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GK24
पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिनपूछा गया: CDS · CDS-I 2018, GK

भारत की 2017-2031 की राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना (NWAP) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह तीसरी राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना है। 2. यह NWAP अनूठी है क्योंकि पहली बार भारत ने वन्यजीवों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जुड़ी चिंताओं को मान्यता दी है। 3. इस NWAP के दस घटक हैं। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 1 और 2
  3. C.केवल 2 और 3
  4. D.1, 2 और 3

सही उत्तर

B. केवल 1 और 2

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 1 और 2। 2017-2031 की योजना भारत की तीसरी राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना है और वन्यजीवों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को संबोधित करने वाली पहली योजना है, पर इसके दस नहीं, पाँच घटक हैं।

भारत की पहली राष्ट्रीय वन्यजीव कार्ययोजना 1983 से 2001 तक और दूसरी 2002 से 2016 तक चली। तीसरी योजना पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 2017 में जारी की। यह भू-दृश्य दृष्टिकोण अपनाती है, इसलिए संरक्षित क्षेत्रों के भीतर और बाहर दोनों जगह के वन्यजीव इसमें शामिल हैं। इसे पाँच घटकों, 17 विषयों और 103 संरक्षण कार्यों में बाँटा गया है। पहली बार इसमें यह बताने वाला पूरा खंड है कि जलवायु परिवर्तन वन्यजीवों को कैसे प्रभावित करता है और प्रजातियों व आवासों को उसके अनुसार ढलने में कैसे मदद दी जाए।

कथन 3 गलत है क्योंकि योजना के पाँच घटक हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि इसमें सही कथन 2 छूट गया है। विकल्प C और D गलत हैं क्योंकि इनमें कथन 3 शामिल है।

परीक्षा टिप: पहली NWAP 1983-2001, दूसरी 2002-2016, तीसरी 2017-2031 (पहली बार जलवायु परिवर्तन शामिल)।

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Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKमध्यम

राष्ट्रीय हरित अधिकरण के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.इसकी स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी।
  2. B.यह पर्यावरण संरक्षण और वनों के संरक्षण से जुड़े मामलों के प्रभावी और शीघ्र निपटारे में लगा है।
  3. C.यह व्यक्तियों और संपत्ति को हुई क्षति के लिए राहत और मुआवजा देने पर विचार कर सकता है।
  4. D.यह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में निर्धारित प्रक्रियाओं से बँधा है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. यह सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में निर्धारित प्रक्रियाओं से बँधा है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता से बँधा नहीं है; यह प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों से निर्देशित होता है। NGT की स्थापना 18 अक्टूबर 2010 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के तहत हुई, जो अनुच्छेद 21 के स्वस्थ पर्यावरण के अधिकार से जुड़ा है।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी विधि शहरी वर्षा जल संचयन के लिए उपयुक्त नहीं है?

  1. A.छत पुनर्भरण गड्ढा (रूफटॉप रिचार्ज पिट)
  2. B.पुनर्भरण कुएँ
  3. C.गली प्लग
  4. D.पुनर्भरण खाई (रिचार्ज ट्रेंच)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. गली प्लग

गली प्लग पहाड़ी और ग्रामीण क्षेत्रों में किसी प्राकृतिक नाले या धारा के आर-पार बनाया जाने वाला छोटा अवरोध है, इसलिए शहर में इसका उपयोग नहीं होता।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-I 2019, GKआसान

जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए प्रसिद्ध कार्टाजेना शहर कहाँ स्थित है?

  1. A.कोलंबिया
  2. B.वेनेज़ुएला
  3. C.ब्राज़ील
  4. D.गुयाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कोलंबिया

कार्टाजेना कोलंबिया के कैरिबियाई तट पर स्थित बंदरगाह शहर है, जहाँ 1999 में जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल पर वार्ता हुई थी। कार्टाजेना जैव-सुरक्षा प्रोटोकॉल 1992 के जैव विविधता अभिसमय का एक पूरक समझौता है।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-II 2026, GKआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा एक जैव-नियंत्रण कारक नहीं है?

  1. A.बैसिलस थुरिंजिएंसिस
  2. B.लेडीबर्ड भृंग
  3. C.ट्राइकोडर्मा
  4. D.एफ़िड
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. एफ़िड

एफ़िड फ़सलों का रस चूसने वाला कीट है, इसलिए वह जैव-नियंत्रण का निशाना है, उसका कारक नहीं। जैव-नियंत्रण का अर्थ है रासायनिक कीटनाशकों के बजाय जीवों या उनके उत्पादों से कीटों और पौधों के रोगों को नियंत्रित करना।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CDS · CDS-II 2026, GKआसान

निम्नलिखित में से किसे पर्यावरणीय समस्याओं के शमन (निवारण) से संबद्ध माना जा सकता है?

  1. A.जैव आवर्धन
  2. B.त्वरित सुपोषण
  3. C.नाभिकीय अपशिष्टों को छोड़ना
  4. D.विभिन्न अपशिष्टों का श्रेणीबद्ध निपटान
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. विभिन्न अपशिष्टों का श्रेणीबद्ध निपटान

कचरे को श्रेणियों में छाँटकर हर श्रेणी का सही तरीके से निपटान करने से प्रदूषण घटता है, इसलिए यह पर्यावरणीय समस्याएँ पैदा नहीं करता बल्कि उन्हें सुलझाने में मदद करता है।