भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रख सकते हैं?
- A.अनुच्छेद 169
- B.अनुच्छेद 200
- C.अनुच्छेद 201
- D.अनुच्छेद 257
सही उत्तर
B. अनुच्छेद 200
व्याख्या
सही उत्तर है B, अनुच्छेद 200। राज्य विधानमंडल से पारित विधेयक राज्यपाल के सामने आने पर अनुच्छेद 200 उन्हें चार रास्ते देता है: अनुमति देना, अनुमति रोक लेना, धन विधेयक न होने पर विधेयक पुनर्विचार के लिए लौटाना, या उसे राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखना। एक स्थिति में आरक्षित रखना अनिवार्य है — जब विधेयक उच्च न्यायालय की शक्तियों को कम करता हो; शेष मामलों में यह राज्यपाल पर छोड़ा गया है, जैसे जब विधेयक किसी केंद्रीय कानून से टकराता हो या ऐसे विषय को छूता हो जिसमें संघ का हित हो। विकल्प C, अनुच्छेद 201, अगला चरण है और उत्तर नहीं: वह बताता है कि आरक्षित विधेयक पर राष्ट्रपति क्या करेंगे, और उस निर्णय को राज्य विधानमंडल पलट नहीं सकता। विकल्प A, अनुच्छेद 169, राज्य में विधान परिषद के गठन या समाप्ति से जुड़ा है। विकल्प D, अनुच्छेद 257, कुछ विषयों में राज्यों पर संघ के नियंत्रण की बात करता है। परीक्षा टिप: 200 विधेयक आरक्षित करता है, 201 उस पर निर्णय देता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारतीय नागरिकता कितने तरीकों से प्राप्त की जा सकती है?
- A.तीन
- B.चार
- C.पाँच
- D.छह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पाँच
व्याख्या
सही उत्तर है C, पाँच। नागरिकता अधिनियम, 1955 में भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के पाँच तरीके बताए गए हैं: जन्म से, वंश से, पंजीकरण से, देशीयकरण से और भू-भाग के अधिग्रहण से। जन्म से नागरिकता उन्हें मिलती है जो अधिनियम में तय अवधियों के भीतर भारत में जन्मे हों; वंश से नागरिकता विदेश में जन्मे उन बच्चों को मिलती है जिनके माता-पिता भारतीय हों; पंजीकरण भारतीय मूल के व्यक्तियों और भारतीय नागरिकों के जीवनसाथी के लिए है; देशीयकरण उन विदेशियों के लिए है जो निर्धारित वर्षों तक यहाँ रहे हों; और भू-भाग अधिग्रहण तब लागू होता है जब कोई नया क्षेत्र भारत में मिलता है, जैसे गोवा और सिक्किम। इसी अधिनियम में नागरिकता खोने के तीन तरीके हैं: परित्याग, समाप्ति और वंचन। A और B गलत हैं क्योंकि तीन या चार तरीके अधूरे हैं। D गलत है क्योंकि छठा कोई तरीका नहीं है। परीक्षा टिप: पाँच तरीके प्राप्ति के, तीन खोने के।
भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद संसद के सत्रों से संबंधित है?
- A.अनुच्छेद 85
- B.अनुच्छेद 89
- C.अनुच्छेद 90
- D.अनुच्छेद 101
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अनुच्छेद 85
व्याख्या
सही उत्तर है A, अनुच्छेद 85। संविधान का अनुच्छेद 85 संसद के सत्रों, सत्रावसान तथा लोक सभा के विघटन से संबंधित है। इसके अनुसार राष्ट्रपति प्रत्येक सदन को इस प्रकार आहूत करेंगे कि एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की पहली बैठक के बीच छह माह से अधिक का अंतर न हो। यही कारण है कि संसद को वर्ष में कम से कम दो बार बैठना ही पड़ता है, यद्यपि व्यवहार में तीन सत्र होते हैं: बजट, मानसून और शीतकालीन। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 89 राज्य सभा के सभापति और उपसभापति से संबंधित है। C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 90 उपसभापति के पद के रिक्त होने और त्यागपत्र से जुड़ा है। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 101 सदस्यों के स्थान रिक्त होने से संबंधित है, जिसमें साठ दिन की अनुपस्थिति का नियम भी आता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 85 और छह माह का नियम।
भारतीय संविधान का कौन-सा अनुच्छेद कहता है कि 'मंत्रिपरिषद राज्य की विधान सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी'?
- A.अनुच्छेद 164(3)
- B.अनुच्छेद 164(4)
- C.अनुच्छेद 164(2)
- D.अनुच्छेद 164(1)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 164(2)
व्याख्या
सही उत्तर है C, अनुच्छेद 164(2)। अनुच्छेद 164(2) कहता है कि राज्य की मंत्रिपरिषद उस राज्य की विधान सभा के प्रति सामूहिक रूप से उत्तरदायी होगी। यही वह नियम है जिसके कारण कोई राज्य सरकार तभी तक पद पर रहती है जब तक उसे विधान सभा का विश्वास प्राप्त है, और इसी आधार पर अविश्वास प्रस्ताव काम करता है। अनुच्छेद 164 के शेष खंड राज्य कार्यपालिका के दूसरे पहलुओं से जुड़े हैं। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 164(3) में राज्यपाल द्वारा मंत्री को दिलाई जाने वाली पद और गोपनीयता की शपथ का उल्लेख है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 164(4) कहता है कि जो मंत्री लगातार छह माह तक विधानमंडल का सदस्य नहीं रहता, वह मंत्री नहीं रह जाता। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 164(1) में मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति मुख्यमंत्री की सलाह पर करने की बात है। परीक्षा टिप: संघ के लिए अनुच्छेद 75।
जब राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तब भारत के राष्ट्रपति कौन थे?
- A.आर वेंकटरमण
- B.शंकर दयाल शर्मा
- C.ज्ञानी जैल सिंह
- D.एन संजीव रेड्डी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ज्ञानी जैल सिंह
व्याख्या
सही उत्तर है C, ज्ञानी जैल सिंह। राजीव गांधी ने 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, उसी दिन जिस दिन उनकी माँ इंदिरा गांधी की हत्या हुई थी, और उन्हें शपथ ज्ञानी जैल सिंह ने दिलाई, जो 1982 से 1987 तक राष्ट्रपति रहे। जैल सिंह इस पद पर पहुँचने वाले पहले सिख थे और इससे पहले वे पंजाब के मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय गृह मंत्री रह चुके थे। यह शपथ अनुच्छेद 75 की उस व्यवस्था को दिखाती है जिसके तहत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और शेष मंत्री प्रधानमंत्री की सलाह पर नियुक्त होते हैं। A गलत है क्योंकि आर वेंकटरमण 1987 में राष्ट्रपति बने। B गलत है क्योंकि शंकर दयाल शर्मा 1992 में राष्ट्रपति बने। D गलत है क्योंकि एन संजीव रेड्डी का कार्यकाल 1982 में समाप्त हो गया था। परीक्षा टिप: जैल सिंह 1982-87।
भारत निर्वाचन आयोग पहली बार बहु-सदस्यीय निकाय कब बना?
- A.1995
- B.1985
- C.1989
- D.1994
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1989
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1989। भारत निर्वाचन आयोग पहली बार 16 अक्टूबर 1989 को बहु-सदस्यीय निकाय बना, जब उस वर्ष के आम चुनाव से ठीक पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ दो निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किए गए। अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयुक्तों की संख्या तय करने का अधिकार राष्ट्रपति को देता है, इसलिए आयोग का आकार बदला जा सकता है। जनवरी 1990 में ये दोनों पद समाप्त कर दिए गए और आयोग फिर एक-सदस्यीय हो गया; 1 अक्टूबर 1993 को इसे दोबारा बहु-सदस्यीय बनाया गया और तब से यह तीन सदस्यों वाला निकाय है। तीनों सदस्यों की शक्तियाँ समान हैं और मतभेद होने पर निर्णय बहुमत से होता है। A गलत है क्योंकि 1995 में उच्चतम न्यायालय ने केवल पहले से मौजूद बहु-सदस्यीय ढाँचे को सही ठहराया था। B गलत है क्योंकि 1985 में आयोग का नेतृत्व अकेले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ही करते थे। D गलत है क्योंकि 1994 में आयोग की संरचना में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। परीक्षा टिप: पहली बार बहु-सदस्यीय 16 अक्टूबर 1989, फिर 1990 में एक-सदस्यीय, और 1 अक्टूबर 1993 से तीन सदस्यीय।