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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान क्विज: रेडियोधर्मिता और नाभिकीय ऊर्जा

  • 12 प्रश्न
  • 12 मिनट
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान के अंतर्गत "रेडियोधर्मिता और नाभिकीय ऊर्जा" विषय पर यह क्विज़ 12 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं, जिनमें 2 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

12 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CHSL · 08 Aug 2023, Shift 1आसान

किस रेडियोधर्मी समस्थानिक की अर्धायु 5770 वर्ष है, जिसका प्रयोग सामान्यतः कागज और चर्मपत्र जैसे जैविक पदार्थों की आयु आँकने में किया जाता है?

  1. A.कार्बन-9
  2. B.कार्बन-12
  3. C.कार्बन-14
  4. D.कार्बन-17
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कार्बन-14

व्याख्या

सही उत्तर C, कार्बन-14 है। कार्बन-14 कार्बन का वह रेडियोधर्मी समस्थानिक है जो रेडियोकार्बन डेटिंग में प्रयुक्त होता है, और उसकी अर्धायु लगभग 5,700 वर्ष है, जो प्रश्न में दी गई संख्या के अनुरूप है। जीवित पौधा या प्राणी साधारण कार्बन के साथ कार्बन-14 भी लेता है; मृत्यु के बाद यह ग्रहण रुक जाता है और कार्बन-14 बीटा उत्सर्जन से क्षय होता है, इसलिए काष्ठ, अस्थि, वस्त्र अथवा चर्मपत्र में शेष अनुपात से नमूने की आयु निकलती है। विकल्प A गलत है क्योंकि कार्बन-9 अत्यंत अल्पजीवी समस्थानिक है, जो आयु निर्धारण में किसी काम का नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि कार्बन-12 कार्बन का साधारण स्थायी समस्थानिक है और परमाणु द्रव्यमान का मानक है, इसलिए वह क्षय ही नहीं होता। विकल्प D गलत है क्योंकि कार्बन-17 अत्यंत अस्थिर है और सेकंड के अंश तक ही टिकता है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 3, 2019मध्यम

हाइड्रोजन बम में अत्यंत विनाशकारी विस्फोट किस कारण होता है?

  1. A.नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन
  2. B.नाभिकीय विखंडन
  3. C.क्रायोजेनिक हाइड्रोजन का उपयोग
  4. D.अति संपीडित हाइड्रोजन का उपयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन

व्याख्या

सही उत्तर A, नाभिकीय विखंडन और नाभिकीय संलयन है। हाइड्रोजन बम, जिसे तापनाभिकीय बम भी कहा जाता है, दो चरणों में काम करता है। यूरेनियम अथवा प्लूटोनियम का विखंडन विस्फोट लाखों डिग्री का वह ताप पैदा करता है जो हल्के नाभिकों को जोड़ने के लिए आवश्यक है, और फिर उन नाभिकों का संलयन विखंडन चरण से कहीं अधिक ऊर्जा देता है। इस प्रकार विस्फोट में दोनों प्रक्रियाओं का योग होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि केवल विखंडन पहले प्रकार के परमाणु बम का वर्णन करता है, जो कम शक्तिशाली होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि क्रायोजेनिक हाइड्रोजन, अर्थात अत्यंत निम्न ताप पर द्रवित हाइड्रोजन, रॉकेट ईंधन है और बम की ऊर्जा से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि हाइड्रोजन को केवल संपीडित करने से नाभिकीय ऊर्जा नहीं निकलती, नाभिकों का संलयन कराना पड़ता है।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

रेडियोधर्मिता की खोज किस वैज्ञानिक ने की थी?

  1. A.हेनरी बेकरल
  2. B.मेरी क्यूरी
  3. C.अर्नेस्ट रदरफोर्ड
  4. D.विल्हेम रॉन्टजन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हेनरी बेकरल

व्याख्या

सही उत्तर A, हेनरी बेकरल है। 1896 में बेकरल ने पाया कि अंधेरे में रखा यूरेनियम लवण लपेटी हुई फोटोग्राफिक प्लेट को धुँधला कर देता है, जिससे सिद्ध हुआ कि वह लवण प्रकाश के संपर्क में आए बिना अपना भेदक विकिरण उत्सर्जित करता है। विकल्प B गलत है, यद्यपि मेरी क्यूरी ने अपने पति पियरे के साथ 1898 में पोलोनियम तथा रेडियम खोजे, रेडियोधर्मिता शब्द दिया और बेकरल के साथ नोबेल पुरस्कार साझा किया; परंतु इस प्रभाव की खोज बेकरल की है। विकल्प C गलत है क्योंकि रदरफोर्ड बाद में आए और उन्होंने उत्सर्जन को अल्फा, बीटा तथा गामा में बाँटा, परमाणु का नाभिकीय मॉडल दिया तथा पहला कृत्रिम रूपांतरण किया। विकल्प D गलत है क्योंकि रॉन्टजन ने 1895 में एक्स किरणें खोजीं, जो नाभिक के बाहर बनती हैं और रेडियोधर्मिता नहीं हैं।

Q4.सामान्य विज्ञानआसान

अल्फा कण किस परमाणु के नाभिक के समान होता है?

  1. A.हाइड्रोजन
  2. B.हीलियम
  3. C.लिथियम
  4. D.ड्यूटीरियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हीलियम

व्याख्या

सही उत्तर B, हीलियम है। अल्फा कण में दो प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन बँधे रहते हैं, और यही हीलियम-4 परमाणु का नाभिक है, इसलिए उसका आवेश धन दो तथा द्रव्यमान संख्या चार होती है। भारी तथा द्विआवेशित होने के कारण वह वायु को प्रबलता से आयनित करता है पर ऊर्जा शीघ्र खो देता है, और कागज की एक शीट या कुछ सेंटीमीटर वायु उसे रोक देती है। विकल्प A गलत है क्योंकि हाइड्रोजन का नाभिक एक प्रोटॉन है, जो कुछ नाभिकीय अभिक्रियाओं में निकलता है पर अल्फा कण नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि लिथियम के नाभिक में तीन प्रोटॉन होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि ड्यूटीरियम का नाभिक, ड्यूटरॉन, एक प्रोटॉन और एक न्यूट्रॉन का होता है और भारी जल में प्रयुक्त होता है, अल्फा क्षय में नहीं।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

जब कोई नाभिक अल्फा कण उत्सर्जित करता है तो उसकी द्रव्यमान संख्या और परमाणु संख्या में क्या परिवर्तन होता है?

  1. A.द्रव्यमान संख्या 2 और परमाणु संख्या 1 घटती है
  2. B.द्रव्यमान संख्या 4 और परमाणु संख्या 2 घटती है
  3. C.द्रव्यमान संख्या अपरिवर्तित रहती है और परमाणु संख्या 1 बढ़ती है
  4. D.दोनों अपरिवर्तित रहती हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. द्रव्यमान संख्या 4 और परमाणु संख्या 2 घटती है

व्याख्या

सही उत्तर B, द्रव्यमान संख्या 4 और परमाणु संख्या 2 घटती है। अल्फा कण दो प्रोटॉन और दो न्यूट्रॉन ले जाता है, इसलिए जनक नाभिक की द्रव्यमान संख्या चार तथा परमाणु संख्या दो घट जाती है और वह आवर्त सारणी में दो स्थान पीछे का तत्व बन जाता है; उदाहरण के लिए यूरेनियम-238 थोरियम-234 बन जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि कोई भी क्षय दो इकाई द्रव्यमान के साथ एक इकाई आवेश नहीं घटाता। विकल्प C गलत है क्योंकि यह बीटा ऋण क्षय का वर्णन है, जिसमें न्यूट्रॉन प्रोटॉन बन जाता है और इलेक्ट्रॉन निकलता है, इसलिए आवेश एक बढ़ता है और द्रव्यमान संख्या वही रहती है। विकल्प D गलत है क्योंकि यह गामा उत्सर्जन है, जिसमें नाभिक केवल अतिरिक्त ऊर्जा छोड़ता है और कोई संख्या नहीं बदलती।

Q6.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित विकिरणों में सर्वाधिक भेदन क्षमता किसकी होती है?

  1. A.अल्फा किरणें
  2. B.बीटा किरणें
  3. C.गामा किरणें
  4. D.तीनों की समान
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. गामा किरणें

व्याख्या

सही उत्तर C, गामा किरणें है। गामा विकिरण विद्युत चुंबकीय है, उसमें न आवेश होता है न विराम द्रव्यमान, इसलिए वह आवेशित कणों की तुलना में पदार्थ से बहुत सरलता से पार निकलता है और उसे घटाने के लिए मोटा सीसा या कंक्रीट चाहिए। विकल्प A गलत है क्योंकि अल्फा कण तीनों में सर्वाधिक आयनकारी होते हुए भी कागज की एक शीट अथवा कुछ सेंटीमीटर वायु से रुक जाता है, और इसका कारण यही प्रबल अन्योन्यक्रिया है। विकल्प B गलत है क्योंकि बीटा कण हल्के इलेक्ट्रॉन होने से अल्फा से अधिक भेदते हैं पर कुछ मिलीमीटर एल्युमिनियम से रुक जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि तीनों में बहुत अंतर है। उपयोगी नियम यह है कि भेदन क्षमता अल्फा से बीटा और गामा की ओर बढ़ती है जबकि आयनन क्षमता उसी क्रम में घटती है।

Q7.सामान्य विज्ञानमध्यम

नाभिकीय रिएक्टर में भारी जल का मुख्य उपयोग किस रूप में होता है?

  1. A.मंदक के रूप में
  2. B.ईंधन के रूप में
  3. C.नियंत्रक छड़ के रूप में
  4. D.परिरक्षण के रूप में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मंदक के रूप में

व्याख्या

सही उत्तर A, मंदक के रूप में है। भारी जल, जिसमें साधारण जल का हाइड्रोजन ड्यूटीरियम से बदला होता है, विखंडन में निकले तेज न्यूट्रॉनों को उस निम्न गति तक धीमा करता है जिस पर वे आगे यूरेनियम नाभिक तोड़ने में अधिक सक्षम होते हैं, और ऐसा करते हुए वह बहुत कम न्यूट्रॉन सोखता है, इसीलिए भारतीय दाबित भारी जल रिएक्टर प्राकृतिक यूरेनियम का उपयोग कर सकते हैं। ऐसे रिएक्टरों में भारी जल शीतलक का कार्य भी करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि ईंधन यूरेनियम अथवा प्लूटोनियम होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि नियंत्रक छड़ें कैडमियम या बोरॉन जैसे न्यूट्रॉन अवशोषकों की बनती हैं, जिनका उद्देश्य उलटा है। विकल्प D गलत है क्योंकि परिरक्षण क्रोड के चारों ओर मोटे कंक्रीट और सीसे से होता है।

Q8.सामान्य विज्ञानमध्यम

नाभिकीय शृंखला अभिक्रिया की दर नियंत्रित करने वाली नियंत्रक छड़ें सामान्यतः किस पदार्थ की बनी होती हैं?

  1. A.ग्रेफाइट और भारी जल
  2. B.कैडमियम और बोरॉन
  3. C.सीसा और कंक्रीट
  4. D.यूरेनियम और प्लूटोनियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कैडमियम और बोरॉन

व्याख्या

सही उत्तर B, कैडमियम और बोरॉन है। दोनों न्यूट्रॉन प्रबलता से सोखते हैं, इसलिए छड़ों को क्रोड में भीतर धकेलने से न्यूट्रॉन हट जाते हैं और शृंखला अभिक्रिया धीमी होती है, जबकि बाहर खींचने से अभिक्रिया बढ़ती है; इसी से रिएक्टर की शक्ति नियंत्रित होती है और उसे बंद भी किया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ग्रेफाइट और भारी जल मंदक हैं, जो न्यूट्रॉन सोखे बिना उन्हें धीमा करते हैं, अर्थात आवश्यकता उलटी है। विकल्प C गलत है क्योंकि सीसा और कंक्रीट वह जैविक परिरक्षण बनाते हैं जो विकिरण को रिएक्टर भवन से बाहर जाने से रोकता है। विकल्प D गलत है क्योंकि यूरेनियम और प्लूटोनियम वे विखंडनीय ईंधन हैं जो आरंभ में न्यूट्रॉन देते हैं। मंदक, नियंत्रक छड़, शीतलक और परिरक्षण को अपने-अपने पदार्थ से जोड़कर याद रखना चाहिए।

Q9.सामान्य विज्ञानआसान

सूर्य से विकिरित ऊर्जा मुख्यतः किस प्रक्रिया से उत्पन्न होती है?

  1. A.यूरेनियम का नाभिकीय विखंडन
  2. B.हाइड्रोजन नाभिकों का नाभिकीय संलयन
  3. C.हाइड्रोजन का रासायनिक दहन
  4. D.भारी तत्वों का रेडियोधर्मी क्षय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हाइड्रोजन नाभिकों का नाभिकीय संलयन

व्याख्या

सही उत्तर B, हाइड्रोजन नाभिकों का नाभिकीय संलयन है। सूर्य के क्रोड में लाखों डिग्री ताप पर हाइड्रोजन नाभिक क्रमशः जुड़कर हीलियम बनाते हैं, और इस प्रक्रिया में जो थोड़ा द्रव्यमान घटता है वही आइंस्टाइन के द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध के अनुसार ऊर्जा बनकर निकलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि विखंडन के लिए यूरेनियम जैसे भारी नाभिक चाहिए, जो तारे का ईंधन नहीं हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि रासायनिक दहन प्रति अभिक्रिया कुछ इलेक्ट्रॉन वोल्ट ही देता है, जो सूर्य को अरबों वर्ष जलाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं, और क्रोड में जलने के लिए ऑक्सीजन भी नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि भारी तत्वों का रेडियोधर्मी क्षय पृथ्वी के आंतरिक भाग को कुछ ऊष्मा देता है, परंतु वह सौर ऊर्जा का स्रोत नहीं है।

Q10.सामान्य विज्ञानमध्यम

रेडियोधर्मिता की एसआई इकाई कौन सी है?

  1. A.बेकरल
  2. B.क्यूरी
  3. C.ग्रे
  4. D.सीवर्ट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बेकरल

व्याख्या

सही उत्तर A, बेकरल है। एक बेकरल का अर्थ प्रति सेकंड एक विघटन है, और यह रेडियोधर्मी स्रोत की सक्रियता की एसआई इकाई है, जिसका नाम रेडियोधर्मिता के आविष्कारक के नाम पर रखा गया। विकल्प B गलत है क्योंकि क्यूरी सक्रियता की पुरानी इकाई है, जो एक ग्राम रेडियम की सक्रियता पर आधारित थी, और एक क्यूरी 3.7 गुणा दस की घात दस बेकरल के बराबर होता है; यह आज भी उद्धृत होता है पर एसआई इकाई नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि ग्रे अवशोषित मात्रा नापता है, अर्थात एक किलोग्राम पदार्थ में जमा ऊर्जा, और उसने रैड का स्थान लिया। विकल्प D गलत है क्योंकि सीवर्ट समतुल्य मात्रा नापता है, जो विकिरण के प्रकार से ऊतक को होने वाली हानि के अनुसार भारित होती है, और उसने रेम का स्थान लिया।

Q11.सामान्य विज्ञानमध्यम

भारत में स्थापित पहला नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र कौन था?

  1. A.तारापुर, महाराष्ट्र
  2. B.कलपक्कम, तमिलनाडु
  3. C.रावतभाटा, राजस्थान
  4. D.नरोरा, उत्तर प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. तारापुर, महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर A, तारापुर, महाराष्ट्र है। तारापुर परमाणु ऊर्जा केंद्र भारत का पहला नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र था और एशिया का भी पहला, जो अमेरिकी सहयोग से बना और जिसमें क्वथन जल रिएक्टर लगे, जबकि बाद के भारतीय संयंत्रों में दाबित भारी जल रिएक्टर हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि कलपक्कम का मद्रास परमाणु ऊर्जा केंद्र बाद में आया और उसे दूसरे चरण के प्रोटोटाइप तीव्र प्रजनक रिएक्टर के स्थल के रूप में जाना जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि राजस्थान का रावतभाटा दूसरा संयंत्र था, जो कनाडा के सहयोग से बना। विकल्प D गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश का नरोरा उससे भी बाद का है। अभ्यर्थी को 1956 में ट्रॉम्बे के पहले अनुसंधान रिएक्टर अप्सरा को पहले ऊर्जा संयंत्र तारापुर से अलग रखना चाहिए।

Q12.सामान्य विज्ञानकठिन

भारत के त्रिस्तरीय नाभिकीय ऊर्जा कार्यक्रम का तीसरा चरण किस तत्व पर आधारित है?

  1. A.प्राकृतिक यूरेनियम
  2. B.प्लूटोनियम
  3. C.थोरियम
  4. D.बेरिलियम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. थोरियम

व्याख्या

सही उत्तर C, थोरियम है। होमी भाभा ने यह कार्यक्रम इस तथ्य को देखकर बनाया कि भारत में यूरेनियम सीमित है पर केरल तट की मोनाजाइट बालू में थोरियम के बहुत बड़े भंडार हैं। तीसरे चरण में थोरियम को यूरेनियम-233 में बदलकर उसी ईंधन के लिए बने रिएक्टरों में जलाना है, जिससे देश को शताब्दियों के लिए अपना ईंधन मिल सके। विकल्प A गलत है क्योंकि प्राकृतिक यूरेनियम पहले चरण का ईंधन है, जो दाबित भारी जल रिएक्टरों में जलता है। विकल्प B गलत है क्योंकि पहले चरण के प्रयुक्त ईंधन के पुनर्संसाधन से मिला प्लूटोनियम दूसरे चरण के तीव्र प्रजनक रिएक्टरों का ईंधन है, जिसका प्रोटोटाइप कलपक्कम में है। विकल्प D गलत है क्योंकि बेरिलियम न्यूट्रॉन परावर्तक और मंदक के रूप में प्रयुक्त होता है, ईंधन के रूप में नहीं।

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