राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने किसानों, समुदायों और संस्थानों के साथ कितनी एबीएस निधि साझा की है?
- A.50 करोड़ रुपये से अधिक
- B.200 करोड़ रुपये से अधिक
- C.500 करोड़ रुपये से अधिक
- D.1,000 करोड़ रुपये से अधिक
सही उत्तर
B. 200 करोड़ रुपये से अधिक
व्याख्या
सही उत्तर 200 करोड़ रुपये से अधिक है। पहुंच और लाभ साझाकरण पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण इतनी एबीएस निधि किसानों, स्थानीय समुदायों, जैव विविधता प्रबंधन समितियों, राज्य जैव विविधता बोर्डों, केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों और अनुसंधान संस्थानों के साथ साझा कर चुका है। उन्होंने जोड़ा कि इसका लाभ समुदायों को ठोस रूप में मिलना चाहिए और साथ ही वह संरक्षण तथा टिकाऊ आजीविका में योगदान दे। कार्यक्रम में प्राधिकरण के पिछले एक साल के काम पर एक दस्तावेज भी जारी हुआ, जो बताता है कि यह निधि कैसे बंटी। विकल्प A, C और D गोल आंकड़े हैं जो विज्ञप्ति में नहीं आते। इसी भाषण का एक और आंकड़ा साथ याद रखें: मंत्री ने 27.6 लाख से अधिक जैव विविधता प्रबंधन समितियों को कार्यशील और प्रभावी बनाने तथा जन जैव विविधता रजिस्टरों को स्थानीय निकायों के काम आने वाले नियोजन उपकरण बनाने का आह्वान किया।
पूरा लेख पढ़ें: जैव विविधता बोर्डों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक चंडीगढ़ में शुरू
अभ्यास प्रश्न
राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक किस शहर में हुई?
- A.नई दिल्ली
- B.चंडीगढ़
- C.पंचकुला
- D.जयपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चंडीगढ़
व्याख्या
सही उत्तर चंडीगढ़ है। विज्ञप्ति बताती है कि राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा आयोजित 16वीं राष्ट्रीय बैठक का उद्घाटन वहीं हुआ और यह दो दिन, 6 तथा 7 सितंबर को चलेगी। विकल्प C यानी पंचकुला बहुत मजबूत भ्रामक विकल्प है: उसी दिन वही केंद्रीय मंत्री अंतर्राष्ट्रीय गिद्ध जागरूकता दिवस के लिए पंचकुला में भी थे, और दोनों शहर आसपास ही हैं। ऐसी विज्ञप्तियां ध्यान से पढ़ें और हर आयोजन को उसके अपने स्थान से जोड़ें। विकल्प A और विकल्प D में दिए शहर इस विज्ञप्ति में कहीं नहीं आते। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता किसने की, यह याद रखने से स्थान भी पक्का हो जाता है: पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव तथा हरियाणा के पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह।
भारत में जैव विविधता शासन का मूल कानून कौन सा है?
- A.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
- B.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
- C.जैव विविधता अधिनियम, 2002
- D.वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जैव विविधता अधिनियम, 2002
व्याख्या
सही उत्तर जैव विविधता अधिनियम, 2002 है। केंद्रीय मंत्री ने इसे ही देश के जैव विविधता शासन की नींव बताया और कहा कि दो बाद के कदमों ने इसे और मजबूत तथा सुव्यवस्थित किया है: जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 और जैव विविधता नियम, 2024। उन्होंने राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से अपने नियम, संस्थागत तंत्र और क्रियान्वयन प्रक्रियाएं उसी संशोधित ढांचे के अनुरूप करने को कहा, और राष्ट्रीय बैठक का व्यावहारिक मकसद यही है। विकल्प A, B और D तीनों असली पर्यावरण कानून हैं, और इसीलिए वे अच्छे भ्रामक विकल्प बनते हैं, पर इनमें से कोई भी राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, राज्य जैव विविधता बोर्डों और जैव विविधता प्रबंधन समितियों का ढांचा नहीं बनाता। तीनों तारीखें एक साथ याद रखें: 2002 का अधिनियम, 2023 का संशोधन और 2024 के नियम।
भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना किस वैश्विक ढांचे के अनुरूप है?
- A.कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा
- B.आइची जैव विविधता लक्ष्य
- C.सेंदाई ढांचा
- D.रामसर ढांचा
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सही उत्तर: A. कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा
व्याख्या
सही उत्तर कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा है। विज्ञप्ति कहती है कि 2024 से 2030 की अवधि वाली भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना इसी के अनुरूप बनाई गई है, और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से इसी से निकले वैश्विक 30-बाय-30 संरक्षण लक्ष्य में भागीदार बनने का आह्वान किया गया। विकल्प B में जैव विविधता के पुराने वैश्विक लक्ष्यों का नाम है, जिनकी जगह कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ढांचे ने ली, इसलिए यही सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। विकल्प C आपदा जोखिम न्यूनीकरण से और विकल्प D आर्द्रभूमि संरक्षण से जुड़ा है, इसलिए दोनों यहां फिट नहीं बैठते। इसके साथ दो और प्रतिबद्धताएं याद रखने लायक हैं: भारत जैव विविधता पर सम्मेलन को सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट और नागोया प्रोटोकॉल की पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंप चुका है।
निम्नलिखित में से कौन जी20 एनर्जी अबंडेंस मंत्रिस्तरीय बैठक का नतीजा नहीं था?
- A.स्वच्छ खाना पकाने की पहुंच पर जी20 वक्तव्य
- B.जी20 जल पुनः उपयोग पहल
- C.जी20 महत्वपूर्ण खनिज बैठक विज्ञप्ति
- D.जी20 वैश्विक कार्बन कर संधि
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. जी20 वैश्विक कार्बन कर संधि
व्याख्या
सही उत्तर जी20 वैश्विक कार्बन कर संधि है, जो न तो अस्तित्व में है और न ही इस बैठक का नतीजा थी। विकल्प A वास्तविक नतीजा है: स्वच्छ खाना पकाने पर वक्तव्य ने प्रौद्योगिकी-तटस्थ और राष्ट्रीय स्तर पर उपयुक्त दृष्टिकोण का समर्थन किया और एलपीजी को विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग बताया, साथ ही वित्तपोषण तक समान पहुंच मांगी। विकल्प B भी वास्तविक है: जल पुनः उपयोग पहल को एक स्वैच्छिक ढांचे के रूप में आगे बढ़ाया गया, जो राष्ट्रीय नीतियों के अनुरूप किफायती और उद्देश्य के अनुकूल उपयोग को बढ़ावा देता है। विकल्प C भी सही है: खनिज विज्ञप्ति ने इन खनिजों को ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल अवसंरचना, उभरती प्रौद्योगिकियों और आर्थिक विकास से जोड़ा। एक चौथा नतीजा परमिटिंग और नियामक दक्षता संगोष्ठी थी।
जी20 एनर्जी अबंडेंस मंत्रिस्तरीय बैठक में भारत ने अपनी स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता कितनी बताई?
- A.425 GW
- B.490 GW
- C.552 GW
- D.610 GW
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 552 GW
व्याख्या
सही उत्तर 552 GW है। केंद्रीय मंत्री ने बैठक में बताया कि भारत की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता इस स्तर तक पहुंच गई है और इसमें से आधे से अधिक अब गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान के प्रमुख लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लिए और 2070 तक नेट जीरो की दिशा में काम कर रहा है। विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि बैठक में ऐसा कोई आंकड़ा नहीं रखा गया; इन्हें सही संख्या के पास रखा गया है ताकि केवल मोटा अनुमान याद रखने वाला अभ्यर्थी चूक जाए। गैर-जीवाश्म स्रोतों का हिस्सा इस तथ्य का दूसरा भाग है और उतनी ही बार पूछा जाता है, इसलिए दोनों को साथ याद रखें।