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GK24

डेजर्ट नेशनल पार्क में दो ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जंगल में छोड़े गए

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क के साम क्षेत्र में दो नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को खुले जंगल में छोड़ा।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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डेजर्ट नेशनल पार्क में दो ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जंगल में छोड़े गए — GK24 title card

चर्चा में क्यों

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क के साम क्षेत्र में दो नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड जंगल में छोड़े, जिससे बस्टर्ड रिकवरी प्रोग्राम संरक्षण प्रजनन से आगे बढ़कर पुनर्वास के चरण में पहुँच गया।

गंभीर रूप से संकटग्रस्त ग्रेट इंडियन बस्टर्ड यानी गोडावण को बचाने की मुहिम एक अहम पड़ाव पर पहुँची, जब केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने राजस्थान के जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क के साम इलाके में दो नर पक्षियों को खुले जंगल में छोड़ा। इस मौके पर राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

यह कदम क्यों बड़ा है

अब तक इस कार्यक्रम का पूरा जोर बाड़ों के भीतर एक सुरक्षित प्रजनन आबादी खड़ी करने पर था। पिंजरे में पले नर पक्षियों को रेगिस्तान में छोड़ना इस काम को अगले चरण में ले जाता है, यानी आबादी बनाने से आगे बढ़कर पक्षियों को उनके प्राकृतिक घर में फिर से बसाना। मंत्रालय के अनुसार इन दो पक्षियों के व्यवहार पर नजर रखी जाएगी और उससे मिले सबक के आधार पर आगे छोड़े जाने वाले पक्षियों की प्रक्रिया और बेहतर बनाई जाएगी।

प्रजनन कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति

साम और रामदेवरा के केंद्रों में इस समय कुल 97 गोडावण हैं। इनमें से 40 पक्षी जंगल में दिए गए अंडों से निकले हैं और 57 का जन्म बाड़े के भीतर हुआ है। 86 पक्षियों को प्रजनन के लिए रखा गया है, जबकि 11 को जंगल में छोड़ने के लिए चुना गया है। इसी समूह में से दो नर पक्षी इस बार मुक्त किए गए। बाड़े में हुए प्रजनन से 2025 में 24 और 2026 में 29 चूजे मिले।

जंपस्टार्ट तरीका

वैज्ञानिकों ने एक अलग तरकीब भी आजमाई, जिसे जंपस्टार्ट कहा गया। बाड़े में दिए गए अंडे जंगल के घोंसलों में रख दिए गए और उन घोंसलों पर बैठी मादाओं ने उन्हें अपना लिया। इस तरीके से राजस्थान में छह और गुजरात में दो चूजे निकले।

कार्यक्रम कौन चलाता है

बस्टर्ड रिकवरी प्रोग्राम को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान मिलकर चलाते हैं। तकनीकी सहयोग इंटरनेशनल फंड फॉर हुबारा कंजर्वेशन से मिलता है और धन राष्ट्रीय कैम्पा से आता है। कार्यक्रम के पाँच हिस्से हैं, संरक्षण प्रजनन, आवास प्रबंधन, खतरों को कम करना, आवास की बहाली और स्थानीय समुदाय की भागीदारी।

रेगिस्तान में आवास का काम

राजस्थान वन विभाग ने डेजर्ट नेशनल पार्क के भीतर लगभग 200 वर्ग किलोमीटर घास का मैदान बाड़ लगाकर सुरक्षित किया है। भारतीय वन्यजीव संस्थान के लंबे टेलीमेट्री अध्ययन बताते हैं कि यही बाड़बंद क्षेत्र इस प्रजाति के लिए सबसे अच्छा प्रजनन स्थल हैं। इस पक्षी के लिए उठाए जा रहे कदम उच्चतम न्यायालय के उस निर्णय के अनुसार हैं, जो इसी काम के लिए बनी विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित है।

महत्वपूर्ण तथ्य

प्रजातिग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण), गंभीर रूप से संकटग्रस्त
किसने छोड़ाभूपेंद्र यादव, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री
स्थानसाम, डेजर्ट नेशनल पार्क, जैसलमेर, राजस्थान
छोड़े गए पक्षीदो नर
बाड़े में कुल पक्षीसाम और रामदेवरा में 97 (40 जंगली अंडों से, 57 बाड़े में जन्मे)
छोड़ने के लिए चिह्नित11 पक्षी, जबकि 86 प्रजनन के लिए रखे गए
चूजे2025 में 24 और 2026 में 29
साझेदार संस्थाएँपर्यावरण मंत्रालय, राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान
तकनीकी एवं वित्तीय सहयोगइंटरनेशनल फंड फॉर हुबारा कंजर्वेशन; धन राष्ट्रीय कैम्पा से
बाड़बंद घास का मैदानडेजर्ट नेशनल पार्क में लगभग 200 वर्ग किलोमीटर

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: प्रजाति (ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, गंभीर रूप से संकटग्रस्त), स्थान (साम, डेजर्ट नेशनल पार्क, जैसलमेर, राजस्थान), मंत्री (भूपेंद्र यादव), साझेदार (पर्यावरण मंत्रालय, राजस्थान वन विभाग, भारतीय वन्यजीव संस्थान, इंटरनेशनल फंड फॉर हुबारा कंजर्वेशन, राष्ट्रीय कैम्पा) और आँकड़े: 97 पक्षी, 40 जंगली अंडों से, 57 बाड़े में जन्मे, 86 प्रजनन के लिए, 11 छोड़ने के लिए, 2025 में 24 और 2026 में 29 चूजे, 200 वर्ग किलोमीटर बाड़बंद क्षेत्र।

अभ्यास प्रश्न

Q1.पर्यावरणमध्यम

अक्टूबर 2026 में दो नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड किस स्थान पर जंगल में छोड़े गए?

  1. A.साम, डेजर्ट नेशनल पार्क, जैसलमेर
  2. B.तालछापर अभयारण्य, चूरू
  3. C.रामदेवरा प्रजनन केंद्र, पोकरण
  4. D.कच्छ बस्टर्ड अभयारण्य, गुजरात
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. साम, डेजर्ट नेशनल पार्क, जैसलमेर

व्याख्या

सही उत्तर है साम, डेजर्ट नेशनल पार्क, जैसलमेर। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसी स्थान पर दो नर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को खुले जंगल में छोड़ा। इस अवसर पर राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा तथा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। चूरू का तालछापर अभयारण्य इसलिए गलत है, क्योंकि यह कार्यक्रम डेजर्ट नेशनल पार्क के भीतर हुआ और राजस्थान के किसी दूसरे संरक्षित क्षेत्र का नाम इसमें नहीं आता। रामदेवरा छोड़ने के स्थान के रूप में गलत है, क्योंकि साम के साथ वहाँ संरक्षण प्रजनन केंद्र चलते हैं और पक्षियों को केंद्र में नहीं, बल्कि खुले रेगिस्तान में मुक्त किया गया। गुजरात का कच्छ बस्टर्ड अभयारण्य भी गलत है, क्योंकि इस पूरे घटनाक्रम में गुजरात का नाम केवल जंपस्टार्ट प्रयोग के कारण आता है, जहाँ बाड़े के अंडों से दो चूजे निकले।

Q2.पर्यावरणमध्यम

साम और रामदेवरा के प्रजनन केंद्रों में इस समय कितने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड हैं?

  1. A.40
  2. B.57
  3. C.86
  4. D.97
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 97

व्याख्या

सही उत्तर 97 है। साम और रामदेवरा के दोनों संरक्षण प्रजनन केंद्रों में कुल मिलाकर 97 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड रखे गए हैं, और यह संख्या दो तरह के पक्षियों से बनी है। विकल्प 40 अकेले में गलत है, क्योंकि यह केवल उन पक्षियों की गिनती है जो जंगल में दिए गए अंडों से निकले थे, पूरी आबादी की नहीं। विकल्प 57 इसी वजह से गलत है, क्योंकि यह बाड़े के भीतर जन्मे पक्षियों की संख्या बताता है, जो उसी कुल का दूसरा हिस्सा है। विकल्प 86 इसलिए गलत है कि यह प्रजनन के लिए रोके गए पक्षियों की संख्या है, जिसके बाद 11 पक्षी जंगल में छोड़ने के लिए बचते हैं और इन्हीं 11 में से दो नर पक्षी डेजर्ट नेशनल पार्क में मुक्त किए गए। इन केंद्रों में प्रजनन से 2025 में 24 और 2026 में 29 चूजे मिले थे।

Q3.पर्यावरणआसान

बस्टर्ड रिकवरी प्रोग्राम में पर्यावरण मंत्रालय और राजस्थान वन विभाग के साथ कौन सी संस्था काम करती है?

  1. A.भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण
  2. B.भारतीय वन्यजीव संस्थान
  3. C.भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद
  4. D.राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारतीय वन्यजीव संस्थान

व्याख्या

सही उत्तर भारतीय वन्यजीव संस्थान है। बस्टर्ड रिकवरी प्रोग्राम पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान का साझा प्रयास है, जिसमें तकनीकी सहयोग इंटरनेशनल फंड फॉर हुबारा कंजर्वेशन देता है और धन राष्ट्रीय कैम्पा से आता है। यही संस्थान वह लंबा टेलीमेट्री अध्ययन भी करता है, जिसने डेजर्ट नेशनल पार्क के भीतर लगभग 200 वर्ग किलोमीटर के बाड़बंद घास के मैदानों को इस प्रजाति का सबसे अच्छा प्रजनन स्थल बताया। भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण गलत है, क्योंकि उसका काम पौधों से जुड़ा है, किसी पक्षी के पुनर्वास से नहीं। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद गलत है, क्योंकि इस कार्यक्रम के साझेदारों में उसका नाम नहीं है। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण भी इसी कारण गलत है और यहाँ बताए गए प्रजनन तथा पुनर्वास के कामों में उसकी कोई भूमिका नहीं बताई गई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दो ग्रेट इंडियन बस्टर्ड कहाँ जंगल में छोड़े गए?

राजस्थान के जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क के साम क्षेत्र में। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दो नर पक्षी छोड़े और राजस्थान के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री संजय शर्मा मौजूद रहे।

प्रजनन केंद्रों में कितने गोडावण हैं?

साम और रामदेवरा के केंद्रों में 97 पक्षी हैं। इनमें 40 जंगल में दिए गए अंडों से निकले और 57 बाड़े में जन्मे; 86 प्रजनन के लिए रखे गए हैं और 11 को जंगल में छोड़ने के लिए चुना गया है।

बस्टर्ड रिकवरी प्रोग्राम कौन चलाता है?

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राजस्थान वन विभाग और भारतीय वन्यजीव संस्थान। तकनीकी सहयोग इंटरनेशनल फंड फॉर हुबारा कंजर्वेशन देता है और धन राष्ट्रीय कैम्पा से मिलता है।

जंपस्टार्ट तरीका क्या है?

बाड़े में दिए गए अंडों को जंगल के घोंसलों में रखा जाता है, जहाँ बैठी मादाएँ उन्हें अपना लेती हैं। इससे राजस्थान में छह और गुजरात में दो चूजे निकले।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS