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GK24

UPSC सिविल सेवा GK प्रश्न 2026

UPSC CSE की सूचना में General Studies Paper-I के पाठ्यक्रम की सात में से छह पंक्तियाँ स्थैतिक सामान्य ज्ञान हैं: भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन; भारत और विश्व का भूगोल; भारतीय राजव्यवस्था और शासन; आर्थिक और सामाजिक विकास; पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव विविधता और जलवायु परिवर्तन; और सामान्य विज्ञान। आयोग रटंत नहीं, समझ परखता है, सही-गलत कथनों, जोड़े मिलाने और अभिकथन-कारण वाले प्रश्नों से, और उसे विषय के किनारे पसंद हैं: संविधान का कोई कम चर्चित प्रावधान, किसी नदी की सहायक नदी, किसी प्रजाति की संरक्षण स्थिति, किसी सांविधिक निकाय का अधिदेश। इस पेज पर GK24 के UPSC के लिए विषयवार GK नोट्स हैं, छोटे तथ्यों और तालिकाओं में, हिंदी और अंग्रेज़ी में, और हर नोट उसी विषय के करेंट अफेयर्स और पिछले वर्षों के प्रश्नों से जुड़ा है। राजव्यवस्था और आधुनिक इतिहास से शुरू करें, जिनसे सबसे ज़्यादा प्रश्न आते हैं, फिर भूगोल, अर्थव्यवस्था, पर्यावरण, प्राचीन और मध्यकालीन संस्कृति और विज्ञान। नोट पढ़ें, उसके PYQ हल करें, उसकी क्विज़ दें, और मासिक रिवीज़न में उस पर लौटें। जो अभ्यर्थी ये नोट्स जानता है और रोज़ करेंट अफेयर्स पढ़ता है, उसने Paper-I के लिए सूचना में दिया पाठ्यक्रम पूरा कर लिया है।

UPSC सिविल सेवा GK प्रश्न उत्तर सहित

Q181.रक्षामध्यम

स्लिनेक्स-26 में भाग ले रहा कौन-सा भारतीय नौसैनिक जहाज़ स्वदेशी रूप से निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धक पोत है?

  1. A.आईएनएस ज्योति
  2. B.आईएनएस कवरत्ती
  3. C.एसएलएनएस सिंदुराला
  4. D.आईएनएस विक्रांत
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आईएनएस कवरत्ती

व्याख्या

सही उत्तर आईएनएस कवरत्ती है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार स्लिनेक्स-26 में भारतीय नौसेना के दो जहाज़ शामिल हैं: स्वदेशी रूप से निर्मित पनडुब्बी रोधी युद्धक पोत आईएनएस कवरत्ती और बेड़े का टैंकर जहाज़ आईएनएस ज्योति। बंदरगाह चरण की शुरुआत में श्रीलंकाई चालक दल के लिए उद्घाटन कार्यक्रम और स्वागत समारोह भी आईएनएस कवरत्ती पर ही हुआ था।

आईएनएस ज्योति अभ्यास में शामिल तो है, लेकिन टैंकर जहाज़ के रूप में, इसलिए विकल्प A गलत है। एसएलएनएस सिंदुराला भारतीय जहाज़ नहीं है; यह श्रीलंका नौसेना का प्रतिनिधित्व कर रहा है, इसलिए विकल्प C भी गलत है। आईएनएस विक्रांत का नाम विज्ञप्ति में स्लिनेक्स-26 के जहाज़ों में नहीं है, इसलिए विकल्प D सही नहीं हो सकता। ऐसे प्रश्नों में दोनों देशों के जहाज़ों को आपस में मिलाने की गलती आम है, इसलिए नाम से पहले लगे अक्षरों पर ध्यान दें: आईएनएस भारत के लिए और एसएलएनएस श्रीलंका के लिए।

Q182.रक्षाआसान

सितंबर 2026 में विशाखापत्तनम में आयोजित द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास स्लिनेक्स-26 भारतीय नौसेना और किस देश की नौसेना के बीच हो रहा है?

  1. A.सिंगापुर
  2. B.श्रीलंका
  3. C.थाईलैंड
  4. D.मालदीव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. श्रीलंका

व्याख्या

सही उत्तर श्रीलंका है। स्लिनेक्स भारत और श्रीलंका की नौसेनाओं के बीच होने वाला द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार स्लिनेक्स-26 इसका 13वां संस्करण है, जो 17 से 21 सितंबर 2026 तक विशाखापत्तनम में हो रहा है। अभ्यास के नाम में ही उत्तर छिपा है: एसएल यानी श्रीलंका, आईएन यानी इंडिया और ईएक्स यानी एक्सरसाइज़। श्रीलंका की ओर से एसएलएनएस सिंदुराला और भारत की ओर से आईएनएस कवरत्ती तथा आईएनएस ज्योति इसमें शामिल हैं।

सिंगापुर, थाईलैंड और मालदीव इस अभ्यास का हिस्सा नहीं हैं। मंत्रालय की विज्ञप्ति में केवल भारतीय और श्रीलंकाई नौसेनाओं का ज़िक्र है और अभ्यास को भारत-श्रीलंका समुद्री साझेदारी को मज़बूत करने वाला बताया गया है। इसलिए विकल्प A, C और D गलत हैं। परीक्षा में जब किसी अभ्यास का नाम दिया जाए, तो पहले उसके अक्षरों को समझें, क्योंकि कई द्विपक्षीय अभ्यासों के नाम साझेदार देशों के नामों से ही बने होते हैं।

Q183.नियुक्तियांमध्यम

चौदह नियुक्तियों में सबसे अधिक किस उच्च न्यायालय को मिलीं?

  1. A.कर्नाटक उच्च न्यायालय
  2. B.झारखंड उच्च न्यायालय
  3. C.दिल्ली उच्च न्यायालय
  4. D.जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. दिल्ली उच्च न्यायालय

व्याख्या

उत्तर है दिल्ली उच्च न्यायालय, जिसे चौदह में से सात मिले, यानी अकेले आधे। इन सात में से दो की नियुक्ति न्यायाधीश के रूप में हुई और शेष पांच की अपर न्यायाधीश के रूप में। यह बंटवारा विज्ञप्ति अलग से बताती है और स्वयं में ध्यान देने योग्य है।

बचे हुए सात तीन जगह बंटे। झारखंड ने तीन न्यायाधीश लिए, कर्नाटक ने तीन अपर न्यायाधीश, और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय ने एक न्यायाधीश। अंतिम न्यायालय एक और कारण से देखने लायक है - एक ही उच्च न्यायालय दोनों केंद्र शासित प्रदेशों की सेवा करता है, जो अपने आप में परीक्षा का प्रश्न बनता है। तो क्रम हुआ - दिल्ली, फिर झारखंड और कर्नाटक बराबर, फिर जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख।

परीक्षा में यह प्रश्न कभी संख्या के रूप में आता है और कभी न्यायालय के नाम के रूप में, इसलिए दोनों को जोड़कर याद रखना सबसे सुरक्षित रहता है।

Q184.नियुक्तियांमध्यम

संविधान के अनुसार उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है, और किससे परामर्श के बाद?

  1. A.प्रधानमंत्री, विधि मंत्री से परामर्श के बाद
  2. B.राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद
  3. C.मुख्य न्यायाधीश, राष्ट्रपति से परामर्श के बाद
  4. D.राज्यपाल, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद

व्याख्या

उत्तर है राष्ट्रपति, भारत के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद। विज्ञप्ति दोनों बातें स्पष्ट कहती है - यह शक्ति संविधान राष्ट्रपति को देता है, और इसका प्रयोग मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद होता है। इन दोनों चरणों का क्रम महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रश्न कभी-कभी इन्हें उलट देता है।

विकल्प C यही उलटफेर करता है और सबसे प्रबल भ्रम है। प्रधानमंत्री और विधि मंत्री की नियुक्ति में कोई संवैधानिक भूमिका नहीं है, इसलिए विकल्प A गलत है। राज्यपाल उच्च न्यायालय की नियुक्तियों में परामर्श के दायरे में अवश्य आते हैं, पर नियुक्ति प्राधिकारी राज्यपाल नहीं हैं, अतः विकल्प D भी इसी आधार पर गलत है। इसे इस क्रम में याद रखें - पहले परामर्श, फिर आदेश।

इसीलिए इस प्रश्न को रटने के बजाय प्रक्रिया समझना बेहतर है - सिफारिश न्यायपालिका की ओर से आती है, परामर्श होता है, और औपचारिक आदेश राष्ट्रपति के नाम से निकलता है।

Q185.नियुक्तियांआसान

सितंबर 2026 की घोषणा में कितने न्यायिक अधिकारियों को न्यायाधीश और अपर न्यायाधीश नियुक्त किया गया?

  1. A.दस
  2. B.बारह
  3. C.चौदह
  4. D.सोलह
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चौदह

व्याख्या

उत्तर है चौदह। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने चौदह कार्यरत न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति की घोषणा की, जो चार उच्च न्यायालयों में फैली है। सबसे बड़ा हिस्सा दिल्ली को मिला, जहां सात गए - दो न्यायाधीश और पांच अपर न्यायाधीश के रूप में। झारखंड को तीन न्यायाधीश मिले, कर्नाटक को तीन अपर न्यायाधीश, और एक अधिकारी जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने।

संख्या याद रखने का सबसे सुरक्षित तरीका जोड़ है - सात और तीन और तीन और एक। जिन अभ्यर्थियों को केवल न्यायालयों की संख्या चार याद रहेगी, या केवल दिल्ली का हिस्सा सात, वे यहां चूक जाएंगे। शेष विकल्प ऐसी गोल संख्याएं हैं जो पास लगती हैं, पर घोषणा से मेल नहीं खातीं।

एक बात और - यह संख्या केवल इस घोषणा की है, किसी वर्ष या किसी न्यायालय की कुल रिक्तियों की नहीं। प्रश्न में यदि अवधि दी हो तो उसे ध्यान से पढ़ें।

Q186.शिखर सम्मेलनमध्यम

एनएचआरसी ने मानवाधिकारों पर यह आईटीईसी कार्यक्रम किस मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया?

  1. A.गृह मंत्रालय
  2. B.विदेश मंत्रालय
  3. C.विधि एवं न्याय मंत्रालय
  4. D.सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विदेश मंत्रालय

व्याख्या

उत्तर है विदेश मंत्रालय। यह जोड़ी संयोग नहीं है - भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग कार्यक्रम विदेश नीति का एक साधन है, जिसके जरिए अन्य विकासशील देशों के अधिकारियों को प्रशिक्षण और विशेषज्ञता दी जाती है। इसलिए विदेशी मानवाधिकार संस्थाओं के लिए बना कोई भी पाठ्यक्रम स्वाभाविक रूप से विदेश मंत्रालय से होकर चलता है।

सूची में दिए गए बाकी मंत्रालयों का भारत के भीतर मानवाधिकार कार्य से किसी न किसी रूप में संबंध है, इसीलिए वे भ्रम पैदा करते हैं, पर यहाँ सहयोगी के रूप में उनका नाम नहीं है। परीक्षा के लिए आईटीईसी और विदेश मंत्रालय को एक स्थिर जोड़ी मानकर चलें, और यह भी याद रखें कि यह कार्यक्रम का पांचवां संस्करण था, जो नई दिल्ली में 14 सितंबर 2026 से छह दिन चला।

Q187.शिखर सम्मेलनमध्यम

कार्यक्रम में कितनी राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं ने प्रतिभागी भेजे?

  1. A.आठ
  2. B.ग्यारह
  3. C.चौदह
  4. D.बीस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चौदह

व्याख्या

उत्तर है चौदह। इस समाचार में दो संख्याएं साथ चलती हैं और आपस में बदल जाना आसान है - अड़तीस वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, और वे चौदह राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से आए थे। संस्थाएं छोटी संख्या हैं, लोग बड़ी। जो अभ्यर्थी केवल एक अंक याद रखेगा, वह दूसरे पर अटक जाएगा, इसलिए दोनों को जोड़ी की तरह याद रखना चाहिए।

भाग लेने वाले देशों को महाद्वीप के हिसाब से देखें तो याद रखना आसान हो जाता है। अफ्रीका से अल्जीरिया, इथियोपिया, केन्या, दक्षिण अफ्रीका तथा जिम्बाब्वे; लैटिन अमेरिका से चिली और इक्वाडोर; एशिया से इंडोनेशिया, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, मलेशिया, ओमान और ताजिकिस्तान; और प्रशांत क्षेत्र से समोआ। यानी फैलाव अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, एशिया और प्रशांत तक है। यही विविधता कार्यक्रम की मूल सोच बताती है - अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाओं में लगभग एक जैसा काम करने वाली संस्थाएं किसी एक आदर्श से अधिक एक-दूसरे से सीख सकती हैं। इसी आधार पर आयोग के अध्यक्ष ने वैश्विक दक्षिण की संस्थाओं के बीच और गहरे सहयोग की बात रखी।

Q188.शिखर सम्मेलनमध्यम

मानवाधिकारों पर पांचवें आईटीईसी क्षमता-निर्माण कार्यक्रम में समापन भाषण किसने दिया?

  1. A.केंद्रीय गृह मंत्री
  2. B.न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन, अध्यक्ष, एनएचआरसी भारत
  3. C.भारत के मुख्य न्यायाधीश
  4. D.केंद्रीय विदेश मंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन, अध्यक्ष, एनएचआरसी भारत

व्याख्या

उत्तर हैं न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन, जो भारत के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष हैं और जिन्होंने कार्यक्रम का समापन किया। उनका विषय वैश्विक दक्षिण की मानवाधिकार संस्थाओं के बीच सहयोग था, और तर्क यह कि ये संस्थाएं तभी बेहतर होती हैं जब अपना अनुभव खुलकर साझा करें, अपनी कठिनाइयों को नाम दें और अपनी भूलों से सीखें।

शेष विकल्प ऐसे पदों के हैं जो मानवाधिकार से जुड़े आयोजन के लिए विश्वसनीय लगते हैं, पर यहाँ उनकी कोई भूमिका नहीं थी। विदेश मंत्रालय इस कार्यक्रम में सहयोगी अवश्य था, जिससे विकल्प D सबसे प्रबल भ्रम बनता है, किंतु समापन भाषण आयोग के अपने अध्यक्ष ने दिया। सत्र में संयुक्त सचिव श्री समीर कुमार और श्रीमती सैदिंगपुई छकछुआक भी उपस्थित रहे। परीक्षा की दृष्टि से अध्यक्ष का नाम यहाँ सबसे उपयोगी तथ्य है, क्योंकि वह इस समाचार से आगे भी काम आता है - एनएचआरसी से जुड़ा कोई भी प्रश्न प्रायः अध्यक्ष के नाम पर ही टिकता है।