वस्तु दूरी 'u', प्रतिबिंब दूरी 'v' और दर्पण की फोकस दूरी 'f' को जोड़ने वाला गोलीय दर्पण सूत्र समतल दर्पण पर कब लागू किया जा सकता है?
- A.जब फोकस दूरी अनंत की ओर जाए।
- B.जब फोकस दूरी शून्य की ओर जाए।
- C.जब प्रतिबिंब दूरी शून्य की ओर जाए।
- D.जब प्रतिबिंब दूरी अनंत की ओर जाए।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, जब फोकस दूरी अनंत की ओर जाए। समतल दर्पण अनंत वक्रता त्रिज्या वाला गोलीय दर्पण है, इसलिए इसकी फोकस दूरी f = R/2 भी अनंत होती है।
दर्पण सूत्र है 1/v + 1/u = 1/f। जब f अनंत रूप से बड़ा हो जाता है तो 1/f शून्य हो जाता है, इसलिए 1/v = −1/u और v = −u। चिह्न परिपाटी में इसका अर्थ है कि प्रतिबिंब दर्पण के पीछे उतनी ही दूरी पर बनता है जितनी दूरी पर वस्तु सामने है, और ठीक यही समतल दर्पण करता है। तब आवर्धन m = −v/u का मान +1 होता है: प्रतिबिंब आभासी, सीधा और वस्तु के बराबर आकार का होता है। इस तरह समतल दर्पण को बहुत चपटे वक्र दर्पण की सीमांत स्थिति माना जा सकता है।
B गलत है, क्योंकि शून्य के पास फोकस दूरी का अर्थ अत्यधिक वक्र दर्पण होगा, जो समतल दर्पण का उल्टा है। C गलत है, क्योंकि शून्य प्रतिबिंब दूरी का अर्थ है प्रतिबिंब दर्पण की सतह पर बनना, जो समतल दर्पण में नहीं होता। D गलत है, क्योंकि प्रतिबिंब अनंत पर तभी बनता है जब वस्तु अवतल दर्पण के फोकस पर हो।
Exam tip: समतल दर्पण – R और f अनंत, v = −u, आवर्धन +1।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी परिपथ में विद्युत धारा की उपस्थिति का पता लगाने के लिए प्रयुक्त उपकरण है
- A.रिफ्रैक्टोमीटर (अपवर्तनांकमापी)
- B.गैल्वेनोमीटर (धारामापी)
- C.विस्कोमीटर (श्यानतामापी)
- D.डिफ्रैक्टोमीटर (विवर्तनमापी)
उत्तर देखें
गैल्वेनोमीटर बताता है कि परिपथ में कोई छोटी विद्युत धारा बह रही है या नहीं, और उसकी दिशा भी दिखाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अनुरणन (रिवर्बरेशन) किससे संबंधित परिघटना है?
- A.ध्वनि का बहु-अपवर्तन
- B.ध्वनि का बहु-परावर्तन
- C.ध्वनि का एकल अपवर्तन
- D.ध्वनि का एकल परावर्तन
उत्तर देखें
स्रोत के बंद हो जाने के बाद भी किसी हॉल में ध्वनि का बने रहना अनुरणन है, जो दीवारों, छत और फर्श से बार-बार होने वाले परावर्तन के कारण होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा विद्युत आवेश का मूल गुण नहीं है?
- A.आवेशों को जोड़ा जा सकता है
- B.आवेश संरक्षित रहता है
- C.किसी वस्तु पर आवेश सदैव इलेक्ट्रॉन या प्रोटॉन के आवेश का पूर्णांक गुणज होता है
- D.किसी विलगित निकाय में आवेश उत्पन्न और नष्ट किए जा सकते हैं
उत्तर देखें
यह आवेश संरक्षण के विरुद्ध है: किसी विलगित निकाय का कुल आवेश सदा समान रहता है। विद्युत आवेश के तीन मूल गुण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किन कोशिकांगों का अपना DNA और राइबोसोम होता है?
- A.अंतर्द्रव्यी जालिका और गॉल्जी काय
- B.माइटोकॉन्ड्रिया और हरितलवक
- C.अंतर्द्रव्यी जालिका और कोशिका-कंकाल
- D.कोशिका भित्ति और केंद्रिका
उत्तर देखें
इन दोनों कोशिकांगों में अपना वृत्ताकार DNA और अपने छोटे (70S) राइबोसोम होते हैं, इसलिए वे अपने कुछ प्रोटीन स्वयं बना लेते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.सभी प्रोटीन एंजाइम होते हैं
- B.अधिकांश एंजाइम प्रोटीन होते हैं
- C.सभी वसाएँ ऊर्जा से भरपूर यौगिक होती हैं
- D.ग्लूकोज एक सामान्य कार्बोहाइड्रेट है
उत्तर देखें
यह कथन गलत है: एंजाइम प्रायः प्रोटीन होते हैं, पर अधिकतर प्रोटीन एंजाइम नहीं होते। शरीर में प्रोटीन अनेक काम करते हैं।
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