ओपन सिस्टम्स इंटरकनेक्शन (OSI) मॉडल की लेयर 1 है,
- A.भौतिक परत (Physical Layer)
- B.लिंक परत (Link Layer)
- C.ट्रांसपोर्ट परत (Transport Layer)
- D.नेटवर्क परत (Network Layer)
सही उत्तर
A. भौतिक परत (Physical Layer)
व्याख्या
सही उत्तर है A, भौतिक परत। OSI मॉडल में सात परतें होती हैं और इनकी गिनती नीचे से ऊपर की ओर होती है, इसलिए लेयर 1 भौतिक परत है। यही परत बिट्स को तार, ऑप्टिकल फाइबर या रेडियो तरंगों के रूप में एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाती है। यह वोल्टेज, कनेक्टर, पिन की बनावट, केबल का प्रकार और डेटा दर तय करती है; डेटा का अर्थ क्या है, इससे इसका कोई लेना-देना नहीं। लेयर 1 से 7 तक क्रम है – फिजिकल, डेटा लिंक, नेटवर्क, ट्रांसपोर्ट, सेशन, प्रेजेंटेशन और एप्लिकेशन। B गलत है क्योंकि डेटा लिंक परत लेयर 2 है, जो बिट्स को फ्रेम में बाँधती है और MAC पते तथा त्रुटि जाँच देखती है। C गलत है क्योंकि ट्रांसपोर्ट परत लेयर 4 है, जहाँ TCP और UDP काम करते हैं। D गलत है क्योंकि नेटवर्क परत लेयर 3 है, जहाँ IP पते और रूटिंग आते हैं। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें – फिजिकल, डेटा लिंक, नेटवर्क, ट्रांसपोर्ट, सेशन, प्रेजेंटेशन, एप्लिकेशन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें257 के द्विआधारी निरूपण में द्विआधारी अंकों की संख्या कितनी है?
- A.8
- B.9
- C.7
- D.10
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 9
व्याख्या
सही उत्तर है B, 9। द्विआधारी पद्धति में हर स्थान दो की किसी घात को दर्शाता है, और 257 का अर्थ है 256 और 1 का योग, अर्थात दो की आठवीं घात और दो की शून्य घात। इसलिए इसे 100000001 लिखा जाता है, यानी एक, फिर सात शून्य और फिर एक, कुल नौ अंक। इसे जल्दी पहचानने का तरीका यह है कि देखें कि संख्या के भीतर दो की सबसे बड़ी कौन-सी घात समा जाती है। 257 के लिए वह 256 है, इसलिए दाएँ से नौवाँ स्थान प्रयोग में आता है, और 256 से 511 तक की हर संख्या को ठीक नौ द्विआधारी अंक चाहिए। A गलत है क्योंकि आठ अंकों से केवल 255 तक पहुँचा जा सकता है, जो 257 से एक कम है। C गलत है क्योंकि सात अंक 127 पर ही रुक जाते हैं। D गलत है क्योंकि दस अंकों की आवश्यकता 512 से आगे ही पड़ती है। परीक्षा टिप: n द्विआधारी अंक 0 से दो की n घात में एक कम तक गिनते हैं, इसलिए 8 बिट 255 पर समाप्त होते हैं।
वह सर्च इंजन जो उपयोगकर्ता से इनपुट लेकर एक साथ कई अन्य सर्च इंजनों को परिणामों के लिए क्वेरी भेजता है, कहलाता है:
- A.एडवांस सर्च इंजन
- B.मेटा सर्च इंजन
- C.सर्च टूल
- D.बूलियन सर्च इंजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मेटा सर्च इंजन
व्याख्या
सही उत्तर है B, मेटा सर्च इंजन। मेटा सर्च इंजन अपना कोई इंडेक्स नहीं रखता। यह उपयोगकर्ता की क्वेरी एक साथ कई दूसरे सर्च इंजनों को भेज देता है, उनसे आए परिणाम इकट्ठा करता है, दोहराए गए लिंक हटाता है और एक मिली-जुली सूची दिखा देता है। कई स्रोतों से लेने के कारण एक ही खोज में वेब का उतना हिस्सा सामने आ जाता है जितना अकेला कोई इंजन नहीं दिखा पाता। डॉगपाइल और स्टार्टपेज इसी तरह काम करते हैं। A गलत है क्योंकि एडवांस सर्च का अर्थ केवल वे अतिरिक्त छन्नियाँ हैं जो कोई सामान्य इंजन देता है, जैसे तिथि, फ़ाइल प्रकार या सटीक वाक्यांश, पर खोज वह अपने ही इंडेक्स में करता है। C गलत है क्योंकि सर्च टूल किसी भी खोजने वाले साधन के लिए प्रयुक्त ढीला शब्द है, कोई निश्चित श्रेणी नहीं। D गलत है क्योंकि बूलियन खोज का अर्थ एक ही इंजन में AND, OR और NOT का प्रयोग है। परीक्षा टिप: मेटा यानी के बारे में, इसलिए मेटा सर्च इंजन खोजने वालों को ही खोजता है।
एंकर टैग में हाइपरलिंक दिखाने के लिए किस एट्रिब्यूट का प्रयोग किया जाता है?
- A.HREF
- B.SRC
- C.LINK
- D.HYPERLINK
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. HREF
व्याख्या
सही उत्तर है A, HREF। एंकर टैग का href एट्रिब्यूट उस पते को रखता है जिसे लिंक पर क्लिक करते ही ब्राउज़र खोलता है, इसलिए लिंक कहाँ ले जाएगा यह href ही तय करता है। एंकर के खुलने और बंद होने वाले टैग के बीच लिखा गया पाठ ही पाठक को क्लिक करने योग्य लिंक के रूप में दिखाई देता है। href की वैल्यू पूरा वेब पता हो सकती है, उसी साइट की किसी दूसरी फ़ाइल का रास्ता हो सकती है, या हैश के बाद लिखा गया उसी पृष्ठ का कोई बिंदु हो सकती है। B गलत है क्योंकि src चित्र, स्क्रिप्ट और आइफ़्रेम जैसी फ़ाइलों का स्रोत बताता है, लिंक का नहीं। C गलत है क्योंकि link एक अलग एलिमेंट है जो हेड भाग में स्टाइलशीट जोड़ने के लिए लगाया जाता है, यह एंकर टैग का एट्रिब्यूट नहीं है। D गलत है क्योंकि HYPERLINK एचटीएमएल का एट्रिब्यूट है ही नहीं, यह स्प्रेडशीट का एक फ़ंक्शन है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें — href लिंक का पता देता है और src फ़ाइल खींचकर लाता है।
एसक्यूएल के ग्रांट और रिवोक कमांड किस श्रेणी में आते हैं?
- A.डीडीएल
- B.डीएमएल
- C.डीसीएल
- D.टीसीएल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डीसीएल
व्याख्या
सही उत्तर C, डीसीएल है। डेटा कंट्रोल लैंग्वेज तय करती है कि डेटाबेस के भीतर कौन क्या कर सकता है: ग्रांट किसी उपयोगकर्ता को अधिकार देता है, जैसे किसी तालिका को पढ़ने या बदलने का अधिकार, और रिवोक पहले दिया गया अधिकार वापस ले लेता है। विकल्प A गलत है क्योंकि डेटा डेफिनिशन लैंग्वेज क्रिएट, ऑल्टर, ड्रॉप और ट्रंकेट से डेटाबेस वस्तुओं की संरचना बदलती है। विकल्प B गलत है क्योंकि डेटा मैनिपुलेशन लैंग्वेज इंसर्ट, अपडेट, डिलीट और सेलेक्ट से पंक्तियों पर काम करती है। विकल्प D गलत है क्योंकि ट्रांजैक्शन कंट्रोल लैंग्वेज लेनदेन को इकाई मानकर कमिट से स्थायी करती है, रोलबैक से पलटती है और सेवपॉइंट से बीच का बिंदु चिह्नित करती है। चारों समूह उद्देश्य से पहचानें। परीक्षा में यह प्रश्न पूर्ण रूप के साथ भी पूछा जाता है, इसलिए डीसीएल का अर्थ डेटा कंट्रोल लैंग्वेज कंठस्थ रखें और अधिकार से जुड़े कमांड इसी में गिनें।
निम्नलिखित में से कौन नोएसक्यूएल डेटाबेस है?
- A.ओरेकल
- B.माईएसक्यूएल
- C.मोंगोडीबी
- D.माइक्रोसॉफ्ट एसक्यूएल सर्वर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मोंगोडीबी
व्याख्या
सही उत्तर C, मोंगोडीबी है। मोंगोडीबी आंकड़ों को निश्चित स्तंभों वाली तालिका की पंक्तियों के बजाय लचीले, जेसन जैसे दस्तावेज के रूप में रखता है और मुख्य रूप से एसक्यूएल के स्थान पर अपने इंटरफेस से चलता है, इसलिए परीक्षा में यही नोएसक्यूएल डेटाबेस का मानक उदाहरण है। विकल्प A गलत है क्योंकि ओरेकल डेटाबेस सबसे प्रसिद्ध व्यावसायिक संबंधात्मक प्रणाली है और एसक्यूएल का प्रयोग करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि माईएसक्यूएल मुक्त स्रोत संबंधात्मक डेटाबेस है, जो अब ओरेकल के अधीन है और लैंप समूह का एम है। विकल्प D गलत है क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट एसक्यूएल सर्वर माइक्रोसॉफ्ट का संबंधात्मक डेटाबेस है और ट्रांजैक्ट-एसक्यूएल से काम करता है। संकेत तालिका शब्द में है। संबंधात्मक प्रणालियाँ निश्चित तालिका संरचना अनिवार्य करती हैं, जबकि नोएसक्यूएल प्रणालियाँ ऐसा बंधन नहीं रखतीं; ओरेकल, माईएसक्यूएल, पोस्टग्रेएसक्यूएल और डीबी2 संबंधात्मक ही हैं।