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GK24
शिखर सम्मेलनआसान

भारत में जैव विविधता शासन का मूल कानून कौन सा है?

  1. A.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
  2. B.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
  3. C.जैव विविधता अधिनियम, 2002
  4. D.वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980

सही उत्तर

C. जैव विविधता अधिनियम, 2002

व्याख्या

सही उत्तर जैव विविधता अधिनियम, 2002 है। केंद्रीय मंत्री ने इसे ही देश के जैव विविधता शासन की नींव बताया और कहा कि दो बाद के कदमों ने इसे और मजबूत तथा सुव्यवस्थित किया है: जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 और जैव विविधता नियम, 2024। उन्होंने राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से अपने नियम, संस्थागत तंत्र और क्रियान्वयन प्रक्रियाएं उसी संशोधित ढांचे के अनुरूप करने को कहा, और राष्ट्रीय बैठक का व्यावहारिक मकसद यही है। विकल्प A, B और D तीनों असली पर्यावरण कानून हैं, और इसीलिए वे अच्छे भ्रामक विकल्प बनते हैं, पर इनमें से कोई भी राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, राज्य जैव विविधता बोर्डों और जैव विविधता प्रबंधन समितियों का ढांचा नहीं बनाता। तीनों तारीखें एक साथ याद रखें: 2002 का अधिनियम, 2023 का संशोधन और 2024 के नियम।

पूरा लेख पढ़ें: जैव विविधता बोर्डों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक चंडीगढ़ में शुरू

Q1.शिखर सम्मेलनमध्यम

राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक किस शहर में हुई?

  1. A.नई दिल्ली
  2. B.चंडीगढ़
  3. C.पंचकुला
  4. D.जयपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चंडीगढ़

विज्ञप्ति बताती है कि राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा आयोजित 16वीं राष्ट्रीय बैठक का उद्घाटन वहीं हुआ और यह दो दिन, 6 तथा 7 सितंबर को चलेगी।

Q2.शिखर सम्मेलनमध्यम

भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना किस वैश्विक ढांचे के अनुरूप है?

  1. A.कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा
  2. B.आइची जैव विविधता लक्ष्य
  3. C.सेंदाई ढांचा
  4. D.रामसर ढांचा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा

विज्ञप्ति कहती है कि 2024 से 2030 की अवधि वाली भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना इसी के अनुरूप बनाई गई है, और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से इसी से निकले वैश्विक 30-बाय-30 संरक्षण लक्ष्य में भागीदार बनने का आह्वान किया गया।

Q3.शिखर सम्मेलनमध्यम

राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने किसानों, समुदायों और संस्थानों के साथ कितनी एबीएस निधि साझा की है?

  1. A.50 करोड़ रुपये से अधिक
  2. B.200 करोड़ रुपये से अधिक
  3. C.500 करोड़ रुपये से अधिक
  4. D.1,000 करोड़ रुपये से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 200 करोड़ रुपये से अधिक

पहुंच और लाभ साझाकरण पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण इतनी एबीएस निधि किसानों, स्थानीय समुदायों, जैव विविधता प्रबंधन समितियों, राज्य जैव विविधता बोर्डों, केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों और अनुसंधान संस्थानों के साथ साझा कर चुका है।

Q4.शिखर सम्मेलनमध्यम

गोवा में खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन को संबोधित करने वाले कोयला एवं खान राज्य मंत्री कौन हैं?

  1. A.केशव चंद्र
  2. B.सतीश चंद्र दुबे
  3. C.जी. किशन रेड्डी
  4. D.प्रह्लाद जोशी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सतीश चंद्र दुबे

सम्मेलन में उन्होंने कहा कि खनन पहलों को तेज करने और देश को खनिजों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्यों को सामूहिक प्रयास करने होंगे।

Q5.शिखर सम्मेलनमध्यम

खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन में जी. किशन रेड्डी ने मुख्य रूप से किस प्रकार के खनिजों की बढ़ती मांग को देखते हुए अन्वेषण तेज करने को कहा?

  1. A.कोयला जैसे ईंधन खनिज
  2. B.गौण खनिज
  3. C.महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स)
  4. D.परमाणु खनिज
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स)

गोवा में हुए सम्मेलन में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र और राज्यों को मिलकर खनिज अन्वेषण में तेजी लानी होगी, खास तौर पर इसलिए कि महत्वपूर्ण खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है।