निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना प्रोकैरियोट्स में नहीं पाई जाती है?
- A.केंद्रक आवरण
- B.कोशिका झिल्ली
- C.राइबोसोम
- D.कोशिका भित्ति
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, केंद्रक आवरण। प्रोकैरियोट्स में वास्तविक केंद्रक नहीं होता, इसलिए उनके आनुवंशिक पदार्थ के चारों ओर कोई झिल्ली नहीं होती।
प्रोकैरियोट्स सबसे सरल कोशिकाएं हैं, जैसे जीवाणु और सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल)। इनका एक गोलाकार DNA कोशिकाद्रव्य में न्यूक्लियॉइड नामक भाग में खुला पड़ा रहता है; न केंद्रक आवरण होता है, न केंद्रिका। इनमें माइटोकॉन्ड्रिया, हरितलवक, अंतर्द्रव्यी जालिका और गॉल्जी काय जैसे झिल्ली-युक्त कोशिकांग भी नहीं होते। इसके उलट पौधों, जंतुओं, कवकों और प्रोटिस्टों की यूकैरियोटिक कोशिकाओं में DNA दोहरी झिल्ली वाले केंद्रक आवरण के भीतर रहता है। प्रोकैरियोट शब्द का अर्थ ही है "केंद्रक से पहले"।
B गलत है: हर जीवित कोशिका, चाहे प्रोकैरियोटिक हो या यूकैरियोटिक, कोशिका झिल्ली से घिरी होती है।
C गलत है: प्रोकैरियोट्स में प्रोटीन बनाने के लिए छोटे 70S प्रकार के राइबोसोम होते हैं।
D गलत है: अधिकांश जीवाणुओं में पेप्टिडोग्लाइकन से बनी मज़बूत कोशिका भित्ति होती है।
परीक्षा टिप: प्रोकैरियोट = केंद्रक झिल्ली नहीं, झिल्ली-युक्त कोशिकांग नहीं, 70S राइबोसोम; यूकैरियोट = वास्तविक केंद्रक और 80S राइबोसोम।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक स्नोबोर्ड को टो रस्सी से खींचकर पहाड़ पर 5 m/s की दर से ऊपर ले जाया जाता है। यदि 3000 वाट शक्ति का उपयोग होता है, तो उस पर कितना बल लगाया गया?
- A.50 N
- B.100 N
- C.600 N
- D.15000 N
उत्तर देखें
शक्ति बल और वेग के गुणनफल के बराबर होती है, इसलिए बल 3,000 W को 5 m/s से भाग देने पर 600 N आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जब कोई अनुदैर्ध्य तरंग किसी माध्यम से होकर चलती है, तो माध्यम से होकर कौन-सी राशि संचरित होती है?
- A.केवल माध्यम का पदार्थ
- B.केवल ऊर्जा
- C.माध्यम का पदार्थ और ऊर्जा दोनों
- D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें
तरंग ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती है, जबकि माध्यम के कण केवल अपनी स्थिर स्थितियों के इधर-उधर कंपन करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा संरक्षण नियम न्यूटन के गति के तीसरे नियम का परिणाम है?
- A.ऊर्जा का संरक्षण
- B.संवेग का संरक्षण
- C.आवेश का संरक्षण
- D.द्रव्यमान का संरक्षण
उत्तर देखें
बराबर और विपरीत बल समान समय तक लगते हैं, इसलिए संवेग में बराबर और विपरीत परिवर्तन होते हैं और कुल संवेग वही रहता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा गुण आवर्त सारणी में बाएं से दाएं घटता है और ऊपर से नीचे बढ़ता है?
- A.आयनन ऊर्जा
- B.इलेक्ट्रॉन बंधुता
- C.विद्युत ऋणात्मकता
- D.परमाणु त्रिज्या
उत्तर देखें
आवर्त में आगे बढ़ने पर परमाणु छोटे होते जाते हैं और वर्ग में नीचे जाने पर बड़े। किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर इलेक्ट्रॉन उसी कोश में जुड़ते हैं, जबकि हर कदम पर नाभिकीय आवेश एक बढ़ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी माध्यम में 2 kHz आवृत्ति वाली ध्वनि तरंग का तरंगदैर्ध्य 35 cm है। उस माध्यम में 2.1 km की दूरी तय करने में इसे कितना समय लगेगा?
- A.30 s
- B.2.1 s
- C.3.0 s
- D.4.1 s
उत्तर देखें
तरंग की चाल आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य का गुणनफल यानी 700 m/s है, और 700 m/s से 2,100 m चलने में 3 सेकंड लगते हैं।
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