LIGO प्रयोग ने किस सिद्धांत की एक भविष्यवाणी की पुष्टि की?
- A.स्ट्रिंग सिद्धांत
- B.विशेष सापेक्षता सिद्धांत
- C.क्वांटम यांत्रिकी
- D.सामान्य सापेक्षता सिद्धांत
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, सामान्य सापेक्षता सिद्धांत। अमेरिका की LIGO (लेज़र इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑब्ज़र्वेटरी) ने सितंबर 2015 में पहली बार गुरुत्वीय तरंगों का पता लगाया (घोषणा फरवरी 2016 में हुई), और इन तरंगों की भविष्यवाणी आइंस्टाइन ने 1916 में सामान्य सापेक्षता सिद्धांत में की थी। सामान्य सापेक्षता गुरुत्व को दिक्-काल (space-time) की वक्रता मानती है और कहती है कि विशाल त्वरित पिंड, जैसे आपस में टकराते दो ब्लैक होल, दिक्-काल में प्रकाश की गति से लहरें भेजते हैं। हैनफोर्ड और लिविंगस्टन के दो डिटेक्टरों ने भुजा की लंबाई में प्रोटॉन से भी छोटा परिवर्तन मापा। भारत महाराष्ट्र के हिंगोली में तीसरा डिटेक्टर LIGO-India बना रहा है। A, स्ट्रिंग सिद्धांत की कोई भविष्यवाणी अब तक किसी प्रयोग से सिद्ध नहीं हुई। B, विशेष सापेक्षता स्थिर चाल वाली गति से जुड़ी है, इसमें गुरुत्व शामिल नहीं। C, क्वांटम यांत्रिकी परमाणुओं और कणों का वर्णन करती है, गुरुत्वीय तरंगों का नहीं। परीक्षा टिप: LIGO = गुरुत्वीय तरंगें = सामान्य सापेक्षता; इसके लिए 2017 का भौतिकी नोबेल वाइस, बैरिश और थॉर्न को मिला।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह तथ्य कि ग्रह सूर्य के चारों ओर वृत्तों में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तों में घूमते हैं, सबसे पहले किसने प्रदर्शित किया?
- A.गैलीलियो
- B.मार्टिन लूथर
- C.योहानेस केप्लर
- D.कॉपरनिकस
उत्तर देखें
1609 में केप्लर ने दिखाया कि ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं और सूर्य उस दीर्घवृत्त की एक नाभि पर होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यूरिया यकृत में बनता है।
- B.यूरिया रक्त में बनता है।
- C.यूरिया स्टार्च के पाचन से बनता है।
- D.यूरिया फेफड़े और वृक्क में बनता है।
उत्तर देखें
यकृत की कोशिकाएँ अमीनो अम्लों के टूटने से निकले विषैले अमोनिया को ऑर्निथीन चक्र, जिसे यूरिया चक्र भी कहते हैं, के द्वारा यूरिया में बदलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के गमन का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-नेत्रिका-देह नलिका
- B.अभिदृश्यक लेंस-संघनित्र-देह नलिका-नेत्रिका
- C.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-नेत्रिका
- D.नेत्रिका-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-दर्पण
उत्तर देखें
प्रकाश संघनित्र से होकर नमूने तक जाता है, अभिदृश्यक लेंस उसे ग्रहण करता है, फिर वह देह नलिका से ऊपर जाकर नेत्रिका के रास्ते आँख तक पहुँचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीमोग्लोबिन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.आरबीसी में उपस्थित हीमोग्लोबिन केवल ऑक्सीजन ले जा सकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं।
- B.आरबीसी का हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ले जा सकता है।
- C.आरबीसी का हीमोग्लोबिन केवल कार्बन डाइऑक्साइड ले जा सकता है।
- D.हीमोग्लोबिन का उपयोग केवल रक्त के थक्का बनने में होता है, गैसों को ले जाने में नहीं।
उत्तर देखें
यह अपने लौह-युक्त हीम समूहों पर ऑक्सीजन बाँधता है और अपनी प्रोटीन शृंखलाओं पर कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ले जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिस्टोन प्रोटीनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में पाए जाते हैं।
- B.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो केंद्रक में डीएनए के साथ जुड़े हुए पाए जाते हैं।
- C.हिस्टोन साइटोसोल में लिपिडों से जुड़े प्रोटीन हैं।
- D.हिस्टोन साइटोसोल में कार्बोहाइड्रेटों से जुड़े प्रोटीन हैं।
उत्तर देखें
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में डीएनए इन्हीं प्रोटीनों के चारों ओर लिपटकर क्रोमैटिन बनाता है। हिस्टोन छोटे क्षारीय प्रोटीन हैं जिनमें धनावेशित अमीनो अम्ल लाइसिन और आर्जिनिन अधिक होते हैं, जो डीएनए के ऋणावेशित फॉस्फेट समूहों को आकर्षित करते हैं।
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