वह दर, जिस पर रिज़र्व बैंक विनिमय पत्र या अन्य वाणिज्यिक पत्र खरीदने या पुनर्कटौती करने को तैयार रहता है, ______ कहलाती है।
- A.बैंक दर
- B.नकद आरक्षित अनुपात
- C.प्रतिवर्ती रेपो दर
- D.रेपो दर
सही उत्तर
A. बैंक दर
व्याख्या
सही उत्तर है A, बैंक दर। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम की धारा 49 बैंक दर को उस मानक दर के रूप में परिभाषित करती है जिस पर बैंक विनिमय पत्र या खरीद के योग्य अन्य वाणिज्यिक पत्र खरीदने या उनकी पुनर्कटौती करने को तैयार रहता है। इसमें रिज़र्व बैंक बिना कोई प्रतिभूति गिरवी रखे दीर्घकालिक ऋण देता है, इसलिए यह रेपो दर से ऊँची होती है; आज यह सीमांत स्थायी सुविधा दर के बराबर रखी जाती है और मुख्य रूप से तब दंडात्मक ब्याज के लिए काम आती है जब कोई बैंक अपनी आरक्षित आवश्यकताएँ पूरी नहीं करता। विकल्प B गलत है, क्योंकि नकद आरक्षित अनुपात वह हिस्सा है जो बैंक को अपनी शुद्ध माँग और सावधि देयताओं में से नकद रूप में रिज़र्व बैंक के पास रखना पड़ता है, यह ऋण की दर नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रतिवर्ती रेपो दर वह दर है जो रिज़र्व बैंक बैंकों का अतिरिक्त धन लेने पर उन्हें देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि रेपो दर पर रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों के बदले अल्पकालिक ऋण देता है। परीक्षा टिप: बैंक दर का अर्थ बिना प्रतिभूति और दीर्घ अवधि, रेपो का अर्थ प्रतिभूति गिरवी और अल्प अवधि।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक निश्चित धनराशि चुकाने का बिना शर्त वचन क्या कहलाता है?
- A.चेक
- B.विनिमय पत्र (बिल ऑफ एक्सचेंज)
- C.वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)
- D.हुंडी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)
व्याख्या
सही उत्तर है C, वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)। परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 4 के अनुसार वचन पत्र वह लिखित लिखत है जिस पर लिखने वाला हस्ताक्षर करता है और जिसमें किसी निश्चित व्यक्ति को या उसके आदेश पर निश्चित धनराशि चुकाने का बिना शर्त वचन होता है। प्रश्न का निर्णायक शब्द वचन है, अर्थात वादा: इसमें केवल दो पक्ष होते हैं, वचन देने वाला और भुगतान पाने वाला। करेंसी नोट पर भी रिज़र्व बैंक भुगतान का वचन देता है, फिर भी उसे इस परिभाषा से बाहर रखा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि धारा 5 के अनुसार विनिमय पत्र में भुगतान का बिना शर्त आदेश होता है, वचन नहीं, और उसमें तीन पक्ष होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि धारा 6 के अनुसार चेक किसी निर्दिष्ट बैंकर पर लिखा और मांग पर देय विनिमय पत्र ही है, इसलिए वह भी आदेश है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हुंडी क्षेत्रीय भाषा में लिखी परंपरागत लिखत है, जिसे अधिनियम परिभाषित नहीं करता। परीक्षा टिप: वचन यानी प्रॉमिसरी नोट, आदेश यानी बिल या चेक।
निम्नलिखित में से भुगतान बैंक को किसकी अनुमति नहीं है?
- A.निर्धारित सीमा तक माँग जमा स्वीकार करना
- B.डेबिट कार्ड जारी करना
- C.ऋण देना और क्रेडिट कार्ड जारी करना
- D.धन प्रेषण और भुगतान करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ऋण देना और क्रेडिट कार्ड जारी करना
व्याख्या
सही उत्तर C, ऋण देना और क्रेडिट कार्ड जारी करना है। भुगतान बैंक एक विभेदित बैंक है, जिसे नचिकेत मोर समिति के सुझावों की तर्ज पर इसलिए लाइसेंस दिया गया कि भुगतान और छोटी बचत उन लोगों तक पहुँचे जहाँ शाखा जाल नहीं पहुँचा। उसे जानबूझकर उधार देने से बाहर रखा गया है, जिससे वह साख जोखिम नहीं उठाता और अपनी जमा को सुरक्षित सरकारी प्रतिभूतियों तथा बैंक जमा में लगाना पड़ता है।
विकल्प A की अनुमति है, बशर्ते रिज़र्व बैंक द्वारा तय प्रति ग्राहक शेष की सीमा का पालन हो। विकल्प B की अनुमति है, और भुगतान बैंक डेबिट या एटीएम कार्ड दे सकता है, क्रेडिट कार्ड नहीं। विकल्प D उसका मूल कारोबार है, क्योंकि धन प्रेषण और भुगतान ही उस वर्ग के बनने का उद्देश्य हैं। 1 सितंबर 2018 को शुरू हुआ इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक इसका सबसे ज्ञात उदाहरण है। इसके विपरीत लघु वित्त बैंक ऋण दे सकता है और उसे अपना अधिकांश ऋण छोटे उधारकर्ताओं को देना होता है।
निम्नलिखित में से कौन सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है?
- A.एक्सिस बैंक
- B.आईसीआईसीआई बैंक
- C.बैंक ऑफ बड़ौदा
- D.यस बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बैंक ऑफ बड़ौदा
व्याख्या
सही उत्तर C, बैंक ऑफ बड़ौदा है। इसकी स्थापना 1908 में महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय ने की, जुलाई 1969 के पहले दौर में इसका राष्ट्रीयकरण हुआ, और भारत सरकार आज भी इसके बहुलांश शेयर रखती है, और यही किसी बैंक को सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक बनाता है। 2019 में इसने विजया बैंक और देना बैंक को अपने में समाहित किया।
विकल्प A, एक्सिस बैंक, 1993 के आरबीआई दिशानिर्देशों के बाद लाइसेंस पाए नए निजी बैंकों में पहला था और 1994 में यूटीआई बैंक के रूप में शुरू हुआ। विकल्प B, आईसीआईसीआई बैंक, एक विकास वित्त संस्था से निकला और निजी क्षेत्र का बैंक है। विकल्प D, यस बैंक, भी निजी है और उसने 2004 में काम शुरू किया। परीक्षा भवन की सरल कसौटी: जिस बैंक का राष्ट्रीयकरण 1969 या 1980 में हुआ, या जो भारतीय स्टेट बैंक है, वह सार्वजनिक क्षेत्र का है; जिसे 1990 के दशक या उसके बाद लाइसेंस मिला, वह निजी है।
भारत में अनुसूचित बैंक वे बैंक हैं जो किस अधिनियम की किस अनुसूची में सम्मिलित हैं?
- A.बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की पहली अनुसूची
- B.भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची
- C.बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की दूसरी अनुसूची
- D.संविधान की सातवीं अनुसूची
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची
व्याख्या
सही उत्तर B, भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची है। किसी बैंक को उस अनुसूची में तब रखा जाता है जब उसके पास निर्धारित प्रदत्त पूँजी और आरक्षित निधि हो और रिज़र्व बैंक को संतोष हो कि उसके कार्य जमाकर्ताओं के लिए हानिकारक ढंग से नहीं चल रहे। सम्मिलित होने पर बैंक दर पर आरबीआई से उधार लेने का अधिकार, समाशोधन गृह की सदस्यता और मुद्रा बाज़ार तक पहुँच मिलती है।
विकल्प A और C बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 का नाम लेते हैं, जो बैंकों के लाइसेंस, निरीक्षण और समापन का कानून है परंतु अनुसूचित बैंकों की सूची उसमें नहीं है, इसलिए दोनों गलत हैं। विकल्प D, संविधान की सातवीं अनुसूची, संघ, राज्य और समवर्ती सूचियाँ रखती है और बैंकों से उसका संबंध नहीं, यद्यपि बैंकिंग स्वयं संघ सूची की एक प्रविष्टि है। जोड़ी याद रखें: दूसरी अनुसूची के लिए आरबीआई अधिनियम 1934, विनियमन के लिए बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949।
भारतीय रिज़र्व बैंक के निम्नलिखित कार्यों में से कौन सही हैं? I. बैंकों का बैंकर II. मुद्रा निर्गमकर्ता
- A.केवल I
- B.न I न II
- C.I और II दोनों
- D.केवल II
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. I और II दोनों
व्याख्या
सही उत्तर C, I और II दोनों है। रिज़र्व बैंक बैंकों का बैंकर है: प्रत्येक अनुसूचित बैंक उसके पास खाता रखता है, अपना नकद आरक्षित अनुपात वहीं रखता है, दूसरे बैंकों के साथ भुगतान उसी खाते से निपटाता है और धन की कमी होने पर उससे उधार ले सकता है। वह मुद्रा निर्गम प्राधिकारी भी है और भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 के अंतर्गत भारत में करेंसी नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार उसी के पास है।
विकल्प A गलत है क्योंकि वह नोट निर्गम को छोड़ देता है, जो बैंक का सर्वाधिक ज्ञात कार्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि वह बैंकों के बैंकर की भूमिका छोड़ देता है, जिससे अंतिम ऋणदाता का वर्णन निकलता है। विकल्प B दोनों दृष्टि से गलत है। याद रखने योग्य एक बारीकी यह है कि एक रुपये का नोट और सभी सिक्के भारत सरकार जारी करती है, चाहे उन्हें प्रचलन में रिज़र्व बैंक लाता है, और यह भी कि रिज़र्व बैंक सरकार का बैंकर भी है।