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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 10

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 10) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 14 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, वैज्ञानिक उपकरण और खोजें, गति, बल और गति के नियम और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-2, 22 Jan 2019, Shift 3आसान

विभवांतर का SI मात्रक ______ है।

  1. A.एम्पियर
  2. B.टेस्ला
  3. C.कूलॉम
  4. D.वोल्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वोल्ट

व्याख्या

सही उत्तर है D, वोल्ट। दो बिंदुओं के बीच एकांक आवेश को ले जाने में किया गया कार्य विभवांतर कहलाता है और इसका SI मात्रक वोल्ट है। V = W/Q, इसलिए 1 वोल्ट = 1 जूल प्रति कूलॉम। इसे वोल्टमीटर से मापा जाता है, जिसे परिपथ के उस भाग के सिरों पर हमेशा समांतर क्रम में जोड़ा जाता है। यह मात्रक इटली के वैज्ञानिक एलेसांद्रो वोल्टा के नाम पर है, जिन्होंने पहली विद्युत बैटरी, वोल्टीय पुंज, बनाई थी। भारत में घरों की बिजली 230 V की होती है, जबकि एक पेंसिल सेल 1.5 V देता है। A गलत है क्योंकि एम्पियर विद्युत धारा का मात्रक है, जिसे श्रेणी क्रम में जुड़े एमीटर से मापते हैं। B गलत है क्योंकि टेस्ला चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता (चुंबकीय फ्लक्स घनत्व) का मात्रक है। C गलत है क्योंकि कूलॉम विद्युत आवेश का मात्रक है; एक कूलॉम लगभग 6.25 × 10¹⁸ इलेक्ट्रॉनों का आवेश है। परीक्षा टिप: धारा = एम्पियर, आवेश = कूलॉम, विभवांतर = वोल्ट, प्रतिरोध = ओम, शक्ति = वाट, ऊर्जा = जूल।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 7 Jan 2021, Shift 2 (CBT 1)मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण भट्टियों जैसे अपेक्षाकृत उच्च तापमान को मापने के लिए प्रयोग होता है?

  1. A.बोलोमीटर
  2. B.पायरोमीटर
  3. C.अमीटर
  4. D.फ्लक्समीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पायरोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर है B, पायरोमीटर। पायरोमीटर बहुत ऊँचे तापमान, जैसे भट्टियों, भट्ठों और पिघली धातु का तापमान, गर्म वस्तु को छुए बिना मापता है। इसका सिद्धांत यह है कि हर गर्म वस्तु ऊष्मीय विकिरण छोड़ती है जिसकी तीव्रता और रंग उसके तापमान पर निर्भर करते हैं; उपकरण इसी विकिरण को पढ़कर तापमान बताता है। साधारण पारे वाले थर्मामीटर लगभग 350 डिग्री सेल्सियस तक ही काम करते हैं, इसलिए इस्पात संयंत्र, काँच कारखाने और सीमेंट भट्ठे पायरोमीटर पर निर्भर रहते हैं, जो 1,000 डिग्री सेल्सियस से बहुत ऊपर तक पढ़ सकता है। यह शब्द ग्रीक 'पायरो' यानी आग से बना है। A गलत है क्योंकि बोलोमीटर आने वाले विद्युत-चुंबकीय विकिरण, जैसे अवरक्त या माइक्रोवेव, की शक्ति मापता है, भट्टी का तापमान नहीं। C गलत है क्योंकि अमीटर विद्युत धारा को एम्पियर में मापता है। D गलत है क्योंकि फ्लक्समीटर चुंबकीय फ्लक्स मापता है। परीक्षा टिप: भट्टी की गर्मी के लिए पायरोमीटर, शरीर की गर्मी के लिए थर्मामीटर, धारा के लिए अमीटर, चुंबकत्व के लिए फ्लक्समीटर।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

न्यूटन के गति के पहले नियम को किस अन्य नाम से जाना जाता है?

  1. A.जड़त्व का नियम
  2. B.संवेग का नियम
  3. C.क्रिया और प्रतिक्रिया का नियम
  4. D.गुरुत्वाकर्षण का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जड़त्व का नियम

व्याख्या

सही उत्तर A, जड़त्व का नियम है। पहला नियम कहता है कि कोई वस्तु अपनी विराम या सरल रेखा में एकसमान गति की अवस्था बनाए रखती है जब तक उस पर असंतुलित बाह्य बल न लगे, और यही गुण जड़त्व कहलाता है।

विकल्प B दूसरे नियम की ओर संकेत करता है, जो संवेग परिवर्तन की दर से संबंधित है और जिससे बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण निकलता है। विकल्प C तीसरा नियम है, जो कहता है कि क्रिया और प्रतिक्रिया बराबर तथा विपरीत होती हैं और अलग वस्तुओं पर लगती हैं। विकल्प D, गुरुत्वाकर्षण का नियम न्यूटन का ही अलग नियम है, जिसके अनुसार प्रत्येक वस्तु दूसरी को उनके द्रव्यमानों के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती और दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती बल से आकर्षित करती है। पहला नियम बल की परिभाषा भी देता है।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा जीव मोनेरा जगत् (किंगडम मोनेरा) से संबंधित है?

  1. A.डायटम
  2. B.यूग्लीना
  3. C.एनाबीना
  4. D.यूलोथ्रिक्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एनाबीना

व्याख्या

सही उत्तर है C, एनाबीना। एनाबीना एक सायनोबैक्टीरिया है, यानी ऐसा प्रोकैरियोट जिसमें असली केंद्रक नहीं होता, और सभी प्रोकैरियोट मोनेरा जगत में रखे जाते हैं। आर.एच. व्हिटेकर के पाँच जगत वर्गीकरण (1969) में मोनेरा में जीवाणु और सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) आते हैं, जिनकी कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली और झिल्ली से घिरे कोशिकांग नहीं होते। एनाबीना कोशिकाओं की शृंखला के रूप में बढ़ता है और इसमें मोटी दीवार वाली विशेष कोशिकाएँ, हेटरोसिस्ट, हवा की नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करती हैं। यह छोटे जलीय फर्न एज़ोला के भीतर रहता है, इसीलिए धान के खेतों में एज़ोला जैव उर्वरक के रूप में प्रयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि डायटम काँच जैसी सिलिका भित्ति वाले एककोशिकीय यूकैरियोट हैं, जो प्रोटिस्टा में आते हैं; इनके जमाव से डायटमी मृदा बनती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यूग्लीना प्रोटिस्ट है, जो प्रकाश में अपना भोजन बनाता है और अँधेरे में जंतुओं की तरह भोजन लेता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यूलोथ्रिक्स असली केंद्रक वाला तंतुमय हरा शैवाल है, जिसे पादप जगत में रखा जाता है। परीक्षा टिप: असली केंद्रक नहीं तो मोनेरा; नाइट्रोजन स्थिर करने वाले सायनोबैक्टीरिया एनाबीना और नॉस्टॉक याद रखें।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

कार्य का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.न्यूटन
  2. B.जूल
  3. C.वाट
  4. D.पास्कल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जूल

व्याख्या

सही उत्तर B, जूल है। कार्य बल और विस्थापन का गुणनफल है, इसलिए उसका मात्रक न्यूटन मीटर होता है, जिसे जूल नाम दिया गया है; एक जूल कार्य तब होता है जब एक न्यूटन का बल किसी वस्तु को अपनी दिशा में एक मीटर खिसका दे। ऊर्जा भी इसी मात्रक में मापी जाती है, क्योंकि किया गया कार्य वास्तव में स्थानांतरित ऊर्जा ही है।

विकल्प A, न्यूटन केवल बल का एसआई मात्रक है। विकल्प C, वाट शक्ति का मात्रक है, अर्थात कार्य करने की दर का, और वह एक जूल प्रति सेकंड के बराबर होता है। विकल्प D, पास्कल दाब का मात्रक है और एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर के बराबर है। जो विद्यार्थी जूल और वाट में भ्रम करते हैं वे प्रश्नपत्र के अगले ही प्रश्न में अंक गँवा देते हैं, इसलिए जोड़ी इस तरह याद रखें: कार्य जूल में और शक्ति वाट में।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 18 Feb 2018आसान

मनुष्य की श्रव्यता की सीमा क्या है?

  1. A.20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज
  2. B.80 हर्ट्ज – 100 हर्ट्ज
  3. C.2 लाख हर्ट्ज – 4 लाख हर्ट्ज
  4. D.0 हर्ट्ज – 20 हर्ट्ज
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज

व्याख्या

सही उत्तर है A, 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज। स्वस्थ मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज (20 किलोहर्ट्ज) आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगें सुन सकता है; इसे श्रव्य परास कहते हैं। 20 हर्ट्ज से कम आवृत्ति की ध्वनि अवश्रव्य (इन्फ्रासोनिक) कहलाती है, जिसका उपयोग हाथी और व्हेल दूर तक संदेश भेजने में करते हैं। 20 किलोहर्ट्ज से अधिक की ध्वनि पराश्रव्य (अल्ट्रासोनिक) कहलाती है; चमगादड़, कुत्ते और डॉल्फ़िन इसे सुन सकते हैं, और अल्ट्रासाउंड का उपयोग मेडिकल जाँच, नाज़ुक पुर्ज़ों की सफ़ाई और सोनार में होता है। पाँच साल से छोटे बच्चे और कुछ जानवर लगभग 25 किलोहर्ट्ज तक सुन लेते हैं, और उम्र बढ़ने के साथ ऊपरी सीमा घटती जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 80 से 100 हर्ट्ज श्रव्य परास का बहुत छोटा हिस्सा भर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2 लाख से 4 लाख हर्ट्ज, यानी 200 से 400 किलोहर्ट्ज, पूरी तरह पराश्रव्य क्षेत्र में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 0 से 20 हर्ट्ज अवश्रव्य क्षेत्र है, जिसे मनुष्य नहीं सुन सकता। परीक्षा टिप: 20 हर्ट्ज से नीचे अवश्रव्य, 20 हर्ट्ज से 20 किलोहर्ट्ज तक श्रव्य, 20 किलोहर्ट्ज से ऊपर पराश्रव्य।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 25 Oct 2018, Shift 1आसान

16 V विभवांतर वाले दो बिंदुओं के बीच 5 C आवेश ले जाने में कितना कार्य होता है?

  1. A.65 J
  2. B.45 J
  3. C.40 J
  4. D.80 J
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 80 J

व्याख्या

सही उत्तर है D, 80 J। विभवांतर के आर-पार आवेश ले जाने में किया गया कार्य W = QV होता है, इसलिए W = 5 × 16 = 80 जूल। विभवांतर की परिभाषा ही यह है कि एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक इकाई आवेश ले जाने में कितना कार्य करना पड़ता है, इसीलिए एक वोल्ट का अर्थ है प्रति कूलॉम आवेश पर एक जूल कार्य। यहाँ पाँच कूलॉम आवेश सोलह वोल्ट के आर-पार ले जाया गया है, अतः स्रोत को 80 जूल ऊर्जा देनी पड़ेगी। A गलत है क्योंकि 5 C और 16 V से किसी भी सही गणना में 65 J नहीं आता। B गलत है क्योंकि इतने ही आवेश पर 45 J के लिए विभवांतर 9 V चाहिए होता। C गलत है क्योंकि 40 J के लिए 16 V पर 2.5 C या 8 V पर 5 C आवेश चाहिए होता। परीक्षा टिप: V = W/Q याद रखें, इसलिए W = QV; इस अध्याय में जूल का अर्थ कूलॉम गुणा वोल्ट ही है।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 1आसान

विद्युत मोटर में धारावाही चालक पर लगने वाले बल की दिशा ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित में से किस नियम का उपयोग किया जाता है?

  1. A.एम्पियर का नियम
  2. B.दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम
  3. C.फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम
  4. D.फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम

व्याख्या

सही उत्तर है D, फ्लेमिंग का वाम-हस्त नियम। यह नियम चुंबकीय क्षेत्र में रखे धारावाही चालक पर लगने वाले बल, यानी उसकी गति की दिशा बताता है, और मोटर की कुंडली इसी बल से घूमती है। बाएँ हाथ के अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा को इस तरह फैलाइए कि तीनों एक-दूसरे के लंबवत रहें। यदि तर्जनी चुंबकीय क्षेत्र की दिशा में और मध्यमा धारा की दिशा में हो, तो अंगूठा बल की दिशा बताता है। जब धारा चुंबकीय क्षेत्र के लंबवत हो, तब बल सबसे अधिक होता है। A गलत है क्योंकि एम्पियर का नियम किसी बंद लूप के चारों ओर के चुंबकीय क्षेत्र को उससे गुज़रने वाली धारा से जोड़ता है। B गलत है क्योंकि दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम सीधे धारावाही तार के चारों ओर चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं की दिशा बताता है। C गलत है क्योंकि फ्लेमिंग का दक्षिण-हस्त नियम जनित्र (जनरेटर) में प्रेरित धारा की दिशा बताता है। परीक्षा टिप: मोटर के लिए बायाँ हाथ, जनरेटर के लिए दायाँ हाथ; तर्जनी = क्षेत्र, मध्यमा = धारा, अंगूठा = गति।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 1आसान

आधुनिक आवर्त सारणी के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व परमाणु क्रमांक 30 वाला है?

  1. A.Ni
  2. B.Fe
  3. C.Zn
  4. D.Co
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. Zn

व्याख्या

सही उत्तर है C, Zn। जिंक अर्थात जस्ता का परमाणु क्रमांक 30 है, यानी इसके प्रत्येक परमाणु के नाभिक में 30 प्रोटॉन होते हैं। आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को परमाणु क्रमांक के बढ़ते क्रम में सजाया गया है, जैसा मोजले ने दिखाया था, और जिंक चौथे आवर्त के समूह 12 में पहली संक्रमण श्रेणी के अंत में आता है। यह नीलापन लिए सफेद धातु है, जिसका उपयोग लोहे पर जस्तीकरण करके उसे जंग से बचाने में, शुष्क सेल में तथा ताँबे और जस्ते की मिश्र धातु पीतल बनाने में होता है। A गलत है क्योंकि निकल (Ni) का परमाणु क्रमांक 28 है। B गलत है क्योंकि लोहे (Fe) का परमाणु क्रमांक 26 है और यह संसार में सबसे अधिक प्रयोग होने वाली धातु है। D गलत है क्योंकि कोबाल्ट (Co) का परमाणु क्रमांक 27 है और यही धातु विटामिन B12 के केंद्र में रहती है। परीक्षा टिप: 24 से 30 तक का क्रम याद रखें — Cr, Mn, Fe, Co, Ni, Cu, Zn।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 11 Nov 2022, Shift 1मध्यम

अमोनिया में नाइट्रोजन और हाइड्रोजन का द्रव्यमान के अनुसार अनुपात क्या है?

  1. A.11 : 1
  2. B.14 : 3
  3. C.11 : 3
  4. D.14 : 1
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 14 : 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, 14 : 3। अमोनिया NH3 है, यानी 14 द्रव्यमान वाला एक नाइट्रोजन परमाणु 1-1 द्रव्यमान वाले तीन हाइड्रोजन परमाणुओं से जुड़ा है, इसलिए द्रव्यमान का अनुपात 14 : 3 होता है। यह प्राउस्ट का 1799 का स्थिर अनुपात का नियम है: किसी शुद्ध यौगिक में तत्व हमेशा द्रव्यमान के एक ही अनुपात में रहते हैं, चाहे वह कहीं से भी मिला हो। NCERT कक्षा 9 के अध्याय में यही उदाहरण दिए हैं, जल H2O में हाइड्रोजन-ऑक्सीजन 1 : 8 और अमोनिया NH3 में नाइट्रोजन-हाइड्रोजन 14 : 3। ध्यान रखें कि द्रव्यमान का अनुपात परमाणुओं की संख्या का अनुपात नहीं है; परमाणुओं से अमोनिया 1 : 3 है, पर द्रव्यमान से 14 : 3, क्योंकि नाइट्रोजन हाइड्रोजन से चौदह गुना भारी है। A गलत है क्योंकि नाइट्रोजन का परमाणु द्रव्यमान 11 नहीं है। C भी इसी कारण गलत है, भले ही हाइड्रोजन वाला हिस्सा सही हो। D गलत है क्योंकि इसमें तीन की जगह केवल एक हाइड्रोजन परमाणु गिना गया है। परीक्षा टिप: द्रव्यमान से जल 1 : 8, अमोनिया 14 : 3, कार्बन डाइऑक्साइड 3 : 8।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किसका हृदय चार कक्षों वाला होता है?

  1. A.मोर
  2. B.समुद्री घोड़ा
  3. C.मेंढक
  4. D.मछली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मोर

व्याख्या

सही उत्तर है A, मोर। मोर एक पक्षी है और सभी पक्षियों का हृदय स्तनधारियों की तरह चार कक्षों वाला होता है — दो अलिंद और दो निलय। चार कक्ष होने से ऑक्सीजन युक्त और ऑक्सीजन रहित रक्त पूरी तरह अलग-अलग बहते हैं, जिससे शरीर को शुद्ध रक्त मिलता है। पक्षियों और स्तनधारियों को इसकी जरूरत इसलिए होती है क्योंकि वे नियततापी होते हैं और शरीर का तापमान स्थिर रखने में बहुत ऊर्जा खर्च करते हैं; उड़ान इस माँग को और बढ़ा देती है। सरीसृपों में केवल मगरमच्छ का हृदय चार कक्षों वाला होता है। B गलत है क्योंकि समुद्री घोड़ा वास्तव में मछली है और उसका हृदय दो कक्षों — एक अलिंद और एक निलय — वाला होता है। C गलत है क्योंकि मेंढक उभयचर है और उसके हृदय में तीन कक्ष होते हैं, दो अलिंद तथा एक निलय, जिसमें दोनों प्रकार का रक्त मिल जाता है। D गलत है, कारण वही जो समुद्री घोड़े के लिए है। परीक्षा टिप: मछली 2 कक्ष, उभयचर और अधिकांश सरीसृप 3, पक्षी और स्तनधारी 4; मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 18 Sep 2022, Shift 1मध्यम

सुमेलित कीजिए: (i) लाल पत्तागोभी की पत्तियाँ, (ii) मेथिल ऑरेंज, (iii) प्याज, लौंग; और (a) घ्राण सूचक, (b) अम्ल-क्षार सूचक, (c) प्राकृतिक अम्ल-क्षार सूचक।

  1. A.(i) - (c), (ii) - (a), (iii) - (b)
  2. B.(i) - (a), (ii) - (c), (iii) - (b)
  3. C.(i) - (a), (ii) - (b), (iii) - (c)
  4. D.(i) - (c), (ii) - (b), (iii) - (a)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. (i) - (c), (ii) - (b), (iii) - (a)

व्याख्या

सही उत्तर है D, (i) - (c), (ii) - (b), (iii) - (a)। लाल पत्तागोभी प्राकृतिक अम्ल-क्षार सूचक है, मेथिल ऑरेंज प्रयोगशाला में बना संश्लेषित अम्ल-क्षार सूचक है, और प्याज तथा लौंग घ्राण (olfactory) सूचक हैं। सूचक बताता है कि विलयन अम्लीय है या क्षारीय। प्राकृतिक सूचक पौधों से मिलते हैं: लाइकेन से लिटमस, हल्दी, लाल पत्तागोभी की पत्तियाँ और हाइड्रेंजिया, पेटुनिया जैसे रंगीन फूल। संश्लेषित सूचकों में मेथिल ऑरेंज अम्ल में लाल और क्षार में पीला होता है, जबकि फीनॉल्फ्थेलीन अम्ल में रंगहीन और क्षार में गुलाबी। घ्राण सूचक रंग नहीं, गंध बदलते हैं; प्याज, वैनिला और लौंग क्षारीय विलयन में अपनी गंध खो देते हैं। A गलत है क्योंकि इसमें मेथिल ऑरेंज को घ्राण सूचक बताया गया है। B गलत है क्योंकि इसमें लाल पत्तागोभी को घ्राण सूचक कहा गया है। C गलत है क्योंकि इसमें प्याज और लौंग को प्राकृतिक रंग-सूचक में रखा गया है। परीक्षा टिप: गंध बदले = घ्राण सूचक (प्याज, लौंग, वैनिला); रंग बदले = लिटमस, हल्दी, लाल पत्तागोभी; प्रयोगशाला में बने = मेथिल ऑरेंज, फीनॉल्फ्थेलीन।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 23 Sep 2018, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन द्विबीजपत्री पौधों का लक्षण नहीं है?

  1. A.मूसला जड़
  2. B.जालिकावत शिरा-विन्यास
  3. C.दो बीजपत्र
  4. D.रेशेदार जड़ें
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. रेशेदार जड़ें

व्याख्या

सही उत्तर है D, रेशेदार जड़ें। रेशेदार या झकड़ा जड़ें एकबीजपत्री पौधों की पहचान हैं, जैसे गेहूँ, मक्का, धान और घासें; ये द्विबीजपत्री पौधों का लक्षण नहीं हैं। द्विबीजपत्री बीज में दो बीजपत्र होते हैं और उसके अंकुर से एक मजबूत प्राथमिक जड़ निकलती है, जो मोटी होकर मूसला जड़ बनती है और उससे छोटी पार्श्व जड़ें फूटती हैं; चना, मटर, सरसों, नीम और आम इसके जाने-पहचाने उदाहरण हैं। द्विबीजपत्री पत्तियों में जालिकावत शिरा-विन्यास होता है, फूलों में प्रायः चार या पाँच पंखुड़ियाँ होती हैं, और संवहन बंडल कैम्बियम के साथ एक वलय में सजे रहते हैं, जिससे तना वर्ष-दर-वर्ष मोटा होता जाता है। A गलत है क्योंकि मूसला जड़ तो द्विबीजपत्री का ही लक्षण है। B गलत है क्योंकि जालिकावत शिरा-विन्यास द्विबीजपत्री का गुण है, एकबीजपत्री में समांतर शिरा-विन्यास होता है। C गलत है क्योंकि दो बीजपत्र होना ही द्विबीजपत्री की परिभाषा है। परीक्षा टिप: द्विबीजपत्री - दो बीजपत्र, मूसला जड़, जालिकावत शिरा; एकबीजपत्री - एक बीजपत्र, रेशेदार जड़, समांतर शिरा।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु कितने कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है?

  1. A.दो
  2. B.पाँच
  3. C.तीन
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार। हीरे में हर कार्बन परमाणु चार दूसरे कार्बन परमाणुओं से मज़बूत सहसंयोजक (covalent) बंधों द्वारा जुड़ा होता है। ये बंध चतुष्फलक (tetrahedron) के कोनों की ओर होते हैं और पूरे क्रिस्टल में एक कठोर त्रिविमीय जाल बना देते हैं। इसी जाल के कारण हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है और काटने व ड्रिलिंग के औज़ारों में इस्तेमाल होता है। चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध बनाने में लग जाते हैं और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बचता, इसलिए हीरा बिजली का चालन नहीं करता। कार्बन के दूसरे रूप ग्रेफाइट में हर परमाणु केवल तीन कार्बन से जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है; बचा हुआ इलेक्ट्रॉन उसे विद्युत चालक बनाता है। A गलत है क्योंकि दो बंधों से ठोस त्रिविमीय जाल नहीं बनता। B गलत है क्योंकि कार्बन की संयोजकता चार है, वह पाँच बंध नहीं बनाता। C गलत है क्योंकि तीन बंध ग्रेफाइट की पहचान है, हीरे की नहीं। परीक्षा टिप: हीरा = 4 बंध, कठोर, कुचालक; ग्रेफाइट = 3 बंध, नरम, सुचालक।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 15 June 2022, Shift 1आसान

यह कथन कि किसी द्रव में पूर्ण या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला ऊपर की ओर उत्प्लावन बल उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होता है, किससे संबंधित है?

  1. A.आर्किमिडीज का सिद्धांत
  2. B.बर्नूली का सिद्धांत
  3. C.बीयर लैम्बर्ट नियम
  4. D.पास्कल का नियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. आर्किमिडीज का सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है A, आर्किमिडीज का सिद्धांत। इसके अनुसार द्रव में पूरी या आंशिक रूप से डूबी वस्तु पर लगने वाला उत्प्लावन बल उतना ही होता है जितना उस वस्तु द्वारा हटाए गए द्रव का भार। यही कारण है कि कुएँ के भीतर पानी से भरी बाल्टी हल्की लगती है और लोहे का बना विशाल जहाज भी तैरता रहता है, क्योंकि उसका खोखला आकार इतना पानी हटाता है कि वह उसके अपने भार को संभाल ले। इसी सिद्धांत से प्लवन का नियम निकलता है और हाइड्रोमीटर से द्रव का घनत्व तथा धातु की शुद्धता मापी जाती है। B गलत है क्योंकि बर्नूली का सिद्धांत बहते द्रव की चाल और दाब के संबंध को बताता है और वायुयान के पंख पर उठाव समझाता है। C गलत है क्योंकि बीयर-लैम्बर्ट नियम यह बताता है कि विलयन से गुजरते समय प्रकाश कितना अवशोषित होता है। D गलत है क्योंकि पास्कल का नियम कहता है कि बंद द्रव पर लगाया गया दाब हर दिशा में समान रूप से फैलता है, जिस पर हाइड्रोलिक ब्रेक और लिफ्ट काम करते हैं। परीक्षा टिप: उत्प्लावन के लिए आर्किमिडीज, हाइड्रोलिक प्रेस के लिए पास्कल, पंख के उठाव के लिए बर्नूली।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024आसान

निम्नलिखित में से किसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया कहा जाता है?

  1. A.मैग्नीशियम बाइकार्बोनेट
  2. B.मैग्नीशियम कार्बोनेट
  3. C.मैग्नीशियम सल्फेट
  4. D.मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड

व्याख्या

सही उत्तर है D, मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड। मिल्क ऑफ मैग्नीशिया पानी में मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, Mg(OH)2, का सफेद निलंबन है और इसके दूध जैसे रूप से ही यह नाम पड़ा। यह एक दुर्बल क्षारक है, इसलिए पेट के अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन करने के लिए इसे एंटासिड के रूप में लिया जाता है; अधिक मात्रा में यह रेचक (laxative) का काम करता है। पानी में बहुत कम घुलने के कारण यह पेट को अधिक क्षारीय नहीं बनाता, इसीलिए दवा के रूप में सुरक्षित है। A, मैग्नीशियम बाइकार्बोनेट, केवल विलयन में रहता है, दवा नहीं है। B, मैग्नीशियम कार्बोनेट, चॉक और खिलाड़ियों के हाथ सुखाने वाले पाउडर में प्रयोग होता है, उसे मिल्क ऑफ मैग्नीशिया नहीं कहते। C, मैग्नीशियम सल्फेट, एप्सम साल्ट है, जो नहाने के नमक और विरेचक के रूप में काम आता है। परीक्षा टिप: सामान्य नाम याद रखें: मिल्क ऑफ मैग्नीशिया = Mg(OH)2, एप्सम साल्ट = MgSO4.7H2O, मिल्क ऑफ लाइम = Ca(OH)2 का निलंबन।

Q17.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से कौन सी सदिश राशि है?

  1. A.दूरी
  2. B.चाल
  3. C.विस्थापन
  4. D.समय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विस्थापन

व्याख्या

सही उत्तर C, विस्थापन है। यह आरंभ बिंदु से अंतिम बिंदु तक की सबसे कम दूरी है और साथ में उस सीधी रेखा की दिशा भी बताता है, इसलिए इसमें परिमाण तथा दिशा दोनों हैं और यह सदिश राशि है।

विकल्प A, दूरी तय किए गए पथ की कुल लंबाई है और उसमें दिशा नहीं होती, इसलिए वह अदिश है; विकल्प B, चाल दूरी बटा समय है और इसी कारण अदिश है, जबकि वेग, जो विस्थापन बटा समय है, सदिश है। विकल्प D, समय अदिश राशि है। मानक उदाहरण गोलाकार पथ का एक चक्कर पूरा करता धावक है: तय दूरी परिधि के बराबर है पर विस्थापन शून्य, क्योंकि वह वहीं लौट आता है जहाँ से चला था। जोड़े याद रखिए, दूरी और चाल अदिश तथा विस्थापन और वेग सदिश।

Q18.सामान्य विज्ञानमध्यम

बल और विस्थापन के बीच कोण कितना होने पर किया गया कार्य शून्य होता है?

  1. A.0 अंश
  2. B.45 अंश
  3. C.90 अंश
  4. D.180 अंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 90 अंश

व्याख्या

सही उत्तर C, 90 अंश है। कार्य बल गुणा विस्थापन गुणा दोनों के बीच के कोण की कोज्या होता है, और नब्बे अंश की कोज्या शून्य है, इसलिए गति के लंबवत लगने वाला बल कोई कार्य नहीं करता। यही कारण है कि वृत्तीय गति में अभिकेंद्र बल कार्य नहीं करता और सिर पर बोझ लेकर समतल पर चलने वाला व्यक्ति गुरुत्व के विरुद्ध कार्य नहीं करता।

विकल्प A, शून्य अंश पर कार्य अधिकतम धनात्मक होता है, क्योंकि शून्य की कोज्या एक है और बल तथा विस्थापन एक ही दिशा में हैं। विकल्प B, पैंतालीस अंश पर आंशिक धनात्मक कार्य होता है, क्योंकि कोज्या लगभग 0.707 है। विकल्प D, 180 अंश पर कार्य अधिकतम ऋणात्मक होता है, जैसे गति का विरोध करता घर्षण। कोज्या के ये चार मान, एक, 0.707, शून्य और ऋण एक, याद कर लें तो इस वर्ग के सभी प्रश्न सध जाते हैं।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 13 Sept 2022, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित स्थितियों में प्रेरित विभवांतर के परिमाण और दिशा पर विचार करें: (a) एक चुंबक अपने उत्तरी ध्रुव को स्थिर कुंडली की ओर करके 1 मी/से की चाल से चलता है। (b) वही चुंबक अपने दक्षिणी ध्रुव को उसी स्थिर कुंडली की ओर करके 1 मी/से की चाल से चलता है। इन दोनों स्थितियों में प्रेरित विभवांतर ______ परिमाण के होते हैं और उनके चिह्न ______ होते हैं।

  1. A.समान, समान
  2. B.समान, विपरीत
  3. C.भिन्न, विपरीत
  4. D.भिन्न, समान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समान, विपरीत

व्याख्या

सही उत्तर है B, समान, विपरीत। दोनों स्थितियों में वही चुंबक उसी चाल से चल रहा है, इसलिए कुंडली से जुड़े चुंबकीय फ्लक्स के परिवर्तन की दर बराबर रहती है और प्रेरित विभवांतर का परिमाण समान होता है। परंतु कुंडली की ओर दूसरा ध्रुव करने पर कुंडली से गुजरने वाले क्षेत्र की दिशा उलट जाती है, इसलिए प्रेरित विभवांतर का चिह्न विपरीत हो जाता है। यह फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण नियम से निकलता है, जिसके अनुसार प्रेरित विद्युतवाहक बल फ्लक्स परिवर्तन की दर के बराबर होता है, और लेंज के नियम से, जो दिशा तय करता है कि प्रेरित धारा उस परिवर्तन का विरोध करे जिससे वह उत्पन्न हुई। A गलत है क्योंकि ध्रुव बदलने पर चिह्न अवश्य बदलेगा। C गलत है क्योंकि चाल और इसलिए फ्लक्स परिवर्तन की दर वही है, अतः परिमाण बराबर रहेंगे। D दोनों बातों में गलत है। परीक्षा टिप: चाल से परिमाण तय होता है और क्षेत्र की दिशा से चिह्न - परिमाण के लिए फैराडे, दिशा के लिए लेंज।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ग्रुप D · 24 Aug 2022, Shift 2आसान

पौधों में कार्बन डाइऑक्साइड अपशिष्ट उत्पाद के रूप में कब बनती है?

  1. A.श्वसन के दौरान
  2. B.श्वसन और प्रकाश संश्लेषण दोनों के दौरान
  3. C.प्रकाश संश्लेषण के दौरान
  4. D.वाष्पोत्सर्जन के दौरान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. श्वसन के दौरान

व्याख्या

सही उत्तर है A, श्वसन के दौरान। पौधे दिन और रात दोनों समय श्वसन करते हैं, जिसमें ग्लूकोज के विघटन से ऊर्जा मिलती है और कार्बन डाइऑक्साइड अपशिष्ट के रूप में निकलती है। प्रकाश संश्लेषण इसका उलटा है: पौधा कार्बन डाइऑक्साइड और जल लेता है और क्लोरोफिल द्वारा पकड़ी गई सूर्य की ऊर्जा से ग्लूकोज बनाता है, जबकि अपशिष्ट के रूप में ऑक्सीजन छोड़ता है। दिन में प्रकाश संश्लेषण की दर श्वसन से अधिक होती है, इसलिए कुल मिलाकर हरा पौधा ऑक्सीजन देता है; रात में केवल श्वसन चलता है, इसलिए कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है। इन गैसों का आना-जाना पत्तियों के रंध्रों और काष्ठीय तनों के वातरंध्रों से होता है। B गलत है क्योंकि प्रकाश संश्लेषण कार्बन डाइऑक्साइड बनाता नहीं, खर्च करता है। C भी इसी कारण गलत है, क्योंकि प्रकाश संश्लेषण का अपशिष्ट ऑक्सीजन है। D गलत है क्योंकि वाष्पोत्सर्जन में पौधे से जलवाष्प निकलती है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं। परीक्षा टिप: श्वसन - ऑक्सीजन लेता है, कार्बन डाइऑक्साइड देता है; प्रकाश संश्लेषण - कार्बन डाइऑक्साइड लेता है, ऑक्सीजन देता है।

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