निम्नलिखित में से कौन-सा खनिज नाभिकीय विद्युत संयंत्रों में ईंधन के रूप में प्रयुक्त होता है?
- A.बॉक्साइट
- B.क्वार्ट्ज
- C.फेल्सपार
- D.पिचब्लेंड
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, पिचब्लेंड। पिचब्लेंड, यानी यूरेनिनाइट, यूरेनियम का मुख्य अयस्क है, और अधिकांश नाभिकीय विद्युत संयंत्रों में यूरेनियम ही ईंधन है।
पिचब्लेंड भारी, काला खनिज है जो मुख्य रूप से यूरेनियम ऑक्साइड से बना होता है। इससे निकाले गए यूरेनियम को संसाधित करके ईंधन बनाया जाता है; रिएक्टर में न्यूट्रॉन टकराने पर यूरेनियम-235 के नाभिक टूटते हैं और भारी मात्रा में ऊष्मा छोड़ते हैं, जिससे भाप बनाकर टर्बाइन घुमाए जाते हैं। विज्ञान के इतिहास में भी पिचब्लेंड प्रसिद्ध है: मैरी और पियरे क्यूरी ने 1898 में इसी का अध्ययन करते हुए पोलोनियम और रेडियम तत्व खोजे थे। भारत में यूरेनियम का खनन मुख्य रूप से झारखंड के जादूगोड़ा और आंध्र प्रदेश के तुम्मलपल्ले में होता है।
A गलत है: बॉक्साइट एल्यूमिनियम का अयस्क है।
B गलत है: क्वार्ट्ज सिलिकॉन डाइऑक्साइड है, जो कांच और इलेक्ट्रॉनिक्स में काम आता है, ईंधन में नहीं।
C गलत है: फेल्सपार चट्टानों में मिलने वाला सामान्य खनिज है, जो सिरेमिक और कांच में काम आता है।
परीक्षा टिप: पिचब्लेंड से यूरेनियम; मोनाजाइट रेत से थोरियम; बॉक्साइट से एल्यूमिनियम।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक स्नोबोर्ड को टो रस्सी से खींचकर पहाड़ पर 5 m/s की दर से ऊपर ले जाया जाता है। यदि 3000 वाट शक्ति का उपयोग होता है, तो उस पर कितना बल लगाया गया?
- A.50 N
- B.100 N
- C.600 N
- D.15000 N
उत्तर देखें
शक्ति बल और वेग के गुणनफल के बराबर होती है, इसलिए बल 3,000 W को 5 m/s से भाग देने पर 600 N आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जब कोई अनुदैर्ध्य तरंग किसी माध्यम से होकर चलती है, तो माध्यम से होकर कौन-सी राशि संचरित होती है?
- A.केवल माध्यम का पदार्थ
- B.केवल ऊर्जा
- C.माध्यम का पदार्थ और ऊर्जा दोनों
- D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें
तरंग ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती है, जबकि माध्यम के कण केवल अपनी स्थिर स्थितियों के इधर-उधर कंपन करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा संरक्षण नियम न्यूटन के गति के तीसरे नियम का परिणाम है?
- A.ऊर्जा का संरक्षण
- B.संवेग का संरक्षण
- C.आवेश का संरक्षण
- D.द्रव्यमान का संरक्षण
उत्तर देखें
बराबर और विपरीत बल समान समय तक लगते हैं, इसलिए संवेग में बराबर और विपरीत परिवर्तन होते हैं और कुल संवेग वही रहता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा गुण आवर्त सारणी में बाएं से दाएं घटता है और ऊपर से नीचे बढ़ता है?
- A.आयनन ऊर्जा
- B.इलेक्ट्रॉन बंधुता
- C.विद्युत ऋणात्मकता
- D.परमाणु त्रिज्या
उत्तर देखें
आवर्त में आगे बढ़ने पर परमाणु छोटे होते जाते हैं और वर्ग में नीचे जाने पर बड़े। किसी आवर्त में बाएं से दाएं जाने पर इलेक्ट्रॉन उसी कोश में जुड़ते हैं, जबकि हर कदम पर नाभिकीय आवेश एक बढ़ जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी माध्यम में 2 kHz आवृत्ति वाली ध्वनि तरंग का तरंगदैर्ध्य 35 cm है। उस माध्यम में 2.1 km की दूरी तय करने में इसे कितना समय लगेगा?
- A.30 s
- B.2.1 s
- C.3.0 s
- D.4.1 s
उत्तर देखें
तरंग की चाल आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य का गुणनफल यानी 700 m/s है, और 700 m/s से 2,100 m चलने में 3 सेकंड लगते हैं।
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