होकर या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: संस्करण (17वाँ), तिथि (5 अक्टूबर 2026), स्थान (टी. एन. चतुर्वेदी स्मृति सभागार, आईआईपीए, नई दिल्ली), अध्यक्ष (डॉ. जितेंद्र सिंह), विभाग (पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, कार्मिक मंत्रालय के अधीन), शुरुआत का वर्ष (2017), अब तक के आँकड़े (28,797 में से 20,676 निपटान, 71.79 प्रतिशत) और इस अदालत का विषय (अति-वरिष्ठ तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 शिकायतें, सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल पर दर्ज)।

अभ्यास प्रश्न

Q1.सरकारी योजनाएंआसान

17वीं पेंशन अदालत की अध्यक्षता कौन कर रहे हैं?

  1. A.श्री नितिन गडकरी
  2. B.डॉ. जितेंद्र सिंह
  3. C.श्री अमित शाह
  4. D.श्रीमती निर्मला सीतारमण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. जितेंद्र सिंह

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. जितेंद्र सिंह है। 17वीं पेंशन अदालत कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के टी. एन. चतुर्वेदी स्मृति सभागार में हो रही है। पेंशन अदालत का आयोजन पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग करता है, जो इसी मंत्रालय के अधीन आता है, इसलिए इसके राज्य मंत्री ही बैठक की अध्यक्षता करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि नितिन गडकरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संभालते हैं और पेंशन शिकायत निवारण से उनका कोई संबंध नहीं है। विकल्प C भी गलत है, क्योंकि अमित शाह गृह मंत्री हैं और उनका विभाग इस पहल से नहीं जुड़ा है। विकल्प D गलत है; निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय देखती हैं, और पेंशन से धन जुड़ा होने पर भी पेंशन अदालत वित्त मंत्रालय के बजाय कार्मिक मंत्रालय की पहल है। इस बैठक में राज्य मंत्री पिछली अदालत की सफलता की कहानियों पर पुस्तिकाएँ तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की पुस्तिका भी जारी करेंगे।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

17वीं पेंशन अदालत में निपटान के लिए कितनी लंबित शिकायतें ली गई हैं?

  1. A.597
  2. B.697
  3. C.897
  4. D.997
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 897

व्याख्या

सही उत्तर 897 है। 17वीं पेंशन अदालत विषयगत है और इसमें केवल अति-वरिष्ठ पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 लंबे समय से लंबित शिकायतें ली गई हैं। ये शिकायतें 24 मंत्रालयों एवं विभागों से संबंधित हैं और केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की ऑनलाइन शिकायत प्रणाली सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल पर दर्ज की गई थीं। विकल्प A, B और D में दी गई संख्याएँ इस बैठक में ली गई शिकायतों की गिनती से मेल नहीं खातीं, इसलिए वे गलत हैं। इस आँकड़े को श्रृंखला के रिकॉर्ड के साथ देखना उपयोगी है: इससे पहले हुई सोलह पेंशन अदालतों में 28,797 शिकायतों में से 20,676 शिकायतें मौके पर ही निपटा दी गई थीं, यानी सफलता दर 71.79 प्रतिशत रही, और शेष मामले विभाग की अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों में सुलझाए गए। इस बार देश भर से शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित होकर या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि अदालत हाइब्रिड रूप में हो रही है।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने पेंशन अदालत पहल की शुरुआत किस वर्ष की थी?

  1. A.2014
  2. B.2017
  3. C.2019
  4. D.2021
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2017

व्याख्या

सही उत्तर 2017 है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने 2017 में पेंशन अदालत की शुरुआत की थी, ताकि केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की उलझी और लंबे समय से लटकी शिकायतों का वैकल्पिक रास्ते से समाधान हो सके। इसकी बुनियादी सोच यह है कि किसी एक प्रकार की शिकायत से जुड़े सभी पक्ष एक ही मंच पर बैठें और मामला उसी बैठक में निपट जाए; विभाग इसे संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण कहता है। चूँकि इससे महंगी और समय खाने वाली अदालती कार्यवाही की जरूरत नहीं पड़ती, यह मुकदमेबाजी घटाने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को भी पूरा करती है। विकल्प A, C और D में दिए गए वर्ष इस पहल की शुरुआत के नहीं हैं, इसलिए वे गलत हैं। तब से अब तक सोलह अदालतों में 28,797 शिकायतें ली गईं, जिनमें से 20,676 मौके पर ही सुलझीं और सफलता दर 71.79 प्रतिशत रही। 5 अक्टूबर 2026 की 17वीं अदालत पहली विषयगत अदालत है।

Q4.सरकारी योजनाएंकठिन

पहली सोलह पेंशन अदालतों में मौके पर समाधान की सफलता दर क्या रही?

  1. A.61.79 प्रतिशत
  2. B.65.50 प्रतिशत
  3. C.71.79 प्रतिशत
  4. D.81.79 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 71.79 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 71.79 प्रतिशत है। वर्तमान अदालत से पहले हुई सोलह पेंशन अदालतों में कुल 28,797 शिकायतें ली गई थीं, जिनमें से 20,676 शिकायतें मौके पर ही निपटा दी गईं, और इसी अनुपात से सफलता दर 71.79 प्रतिशत निकलती है। विकल्प A, B और D में दी गई दरें सुनने में मिलती-जुलती लगती हैं, लेकिन इस अनुपात से मेल नहीं खातीं, इसलिए वे गलत हैं। बची हुई शिकायतों को छोड़ा नहीं गया; पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने उन्हें बाद में अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों में उठाया, जिससे पिछली हर अदालत के मामले अंत में सुलझ गए। इसी रिकॉर्ड के कारण 2017 में शुरू हुई यह व्यवस्था केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए मुकदमेबाजी का किफायती और कारगर विकल्प मानी जाती है। 17वीं अदालत इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए विषयगत है, जिसमें 24 मंत्रालयों से जुड़ी 897 शिकायतें 5 अक्टूबर 2026 को ली जा रही हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

17वीं पेंशन अदालत कब और कहाँ हो रही है?

5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के टी. एन. चतुर्वेदी स्मृति सभागार में। इसकी अध्यक्षता कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह करेंगे।

पेंशन अदालत क्या है?

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग द्वारा 2017 में शुरू किया गया वैकल्पिक शिकायत निवारण मंच, जिसमें केंद्र सरकार के पेंशनभोगी की शिकायत से जुड़े सभी कार्यालय अदालत जाने के बजाय मौके पर ही मामला सुलझाते हैं।

17वीं पेंशन अदालत में कितनी शिकायतें ली जा रही हैं?

अति-वरिष्ठ तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 लंबित शिकायतें, जो 24 मंत्रालयों एवं विभागों से संबंधित हैं और सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल पर दर्ज की गई थीं।

पेंशन अदालतों की सफलता दर अब तक क्या रही है?

71.79 प्रतिशत। पहली सोलह अदालतों में 28,797 में से 20,676 शिकायतें मौके पर निपटाई गईं, और शेष मामले बाद की अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों में सुलझाए गए।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSL