भारतीय राजनीति का सत्ता केंद्र दिल्ली से हटकर पूना किस पेशवा के काल में चला गया?
- A.बाजीराव प्रथम
- B.पेशवा बालाजी विश्वनाथ
- C.माधव राव प्रथम
- D.बालाजी बाजीराव
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर A, बाजीराव प्रथम है। 1720 से 1740 तक पेशवा रहे बाजीराव प्रथम ने मराठा सेनाओं को नर्मदा के उत्तर में गुजरात, मालवा और बुंदेलखंड तक पहुँचाया, पालखेड़ में निज़ाम को हराया और दिल्ली के बाहर तक धावा बोला, जिससे भारतीय राजनीति की पहल मुगल राजधानी से पूना के हाथ में चली गई। इसी काल में मल्हार राव होलकर और राणोजी सिंधिया मालवा में स्थापित हुए, इसलिए मध्य प्रदेश में मराठा शासन का इतिहास इसी पेशवा से आरंभ होता है।
विकल्प B गलत है क्योंकि पेशवा वंश के पहले बालाजी विश्वनाथ का कार्य मुख्यतः महाराष्ट्र के भीतर रहा और उन्होंने मुगलों से चौथ तथा सरदेशमुखी के अधिकार प्राप्त किए। विकल्प C गलत है क्योंकि माधव राव प्रथम पानीपत के बाद आए और मराठा शक्ति की पुनर्स्थापना के लिए स्मरणीय हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि बालाजी बाजीराव ने साम्राज्य और आगे बढ़ाया पर उनके समय 1761 में पानीपत की पराजय हुई।
पूरा लेख पढ़ें: मध्य प्रदेश में मराठा और रियासतें: होलकर और सिंधिया
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंइंदौर की होलकर रियासत की स्थापना किसने की थी?
- A.मल्हार राव होलकर
- B.यशवंत राव होलकर
- C.राणोजी सिंधिया
- D.तुकोजी राव होलकर
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मालवा की मराठा विजय के समय मल्हार राव पेशवा बाजीराव प्रथम की सेवा में घुड़सवार सेनापति थे, और 1733 में उन्हें वहाँ क्षेत्र मिला, जो आगे चलकर होलकर रियासत बना।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अहिल्याबाई होलकर ने नर्मदा तट के किस नगर से होलकर रियासत का शासन चलाया?
- A.इंदौर
- B.महेश्वर
- C.उज्जैन
- D.मंदसौर
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खांडेराव होलकर की विधवा अहिल्याबाई ने 1767 से 1795 तक शासन किया और नर्मदा के उत्तरी तट पर स्थित महेश्वर को अपनी राजधानी बनाया, जहाँ उनका किला-महल, घाट और मंदिर आज भी खड़े हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर का 1780 में पुनर्निर्माण किस शासक ने कराया था?
- A.अहिल्याबाई होलकर
- B.रानी दुर्गावती
- C.सुल्तान जहाँ बेगम
- D.रानी लक्ष्मीबाई
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महेश्वर से अहिल्याबाई ने जो मंदिर निर्माण और जीर्णोद्धार कराया, वह उनकी रियासत से बहुत आगे तक फैला, और 1780 में वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण उनका सर्वाधिक पूछा जाने वाला कार्य है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पानीपत के तीसरे युद्ध के बाद कौन मराठा सरदार दिल्ली के वास्तविक स्वामी और मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय के संरक्षक बने?
- A.महादजी सिंधिया
- B.मल्हार राव होलकर
- C.दौलत राव सिंधिया
- D.रघुनाथ राव
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1761 में पानीपत की पराजय के बाद ग्वालियर के महादजी सिंधिया ने उत्तर में मराठा शक्ति फिर खड़ी की, दिल्ली पर अधिकार किया, मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय को अपने संरक्षण में लिया और शाही दरबार में वास्तविक सत्ता अपने हाथ में रखी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सिंधिया घराने ने अपनी राजधानी उज्जैन से किस नगर में स्थानांतरित की?
- A.इंदौर
- B.ग्वालियर
- C.भोपाल
- D.रीवा
उत्तर देखें
मालवा में सिंधिया परिवार का प्रारंभिक केंद्र शिप्रा तट का उज्जैन था, और दौलत राव सिंधिया के समय रियासत का मुख्यालय ग्वालियर ले जाया गया, जहाँ पहाड़ी किले के नीचे लश्कर की छावनी आगे चलकर आधुनिक नगर बनी।
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