मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
भारतीय राजव्यवस्थाकठिनपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 4 Oct 2020

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत का राष्ट्रपति संसद का सत्र ऐसे स्थान पर आहूत कर सकता है, जिसे वह उचित समझे। 2. भारत का संविधान एक वर्ष में संसद के तीन सत्रों का प्रावधान करता है, किंतु तीनों सत्रों का आयोजन अनिवार्य नहीं है। 3. एक वर्ष में संसद की बैठकों के लिए दिनों की कोई न्यूनतम संख्या निर्धारित नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.केवल 2 और 3

सही उत्तर

C. केवल 1 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1 और 3। अनुच्छेद 85 राष्ट्रपति को हर सदन को 'ऐसे समय और स्थान पर, जो वह ठीक समझे' आहूत करने की शक्ति देता है, और बैठकों के न्यूनतम दिन कहीं तय नहीं हैं। अनुच्छेद 85(1) का एकमात्र नियम यह है कि एक सत्र की अंतिम बैठक और अगले सत्र की पहली बैठक के बीच छह महीने से अधिक का अंतर नहीं होगा, इसलिए संसद को साल में कम से कम दो बार मिलना ही पड़ता है। राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद की सलाह पर सत्र बुलाते, सत्रावसान करते और लोकसभा भंग करते हैं। कथन 2 गलत है, क्योंकि संविधान में तीन सत्रों का कोई उल्लेख नहीं है; बजट, मानसून और शीतकालीन सत्र केवल परंपरा हैं। कथन 1 सही है, क्योंकि अनुच्छेद 85 समय के साथ स्थान चुनने की छूट भी देता है। कथन 3 सही है, क्योंकि कोई न्यूनतम सीमा नहीं है, इसीलिए NCRWC (2002) ने लोकसभा के लिए साल में कम से कम 120 बैठक-दिन सुझाए थे। इसलिए A, B और D गलत हैं। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 85, अधिकतम छह महीने का अंतर, तीन सत्र केवल परंपरा।

सभी देखें
Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2016, GKआसान

संघ और यूनियन बनाने का अधिकार एक

  1. A.सभी को प्रत्याभूत अधिकार है
  2. B.केवल नागरिकों को प्रत्याभूत स्वतंत्रता का अधिकार है
  3. C.विधि के समक्ष समता का अधिकार है
  4. D.प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल नागरिकों को प्रत्याभूत स्वतंत्रता का अधिकार है

संघ या यूनियन बनाने का अधिकार अनुच्छेद 19 का हिस्सा है, और अनुच्छेद 19 के अधिकार केवल भारत के नागरिकों को मिलते हैं।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2016, GKमध्यम

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.संघ और प्रत्येक राज्य सरकार अनुसूचित जनजातियों को प्रभावित करने वाले सभी प्रमुख नीतिगत मामलों पर आयोग से परामर्श करेगी।
  2. B.आयोग की सभी रिपोर्टें और उसकी सिफ़ारिशें केवल लोकसभा के समक्ष रखी जाएँगी।
  3. C.किसी मामले की जाँच करते समय आयोग को सिविल न्यायालय की सभी शक्तियाँ प्राप्त होती हैं।
  4. D.आयोग को अपनी प्रक्रिया स्वयं विनियमित करने की शक्ति है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आयोग की सभी रिपोर्टें और उसकी सिफ़ारिशें केवल लोकसभा के समक्ष रखी जाएँगी।

यह कथन सही नहीं है, क्योंकि आयोग की रिपोर्टें राष्ट्रपति संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष रखवाते हैं, केवल लोकसभा के समक्ष नहीं।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2016, GKकठिन

भारत में चुनावों के संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही नहीं है/हैं? 1. निर्वाचक नामावलियाँ तैयार करने का उत्तरदायित्व भारत के निर्वाचन आयोग में निहित है। 2. चुनाव की तिथि घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाती है। 3. निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से संबंधित कानून भारत का निर्वाचन आयोग बनाता है। 4. किसी भी चुनाव को चुनाव याचिका के अलावा किसी अन्य प्रकार से प्रश्नगत नहीं किया जाएगा। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.केवल 3
  2. B.1, 2 और 4
  3. C.1, 2 और 3
  4. D.केवल 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केवल 3

केवल कथन 3 गलत है, क्योंकि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन से जुड़े कानून संसद बनाती है, निर्वाचन आयोग नहीं। अनुच्छेद 327 संसद को चुनाव से संबंधित सभी विषयों पर कानून बनाने की शक्ति देता है, जिनमें निर्वाचक नामावली और परिसीमन भी शामिल हैं।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2016, GKमध्यम

भारत के संविधान की नौवीं अनुसूची के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.इसे संविधान (पहला संशोधन) अधिनियम, 1951 द्वारा जोड़ा गया था।
  2. B.नौवीं अनुसूची में शामिल अधिनियम और विनियम इस आधार पर शून्य हो जाएँगे कि वे संविधान के भाग III के किसी मौलिक अधिकार का उल्लंघन करते हैं।
  3. C.मूल ढाँचे के सिद्धांत के आधार पर नौवीं अनुसूची में शामिल किसी अधिनियम का न्यायिक पुनर्विलोकन करने की शक्ति सर्वोच्च न्यायालय के पास है।
  4. D.उपयुक्त विधानमंडल नौवीं अनुसूची में शामिल किसी अधिनियम को निरस्त या संशोधित कर सकता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नौवीं अनुसूची में शामिल अधिनियम और विनियम इस आधार पर शून्य हो जाएँगे कि वे संविधान के भाग III के किसी मौलिक अधिकार का उल्लंघन करते हैं।

यह कथन सही नहीं है, क्योंकि अनुच्छेद 31B ठीक उलटी बात कहता है: नौवीं अनुसूची में रखा गया कोई अधिनियम केवल इस आधार पर शून्य नहीं होगा कि वह भाग III के किसी मौलिक अधिकार से असंगत है।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2016, GKआसान

भारत के संविधान की छठी अनुसूची निम्नलिखित में से किन राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है?

  1. A.असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम
  2. B.मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर और मिज़ोरम
  3. C.असम, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा
  4. D.मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम

छठी अनुसूची ठीक इन्हीं चार पूर्वोत्तर राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित है। अनुच्छेद 244(2) और 275(1) के अंतर्गत छठी अनुसूची इन राज्यों में स्वायत्त ज़िले और स्वायत्त क्षेत्र बनाती है।