'राष्ट्रीय बचत पत्र' की बिक्री से मिलने वाला पैसा भारत सरकार के किस खाते में जाता है?
- A.भारत की संचित निधि
- B.प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष
- C.भारत का लोक लेखा
- D.भारत की आकस्मिकता निधि
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारत का लोक लेखा
व्याख्या
सही उत्तर है C, भारत का लोक लेखा। राष्ट्रीय बचत पत्र का पैसा बचत करने वालों का होता है, सरकार का नहीं, इसलिए अनुच्छेद 266(2) के तहत यह लोक लेखे में जमा होता है। लोक लेखे में वह पैसा रहता है जिसे सरकार बैंकर या न्यासी (ट्रस्टी) की तरह रखती है, जैसे लघु बचत, भविष्य निधि, जमा राशियाँ और प्रेषण। चूँकि यह पैसा उसके मालिकों को लौटाना होता है, इसलिए इसका भुगतान संसद की मंज़ूरी के बिना कार्यपालिका के आदेश से हो सकता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 266(1) वाली संचित निधि में सरकार का अपना राजस्व, लिए गए कर्ज़ और कर्ज़ों की वसूली आती है, और इससे संसद की मंज़ूरी के बिना कुछ भी खर्च नहीं हो सकता। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष जनता के दान से बना अलग कोष है, जो 1948 में विभाजन से विस्थापित लोगों की मदद के लिए बना था। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 267 वाली आकस्मिकता निधि अचानक आए खर्चों के लिए राष्ट्रपति के अधिकार में रहती है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 266(1) संचित निधि, 266(2) लोक लेखा, 267 आकस्मिकता निधि।