राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) का प्रधान पीठ स्थल निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.कोलकाता
- B.हैदराबाद
- C.लखनऊ
- D.नई दिल्ली
सही उत्तर
D. नई दिल्ली
व्याख्या
सही उत्तर है D, नई दिल्ली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत हुई और इसने 18 अक्टूबर 2010 से नई दिल्ली स्थित प्रधान पीठ के साथ काम शुरू किया। इसकी चार क्षेत्रीय पीठें भोपाल, पुणे, कोलकाता और चेन्नई में बैठती हैं, तथा यह अन्य स्थानों पर परिक्रमण पीठें भी लगाता है। इस तरह भारत पर्यावरण विवादों के लिए अलग अदालत बनाने वाले पहले देशों में शामिल हुआ और अधिकरण को मामला दाखिल होने के छह महीने में निर्णय देना होता है। यह जल अधिनियम, वायु अधिनियम तथा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम जैसे कानूनों के मामले सुनता है, इसका अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश या उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश रहा व्यक्ति होता है, और इसके आदेशों के विरुद्ध अपील केवल सर्वोच्च न्यायालय में होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कोलकाता में पूर्वी क्षेत्र की पीठ है, प्रधान पीठ नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि हैदराबाद में अधिकरण की कोई पीठ नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि लखनऊ भी प्रधान पीठ का स्थान नहीं है। परीक्षा टिप: एनजीटी अधिनियम 2010 — प्रधान पीठ दिल्ली; क्षेत्रीय पीठें भोपाल, पुणे, कोलकाता, चेन्नई।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा संधारणीय विकास लक्ष्य (एसडीजी) 'स्थलीय पारिस्थितिक तंत्रों की रक्षा, पुनर्बहाली और संधारणीय उपयोग, वनों का संधारणीय प्रबंधन, मरुस्थलीकरण से मुकाबला, भूमि क्षरण को रोकना एवं पलटना तथा जैव विविधता की हानि रोकना' चाहता है?
- A.एसडीजी 12
- B.एसडीजी 7
- C.एसडीजी 17
- D.एसडीजी 15
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. एसडीजी 15
व्याख्या
सही उत्तर है D, एसडीजी 15। लक्ष्य 15, जिसे 'थल पर जीवन' कहा जाता है, स्थलीय पारिस्थितिक तंत्रों का लक्ष्य है और उसकी शब्दावली में वन, मरुस्थलीकरण, भूमि क्षरण तथा जैव विविधता की हानि सभी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र ने 2015 में 2030 एजेंडा के केंद्र में 17 संधारणीय विकास लक्ष्य अपनाए थे, जिन्हें 2030 तक पूरा करना है। लक्ष्य 15 के अंतर्गत वन क्षेत्र, संरक्षित क्षेत्र, संकटग्रस्त प्रजातियों की रेड लिस्ट तथा अवैध शिकार और वन्यजीव तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई आती है, जबकि लक्ष्य 14 'जल में जीवन' समुद्रों के लिए यही काम करता है। A गलत है क्योंकि एसडीजी 12 उत्तरदायी उपभोग और उत्पादन से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि एसडीजी 7 सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य है। C गलत है क्योंकि एसडीजी 17 लक्ष्यों के लिए साझेदारी से संबंधित है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - एसडीजी 14 समुद्रों के लिए और एसडीजी 15 वनों तथा मिट्टी के लिए।
निम्नलिखित में से कौन-सी गैस जलवायु परिवर्तन करने वाली प्रमुख ग्रीनहाउस गैस नहीं है?
- A.कार्बन डाइऑक्साइड
- B.मेथेन
- C.कार्बन मोनोऑक्साइड
- D.नाइट्रस ऑक्साइड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कार्बन मोनोऑक्साइड
व्याख्या
सही उत्तर है C, कार्बन मोनोऑक्साइड। कार्बन मोनोऑक्साइड एक घातक वायु प्रदूषक है, पर उसे प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों में नहीं गिना जाता, क्योंकि वह पृथ्वी से बाहर जाने वाली अवरक्त ऊष्मा को बहुत कम सोखती है। ग्रीनहाउस गैस वह है जो इस बाहर जाती ऊष्मा को रोककर निचले वायुमंडल को गर्म करती है। प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें हैं - कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, जलवाष्प तथा फ्लोरीनयुक्त गैसें जैसे एचएफसी, पीएफसी और सल्फर हेक्साफ्लोराइड। A गलत है क्योंकि कोयला, तेल और गैस जलाने से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड वैश्विक तापन में सबसे बड़ा हिस्सा जोड़ती है। B गलत है क्योंकि धान के खेतों, पशुओं और कूड़े के ढेरों से निकलने वाली मेथेन प्रति अणु कार्बन डाइऑक्साइड से कई गुना अधिक ऊष्मा रोकती है। D गलत है क्योंकि मुख्यतः नाइट्रोजन उर्वरकों से निकलने वाली नाइट्रस ऑक्साइड प्रबल और दीर्घजीवी ग्रीनहाउस गैस है। परीक्षा टिप: कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड प्रदूषक हैं, ग्रीनहाउस गैस नहीं।
मृदा अपक्षरण आज की बड़ी पर्यावरणीय समस्याओं में से एक है। नीचे मृदा संरक्षण की कई विधियाँ दी गई हैं। गलत विकल्प चुनिए।
- A.फसल चक्र
- B.सीढ़ीदार खेती
- C.वृक्षारोपण
- D.अतिचारण
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अतिचारण
व्याख्या
सही उत्तर है D, अतिचारण। अतिचारण मृदा अपक्षरण का कारण है, मृदा संरक्षण की विधि नहीं, इसलिए यही विकल्प सूची में बेमेल है। जब एक ही जगह बहुत अधिक पशु चरते हैं तो घास जड़ों तक चर ली जाती है और खुरों से नंगी ऊपरी मिट्टी ढीली पड़ जाती है, जिसे हवा और बहता पानी बहा ले जाते हैं; सूखे क्षेत्रों में यही मरुस्थलीकरण का मुख्य रास्ता है। A उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि फसल चक्र वास्तविक संरक्षण विधि है, हर मौसम में फसल बदलने से नाइट्रोजन तथा अन्य पोषक तत्व फिर जुड़ते हैं और कोई एक तत्व खत्म नहीं होता। B उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि सीढ़ीदार खेती ढलान को सीढ़ियों में काट देती है, जिससे बहाव धीमा होता है और पानी मिट्टी बहाने के बजाय भीतर रिसता है। C उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बाँधती हैं और वृक्षों की रक्षा-पेटी हवा का वेग तोड़ती है। परीक्षा टिप: समोच्च जुताई, सीढ़ीदार खेती, पट्टीदार खेती और रक्षा-पेटी संरक्षण करती हैं; अतिचारण और वनोन्मूलन मिट्टी नष्ट करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा पदार्थ ग्रीन हाउस गैस नहीं है?
- A.जलवाष्प
- B.क्लोरोफ्लोरोकार्बन
- C.मेथेन
- D.नाइट्रोजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. नाइट्रोजन
व्याख्या
सही उत्तर है D, नाइट्रोजन। नाइट्रोजन वायुमंडल का लगभग 78 प्रतिशत भाग है, फिर भी यह ग्रीन हाउस गैस नहीं है। कोई अणु ऊष्मा तभी रोक पाता है जब वह बाहर जाती अवरक्त विकिरण को सोख सके, और इसके लिए ऐसे कंपन चाहिए जो अणु में विद्युत आवेश का वितरण बदलें। नाइट्रोजन दो समान परमाणुओं का सरल अणु है, इसलिए अवरक्त विकिरण उसमें से बिना रुके निकल जाता है; ऑक्सीजन के साथ भी यही बात है। ऊष्मा रोकने वाली गैसें हैं जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, ओजोन तथा हैलोकार्बन, और ये मिलकर पृथ्वी को लगभग 33 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म रखती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि जलवाष्प सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली ग्रीन हाउस गैस है। विकल्प B गलत है, क्योंकि क्लोरोफ्लोरोकार्बन शक्तिशाली ग्रीन हाउस गैसें हैं और ओजोन परत को भी नष्ट करती हैं, इसीलिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल उन्हें चरणबद्ध रूप से हटा रहा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मेथेन प्रति अणु कार्बन डाइऑक्साइड से कहीं अधिक ऊष्मा रोकती है। परीक्षा टिप: नाइट्रोजन और ऑक्सीजन हवा का बड़ा हिस्सा होने पर भी ग्रीन हाउस गैसें नहीं हैं।
प्रवाल विरंजन मुख्यतः प्रवाल पॉलिप के ऊतक से किस जीव के निकल जाने से होता है?
- A.जूजैंथेली शैवाल
- B.डायटम
- C.नाइट्रोजन स्थिरीकरण जीवाणु
- D.कवकमूल कवक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जूजैंथेली शैवाल
व्याख्या
सही उत्तर A, जूजैंथेली शैवाल है। भित्ति बनाने वाला प्रवाल पॉलिप जूजैंथेली नामक एककोशिकीय शैवाल के साथ घनी साझेदारी में रहता है, जो उसके ही ऊतक के भीतर बसते हैं। शैवाल प्रकाश संश्लेषण करते हैं और बनाए भोजन का अधिकांश पॉलिप को दे देते हैं, तथा प्रवाल को उसका भूरा और हरा रंग भी वही देते हैं; बदले में पॉलिप उन्हें आश्रय और कार्बन डाइऑक्साइड देता है। जब सागरीय जल आवश्यकता से अधिक गरम या अधिक अम्लीय हो जाए, या गंदला पड़ जाए, तो पॉलिप इन शैवालों को बाहर निकाल देता है। तब पारदर्शी ऊतक के आर पार सफेद कैल्सियम कार्बोनेट कंकाल दिखने लगता है, इसीलिए भित्ति विरंजित लगती है, और शैवाल न लौटें तो पॉलिप भूखा मर जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि डायटम खुले जल के मुक्त तैरते पादप प्लवक हैं और प्रवाल के साझेदार नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि नाइट्रोजन स्थिरीकरण जीवाणु दलहनी पौधों की जड़ ग्रंथिकाओं और मिट्टी में रहते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि कवकमूल कवक थल पौधों की जड़ों से साझेदारी बनाते हैं, समुद्री प्राणियों से नहीं।