भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना किस वैश्विक ढांचे के अनुरूप है?
- A.कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा
- B.आइची जैव विविधता लक्ष्य
- C.सेंदाई ढांचा
- D.रामसर ढांचा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचा है। विज्ञप्ति कहती है कि 2024 से 2030 की अवधि वाली भारत की अद्यतन राष्ट्रीय जैव विविधता रणनीति और कार्य योजना इसी के अनुरूप बनाई गई है, और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों से इसी से निकले वैश्विक 30-बाय-30 संरक्षण लक्ष्य में भागीदार बनने का आह्वान किया गया। विकल्प B में जैव विविधता के पुराने वैश्विक लक्ष्यों का नाम है, जिनकी जगह कुनमिंग-मॉन्ट्रियल ढांचे ने ली, इसलिए यही सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। विकल्प C आपदा जोखिम न्यूनीकरण से और विकल्प D आर्द्रभूमि संरक्षण से जुड़ा है, इसलिए दोनों यहां फिट नहीं बैठते। इसके साथ दो और प्रतिबद्धताएं याद रखने लायक हैं: भारत जैव विविधता पर सम्मेलन को सातवीं राष्ट्रीय रिपोर्ट और नागोया प्रोटोकॉल की पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट सौंप चुका है।
पूरा लेख पढ़ें: जैव विविधता बोर्डों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक चंडीगढ़ में शुरू
अभ्यास प्रश्न
राज्य जैव विविधता बोर्डों और केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों की 16वीं राष्ट्रीय बैठक किस शहर में हुई?
- A.नई दिल्ली
- B.चंडीगढ़
- C.पंचकुला
- D.जयपुर
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विज्ञप्ति बताती है कि राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण द्वारा आयोजित 16वीं राष्ट्रीय बैठक का उद्घाटन वहीं हुआ और यह दो दिन, 6 तथा 7 सितंबर को चलेगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में जैव विविधता शासन का मूल कानून कौन सा है?
- A.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
- B.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
- C.जैव विविधता अधिनियम, 2002
- D.वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980
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केंद्रीय मंत्री ने इसे ही देश के जैव विविधता शासन की नींव बताया और कहा कि दो बाद के कदमों ने इसे और मजबूत तथा सुव्यवस्थित किया है: जैव विविधता (संशोधन) अधिनियम, 2023 और जैव विविधता नियम, 2024।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण ने किसानों, समुदायों और संस्थानों के साथ कितनी एबीएस निधि साझा की है?
- A.50 करोड़ रुपये से अधिक
- B.200 करोड़ रुपये से अधिक
- C.500 करोड़ रुपये से अधिक
- D.1,000 करोड़ रुपये से अधिक
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पहुंच और लाभ साझाकरण पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण इतनी एबीएस निधि किसानों, स्थानीय समुदायों, जैव विविधता प्रबंधन समितियों, राज्य जैव विविधता बोर्डों, केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों और अनुसंधान संस्थानों के साथ साझा कर चुका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गोवा में खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन को संबोधित करने वाले कोयला एवं खान राज्य मंत्री कौन हैं?
- A.केशव चंद्र
- B.सतीश चंद्र दुबे
- C.जी. किशन रेड्डी
- D.प्रह्लाद जोशी
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सम्मेलन में उन्होंने कहा कि खनन पहलों को तेज करने और देश को खनिजों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्यों को सामूहिक प्रयास करने होंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन में जी. किशन रेड्डी ने मुख्य रूप से किस प्रकार के खनिजों की बढ़ती मांग को देखते हुए अन्वेषण तेज करने को कहा?
- A.कोयला जैसे ईंधन खनिज
- B.गौण खनिज
- C.महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स)
- D.परमाणु खनिज
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गोवा में हुए सम्मेलन में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि केंद्र और राज्यों को मिलकर खनिज अन्वेषण में तेजी लानी होगी, खास तौर पर इसलिए कि महत्वपूर्ण खनिजों की मांग लगातार बढ़ रही है।
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