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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 2

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 2) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 14 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, ऊष्मा और ऊष्मागतिकी, गुरुत्वाकर्षण और दाब और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

अंतर्राष्ट्रीय मात्रक पद्धति (एसआई) में कितने मूल मात्रक हैं?

  1. A.पांच
  2. B.छह
  3. C.सात
  4. D.नौ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सात

व्याख्या

सही उत्तर C, सात है। एसआई पद्धति, जिसे 1960 में माप-तौल की सामान्य सभा ने स्वीकार किया, सात मूल मात्रकों पर आधारित है: मीटर, किलोग्राम, सेकंड, ऐम्पियर, केल्विन, मोल और कैंडेला। विज्ञान के शेष सभी मात्रक इन्हीं के गुणा-भाग से व्युत्पन्न होते हैं।

विकल्प A और B सूची से कम हैं और प्रायः मोल अथवा कैंडेला भूल जाने से चुने जाते हैं, जो दोनों सबसे कम परिचित हैं। विकल्प D, नौ तब आता है जब रेडियन और स्टेरेडियन भी जोड़ लिए जाएं; ये समतल कोण तथा घन कोण के मात्रक हैं और इन्हें लंबे समय तक पूरक मात्रक कहा जाता रहा, मूल मात्रक नहीं। सातों को उनकी राशियों से याद रखना सरल है: लंबाई, द्रव्यमान, समय, धारा, ताप, पदार्थ की मात्रा और ज्योति तीव्रता। ध्यान रहे कि न्यूटन, जूल, वाट और पास्कल जैसे मात्रक मूल नहीं, बल्कि इन्हीं सात से बने व्युत्पन्न मात्रक हैं।

Q2.सामान्य विज्ञानआसान

बल का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.जूल
  2. B.न्यूटन
  3. C.वाट
  4. D.पास्कल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. न्यूटन

व्याख्या

सही उत्तर B, न्यूटन है। एक न्यूटन वह बल है जो एक किलोग्राम द्रव्यमान में एक मीटर प्रति सेकंड वर्ग का त्वरण उत्पन्न करता है, और यह सीधे इस समीकरण से निकलता है कि बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण। इसका विमीय सूत्र इसीलिए M L T⁻² है।

विकल्प A, जूल कार्य तथा ऊर्जा का मात्रक है: एक जूल वह कार्य है जब एक न्यूटन बल अपने प्रयोग बिंदु को एक मीटर खिसका देता है। विकल्प C, वाट शक्ति का मात्रक है, अर्थात कार्य करने की दर, और एक वाट बराबर एक जूल प्रति सेकंड होता है। विकल्प D, पास्कल दाब का मात्रक है और एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर के बराबर होता है। चारों वैज्ञानिकों के नाम पर बने व्युत्पन्न मात्रक हैं और प्रश्नपत्र इन्हें साथ रखकर जांचता है कि आप प्रत्येक को उसकी राशि से जोड़ पाते हैं या नहीं।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021कठिन

प्रेशर कुकर में जिस तापमान पर भोजन पकता है, वह मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस पर निर्भर करता है?

1. ढक्कन के छेद का क्षेत्रफल

2. लौ का तापमान

3. ढक्कन का भार

  1. A.केवल 1 और 2
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.1, 2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। पकाने का तापमान कुकर के अंदर के दाब से तय होता है, और यह दाब वेंट पर रखे भार और उसके नीचे के छेद के क्षेत्रफल से तय होता है। दाब बढ़ने पर पानी का क्वथनांक बढ़ता है। खुले बर्तन में पानी 100°C पर उबलता है, लेकिन जब भाप बंद रहती है, तो दाब तब तक बढ़ता है जब तक वह भार, यानी सीटी, को वेंट से उठा न दे। दाब बल को क्षेत्रफल से भाग देने पर मिलता है, इसलिए भारी वजन या छोटा छेद हो तो भाप निकलने से पहले दाब अधिक होता है, और पानी लगभग 120°C पर उबलता है, इसी से खाना जल्दी पकता है। कथन 2 गलत है, क्योंकि तेज लौ केवल पानी को जल्दी उबालती और सीटी जल्दी बजाती है; भाप निकलने के बाद तापमान उस दाब के क्वथनांक पर ही रहता है, और अतिरिक्त ऊष्मा बस अधिक भाप बनाती है। कथन 1 और 3 ऊपर बताए कारण से सही हैं। इसलिए कथन 2 वाले विकल्प A, B और D गलत हैं। परीक्षा टिप: अधिक दाब तो अधिक क्वथनांक; लौ गति बदलती है, तापमान नहीं।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper I, 7 Jul 2024मध्यम

पर्वतारोहियों की नाक से ऊँचाई पर खून बहने लगता है, क्योंकि:

  1. A.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।
  2. B.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से कम हो जाता है।
  3. C.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब के बराबर हो जाता है।
  4. D.अधिक ऊँचाई पर रक्त गाढ़ा हो जाता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है। बहुत ऊँचाई पर हवा विरल होती है, इसलिए शरीर पर पड़ने वाला वायुमंडलीय दाब समुद्र तल की तुलना में काफी कम हो जाता है। पर रक्त वाहिकाओं के अंदर खून का दाब लगभग पहले जितना ही रहता है। नाक की रक्त वाहिकाएँ बहुत महीन होती हैं और सतह के पास रहती हैं, इसलिए जब उनके अंदर का दाब बाहर के दाब से अधिक हो जाता है, तो उनमें से कुछ फट जाती हैं और नाक से खून आने लगता है। पहाड़ों की ठंडी और सूखी हवा से नाक की भीतरी परत भी आसानी से फटती है। वायु दाब कम होने से ही पहाड़ों पर पानी 100 °C से कम पर उबलता है और खाना देर से पकता है। B गलत है क्योंकि वाहिकाओं के अंदर का दाब बाहर से कम नहीं, अधिक हो जाता है। C गलत है क्योंकि दाब बराबर होने पर वाहिकाओं को फाड़ने वाला कोई धक्का नहीं बनता। D गलत है क्योंकि ऊँचाई पर खून इतना गाढ़ा नहीं होता कि नाक से खून बहे। परीक्षा टिप: अधिक ऊँचाई – कम वायु दाब – रक्त वाहिकाओं का दाब अपेक्षाकृत अधिक – नाक से खून।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (I) 2022, 10 Apr 2022मध्यम

यदि किसी लेंस द्वारा उत्पन्न आवर्धन +2 है, तो प्रतिबिंब होगा

  1. A.सीधा, आभासी और वस्तु से छोटा
  2. B.उल्टा, वास्तविक और वस्तु से छोटा
  3. C.सीधा, आभासी और वस्तु से बड़ा
  4. D.उल्टा, वास्तविक और वस्तु से बड़ा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सीधा, आभासी और वस्तु से बड़ा

व्याख्या

सही उत्तर है C, सीधा, आभासी और वस्तु से बड़ा। लेंस में आवर्धन m प्रतिबिंब की ऊंचाई और वस्तु की ऊंचाई का अनुपात है, और यह v/u के बराबर भी होता है। धन चिह्न बताता है कि प्रतिबिंब सीधा और आभासी है, और 2 का मान बताता है कि वह वस्तु से दोगुना बड़ा है। ऐसा प्रतिबिंब केवल उत्तल लेंस बना सकता है, जब वस्तु प्रकाशिक केंद्र और मुख्य फोकस के बीच रखी हो; आवर्धक लेंस और सरल सूक्ष्मदर्शी इसी तरह काम करते हैं। अवतल लेंस भी सीधा और आभासी प्रतिबिंब बनाता है, पर वह हमेशा छोटा होता है, इसलिए उसका आवर्धन 0 और +1 के बीच रहता है। A गलत है, सीधे, आभासी और छोटे प्रतिबिंब के लिए m 0 और 1 के बीच होना चाहिए, जैसे अवतल लेंस में। B गलत है, वास्तविक और उल्टे प्रतिबिंब का आवर्धन हमेशा ऋणात्मक होता है। D गलत है, वास्तविक, उल्टे और बड़े प्रतिबिंब के लिए m का मान -1 से कम होगा, जैसे -2। परीक्षा टिप: चिह्न से प्रकार, धन यानी आभासी और सीधा, ऋण यानी वास्तविक और उल्टा; 1 से अधिक मान यानी बड़ा प्रतिबिंब।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 16 Jun 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 2)मध्यम

जल का घनत्व लगभग ______ केल्विन पर सबसे अधिक होता है।

  1. A.0
  2. B.227
  3. C.277
  4. D.273
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 277

व्याख्या

सही उत्तर है C, 277। जल का घनत्व लगभग 4 डिग्री सेल्सियस पर सबसे अधिक होता है, और 4 में 273 जोड़ने पर लगभग 277 केल्विन आता है। अधिकांश द्रव ठंडे होने पर सिकुड़ते जाते हैं, पर जल का व्यवहार अलग है: 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे यह फिर फैलने लगता है क्योंकि इसके अणु बर्फ की खुली, षट्कोणीय संरचना बनाने लगते हैं। इसी असामान्य प्रसार के कारण बर्फ पानी से हल्की होती है और तैरती है, और झील ऊपर से जमती है जबकि 4 डिग्री वाला पानी नीचे बैठ जाता है, जिससे मछलियाँ सर्दी में जीवित रहती हैं। इस बिंदु पर इसका घनत्व लगभग 1 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है। D गलत है क्योंकि 273 केल्विन यानी 0 डिग्री सेल्सियस हिमांक है, जहाँ जल 4 डिग्री की तुलना में कम घना होता है। A गलत है क्योंकि 0 केल्विन परम शून्य है, जहाँ द्रव जल हो ही नहीं सकता। B गलत है क्योंकि 227 केल्विन लगभग शून्य से 46 डिग्री सेल्सियस नीचे है, हिमांक से बहुत नीचे। परीक्षा टिप: जल का अधिकतम घनत्व 4 डिग्री सेल्सियस = 277 K; हिमांक 273 K, क्वथनांक 373 K।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 04 Feb 2025, Shift 1मध्यम

माइकल फैराडे ने विद्युत चुंबकीय प्रेरण की खोज कब की थी, जो विद्युत ट्रांसफार्मर और जनरेटर का सिद्धांत है?

  1. A.1853
  2. B.1831
  3. C.1820
  4. D.1875
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1831

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1831। 1831 में ब्रिटिश वैज्ञानिक माइकल फैराडे ने दिखाया कि बदलता चुंबकीय क्षेत्र पास की कुंडली में विद्युत धारा पैदा करता है। उन्होंने तार की कुंडली में चुंबक को अंदर-बाहर किया और गैल्वेनोमीटर की सुई को हिलते देखा, और यह भी पाया कि लोहे के एक ही छल्ले पर लिपटी एक कुंडली में धारा चालू-बंद करने से दूसरी कुंडली में धारा प्रेरित होती है। इसे विद्युत चुंबकीय प्रेरण कहते हैं, और यही विद्युत जनरेटर (डायनमो) और ट्रांसफार्मर का कार्य-सिद्धांत है। धारिता की SI इकाई फैराड उन्हीं के नाम पर है। A गलत है क्योंकि 1853 इस खोज के बीस साल से भी ज्यादा बाद का वर्ष है। C गलत है क्योंकि 1820 में हंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड ने पाया था कि विद्युत धारा चुंबकीय क्षेत्र बनाती है, जो इसका उलटा प्रभाव है। D गलत है क्योंकि 1875 का इस खोज से कोई संबंध नहीं। परीक्षा टिप: ओर्स्टेड 1820, धारा से चुंबकत्व; फैराडे 1831, बदलते चुंबकत्व से धारा।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2022, 10 Apr 2022आसान

तारों का टिमटिमाना वायुमंडल में तारों के प्रकाश के किस कारण से होता है?

  1. A.विवर्तन (diffraction)
  2. B.परावर्तन (reflection)
  3. C.अपवर्तन (refraction)
  4. D.प्रकीर्णन (scattering)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अपवर्तन (refraction)

व्याख्या

सही उत्तर है C, अपवर्तन (refraction)। तारे का प्रकाश आँख तक पहुँचने से पहले वायु की कई परतों से गुज़रता है, और इन परतों का तापमान व घनत्व लगातार बदलता रहता है, इसलिए उनका अपवर्तनांक भी बदलता रहता है। प्रकाश हर क्षण थोड़ा अलग मुड़ता है, तारे की आभासी स्थिति थोड़ी खिसकती रहती है और आँख में आने वाले प्रकाश की मात्रा घटती-बढ़ती है। यही झिलमिलाहट (twinkling) है। तारा इतना दूर है कि बिंदु-स्रोत जैसा दिखता है, इसलिए छोटे बदलाव भी आसानी से दिखते हैं। ग्रह पास हैं और छोटी तश्तरी जैसे दिखते हैं; उनके कई बिंदुओं का प्रकाश औसत हो जाता है, इसलिए ग्रह नहीं टिमटिमाते। A, विवर्तन, किनारों के पास प्रकाश का मुड़ना है, यह कारण नहीं है। B, परावर्तन, सतह से प्रकाश को लौटाता है, इससे तारा नहीं झिलमिलाता। D, प्रकीर्णन से आकाश नीला दिखता है, पर झिलमिलाहट नहीं होती। परीक्षा टिप: तारों का टिमटिमाना और जल्दी सूर्योदय वायुमंडलीय अपवर्तन से; नीला आकाश और लाल सूर्यास्त प्रकीर्णन से।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CGL · 08 Dec 2022, Shift 2मध्यम

सीसे (लेड) की परमाणु संख्या __________ है।

  1. A.81
  2. B.78
  3. C.82
  4. D.79
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 82

व्याख्या

सही उत्तर है C, 82। सीसे के नाभिक में 82 प्रोटॉन होते हैं, इसलिए इसकी परमाणु संख्या 82 है। इसका प्रतीक Pb है, जो लैटिन शब्द plumbum से आया है, और इसी से अंग्रेज़ी का "plumber" शब्द बना क्योंकि रोमन पानी के पाइप सीसे के होते थे। यह आवर्त सारणी के समूह 14 और आवर्त 6 में, कार्बन, सिलिकॉन, जर्मेनियम और टिन के नीचे है, और यह सबसे भारी तत्व है जिसके स्थायी समस्थानिक हैं; यूरेनियम और थोरियम की क्षय श्रृंखलाएँ सीसे पर खत्म होती हैं। सीसा नरम, घना और ज़हरीला है, इसीलिए इसे पेट्रोल और पेंट से हटाया गया है, और इसका उपयोग गाड़ियों की बैटरी और विकिरण से बचाव की ढाल में होता है। चारों विकल्प सारणी में पास-पास के तत्व हैं, इसलिए परीक्षा सटीक संख्या जाँच रही है। A, 81, थैलियम (Tl) है। B, 78, प्लैटिनम (Pt) है। D, 79, सोना (Au) है। परीक्षा टिप: भारी धातुओं का क्रम है 78 प्लैटिनम, 79 सोना, 80 पारा, 81 थैलियम, 82 सीसा।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 18 Feb 2018आसान

मनुष्य की श्रव्यता की सीमा क्या है?

  1. A.20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज
  2. B.80 हर्ट्ज – 100 हर्ट्ज
  3. C.2 लाख हर्ट्ज – 4 लाख हर्ट्ज
  4. D.0 हर्ट्ज – 20 हर्ट्ज
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज

व्याख्या

सही उत्तर है A, 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज। स्वस्थ मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज (20 किलोहर्ट्ज) आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगें सुन सकता है; इसे श्रव्य परास कहते हैं। 20 हर्ट्ज से कम आवृत्ति की ध्वनि अवश्रव्य (इन्फ्रासोनिक) कहलाती है, जिसका उपयोग हाथी और व्हेल दूर तक संदेश भेजने में करते हैं। 20 किलोहर्ट्ज से अधिक की ध्वनि पराश्रव्य (अल्ट्रासोनिक) कहलाती है; चमगादड़, कुत्ते और डॉल्फ़िन इसे सुन सकते हैं, और अल्ट्रासाउंड का उपयोग मेडिकल जाँच, नाज़ुक पुर्ज़ों की सफ़ाई और सोनार में होता है। पाँच साल से छोटे बच्चे और कुछ जानवर लगभग 25 किलोहर्ट्ज तक सुन लेते हैं, और उम्र बढ़ने के साथ ऊपरी सीमा घटती जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 80 से 100 हर्ट्ज श्रव्य परास का बहुत छोटा हिस्सा भर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2 लाख से 4 लाख हर्ट्ज, यानी 200 से 400 किलोहर्ट्ज, पूरी तरह पराश्रव्य क्षेत्र में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 0 से 20 हर्ट्ज अवश्रव्य क्षेत्र है, जिसे मनुष्य नहीं सुन सकता। परीक्षा टिप: 20 हर्ट्ज से नीचे अवश्रव्य, 20 हर्ट्ज से 20 किलोहर्ट्ज तक श्रव्य, 20 किलोहर्ट्ज से ऊपर पराश्रव्य।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 11 Nov 2022, Shift 1मध्यम

अमोनिया में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन का द्रव्यमान के अनुसार अनुपात क्या है?

  1. A.11 : 1
  2. B.14 : 3
  3. C.11 : 3
  4. D.14 : 1
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 14 : 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, 14 : 3। अमोनिया NH3 है, यानी 14 द्रव्यमान वाला एक नाइट्रोजन परमाणु 1-1 द्रव्यमान वाले तीन हाइड्रोजन परमाणुओं से जुड़ा है, इसलिए द्रव्यमान का अनुपात 14 : 3 होता है। यह प्राउस्ट का 1799 का स्थिर अनुपात का नियम है: किसी शुद्ध यौगिक में तत्व हमेशा द्रव्यमान के एक ही अनुपात में रहते हैं, चाहे वह कहीं से भी मिला हो। NCERT कक्षा 9 के अध्याय में यही उदाहरण दिए हैं, जल H2O में हाइड्रोजन-ऑक्सीजन 1 : 8 और अमोनिया NH3 में नाइट्रोजन-हाइड्रोजन 14 : 3। ध्यान रखें कि द्रव्यमान का अनुपात परमाणुओं की संख्या का अनुपात नहीं है; परमाणुओं से अमोनिया 1 : 3 है, पर द्रव्यमान से 14 : 3, क्योंकि नाइट्रोजन हाइड्रोजन से चौदह गुना भारी है। A गलत है क्योंकि नाइट्रोजन का परमाणु द्रव्यमान 11 नहीं है। C भी इसी कारण गलत है, भले ही हाइड्रोजन वाला हिस्सा सही हो। D गलत है क्योंकि इसमें तीन की जगह केवल एक हाइड्रोजन परमाणु गिना गया है। परीक्षा टिप: द्रव्यमान से जल 1 : 8, अमोनिया 14 : 3, कार्बन डाइऑक्साइड 3 : 8।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 2आसान

किसका नियम कहता है कि विद्युत परिपथ के किसी संधि (जंक्शन) पर, संधि में आने वाली धाराओं का योग संधि से बाहर जाने वाली धाराओं के योग के बराबर होता है?

  1. A.माइकल फैराडे
  2. B.जॉर्ज साइमन ओम
  3. C.विक्टर फ्रांसिस हेस
  4. D.गुस्ताव रॉबर्ट किरचॉफ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गुस्ताव रॉबर्ट किरचॉफ

व्याख्या

सही उत्तर है D, गुस्ताव रॉबर्ट किरचॉफ। यह किरचॉफ का पहला नियम है, जिसे धारा नियम या संधि नियम कहते हैं और जिसे उन्होंने 1845 में दिया। इसके अनुसार किसी संधि पर आने वाली कुल धारा वहाँ से जाने वाली कुल धारा के बराबर होती है, क्योंकि आवेश किसी बिंदु पर न जमा हो सकता है, न गायब। यानी यह असल में आवेश संरक्षण का नियम है, जिसे परिपथ की संधि पर लागू किया गया है। किरचॉफ का दूसरा नियम, वोल्टता नियम या लूप नियम, कहता है कि किसी बंद लूप में विभवांतरों का बीजगणितीय योग शून्य होता है, जो ऊर्जा संरक्षण से निकलता है। A गलत है क्योंकि फैराडे के नियम विद्युत चुंबकीय प्रेरण और विद्युत अपघटन से जुड़े हैं, संधि से नहीं। B गलत है क्योंकि ओम का नियम एक चालक में वोल्टता, धारा और प्रतिरोध का संबंध बताता है (V = IR)। C गलत है क्योंकि विक्टर हेस ने कॉस्मिक किरणों की खोज की और 1936 का भौतिकी नोबेल पाया। परीक्षा टिप: किरचॉफ धारा नियम = संधि पर आवेश संरक्षण; किरचॉफ वोल्टता नियम = लूप में ऊर्जा संरक्षण।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 17 Feb 2025, Shift 1आसान

मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड एंटासिड और रेचक (लैक्सेटिव) दवाओं का एक आम घटक है, जिसे लोकप्रिय रूप से किस नाम से जाना जाता है?

  1. A.फ्यूज्ड मैग्नेशिया
  2. B.मिल्क ऑफ मैग्नेशिया
  3. C.मैग्नेशिया अल्बा
  4. D.कॉस्टिक-कैल्सीन्ड मैग्नेशिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिल्क ऑफ मैग्नेशिया

व्याख्या

सही उत्तर है B, मिल्क ऑफ मैग्नेशिया। मिल्क ऑफ मैग्नेशिया पानी में मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, यानी Mg(OH)2, का दूधिया सफेद निलंबन है। यह एक हल्का क्षार है, इसलिए पेट में एसिडिटी और सीने की जलन पैदा करने वाले अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन कर देता है; इस क्रिया से मैग्नीशियम क्लोराइड और पानी बनते हैं। ज्यादा मात्रा में यह आंतों में पानी खींचता है और रेचक का काम करता है। यह एंटासिड उदासीनीकरण का किताबी उदाहरण है, जिसमें अम्ल और क्षार मिलकर लवण और पानी बनाते हैं। A गलत है क्योंकि फ्यूज्ड मैग्नेशिया विद्युत आर्क भट्टी में पिघलाया गया मैग्नीशियम ऑक्साइड है, जो भट्टियों की ताप-रोधी परत में काम आता है। C गलत है क्योंकि मैग्नेशिया अल्बा एक क्षारीय मैग्नीशियम कार्बोनेट है, जो सफेद पाउडर होता है। D गलत है क्योंकि कॉस्टिक-कैल्सीन्ड मैग्नेशिया कम तापमान पर गर्म करके बनाया गया मैग्नीशियम ऑक्साइड है, जो उद्योग और खेती में काम आता है। परीक्षा टिप: मिल्क ऑफ मैग्नेशिया यानी Mg(OH)2, एक एंटासिड क्षार, जो पेट के HCl को उदासीन करता है।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 6)मध्यम

आधुनिक आवर्त सारणी के अनुसार निम्नलिखित में से किस तत्व का परमाणु क्रमांक 30 है?

  1. A.Ni
  2. B.Fe
  3. C.Zn
  4. D.Co
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. Zn

व्याख्या

सही उत्तर है C, Zn। जिंक (जस्ता) का परमाणु क्रमांक 30 है, यानी जिंक के हर परमाणु के नाभिक में 30 प्रोटॉन होते हैं। यह आधुनिक आवर्त सारणी के आवर्त 4 की पहली संक्रमण श्रेणी का अंतिम तत्व है, इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar] 3d10 4s2 है और यह समूह 12 में रखा गया है। जिंक नीली-सफेद धातु है जो लोहे को जंग से बचाने के लिए गैल्वनीकरण में, ताँबे के साथ पीतल बनाने में और शुष्क सेलों में काम आती है। चारों विकल्प एक ही आवर्त के पड़ोसी हैं, इसीलिए परीक्षक यह प्रश्न पसंद करते हैं: लोहा 26, कोबाल्ट 27, निकल 28, ताँबा 29 और जिंक 30। A गलत है क्योंकि Ni यानी निकल का परमाणु क्रमांक 28 है। B गलत है क्योंकि Fe यानी लोहे का परमाणु क्रमांक 26 है। D गलत है क्योंकि Co यानी कोबाल्ट का परमाणु क्रमांक 27 है। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें Fe 26, Co 27, Ni 28, Cu 29, Zn 30।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (II) 2021, 14 Nov 2021मध्यम

अतिरिक्त वायु की उपस्थिति में प्रबल तापन द्वारा सल्फाइड अयस्कों को ऑक्साइडों में रूपांतरित करने की प्रक्रिया का नाम क्या है?

  1. A.निस्तापन
  2. B.भर्जन (रोस्टिंग)
  3. C.प्रगलन
  4. D.भस्मीकरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भर्जन (रोस्टिंग)

व्याख्या

सही उत्तर है B, भर्जन (रोस्टिंग)। भर्जन में सल्फाइड अयस्क को भरपूर हवा में तेज गर्म किया जाता है, जिससे सल्फाइड ऑक्साइड में बदल जाता है और सल्फर, सल्फर डाइऑक्साइड गैस बनकर निकल जाता है। मानक उदाहरण जिंक ब्लेंड है: 2ZnS + 3O2 से 2ZnO + 2SO2 बनता है। ऑक्साइड को कार्बन से धातु में अपचयित करना आसान होता है, इसीलिए जिंक, लेड और कॉपर के अयस्क पहले इस चरण से गुजरते हैं। मुख्य अंतर याद रखें: भर्जन में अधिक हवा और सल्फाइड अयस्क, जबकि निस्तापन में कम या बिना हवा और कार्बोनेट अयस्क। A गलत है, निस्तापन में कैलामाइन जैसे कार्बोनेट अयस्क को सीमित हवा में गर्म करते हैं, जैसे ZnCO3 से ZnO और CO2 बनते हैं। C गलत है, प्रगलन बाद का चरण है, जिसमें भट्टी में अपचायक और गालक (फ्लक्स) के साथ ऑक्साइड को धातु में बदला जाता है। D गलत है, भस्मीकरण कचरे को ऊंचे तापमान पर जलाना है, धातु निष्कर्षण का कोई चरण नहीं। परीक्षा टिप: सल्फाइड अयस्क, भर्जन, अधिक हवा; कार्बोनेट अयस्क, निस्तापन, कम या बिना हवा।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 23 Oct 2024, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा सल्फर हेक्साफ्लोराइड का रासायनिक सूत्र है?

  1. A.S2F6
  2. B.SF6
  3. C.SF2
  4. D.S6F
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. SF6

व्याख्या

सही उत्तर है B, SF6। नाम में ही सूत्र छिपा है: 'हेक्सा' का मतलब छह, इसलिए सल्फर हेक्साफ्लोराइड में एक सल्फर परमाणु छह फ्लोरीन परमाणुओं से जुड़ा होता है, यानी SF6। अणु का आकार अष्टफलकीय होता है, जिसमें छह फ्लोरीन परमाणु सल्फर के चारों ओर सममित रूप से लगे होते हैं। SF6 रंगहीन, गंधहीन, अज्वलनशील और बहुत कम अभिक्रियाशील गैस है, जो हवा से लगभग पांच गुना भारी है। यह बिजली नहीं चलाती, इसलिए इसे उच्च वोल्टेज सर्किट ब्रेकर और स्विचगियर के अंदर विद्युतरोधी गैस के रूप में भरा जाता है। यह ज्ञात सबसे ताकतवर ग्रीनहाउस गैसों में से एक है, जिसकी वैश्विक तापन क्षमता कार्बन डाइऑक्साइड से हजारों गुना है, और यह क्योटो प्रोटोकॉल में सूचीबद्ध है। A गलत है क्योंकि S2F6 में दो सल्फर परमाणु चाहिए, जो नाम में नहीं है। C गलत है क्योंकि SF2 सल्फर डाइफ्लोराइड है, जिसमें केवल दो फ्लोरीन परमाणु हैं। D गलत है क्योंकि S6F में संख्याएं उलटी हैं और यह कोई वास्तविक यौगिक नहीं है। परीक्षा टिप: मोनो 1, डाइ 2, ट्राइ 3, टेट्रा 4, पेंटा 5, हेक्सा 6; SF6 = एक सल्फर, छह फ्लोरीन, स्विचगियर में इस्तेमाल।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024आसान

निम्नलिखित में से किसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया कहा जाता है?

  1. A.मैग्नीशियम बाइकार्बोनेट
  2. B.मैग्नीशियम कार्बोनेट
  3. C.मैग्नीशियम सल्फेट
  4. D.मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर है D, मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड। मिल्क ऑफ मैग्नीशिया पानी में मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, Mg(OH)2, का सफेद निलंबन है और इसके दूध जैसे रूप से ही यह नाम पड़ा। यह एक दुर्बल क्षारक है, इसलिए पेट के अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन करने के लिए इसे एंटासिड के रूप में लिया जाता है; अधिक मात्रा में यह रेचक (laxative) का काम करता है। पानी में बहुत कम घुलने के कारण यह पेट को अधिक क्षारीय नहीं बनाता, इसीलिए दवा के रूप में सुरक्षित है। A, मैग्नीशियम बाइकार्बोनेट, केवल विलयन में रहता है, दवा नहीं है। B, मैग्नीशियम कार्बोनेट, चॉक और खिलाड़ियों के हाथ सुखाने वाले पाउडर में प्रयोग होता है, उसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया नहीं कहते। C, मैग्नीशियम सल्फेट, एप्सम साल्ट है, जो नहाने के नमक और विरेचक के रूप में काम आता है। परीक्षा टिप: सामान्य नाम याद रखें: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया = Mg(OH)2, एप्सम साल्ट = MgSO4.7H2O, मिल्क ऑफ लाइम = Ca(OH)2 का निलंबन।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 3कठिन

प्लास्टिड और उसमें संग्रहित पदार्थ का निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही नहीं है?

I. एमाइलोप्लास्ट – तेल और वसा

II. एल्यूरोप्लास्ट – कार्बोहाइड्रेट

  1. A.केवल I
  2. B.I और II दोनों
  3. C.न तो I और न ही II
  4. D.केवल II
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है B, I और II दोनों। दोनों युग्म गलत हैं। एमाइलोप्लास्ट स्टार्च (एक कार्बोहाइड्रेट) जमा करते हैं और एल्यूरोप्लास्ट प्रोटीन; तेल और वसा इलायोप्लास्ट में जमा होते हैं। प्लास्टिड केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाने वाले कोशिकांग हैं। क्लोरोप्लास्ट में क्लोरोफिल होता है और वे प्रकाश संश्लेषण करते हैं, क्रोमोप्लास्ट में फूलों और फलों के पीले, नारंगी और लाल रंग होते हैं, और ल्यूकोप्लास्ट रंगहीन भंडारण प्लास्टिड हैं। ल्यूकोप्लास्ट के नाम उनके भंडार से बने हैं: एमाइलोप्लास्ट में स्टार्च (एमाइलम), जैसे आलू के कंद में; इलायोप्लास्ट में तेल (इलायोन यानी तेल), जैसे अरंडी के बीज में; एल्यूरोप्लास्ट में प्रोटीन (एल्यूरोन), जैसे गेहूँ के दाने की बाहरी परत में। A गलत है क्योंकि यह युग्म II को सही मानता है, जो एल्यूरोप्लास्ट को प्रोटीन की जगह कार्बोहाइड्रेट से जोड़ता है। C गलत है क्योंकि यह दोनों युग्मों को सही मानता है। D गलत है क्योंकि यह युग्म I को सही मानता है, जो एमाइलोप्लास्ट को स्टार्च की जगह वसा से जोड़ता है। परीक्षा टिप: एमाइलो = स्टार्च, इलायो = तेल, एल्यूरो = प्रोटीन; तीनों ल्यूकोप्लास्ट हैं।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024मध्यम

मानव गुर्दे के नेफ्रॉन का कौन-सा भाग उत्सर्जन के लिए रक्त के निस्यंदन (filtration) का काम करता है?

  1. A.संग्रह नलिका (Collecting duct)
  2. B.वृक्क शिरा (Renal vein)
  3. C.मूत्रवाहिनी (Ureter)
  4. D.बोमन संपुट (Bowman's capsule)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बोमन संपुट (Bowman's capsule)

व्याख्या

सही उत्तर है D, बोमन संपुट (Bowman's capsule)। मनुष्य के हर गुर्दे में लगभग दस लाख नेफ्रॉन होते हैं और हर नेफ्रॉन की शुरुआत प्याले जैसे बोमन संपुट से होती है, जिसके भीतर केशिकाओं का गुच्छा, ग्लोमेरुलस, होता है। रक्त दबाव के साथ ग्लोमेरुलस में आता है और पानी, लवण, ग्लूकोज़, यूरिया जैसे छोटे अणु उसकी दीवार से छनकर संपुट में चले जाते हैं; इसे अति-निस्यंदन (ultrafiltration) कहते हैं, जो मूत्र बनने का पहला चरण है। प्रोटीन और रक्त कोशिकाएँ बड़ी होने से रक्त में ही रह जाती हैं। इसके बाद निस्यंद नलिका में बहता है, जहाँ ग्लूकोज़ और अधिकांश पानी वापस अवशोषित हो जाता है। A, संग्रह नलिका, केवल कई नेफ्रॉनों का मूत्र इकट्ठा कर गुर्दे की श्रोणि तक पहुँचाती है। B, वृक्क शिरा, छना हुआ रक्त गुर्दे से बाहर ले जाती है और नेफ्रॉन का भाग नहीं है। C, मूत्रवाहिनी, गुर्दे से मूत्राशय तक मूत्र ले जाने वाली नली है। परीक्षा टिप: बोमन संपुट + ग्लोमेरुलस = मैल्पीघी काय, नेफ्रॉन का छन्ना।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 14 May 2023आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा हार्मोन अग्नाशय के लैंगरहैंस के आइलेट की बीटा कोशिकाओं द्वारा स्रावित होता है?

  1. A.एड्रेनालिन
  2. B.ग्लूकागॉन
  3. C.इंसुलिन
  4. D.एल्डोस्टीरोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. इंसुलिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, इंसुलिन। अग्नाशय एक साथ बहिःस्रावी ग्रंथि भी है, जो आँत में पाचक एंज़ाइम भेजती है, और अंतःस्रावी ग्रंथि भी। इसका अंतःस्रावी भाग कोशिकाओं के छोटे-छोटे समूहों से बना है, जिन्हें लैंगरहैंस के आइलेट (द्वीप) कहते हैं। इनकी बीटा कोशिकाएँ इंसुलिन छोड़ती हैं, जो शरीर की कोशिकाओं में ग्लूकोज़ पहुँचाकर और यकृत में अतिरिक्त ग्लूकोज़ को ग्लाइकोजन के रूप में जमा कराकर रक्त शर्करा घटाता है। जब शरीर में इंसुलिन कम बनता है या ठीक से काम नहीं करता, तो रक्त शर्करा बढ़ी रहती है; इसी को मधुमेह (डायबिटीज़ मेलिटस) कहते हैं। इंसुलिन की खोज 1921 में फ्रेडरिक बैंटिंग और चार्ल्स बेस्ट ने की थी। विकल्प A गलत है, क्योंकि ‘लड़ो या भागो’ हार्मोन एड्रेनालिन अधिवृक्क (एड्रिनल) ग्रंथि के मेड्यूला से निकलता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ग्लूकागॉन इन्हीं आइलेट की अल्फा कोशिकाएँ बनाती हैं और यह रक्त शर्करा बढ़ाता है, यानी इंसुलिन का उल्टा काम करता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि एल्डोस्टीरोन अधिवृक्क के कॉर्टेक्स से निकलता है और गुर्दों में सोडियम व पानी रोकने में मदद करता है। परीक्षा टिप: अल्फा कोशिका – ग्लूकागॉन, शर्करा बढ़ाए; बीटा कोशिका – इंसुलिन, शर्करा घटाए।

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