मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
सरकारी योजनाएंमध्यम

पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने पेंशन अदालत पहल की शुरुआत किस वर्ष की थी?

  1. A.2014
  2. B.2017
  3. C.2019
  4. D.2021

सही उत्तर

B. 2017

व्याख्या

सही उत्तर 2017 है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने 2017 में पेंशन अदालत की शुरुआत की थी, ताकि केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की उलझी और लंबे समय से लटकी शिकायतों का वैकल्पिक रास्ते से समाधान हो सके। इसकी बुनियादी सोच यह है कि किसी एक प्रकार की शिकायत से जुड़े सभी पक्ष एक ही मंच पर बैठें और मामला उसी बैठक में निपट जाए; विभाग इसे संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण कहता है। चूँकि इससे महंगी और समय खाने वाली अदालती कार्यवाही की जरूरत नहीं पड़ती, यह मुकदमेबाजी घटाने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को भी पूरा करती है। विकल्प A, C और D में दिए गए वर्ष इस पहल की शुरुआत के नहीं हैं, इसलिए वे गलत हैं। तब से अब तक सोलह अदालतों में 28,797 शिकायतें ली गईं, जिनमें से 20,676 मौके पर ही सुलझीं और सफलता दर 71.79 प्रतिशत रही। 5 अक्टूबर 2026 की 17वीं अदालत पहली विषयगत अदालत है।

पूरा लेख पढ़ें: 17वीं पेंशन अदालत में 897 लंबित शिकायतें ली जाएंगी

Read in English
Q1.सरकारी योजनाएंआसान

17वीं पेंशन अदालत की अध्यक्षता कौन कर रहे हैं?

  1. A.श्री नितिन गडकरी
  2. B.डॉ. जितेंद्र सिंह
  3. C.श्री अमित शाह
  4. D.श्रीमती निर्मला सीतारमण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. जितेंद्र सिंह

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. जितेंद्र सिंह है। 17वीं पेंशन अदालत कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में 5 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान के टी. एन. चतुर्वेदी स्मृति सभागार में हो रही है। पेंशन अदालत का आयोजन पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग करता है, जो इसी मंत्रालय के अधीन आता है, इसलिए इसके राज्य मंत्री ही बैठक की अध्यक्षता करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि नितिन गडकरी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय संभालते हैं और पेंशन शिकायत निवारण से उनका कोई संबंध नहीं है। विकल्प C भी गलत है, क्योंकि अमित शाह गृह मंत्री हैं और उनका विभाग इस पहल से नहीं जुड़ा है। विकल्प D गलत है; निर्मला सीतारमण वित्त मंत्रालय देखती हैं, और पेंशन से धन जुड़ा होने पर भी पेंशन अदालत वित्त मंत्रालय के बजाय कार्मिक मंत्रालय की पहल है। इस बैठक में राज्य मंत्री पिछली अदालत की सफलता की कहानियों पर पुस्तिकाएँ तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की पुस्तिका भी जारी करेंगे।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

17वीं पेंशन अदालत में निपटान के लिए कितनी लंबित शिकायतें ली गई हैं?

  1. A.597
  2. B.697
  3. C.897
  4. D.997
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 897

व्याख्या

सही उत्तर 897 है। 17वीं पेंशन अदालत विषयगत है और इसमें केवल अति-वरिष्ठ पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों की 897 लंबे समय से लंबित शिकायतें ली गई हैं। ये शिकायतें 24 मंत्रालयों एवं विभागों से संबंधित हैं और केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों की ऑनलाइन शिकायत प्रणाली सीपीईएनजीआरएएमएस पोर्टल पर दर्ज की गई थीं। विकल्प A, B और D में दी गई संख्याएँ इस बैठक में ली गई शिकायतों की गिनती से मेल नहीं खातीं, इसलिए वे गलत हैं। इस आँकड़े को श्रृंखला के रिकॉर्ड के साथ देखना उपयोगी है: इससे पहले हुई सोलह पेंशन अदालतों में 28,797 शिकायतों में से 20,676 शिकायतें मौके पर ही निपटा दी गई थीं, यानी सफलता दर 71.79 प्रतिशत रही, और शेष मामले विभाग की अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों में सुलझाए गए। इस बार देश भर से शिकायतकर्ता स्वयं उपस्थित होकर या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यवाही में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि अदालत हाइब्रिड रूप में हो रही है।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

पहली सोलह पेंशन अदालतों में मौके पर समाधान की सफलता दर क्या रही?

  1. A.61.79 प्रतिशत
  2. B.65.50 प्रतिशत
  3. C.71.79 प्रतिशत
  4. D.81.79 प्रतिशत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 71.79 प्रतिशत

व्याख्या

सही उत्तर 71.79 प्रतिशत है। वर्तमान अदालत से पहले हुई सोलह पेंशन अदालतों में कुल 28,797 शिकायतें ली गई थीं, जिनमें से 20,676 शिकायतें मौके पर ही निपटा दी गईं, और इसी अनुपात से सफलता दर 71.79 प्रतिशत निकलती है। विकल्प A, B और D में दी गई दरें सुनने में मिलती-जुलती लगती हैं, लेकिन इस अनुपात से मेल नहीं खातीं, इसलिए वे गलत हैं। बची हुई शिकायतों को छोड़ा नहीं गया; पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने उन्हें बाद में अंतर-मंत्रालयी समीक्षा बैठकों में उठाया, जिससे पिछली हर अदालत के मामले अंत में सुलझ गए। इसी रिकॉर्ड के कारण 2017 में शुरू हुई यह व्यवस्था केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए मुकदमेबाजी का किफायती और कारगर विकल्प मानी जाती है। 17वीं अदालत इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए विषयगत है, जिसमें 24 मंत्रालयों से जुड़ी 897 शिकायतें 5 अक्टूबर 2026 को ली जा रही हैं।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 के दौरान अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान ने किस पहल के तहत पौधरोपण अभियान चलाया?

  1. A.नगर वन योजना
  2. B.हरित भारत मिशन
  3. C.वन महोत्सव
  4. D.एक पेड़ माँ के नाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एक पेड़ माँ के नाम

व्याख्या

सही उत्तर एक पेड़ माँ के नाम है। यह पौधरोपण एनटीपीसी क्षेत्र में इसी पहल के अंतर्गत स्वस्थवृत्त एवं योग विभाग ने कराया, और इसमें संस्थान के वरिष्ठ संकाय सदस्य, डीन तथा शोधार्थी शामिल हुए। विकल्प (क) नगर वन योजना शहरी वानिकी की अलग योजना है और इस पौधरोपण के लिए बताई गई पहल नहीं है। विकल्प (ख) हरित भारत मिशन जलवायु परिवर्तन से जुड़े राष्ट्रीय मिशनों में एक है और यहाँ भी वह पहल नहीं है जिसके तहत पौधे लगाए गए। विकल्प (ग) वन महोत्सव भारत में मनाया जाने वाला वार्षिक वृक्षारोपण पर्व है, जिससे यह विकल्प संभावित लगता है पर गलत है। माँ के नाम पर एक पेड़ लगाने से जुड़ा नाम याद रखें - एक पेड़ माँ के नाम।

Q5.सरकारी योजनाएंआसान

अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली में स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 का समापन किस तिथि को हुआ?

  1. A.17 सितंबर 2026
  2. B.2 अक्टूबर 2026
  3. C.31 अक्टूबर 2026
  4. D.15 अगस्त 2026
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2 अक्टूबर 2026

व्याख्या

सही उत्तर 2 अक्टूबर 2026 है। यह अभियान पखवाड़े भर चला और इसी तिथि को पूरे परिसर में सफाई अभियान, स्वच्छता शपथ तथा सफाई मित्रों के सम्मान के साथ संपन्न हुआ। विकल्प (क) 17 सितंबर 2026 गलत है, क्योंकि यह अभियान के आरंभ की तिथि है, समापन की नहीं, और ऐसे अभियानों पर पूछे जाने वाले प्रश्नों में यही जोड़ी सबसे आम जाल होती है। विकल्प (ग) 31 अक्टूबर 2026 गलत है, क्योंकि यह अगले चरण विशेष अभियान 6.0 की अंतिम तिथि है, जो ई-कचरे पर केंद्रित है। विकल्प (घ) एक असंबंधित राष्ट्रीय तिथि है। अभ्यर्थी आरंभ की तिथि, समापन की तिथि और अगले अभियान की अंतिम तिथि, तीनों को अलग-अलग तथ्यों के रूप में याद रखें। यह भी ध्यान रखें कि समापन की यह तिथि स्वच्छता से जुड़े राष्ट्रीय आयोजनों के क्रम में आती है, इसलिए प्रश्नपत्र में इसे अन्य तिथियों के साथ मिलाकर पूछा जा सकता है।