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जैव विविधता बोर्डों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक चंडीगढ़ में शुरू

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने 6 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में राज्य जैव विविधता बोर्डों और परिषदों की दो दिवसीय 16वीं राष्ट्रीय बैठक की शुरुआत की।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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जैव विविधता बोर्डों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक चंडीगढ़ में शुरू

चर्चा में क्यों

चंडीगढ़ में 6 सितंबर 2026 से राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक चल रही है, जिसे राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने राज्य तथा स्थानीय स्तर पर जैव विविधता शासन पर काम करने के लिए बुलाया है।

राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक 6 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में शुरू हुई। इसका आयोजन राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने किया। बैठक दो दिन, 6 और 7 सितंबर को चलेगी और इसमें देश भर के बोर्डों तथा परिषदों के अध्यक्ष और सदस्य सचिव आए हैं।

अध्यक्षता किसने की

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता तीन लोगों ने की। ये थे पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, तथा हरियाणा के पर्यावरण, वन और वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह। राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण के अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी भी मौजूद रहे, साथ ही मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार और वन महानिदेशक सुशील कुमार अवस्थी भी।

बैठक के पीछे का कानून

राज्यपाल ने पारिस्थितिक सुरक्षा को खाद्य सुरक्षा, जल सुरक्षा, आजीविका और सतत विकास से जोड़ा। उन्होंने जैव विविधता प्रबंधन समितियों और जन जैव विविधता रजिस्टरों को मजबूत करने को कहा। केंद्रीय मंत्री ने कानूनी ढांचे की जड़ जैव विविधता अधिनियम, 2002 में बताई और कहा कि जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 तथा जैव विविधता नियम, 2024 ने इसे और कसा है। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपने नियम और प्रक्रियाएं संशोधित ढांचे के अनुरूप करने को कहा।

मदब्योरा
मूल कानूनजैव विविधता अधिनियम, 2002
संशोधनजैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023
नियमजैव विविधता नियम, 2024
कार्य योजनाअद्यतन एनबीएसएपी, 2024 से 2030
वैश्विक संरेखणकुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा
साझा एबीएस निधि200 करोड़ रुपये से अधिक

समुदायों तक पहुंचा पैसा

पहुंच और लाभ साझाकरण पर मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण 200 करोड़ रुपये से अधिक की एबीएस निधि आगे पहुंचा चुका है। यह पैसा किसानों, स्थानीय समुदायों, जैव विविधता प्रबंधन समितियों, राज्य जैव विविधता बोर्डों, केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों और अनुसंधान संस्थानों को मिला है। वे चाहते हैं कि इसका लाभ समुदायों को दिखे और वह संरक्षण तथा टिकाऊ आजीविका से जुड़े। उन्होंने 27.6 लाख से अधिक जैव विविधता प्रबंधन समितियों को व्यवहार में काम करने लायक बनाने और जन जैव विविधता रजिस्टरों को स्थानीय निकायों के लिए जीवंत नियोजन उपकरण बनाने को भी कहा।

भारत की प्रतिबद्धताएं

मंत्री ने बताया कि भारत जैव विविधता पर सम्मेलन को अपनी सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट और पहुंच एवं लाभ साझाकरण पर नागोया प्रोटोकॉल की पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंप चुका है। उन्होंने 2024 से 2030 तक की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना की चर्चा की, जो कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के अनुरूप है। उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली, प्रजाति और पर्यावास संरक्षण, कृषि-जैव विविधता तथा जलवायु-सहिष्णु भूदृश्यों में मापने योग्य नतीजे मांगे और राज्यों से वैश्विक 30-बाय-30 लक्ष्य में भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने मिशन लाइफ, एक पेड़ मां के नाम, अमृत सरोवर और ग्रीन क्रेडिट कार्यक्रम को भी याद किया।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनराज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक
स्थानचंडीगढ़
तिथियां6 और 7 सितंबर 2026
आयोजकराष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए)
एनबीए अध्यक्षवीरेंद्र तिवारी
अध्यक्षतागुलाब चंद कटारिया, भूपेंद्र यादव और राव नरबीर सिंह
मूल कानूनजैव विविधता अधिनियम, 2002
हालिया बदलावजैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 और जैव विविधता नियम, 2024
एनबीएसएपी अवधि2024 से 2030, कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के अनुरूप
साझा एबीएस निधि200 करोड़ रुपये से अधिक

परीक्षा की दृष्टि से

संस्करण (16वां), मेजबान शहर (चंडीगढ़), आयोजक (राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण) और उसके अध्यक्ष, अध्यक्षता करने वाले तीन गणमान्य, 2002 का मूल अधिनियम तथा 2023 का संशोधन और 2024 के नियम, एनबीएसएपी की अवधि 2024 से 2030, कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ढांचा और साझा की गई 200 करोड़ रुपये से अधिक एबीएस निधि याद रखें।

अभ्यास प्रश्न

Q1.शिखर सम्मेलनमध्यम

राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक किस शहर में हुई?

  1. A.नई दिल्ली
  2. B.चंडीगढ़
  3. C.पंचकुला
  4. D.जयपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चंडीगढ़

व्याख्या

सही उत्तर चंडीगढ़ है। विज्ञप्ति बताती है कि राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा आयोजित 16वीं राष्ट्रीय बैठक का उद्घाटन वहीं हुआ और यह दो दिन, 6 तथा 7 सितंबर को चलेगी। विकल्प C यानी पंचकुला बहुत मजबूत भ्रामक विकल्प है: उसी दिन वही केंद्रीय मंत्री अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस के लिए पंचकुला में भी थे, और दोनों शहर आसपास ही हैं। ऐसी विज्ञप्तियां ध्यान से पढ़ें और हर आयोजन को उसके अपने स्थान से जोड़ें। विकल्प A और विकल्प D में दिए शहर इस विज्ञप्ति में कहीं नहीं आते। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता किसने की, यह याद रखने से स्थान भी पक्का हो जाता है: पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव तथा हरियाणा के पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह।

Q2.शिखर सम्मेलनआसान

भारत में जैव विविधता शासन का मूल कानून कौन सा है?

  1. A.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
  2. B.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
  3. C.जैव विविधता अधिनियम, 2002
  4. D.वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जैव विविधता अधिनियम, 2002

व्याख्या

सही उत्तर जैव विविधता अधिनियम, 2002 है। केंद्रीय मंत्री ने इसे ही देश के जैव विविधता शासन की नींव बताया और कहा कि दो बाद के कदमों ने इसे और मजबूत तथा सुव्यवस्थित किया है: जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 और जैव विविधता नियम, 2024। उन्होंने राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से अपने नियम, संस्थागत तंत्र और क्रियान्वयन प्रक्रियाएं उसी संशोधित ढांचे के अनुरूप करने को कहा, और राष्ट्रीय बैठक का व्यावहारिक मकसद यही है। विकल्प A, B और D तीनों असली पर्यावरण कानून हैं, और इसीलिए वे अच्छे भ्रामक विकल्प बनते हैं, पर इनमें से कोई भी राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, राज्य जैव विविधता बोर्डों और जैव विविधता प्रबंधन समितियों का ढांचा नहीं बनाता। तीनों तारीखें एक साथ याद रखें: 2002 का अधिनियम, 2023 का संशोधन और 2024 के नियम।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना किस वैश्विक ढांचे के अनुरूप है?

  1. A.कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा
  2. B.आइची जैव विविधता लक्ष्य
  3. C.सेंदाई ढांचा
  4. D.रामसर ढांचा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा

व्याख्या

सही उत्तर कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा है। विज्ञप्ति कहती है कि 2024 से 2030 की अवधि वाली भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना इसी के अनुरूप बनाई गई है, और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से इसी से निकले वैश्विक 30-बाय-30 संरक्षण लक्ष्य में भागीदार बनने का आह्वान किया गया। विकल्प B में जैव विविधता के पुराने वैश्विक लक्ष्यों का नाम है, जिनकी जगह कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ढांचे ने ली, इसलिए यही सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। विकल्प C आपदा जोखिम न्यूनीकरण से और विकल्प D आर्द्रभूमि संरक्षण से जुड़ा है, इसलिए दोनों यहां फिट नहीं बैठते। इसके साथ दो और प्रतिबद्धताएं याद रखने लायक हैं: भारत जैव विविधता पर सम्मेलन को सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट और नागोया प्रोटोकॉल की पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंप चुका है।

Q4.शिखर सम्मेलनमध्यम

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने किसानों, समुदायों और संस्थानों के साथ कितनी एबीएस निधि साझा की है?

  1. A.50 करोड़ रुपये से अधिक
  2. B.200 करोड़ रुपये से अधिक
  3. C.500 करोड़ रुपये से अधिक
  4. D.1,000 करोड़ रुपये से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 200 करोड़ रुपये से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 200 करोड़ रुपये से अधिक है। पहुंच और लाभ साझाकरण पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण इतनी एबीएस निधि किसानों, स्थानीय समुदायों, जैव विविधता प्रबंधन समितियों, राज्य जैव विविधता बोर्डों, केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों और अनुसंधान संस्थानों के साथ साझा कर चुका है। उन्होंने जोड़ा कि इसका लाभ समुदायों को ठोस रूप में मिलना चाहिए और साथ ही वह संरक्षण तथा टिकाऊ आजीविका में योगदान दे। कार्यक्रम में प्राधिकरण के पिछले एक साल के काम पर एक दस्तावेज भी जारी हुआ, जो बताता है कि यह निधि कैसे बंटी। विकल्प A, C और D गोल आंकड़े हैं जो विज्ञप्ति में नहीं आते। इसी भाषण का एक और आंकड़ा साथ याद रखें: मंत्री ने 27.6 लाख से अधिक जैव विविधता प्रबंधन समितियों को कार्यशील और प्रभावी बनाने तथा जन जैव विविधता रजिस्टरों को स्थानीय निकायों के काम आने वाले नियोजन उपकरण बनाने का आह्वान किया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

16वीं राष्ट्रीय जैव विविधता बोर्ड बैठक का आयोजन किसने किया?

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने, जिसके अध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी हैं। दो दिन की यह बैठक 6 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में शुरू हुई और इसमें राज्य जैव विविधता बोर्डों तथा केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों के अध्यक्ष और सदस्य सचिव जुटे।

भारत में जैव विविधता का मूल कानून कौन सा है?

जैव विविधता अधिनियम, 2002। इसके बाद जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 और जैव विविधता नियम, 2024 ने इसे और मजबूत किया, तथा राज्यों से अपने नियम इस संशोधित ढांचे के अनुरूप करने को कहा गया है।

भारत की अद्यतन एनबीएसएपी किस अवधि की है?

अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना 2024 से 2030 तक की है और यह कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे के अनुरूप है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से वैश्विक 30-बाय-30 संरक्षण लक्ष्य में योगदान का आह्वान किया गया।

स्रोत

इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLIBPS