इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं? 1. इसे एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में निगमित किया गया है। 2. इसने हैदराबाद और वाराणसी में दो प्रायोगिक शाखाएँ स्थापित करके अपना कामकाज शुरू किया। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, केवल 1। IPPB पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में निगमित हुआ, लेकिन इसकी दो प्रायोगिक शाखाएँ रायपुर और रांची में खुलीं, हैदराबाद और वाराणसी में नहीं।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक 17 अगस्त 2016 को डाक विभाग के अधीन एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी के रूप में निगमित हुआ, और इसकी पूरी इक्विटी भारत सरकार के पास है। इसने 30 जनवरी 2017 को रायपुर (छत्तीसगढ़) और रांची (झारखंड) की प्रायोगिक शाखाओं से काम शुरू किया, और 1 सितंबर 2018 को इसे पूरे देश में शुरू किया गया। पेमेंट्स बैंक होने के कारण यह जमा ले सकता है और भुगतान व धन-प्रेषण की सेवा दे सकता है, पर ऋण नहीं दे सकता और क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकता।
विकल्प B गलत है, क्योंकि कथन 2 में गलत शहर बताए गए हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि केवल कथन 1 सही है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कथन 1 सही है।
Exam tip: IPPB: 2016 में निगमित, जनवरी 2017 में रायपुर और रांची में प्रायोगिक शाखाएँ, 1 सितंबर 2018 को देशभर में शुरुआत।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सी भारत में साख निर्धारण (क्रेडिट रेटिंग) एजेंसी/एजेंसियां है/हैं?
- A.CRISIL
- B.CARE
- C.ICRA
- D.उपर्युक्त सभी
उत्तर देखें
CRISIL, CARE और ICRA तीनों सेबी में पंजीकृत क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां हैं; सेबी 1999 के क्रेडिट रेटिंग एजेंसी विनियमों के तहत इनका नियमन करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) देश में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में सहायता करता है। 2. NPCI ने एक कार्ड भुगतान योजना, रुपे (RuPay), प्रारंभ की है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम की स्थापना 2008 में देश में खुदरा भुगतान की शीर्ष संस्था के रूप में भारतीय रिज़र्व बैंक और भारतीय बैंक संघ की पहल पर, भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. NBFC मांग जमा स्वीकार नहीं कर सकतीं। 2. भारत में कार्यरत सभी NBFC का RBI में पंजीकृत होना अनिवार्य है। 3. NBFC भुगतान और निपटान प्रणाली का हिस्सा हैं और स्वयं पर आहरित चेक जारी कर सकती हैं। 4. जमा स्वीकार करने वाली NBFC के जमाकर्ताओं को निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (DICGC) की जमा बीमा सुविधा उपलब्ध नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.1 और 4
- B.1, 2 और 3
- C.केवल 4
- D.2, 3 और 4
उत्तर देखें
RBI स्वयं NBFC और बैंक के बीच जो तीन अंतर बताता है, उनमें से दो यही हैं। NBFC बैंक की तरह कर्ज देती और निवेश करती है, पर बचत या चालू खाते जैसी मांग जमा स्वीकार नहीं कर सकती, इसलिए कथन 1 सही है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में किसी वाणिज्यिक बैंक की परिसंपत्तियों में शामिल नहीं है?
- A.अग्रिम
- B.जमा
- C.निवेश
- D.माँग और अल्प सूचना पर देय धन
उत्तर देखें
जमा वह धन है जो बैंक को अपने ग्राहकों को लौटाना होता है, इसलिए यह बैलेंस शीट में देनदारियों की ओर आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में वाणिज्यिक बैंकों का अभिकर्ता (एजेंसी) कार्य माना जाता है?
- A.जमा स्वीकार करना
- B.अधिशेष निधियों का निवेश
- C.आयकर भुगतान स्वीकार करना
- D.ओवरड्राफ्ट सुविधा देना
उत्तर देखें
कर एकत्र करते समय बैंक अपने ग्राहक और सरकार की ओर से अभिकर्ता के रूप में काम करता है, इसलिए यह एजेंसी कार्य है।
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