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GK24
पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यमपूछा गया: NDA · NDA-II 2023, GAT

स्थलीय पारितंत्र में हरे पौधे अपनी पत्तियों पर पड़ने वाले सूर्य के प्रकाश को अवशोषित करके उसे भोजन ऊर्जा में बदलते हैं। सभी हरे पौधों द्वारा प्रकाश-संश्लेषण की प्रक्रिया के लिए अवशोषित सौर विकिरण का प्रतिशत लगभग कितना है?

  1. A.1%
  2. B.5%
  3. C.8%
  4. D.10%

सही उत्तर

A. 1%

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1%। पत्तियों पर पड़ने वाले कुल सूर्य प्रकाश का केवल लगभग एक प्रतिशत ही हरे पौधे भोजन में रासायनिक ऊर्जा के रूप में संचित कर पाते हैं।

आने वाले सौर विकिरण का आधे से भी कम भाग प्रकाश-संश्लेषण के लिए सक्रिय विकिरण (PAR) होता है, यानी लगभग 400 से 700 nm का प्रकाश, और पौधे इस PAR का भी केवल 2 से 10 प्रतिशत ही ग्रहण करते हैं। बाकी प्रकाश परावर्तित हो जाता है, पत्तियों के पार निकल जाता है या वाष्पोत्सर्जन में ऊष्मा बनकर खो जाता है। यही छोटा भाग सकल प्राथमिक उत्पादकता है, जिस पर हर खाद्य श्रृंखला टिकी है, और लिंडमैन के दस प्रतिशत नियम के अनुसार एक पोषी स्तर की केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा अगले स्तर तक पहुंचती है।

B गलत है: 5 प्रतिशत सभी हरे पौधों के वास्तविक हिस्से का लगभग पांच गुना है।

C गलत है: 8 प्रतिशत पूरे पारितंत्र में हरे पौधों की क्षमता से कई गुना अधिक है।

D गलत है: 10 प्रतिशत पोषी स्तरों के बीच स्थानांतरित ऊर्जा है, जिसे अक्सर इस आंकड़े से भ्रमित किया जाता है।

परीक्षा टिप: पौधे सूर्य प्रकाश का लगभग 1% संचित करते हैं; हर पोषी स्तर पर लगभग 10% ऊर्जा आगे जाती है।

सभी देखें
Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-II 2017, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक में शामिल नहीं है?

  1. A.सल्फर
  2. B.नाइट्रोजन डाइऑक्साइड
  3. C.सीसा (लेड)
  4. D.मीथेन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. मीथेन

भारत के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक की गणना में मीथेन शामिल नहीं है। राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक 2014 में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शुरू किया गया था और इसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चलाता है।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKमध्यम

राष्ट्रीय हरित अधिकरण के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.इसकी स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी।
  2. B.यह पर्यावरण संरक्षण और वनों के संरक्षण से जुड़े मामलों के प्रभावी और शीघ्र निपटारे में लगा है।
  3. C.यह व्यक्तियों और संपत्ति को हुई क्षति के लिए राहत और मुआवजा देने पर विचार कर सकता है।
  4. D.यह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में निर्धारित प्रक्रियाओं से बँधा है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. यह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में निर्धारित प्रक्रियाओं से बँधा है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता से बँधा नहीं है; यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से निर्देशित होता है। NGT की स्थापना 18 अक्टूबर 2010 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत हुई, जो अनुच्छेद 21 के स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार से जुड़ा है।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2018, GKकठिन

भारत की 2017-2031 की राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना (NWAP) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. यह तीसरी राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना है।

2. यह NWAP अनूठी है क्योंकि पहली बार भारत ने वन्यजीवों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जुड़ी चिंताओं को मान्यता दी है।

3. इस NWAP के दस घटक हैं।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल 1 और 2

2017-2031 की योजना भारत की तीसरी राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना है और वन्यजीवों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को संबोधित करने वाली पहली योजना है, पर इसके दस नहीं, पाँच घटक हैं।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी विधि शहरी वर्षा जल संचयन के लिए उपयुक्त नहीं है?

  1. A.छत पुनर्भरण गड्ढा (रूफटॉप रिचार्ज पिट)
  2. B.पुनर्भरण कुएँ
  3. C.गली प्लग
  4. D.पुनर्भरण खाई (रिचार्ज ट्रेंच)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. गली प्लग

गली प्लग पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में किसी प्राकृतिक नाले या धारा के आर-पार बनाया जाने वाला छोटा अवरोध है, इसलिए शहर में इसका उपयोग नहीं होता।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKआसान

जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध कार्टाजेना शहर कहाँ स्थित है?

  1. A.कोलंबिया
  2. B.वेनेज़ुएला
  3. C.ब्राज़ील
  4. D.गुयाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कोलंबिया

कार्टाजेना कोलंबिया के कैरिबियाई तट पर स्थित बंदरगाह शहर है, जहाँ 1999 में जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल पर वार्ता हुई थी। कार्टाजेना जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल 1992 के जैव विविधता अभिसमय का एक पूरक समझौता है।