निम्नलिखित में से किसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया कहा जाता है?
- A.मैग्नीशियम बाइकार्बोनेट
- B.मैग्नीशियम कार्बोनेट
- C.मैग्नीशियम सल्फेट
- D.मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
सही उत्तर
D. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
व्याख्या
सही उत्तर है D, मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड। मिल्क ऑफ मैग्नीशिया पानी में मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, Mg(OH)2, का सफेद निलंबन है और इसके दूध जैसे रूप से ही यह नाम पड़ा। यह एक दुर्बल क्षारक है, इसलिए पेट के अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन करने के लिए इसे एंटासिड के रूप में लिया जाता है; अधिक मात्रा में यह रेचक (laxative) का काम करता है। पानी में बहुत कम घुलने के कारण यह पेट को अधिक क्षारीय नहीं बनाता, इसीलिए दवा के रूप में सुरक्षित है। A, मैग्नीशियम बाइकार्बोनेट, केवल विलयन में रहता है, दवा नहीं है। B, मैग्नीशियम कार्बोनेट, चॉक और खिलाड़ियों के हाथ सुखाने वाले पाउडर में प्रयोग होता है, उसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया नहीं कहते। C, मैग्नीशियम सल्फेट, एप्सम साल्ट है, जो नहाने के नमक और विरेचक के रूप में काम आता है। परीक्षा टिप: सामान्य नाम याद रखें: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया = Mg(OH)2, एप्सम साल्ट = MgSO4.7H2O, मिल्क ऑफ लाइम = Ca(OH)2 का निलंबन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविभवांतर का SI मात्रक ______ है।
- A.एम्पियर
- B.टेस्ला
- C.कूलॉम
- D.वोल्ट
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वोल्ट
व्याख्या
सही उत्तर है D, वोल्ट। दो बिंदुओं के बीच एकांक आवेश को ले जाने में किया गया कार्य विभवांतर कहलाता है और इसका SI मात्रक वोल्ट है। V = W/Q, इसलिए 1 वोल्ट = 1 जूल प्रति कूलॉम। इसे वोल्टमीटर से मापा जाता है, जिसे परिपथ के उस भाग के सिरों पर हमेशा समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। यह मात्रक इटली के वैज्ञानिक एलेसांद्रो वोल्टा के नाम पर है, जिन्होंने पहली विद्युत बैटरी, वोल्टीय पुंज, बनाई थी। भारत में घरों की बिजली 230 V की होती है, जबकि एक पेंसिल सेल 1.5 V देता है। A गलत है क्योंकि एम्पियर विद्युत धारा का मात्रक है, जिसे श्रेणी क्रम में जुड़े एमीटर से मापते हैं। B गलत है क्योंकि टेस्ला चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता (चुंबकीय फ्लक्स घनत्व) का मात्रक है। C गलत है क्योंकि कूलॉम विद्युत आवेश का मात्रक है; एक कूलॉम लगभग 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉनों का आवेश है। परीक्षा टिप: धारा = एम्पियर, आवेश = कूलॉम, विभवांतर = वोल्ट, प्रतिरोध = ओम, शक्ति = वाट, ऊर्जा = जूल।
इलेक्ट्रिक प्रेस (इस्त्री), इलेक्ट्रिक टोस्टर, इलेक्ट्रिक ओवन, इलेक्ट्रिक केतली और इलेक्ट्रिक हीटर जैसे उपकरण विद्युत धारा के किस प्रभाव पर आधारित हैं?
- A.रासायनिक प्रभाव
- B.चुंबकीय प्रभाव
- C.शारीरिक (फिजियोलॉजिकल) प्रभाव
- D.तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव
व्याख्या
सही उत्तर है D, तापीय (ऊष्मीय) प्रभाव। इस्त्री, टोस्टर, ओवन, केतली और हीटर में अधिक प्रतिरोध वाली कुंडली से धारा बहने पर विद्युत ऊर्जा ऊष्मा में बदल जाती है। इसे जूल का तापन नियम समझाता है: उत्पन्न ऊष्मा H = I²Rt, यानी ऊष्मा धारा के वर्ग, प्रतिरोध और समय के अनुपात में बढ़ती है। हीटर की कुंडली नाइक्रोम (निकेल और क्रोमियम की मिश्रधातु) से बनती है, क्योंकि इसका प्रतिरोध अधिक होता है और लाल गर्म होने पर भी यह न पिघलती है, न आसानी से ऑक्सीकृत होती है। बिजली का फ्यूज़ और फिलामेंट वाला बल्ब भी इसी प्रभाव पर काम करते हैं। A गलत है क्योंकि धारा का रासायनिक प्रभाव विद्युत लेपन और बैटरी चार्ज करने में काम आता है। B गलत है क्योंकि चुंबकीय प्रभाव से बिजली की घंटी, पंखे, मोटर और विद्युत चुंबक चलते हैं। C गलत है क्योंकि शारीरिक प्रभाव वह झटका या मांसपेशियों की ऐंठन है जो धारा जीवित शरीर में पैदा करती है। परीक्षा टिप: H = I²Rt; हीटर कुंडली = नाइक्रोम, बल्ब फिलामेंट = टंगस्टन, फ्यूज़ तार = कम गलनांक वाली टिन-सीसा मिश्रधातु।
मानव नेत्र के निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) को किसके उपयोग से ठीक किया जा सकता है?
- A.उपयुक्त क्षमता का उभयोत्तल लेंस
- B.एक सादी काँच की प्लेट
- C.उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस
- D.उपयुक्त क्षमता का उत्तल लेंस
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस
व्याख्या
सही उत्तर है C, उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस। अवतल लेंस आँख में जाने से पहले प्रकाश किरणों को थोड़ा फैला देता है, जिससे प्रतिबिंब खिसककर ठीक रेटिना पर बनने लगता है। निकट-दृष्टि दोष में व्यक्ति को पास की वस्तुएँ साफ दिखती हैं पर दूर की वस्तुएँ धुँधली दिखती हैं। ऐसा तब होता है जब नेत्रगोलक लंबा हो जाए या नेत्र लेंस अधिक मुड़ा हुआ हो, जिससे दूर की वस्तु की किरणें रेटिना से पहले ही मिल जाती हैं। अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है, इसलिए मायोपिया के चश्मे पर -2.0 D (डायोप्टर) जैसी माइनस संख्या लिखी होती है। A गलत है क्योंकि उभयोत्तल लेंस किरणों को पास लाता है और धुँधलापन और बढ़ा देगा। B गलत है क्योंकि सादी काँच की प्लेट की कोई क्षमता नहीं होती, वह किरणों के मिलने की जगह नहीं बदलती। D गलत है क्योंकि उत्तल लेंस दूर-दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) ठीक करता है, जिसमें प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है। परीक्षा टिप: मायोपिया = अवतल (माइनस) लेंस; हाइपरमेट्रोपिया = उत्तल (प्लस) लेंस; बुढ़ापे का जरादूरदृष्टि दोष = द्विफोकसी लेंस; अबिंदुकता = बेलनाकार लेंस।
एड्रेनालिन हार्मोन किस ग्रंथि से स्रावित होता है?
- A.थायरॉइड ग्रंथि
- B.अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि
- C.पीनियल ग्रंथि
- D.पीयूष (पिट्यूटरी) ग्रंथि
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि
व्याख्या
सही उत्तर है B, अधिवृक्क (एड्रेनल) ग्रंथि। एड्रेनालिन अधिवृक्क ग्रंथियाँ बनाती हैं, जो दोनों गुर्दों के ऊपर टोपी की तरह बैठी होती हैं। डर, गुस्से या अचानक खतरे में यह हार्मोन निकलता है, इसलिए इसे "लड़ो या भागो" हार्मोन कहा जाता है। यह दिल की धड़कन और साँस की गति बढ़ाता है, रक्त में शर्करा बढ़ाता है और मांसपेशियों तक ज़्यादा खून भेजता है ताकि शरीर तुरंत प्रतिक्रिया कर सके। एड्रेनालिन ग्रंथि के भीतरी भाग, अधिवृक्क मेडुला, से निकलता है; बाहरी भाग, कॉर्टेक्स, कॉर्टिसोल और एल्डोस्टेरोन बनाता है। A गलत है क्योंकि गर्दन में स्थित थायरॉइड ग्रंथि थायरॉक्सिन बनाती है, जो उपापचय को नियंत्रित करता है और जिसके लिए आयोडीन ज़रूरी है। C गलत है क्योंकि मस्तिष्क की पीनियल ग्रंथि मेलाटोनिन बनाती है, जो सोने-जागने का चक्र नियंत्रित करता है। D गलत है क्योंकि पीयूष ग्रंथि वृद्धि हार्मोन बनाती है और कई दूसरी ग्रंथियों को नियंत्रित करती है, इसलिए उसे मास्टर ग्रंथि कहते हैं। परीक्षा टिप: अधिवृक्क = एड्रेनालिन (आपातकालीन हार्मोन), थायरॉइड = थायरॉक्सिन (उपापचय), अग्न्याशय = इंसुलिन (रक्त शर्करा), पीयूष = मास्टर ग्रंथि।
कोशिका के किस अंगक को "कोशिका का मास्टर" कहा जाता है?
- A.माइटोकॉन्ड्रिया
- B.अंतर्द्रव्यी जालिका (एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम)
- C.केंद्रिका (न्यूक्लियोलस)
- D.केंद्रक (न्यूक्लियस)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. केंद्रक (न्यूक्लियस)
व्याख्या
सही उत्तर है D, केंद्रक (न्यूक्लियस)। केंद्रक कोशिका की सभी गतिविधियों को निर्देशित करता है, इसलिए इसे कोशिका का मास्टर या नियंत्रण केंद्र कहा जाता है। इसमें गुणसूत्र (क्रोमोसोम) होते हैं जिनमें DNA रहता है; यही DNA प्रोटीन बनाने और माता-पिता के गुण संतान तक पहुँचाने के निर्देश रखता है। केंद्रक दोहरी झिल्ली से घिरा होता है, जिसे केंद्रक आवरण कहते हैं और जिसके छिद्रों से संदेश अंदर-बाहर आते-जाते हैं। रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में केंद्रक की खोज की थी। स्तनधारियों की परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं में केंद्रक नहीं होता। A गलत है क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया ATP के रूप में ऊर्जा देता है और उसे कोशिका का पावरहाउस कहा जाता है। B गलत है क्योंकि अंतर्द्रव्यी जालिका झिल्लियों का जाल है जो प्रोटीन और वसा बनाती व पहुँचाती है। C गलत है क्योंकि केंद्रिका केंद्रक के भीतर की छोटी संरचना है जो राइबोसोम बनाती है, वह नियंत्रण केंद्र का केवल एक हिस्सा है। परीक्षा टिप: केंद्रक = नियंत्रण केंद्र, माइटोकॉन्ड्रिया = पावरहाउस, राइबोसोम = प्रोटीन फैक्ट्री, लाइसोसोम = आत्मघाती थैली, गॉल्जी काय = पैकेजिंग इकाई।