मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 8

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
क्विज शुरू करेंRead in English

इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 8) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 13 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, प्रकाश: परावर्तन और अपवर्तन, वैज्ञानिक उपकरण और खोजें और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानमध्यम

मोल किस राशि का एसआई मूल मात्रक है?

  1. A.द्रव्यमान
  2. B.पदार्थ की मात्रा
  3. C.घनत्व
  4. D.आयतन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पदार्थ की मात्रा

व्याख्या

सही उत्तर B, पदार्थ की मात्रा है। मोल रसायनज्ञ का गिनती मात्रक है: किसी भी पदार्थ के एक मोल में आवोगाद्रो संख्या के बराबर कण होते हैं, अर्थात लगभग छह के आगे तेईस शून्य, चाहे वे कण परमाणु हों, अणु हों या आयन। यह एसआई पद्धति के सात मूल मात्रकों में से एक है और इसका प्रतीक mol है।

विकल्प A, द्रव्यमान का मूल मात्रक किलोग्राम है; मोलर द्रव्यमान के माध्यम से दोनों जुड़े अवश्य हैं, किंतु एक ही राशि नहीं हैं। विकल्प C, घनत्व व्युत्पन्न राशि है और किलोग्राम प्रति घन मीटर में मापी जाती है। विकल्प D, आयतन भी व्युत्पन्न है और घन मीटर में मापा जाता है, जबकि व्यवहार में लीटर प्रयुक्त होता है। ऐसे प्रश्न प्रत्येक मूल मात्रक का उसकी राशि से जोड़ा जांचते हैं, इसलिए सातों जोड़े साथ याद करें।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन द्वितीय वर्ग के उत्तोलक (Second Class Lever) का उदाहरण है?

  1. A.कैंची
  2. B.बोतल खोलने वाला (bottle opener)
  3. C.क्रिकेट बैट
  4. D.धनुष-बाण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बोतल खोलने वाला (bottle opener)

व्याख्या

सही उत्तर है B, बोतल खोलने वाला (bottle opener)। उत्तोलकों (levers) का वर्ग इस बात से तय होता है कि आलंब (fulcrum), भार और प्रयास कहाँ हैं। द्वितीय वर्ग के उत्तोलक में भार, आलंब और प्रयास के बीच होता है। बोतल ओपनर में सिरे पर ढक्कन का किनारा आलंब है, उठाया जा रहा ढक्कन बीच में भार है, और दूसरे सिरे पर हाथ प्रयास लगाता है, यानी भार बीच में है। ऐसे उत्तोलक हमेशा बल बढ़ाते हैं, क्योंकि प्रयास-भुजा भार-भुजा से लंबी होती है; ठेला (wheelbarrow) और सरौता इसी तरह काम करते हैं। A, कैंची, प्रथम वर्ग का उत्तोलक है, जिसमें कीलक प्रयास और भार के बीच होता है। C, क्रिकेट बैट, तृतीय वर्ग का उत्तोलक है: नीचे वाला हाथ प्रयास लगाता है, जो ऊपर वाले हाथ (आलंब) और गेंद (भार) के बीच है। D, धनुष-बाण, मुड़े हुए धनुष में स्प्रिंग की तरह ऊर्जा जमा करके काम करता है, इसमें भार आलंब और प्रयास के बीच नहीं रखा जाता। परीक्षा टिप: प्रथम वर्ग में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में, तृतीय में प्रयास बीच में।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 28 Nov 2024, Shift 1आसान

मानव नेत्र के निकट-दृष्टि दोष (मायोपिया) को किसके उपयोग से ठीक किया जा सकता है?

  1. A.उपयुक्त क्षमता का उभयोत्तल लेंस
  2. B.एक सादी काँच की प्लेट
  3. C.उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस
  4. D.उपयुक्त क्षमता का उत्तल लेंस
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस

व्याख्या

सही उत्तर है C, उपयुक्त क्षमता का अवतल लेंस। अवतल लेंस आँख में जाने से पहले प्रकाश किरणों को थोड़ा फैला देता है, जिससे प्रतिबिंब खिसककर ठीक रेटिना पर बनने लगता है। निकट-दृष्टि दोष में व्यक्ति को पास की वस्तुएँ साफ दिखती हैं पर दूर की वस्तुएँ धुँधली दिखती हैं। ऐसा तब होता है जब नेत्रगोलक लंबा हो जाए या नेत्र लेंस अधिक मुड़ा हुआ हो, जिससे दूर की वस्तु की किरणें रेटिना से पहले ही मिल जाती हैं। अवतल लेंस की क्षमता ऋणात्मक होती है, इसलिए मायोपिया के चश्मे पर -2.0 D (डायोप्टर) जैसी माइनस संख्या लिखी होती है। A गलत है क्योंकि उभयोत्तल लेंस किरणों को पास लाता है और धुँधलापन और बढ़ा देगा। B गलत है क्योंकि सादी काँच की प्लेट की कोई क्षमता नहीं होती, वह किरणों के मिलने की जगह नहीं बदलती। D गलत है क्योंकि उत्तल लेंस दूर-दृष्टि दोष (हाइपरमेट्रोपिया) ठीक करता है, जिसमें प्रतिबिंब रेटिना के पीछे बनता है। परीक्षा टिप: मायोपिया = अवतल (माइनस) लेंस; हाइपरमेट्रोपिया = उत्तल (प्लस) लेंस; बुढ़ापे का जरादूरदृष्टि दोष = द्विफोकसी लेंस; अबिंदुकता = बेलनाकार लेंस।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024मध्यम

LIGO प्रयोग ने किस सिद्धांत की एक भविष्यवाणी की पुष्टि की?

  1. A.स्ट्रिंग सिद्धांत
  2. B.विशेष सापेक्षता सिद्धांत
  3. C.क्वांटम यांत्रिकी
  4. D.सामान्य सापेक्षता सिद्धांत
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सामान्य सापेक्षता सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है D, सामान्य सापेक्षता सिद्धांत। अमेरिका की LIGO (लेज़र इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑब्ज़र्वेटरी) ने सितंबर 2015 में पहली बार गुरुत्वीय तरंगों का पता लगाया (घोषणा फरवरी 2016 में हुई), और इन तरंगों की भविष्यवाणी आइंस्टाइन ने 1916 में सामान्य सापेक्षता सिद्धांत में की थी। सामान्य सापेक्षता गुरुत्व को दिक्-काल (space-time) की वक्रता मानती है और कहती है कि विशाल त्वरित पिंड, जैसे आपस में टकराते दो ब्लैक होल, दिक्-काल में प्रकाश की गति से लहरें भेजते हैं। हैनफोर्ड और लिविंगस्टन के दो डिटेक्टरों ने भुजा की लंबाई में प्रोटॉन से भी छोटा परिवर्तन मापा। भारत महाराष्ट्र के हिंगोली में तीसरा डिटेक्टर LIGO-India बना रहा है। A, स्ट्रिंग सिद्धांत की कोई भविष्यवाणी अब तक किसी प्रयोग से सिद्ध नहीं हुई। B, विशेष सापेक्षता स्थिर चाल वाली गति से जुड़ी है, इसमें गुरुत्व शामिल नहीं। C, क्वांटम यांत्रिकी परमाणुओं और कणों का वर्णन करती है, गुरुत्वीय तरंगों का नहीं। परीक्षा टिप: LIGO = गुरुत्वीय तरंगें = सामान्य सापेक्षता; इसके लिए 2017 का भौतिकी नोबेल वाइस, बैरिश और थॉर्न को मिला।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB JSA, 23 Apr 2022, Shift 1आसान

आवर्त सारणी के किस ब्लॉक में आंतरिक संक्रमण धातुएँ रखी जाती हैं?

  1. A.d-ब्लॉक
  2. B.p-ब्लॉक
  3. C.s-ब्लॉक
  4. D.f-ब्लॉक
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. f-ब्लॉक

व्याख्या

सही उत्तर है D, f-ब्लॉक। आंतरिक संक्रमण तत्व लैंथेनाइड और ऐक्टिनाइड हैं, जिनमें इलेक्ट्रॉन f-कक्षकों में भरते हैं, इसलिए ये आवर्त सारणी का f-ब्लॉक बनाते हैं। सारणी बहुत चौड़ी न हो जाए, इसलिए इन्हें नीचे दो अलग पंक्तियों में रखा जाता है। लैंथेनाइड सीरियम से ल्यूटेशियम तक हैं और इन्हें दुर्लभ मृदा तत्व भी कहते हैं; ऐक्टिनाइड थोरियम से लॉरेंसियम तक हैं और सभी रेडियोधर्मी हैं। परमाणु ऊर्जा में काम आने वाले यूरेनियम और प्लूटोनियम ऐक्टिनाइड हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि d-ब्लॉक में समूह 3 से 12 के संक्रमण तत्व, जैसे लोहा, ताँबा और जस्ता, आते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि p-ब्लॉक में समूह 13 से 18 आते हैं, जिनमें हैलोजन और उत्कृष्ट गैसें शामिल हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि s-ब्लॉक में समूह 1 और 2, यानी क्षार धातुएँ और क्षारीय मृदा धातुएँ आती हैं। परीक्षा टिप: d-ब्लॉक में संक्रमण तत्व हैं; f-ब्लॉक में आंतरिक संक्रमण तत्व, यानी लैंथेनाइड और ऐक्टिनाइड।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 18 Feb 2018आसान

मनुष्य की श्रव्यता की सीमा क्या है?

  1. A.20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज
  2. B.80 हर्ट्ज – 100 हर्ट्ज
  3. C.2 लाख हर्ट्ज – 4 लाख हर्ट्ज
  4. D.0 हर्ट्ज – 20 हर्ट्ज
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज

व्याख्या

सही उत्तर है A, 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज। स्वस्थ मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज (20 किलोहर्ट्ज) आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगें सुन सकता है; इसे श्रव्य परास कहते हैं। 20 हर्ट्ज से कम आवृत्ति की ध्वनि अवश्रव्य (इन्फ्रासोनिक) कहलाती है, जिसका उपयोग हाथी और व्हेल दूर तक संदेश भेजने में करते हैं। 20 किलोहर्ट्ज से अधिक की ध्वनि पराश्रव्य (अल्ट्रासोनिक) कहलाती है; चमगादड़, कुत्ते और डॉल्फ़िन इसे सुन सकते हैं, और अल्ट्रासाउंड का उपयोग मेडिकल जाँच, नाज़ुक पुर्ज़ों की सफ़ाई और सोनार में होता है। पाँच साल से छोटे बच्चे और कुछ जानवर लगभग 25 किलोहर्ट्ज तक सुन लेते हैं, और उम्र बढ़ने के साथ ऊपरी सीमा घटती जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 80 से 100 हर्ट्ज श्रव्य परास का बहुत छोटा हिस्सा भर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2 लाख से 4 लाख हर्ट्ज, यानी 200 से 400 किलोहर्ट्ज, पूरी तरह पराश्रव्य क्षेत्र में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 0 से 20 हर्ट्ज अवश्रव्य क्षेत्र है, जिसे मनुष्य नहीं सुन सकता। परीक्षा टिप: 20 हर्ट्ज से नीचे अवश्रव्य, 20 हर्ट्ज से 20 किलोहर्ट्ज तक श्रव्य, 20 किलोहर्ट्ज से ऊपर पराश्रव्य।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group D, 22 Oct 2023, Shift 1आसान

एनोडीकरण निम्नलिखित में से किसके ऑक्साइड की मोटी परत बनाने की प्रक्रिया है?

  1. A.चाँदी
  2. B.एल्युमिनियम
  3. C.स्वर्ण
  4. D.ताँबा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एल्युमिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है B, एल्युमिनियम। हवा के संपर्क में आने पर एल्युमिनियम पर अपने आप एल्युमिनियम ऑक्साइड की एक पतली परत बन जाती है, जो उसे आगे संक्षारण से बचाती है। एनोडीकरण में इसी परत को जानबूझकर मोटा किया जाता है। साफ़ एल्युमिनियम की वस्तु को तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के विद्युत अपघटनी घोल में ऐनोड, यानी धन इलेक्ट्रोड, बनाया जाता है, और ऐनोड पर निकलने वाली ऑक्सीजन गैस धातु से क्रिया करके ऑक्साइड की मोटी परत बना देती है। यह परत संक्षारण और खरोंच से बचाती है और इसे आसानी से आकर्षक रंगों में रंगा जा सकता है, इसीलिए प्रेशर कुकर, खिड़कियों के फ्रेम और कई घरेलू सामानों में एनोडीकृत एल्युमिनियम का उपयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि चाँदी पर सुरक्षात्मक ऑक्साइड परत नहीं बनती; वह सिल्वर सल्फ़ाइड बनने से काली पड़ती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सोना हवा से लगभग कोई क्रिया नहीं करता, इसलिए उसे ऐसी परत की ज़रूरत नहीं होती। विकल्प D गलत है, क्योंकि नम हवा में ताँबे पर क्षारीय कॉपर कार्बोनेट की हरी परत जमती है, एनोडीकरण वाली ऑक्साइड परत नहीं। परीक्षा टिप: एनोडीकरण यानी एल्युमिनियम पर मोटी ऑक्साइड परत; यशदलेपन (गैल्वनीकरण) यानी लोहे पर जस्ते की परत।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 04 Feb 2025, Shift 1मध्यम

माइकल फैराडे ने विद्युत चुंबकीय प्रेरण की खोज कब की थी, जो विद्युत ट्रांसफार्मर और जनरेटर का सिद्धांत है?

  1. A.1853
  2. B.1831
  3. C.1820
  4. D.1875
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1831

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1831। 1831 में ब्रिटिश वैज्ञानिक माइकल फैराडे ने दिखाया कि बदलता चुंबकीय क्षेत्र पास की कुंडली में विद्युत धारा पैदा करता है। उन्होंने तार की कुंडली में चुंबक को अंदर-बाहर किया और गैल्वेनोमीटर की सुई को हिलते देखा, और यह भी पाया कि लोहे के एक ही छल्ले पर लिपटी एक कुंडली में धारा चालू-बंद करने से दूसरी कुंडली में धारा प्रेरित होती है। इसे विद्युत चुंबकीय प्रेरण कहते हैं, और यही विद्युत जनरेटर (डायनमो) और ट्रांसफार्मर का कार्य-सिद्धांत है। धारिता की SI इकाई फैराड उन्हीं के नाम पर है। A गलत है क्योंकि 1853 इस खोज के बीस साल से भी ज्यादा बाद का वर्ष है। C गलत है क्योंकि 1820 में हंस क्रिश्चियन ओर्स्टेड ने पाया था कि विद्युत धारा चुंबकीय क्षेत्र बनाती है, जो इसका उलटा प्रभाव है। D गलत है क्योंकि 1875 का इस खोज से कोई संबंध नहीं। परीक्षा टिप: ओर्स्टेड 1820, धारा से चुंबकत्व; फैराडे 1831, बदलते चुंबकत्व से धारा।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (II) 2022, 4 Sep 2022आसान

पारिगर्भिक (क्वाशिओरकोर) कुपोषण का एक प्रकार है, जो किसकी कमी के कारण होता है?

  1. A.खनिज
  2. B.विटामिन
  3. C.वसा
  4. D.प्रोटीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. प्रोटीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, प्रोटीन। क्वाशिओरकोर भोजन में प्रोटीन की भारी कमी से होता है, भले ही बच्चे को स्टार्च वाले भोजन से कुछ कैलोरी मिल रही हो। यह आमतौर पर एक से पांच साल के उन बच्चों को होता है जिनका स्तनपान छूट जाता है और जिन्हें ज्यादातर चावल, मक्का या कसावा खिलाया जाता है। इसके पहचान चिह्न हैं: शरीर में पानी रुकने (शोफ) से फूला पेट और सूजे पैर, गोल चेहरा, उखड़ती त्वचा, पतले लालिमा लिए बाल और रुकी हुई वृद्धि। यह शब्द घाना से आया है। इससे मिलता रोग मरास्मस प्रोटीन और कैलोरी दोनों की कमी से होता है, जिसमें बच्चा बहुत दुबला हो जाता है, सूजन नहीं होती। A गलत है, खनिजों की कमी से दूसरे रोग होते हैं, जैसे आयरन की कमी से एनीमिया और आयोडीन की कमी से घेंघा। B गलत है, विटामिन की कमी से स्कर्वी, रिकेट्स और रतौंधी होते हैं। C गलत है, वसा की कमी क्वाशिओरकोर का कारण नहीं है। परीक्षा टिप: क्वाशिओरकोर, केवल प्रोटीन, फूला पेट; मरास्मस, प्रोटीन और कैलोरी दोनों, शरीर सूखना।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 17 Feb 2025, Shift 1आसान

मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड एंटासिड और रेचक (लैक्सेटिव) दवाओं का एक आम घटक है, जिसे लोकप्रिय रूप से किस नाम से जाना जाता है?

  1. A.फ्यूज्ड मैग्नेशिया
  2. B.मिल्क ऑफ मैग्नेशिया
  3. C.मैग्नेशिया अल्बा
  4. D.कॉस्टिक-कैल्सीन्ड मैग्नेशिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मिल्क ऑफ मैग्नेशिया

व्याख्या

सही उत्तर है B, मिल्क ऑफ मैग्नेशिया। मिल्क ऑफ मैग्नेशिया पानी में मैग्नीशियम हाइड्रॉक्साइड, यानी Mg(OH)2, का दूधिया सफेद निलंबन है। यह एक हल्का क्षार है, इसलिए पेट में एसिडिटी और सीने की जलन पैदा करने वाले अतिरिक्त हाइड्रोक्लोरिक अम्ल को उदासीन कर देता है; इस क्रिया से मैग्नीशियम क्लोराइड और पानी बनते हैं। ज्यादा मात्रा में यह आंतों में पानी खींचता है और रेचक का काम करता है। यह एंटासिड उदासीनीकरण का किताबी उदाहरण है, जिसमें अम्ल और क्षार मिलकर लवण और पानी बनाते हैं। A गलत है क्योंकि फ्यूज्ड मैग्नेशिया विद्युत आर्क भट्टी में पिघलाया गया मैग्नीशियम ऑक्साइड है, जो भट्टियों की ताप-रोधी परत में काम आता है। C गलत है क्योंकि मैग्नेशिया अल्बा एक क्षारीय मैग्नीशियम कार्बोनेट है, जो सफेद पाउडर होता है। D गलत है क्योंकि कॉस्टिक-कैल्सीन्ड मैग्नेशिया कम तापमान पर गर्म करके बनाया गया मैग्नीशियम ऑक्साइड है, जो उद्योग और खेती में काम आता है। परीक्षा टिप: मिल्क ऑफ मैग्नेशिया यानी Mg(OH)2, एक एंटासिड क्षार, जो पेट के HCl को उदासीन करता है।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 12 Jan 2020मध्यम

एक ही पौधे के एक पुष्प के परागकोश से परागकण का उसी पौधे के दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र पर स्थानांतरण कहलाता है

  1. A.स्वक युग्मन
  2. B.सजातपुष्पी परागण
  3. C.पर-परागण
  4. D.उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सजातपुष्पी परागण

व्याख्या

सही उत्तर है B, सजातपुष्पी परागण। जब किसी पौधे के एक पुष्प के परागकोश से परागकण उसी पौधे के दूसरे पुष्प के वर्तिकाग्र तक पहुँचते हैं, तो इसे सजातपुष्पी परागण (गाइटोनोगैमी) कहते हैं। होने के ढंग में यह पर-परागण जैसा है, क्योंकि पराग को कोई बाहरी वाहक, जैसे कीट या हवा, ले जाता है; पर आनुवंशिक रूप से यह स्व-परागण जैसा ही है, क्योंकि पराग उसी पौधे का होता है और कोई नया जीन नहीं लाता। यह शब्द यूनानी शब्द ‘गाइटन’ से बना है, जिसका अर्थ है पड़ोसी; याद रखने का आसान तरीका यही है कि पराग पड़ोसी फूल तक जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि स्वक युग्मन (ऑटोगैमी) एक ही पुष्प के भीतर होता है, जहाँ पराग उसी फूल के वर्तिकाग्र पर पहुँचता है, जैसा बंद रहने वाले अनुन्मील्य पुष्पों में होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि पर-परागण (ज़ीनोगैमी) में पराग किसी दूसरे पौधे के फूल तक जाता है, और यही अकेला प्रकार है जो आनुवंशिक रूप से अलग पराग लाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस प्रक्रिया का सही नाम सजातपुष्पी परागण ही है। परीक्षा टिप: स्वक युग्मन एक ही फूल, सजातपुष्पी परागण एक ही पौधा, पर-परागण दूसरा पौधा।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु कितने कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है?

  1. A.दो
  2. B.पाँच
  3. C.तीन
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार। हीरे में हर कार्बन परमाणु चार दूसरे कार्बन परमाणुओं से मज़बूत सहसंयोजक (covalent) बंधों द्वारा जुड़ा होता है। ये बंध चतुष्फलक (tetrahedron) के कोनों की ओर होते हैं और पूरे क्रिस्टल में एक कठोर त्रिविमीय जाल बना देते हैं। इसी जाल के कारण हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है और काटने व ड्रिलिंग के औज़ारों में इस्तेमाल होता है। चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध बनाने में लग जाते हैं और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बचता, इसलिए हीरा बिजली का चालन नहीं करता। कार्बन के दूसरे रूप ग्रेफाइट में हर परमाणु केवल तीन कार्बन से जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है; बचा हुआ इलेक्ट्रॉन उसे विद्युत चालक बनाता है। A गलत है क्योंकि दो बंधों से ठोस त्रिविमीय जाल नहीं बनता। B गलत है क्योंकि कार्बन की संयोजकता चार है, वह पाँच बंध नहीं बनाता। C गलत है क्योंकि तीन बंध ग्रेफाइट की पहचान है, हीरे की नहीं। परीक्षा टिप: हीरा = 4 बंध, कठोर, कुचालक; ग्रेफाइट = 3 बंध, नरम, सुचालक।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

निम्नलिखित में से किस दूरदर्शी (telescope) में केवल दर्पण होते हैं?

  1. A.गैलीलियन दूरदर्शी
  2. B.केप्लेरियन दूरदर्शी
  3. C.न्यूटोनियन दूरदर्शी
  4. D.श्मिट दूरदर्शी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. न्यूटोनियन दूरदर्शी

व्याख्या

सही उत्तर है C, न्यूटोनियन दूरदर्शी। आइज़क न्यूटन ने 1668 में पहला व्यावहारिक परावर्तक दूरदर्शी बनाया। इसमें तारे का प्रकाश नली के नीचे लगे बड़े अवतल दर्पण पर पड़ता है और ऊपर 45 डिग्री पर लगा छोटा समतल दर्पण उसे बगल में लगी नेत्रिका (eyepiece) की ओर मोड़ देता है। अभिदृश्यक लेंस नहीं बल्कि दर्पण होने से इसमें वर्ण विपथन (chromatic aberration), यानी लेंस से बनने वाली रंगीन किनारी, नहीं होती, और दर्पण को लेंस से कहीं बड़ा व हल्का बनाया जा सकता है। इसीलिए बड़ी वेधशालाओं के अधिकांश दूरदर्शी परावर्तक होते हैं। A, गैलीलियन दूरदर्शी, अपवर्तक है जिसमें उत्तल अभिदृश्यक और अवतल नेत्रिका लेंस होते हैं। B, केप्लेरियन दूरदर्शी भी अपवर्तक है, दो उत्तल लेंसों वाला, और उल्टा प्रतिबिंब देता है। D, श्मिट दूरदर्शी में गोलीय दर्पण के साथ काँच की संशोधक प्लेट लगी होती है, इसलिए वह केवल दर्पणों वाला नहीं है। परीक्षा टिप: अपवर्तक = लेंस (गैलीलियो, केप्लर), परावर्तक = दर्पण (न्यूटन), श्मिट = दर्पण + संशोधक लेंस।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 09 Oct 2024, Shift 1आसान

'लाफिंग गैस' के नाम से प्रसिद्ध यौगिक का रासायनिक सूत्र क्या है?

  1. A.NO
  2. B.N2O3
  3. C.N2O
  4. D.NO2
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. N2O

व्याख्या

सही उत्तर है C, N2O। लाफिंग गैस यानी हंसाने वाली गैस नाइट्रस ऑक्साइड N2O है, एक रंगहीन और हल्की मीठी गंध वाली गैस, जिसे सूंघने पर लोग हंसने लगते हैं और हल्कापन महसूस करते हैं। इसे सबसे पहले 1772 में जोसेफ प्रीस्टली ने बनाया और हम्फ्री डेवी ने इसके असर का अध्ययन करके इसे यह लोकप्रिय नाम दिया। दंत चिकित्सक और सर्जन इसे ऑक्सीजन के साथ मिलाकर हल्के निश्चेतक और दर्द निवारक के रूप में इस्तेमाल करते हैं, और व्हिप्ड क्रीम के डिब्बों में भी यही गैस भरी होती है। प्रयोगशाला में इसे अमोनियम नाइट्रेट को धीरे-धीरे गर्म करके बनाया जाता है। यह ग्रीनहाउस गैस भी है और ओजोन परत को नुकसान पहुंचाती है। A गलत है क्योंकि NO नाइट्रिक ऑक्साइड है, रंगहीन गैस जो हवा में भूरी हो जाती है। B गलत है क्योंकि N2O3 डाइनाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड है, जो कम तापमान पर नीला द्रव होता है। D गलत है क्योंकि NO2 नाइट्रोजन डाइऑक्साइड है, वाहनों के धुएं और अम्ल वर्षा में मिलने वाली लाल-भूरी जहरीली गैस। परीक्षा टिप: लाफिंग गैस = नाइट्रस ऑक्साइड = N2O, खोज प्रीस्टली ने की, दंत चिकित्सा में निश्चेतक।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 5 Jun 2022आसान

निम्नलिखित में से किस संदर्भ में 'क्यूबिट' शब्द का उल्लेख होता है?

  1. A.क्लाउड सेवाएँ
  2. B.क्वांटम कंप्यूटिंग
  3. C.दृश्य प्रकाश संचार प्रौद्योगिकियाँ
  4. D.वायरलेस संचार प्रौद्योगिकियाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्वांटम कंप्यूटिंग

व्याख्या

सही उत्तर है B, क्वांटम कंप्यूटिंग। क्यूबिट, यानी क्वांटम बिट, क्वांटम कंप्यूटर में सूचना की मूल इकाई है। साधारण बिट केवल 0 या 1 हो सकता है, लेकिन क्यूबिट एक साथ 0 और 1 की अध्यारोपण (सुपरपोजिशन) अवस्था में रह सकता है, और क्यूबिट उलझे (एंटैंगल्ड) भी हो सकते हैं, जिससे एक की अवस्था दूसरे से जुड़ जाती है। इसी कारण क्यूबिट का समूह कई संभावनाओं को एक साथ परख सकता है, जिससे क्वांटम कंप्यूटर अणुओं का अनुकरण या कुछ प्रकार के कूटलेखन तोड़ने जैसी समस्याएँ सामान्य कंप्यूटरों से कहीं तेज हल कर सकते हैं। क्यूबिट अतिचालक परिपथों, फँसे आयनों या फोटॉनों से बनते हैं, और ज्यादातर को परम शून्य के पास ठंडा रखना पड़ता है। भारत 2023 में स्वीकृत राष्ट्रीय क्वांटम मिशन से इस क्षेत्र को बढ़ावा दे रहा है। विकल्प A गलत है, क्योंकि क्लाउड सेवाएँ साधारण बिट और सर्वर पर चलती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि दृश्य प्रकाश संचार, यानी Li-Fi, LED प्रकाश से डेटा भेजता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि वायरलेस संचार रेडियो तरंगों का उपयोग करता है, क्यूबिट का नहीं। परीक्षा टिप: बिट यानी 0 या 1, क्यूबिट यानी अध्यारोपण और उलझाव।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 29 Aug 2018, Shift 2आसान

कोशिका के किस अंगक को "कोशिका का मास्टर" कहा जाता है?

  1. A.माइटोकॉन्ड्रिया
  2. B.अंतर्द्रव्यी जालिका (एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम)
  3. C.केंद्रिका (न्यूक्लियोलस)
  4. D.केंद्रक (न्यूक्लियस)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. केंद्रक (न्यूक्लियस)

व्याख्या

सही उत्तर है D, केंद्रक (न्यूक्लियस)। केंद्रक कोशिका की सभी गतिविधियों को निर्देशित करता है, इसलिए इसे कोशिका का मास्टर या नियंत्रण केंद्र कहा जाता है। इसमें गुणसूत्र (क्रोमोसोम) होते हैं जिनमें DNA रहता है; यही DNA प्रोटीन बनाने और माता-पिता के गुण संतान तक पहुँचाने के निर्देश रखता है। केंद्रक दोहरी झिल्ली से घिरा होता है, जिसे केंद्रक आवरण कहते हैं और जिसके छिद्रों से संदेश अंदर-बाहर आते-जाते हैं। रॉबर्ट ब्राउन ने 1831 में केंद्रक की खोज की थी। स्तनधारियों की परिपक्व लाल रक्त कोशिकाओं में केंद्रक नहीं होता। A गलत है क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया ATP के रूप में ऊर्जा देता है और उसे कोशिका का पावरहाउस कहा जाता है। B गलत है क्योंकि अंतर्द्रव्यी जालिका झिल्लियों का जाल है जो प्रोटीन और वसा बनाती व पहुँचाती है। C गलत है क्योंकि केंद्रिका केंद्रक के भीतर की छोटी संरचना है जो राइबोसोम बनाती है, वह नियंत्रण केंद्र का केवल एक हिस्सा है। परीक्षा टिप: केंद्रक = नियंत्रण केंद्र, माइटोकॉन्ड्रिया = पावरहाउस, राइबोसोम = प्रोटीन फैक्ट्री, लाइसोसोम = आत्मघाती थैली, गॉल्जी काय = पैकेजिंग इकाई।

Q17.सामान्य विज्ञानमध्यम

एक अश्वशक्ति लगभग कितने वाट के बराबर होती है?

  1. A.500 वाट
  2. B.746 वाट
  3. C.1,000 वाट
  4. D.1,200 वाट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 746 वाट

व्याख्या

सही उत्तर B, 746 वाट है। अश्वशक्ति शक्ति का पुराना व्यावहारिक मात्रक है, जो आज भी इंजन, पंप और मोटर की क्षमता बताने में प्रयुक्त होता है, और यह लगभग 746 वाट के बराबर है। वाट स्वयं शक्ति का एसआई मात्रक है और इसका अर्थ है एक सेकंड में एक जूल कार्य।

विकल्प A, 500 वाट और विकल्प D, 1,200 वाट किसी मानक मात्रक से मेल नहीं खाते। विकल्प C, 1,000 वाट एक किलोवाट है, जो भिन्न और अत्यंत प्रचलित मात्रक है: घरों में बिजली का बिल किलोवाट घंटा में बनता है, जिसे आम बोलचाल में यूनिट कहते हैं, और एक किलोवाट घंटा वह ऊर्जा है जो एक किलोवाट का उपकरण एक घंटे में खर्च करता है। दोनों को अलग रखें, क्योंकि प्रश्न में किलोवाट प्रायः भ्रमित करने के लिए रखा जाता है।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · DSSSB PRT, 7 Mar 2022, Shift 1आसान

तत्व और परमाणुकता का निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही है?

I. नाइट्रोजन – द्विपरमाणुक

II. सल्फर – बहुपरमाणुक

  1. A.केवल I
  2. B.न तो I और न ही II
  3. C.I और II दोनों
  4. D.केवल II
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, I और II दोनों। परमाणुकता किसी तत्व के एक अणु में परमाणुओं की संख्या है, और इसी कारण हम नाइट्रोजन गैस को केवल N नहीं, बल्कि N2 लिखते हैं। नाइट्रोजन गैस N2 के रूप में रहती है, यानी दो परमाणु मज़बूत त्रिबंध से जुड़े होते हैं, इसलिए यह ऑक्सीजन, हाइड्रोजन और क्लोरीन की तरह द्विपरमाणुक है। सल्फर S8 के रूप में रहता है, आठ परमाणुओं का मुकुट जैसा वलय, इसलिए यह बहुपरमाणुक है। फ़ॉस्फ़ोरस P4 के रूप में चतुःपरमाणुक है, ओज़ोन (O3) त्रिपरमाणुक है, और हीलियम तथा आर्गन जैसी उत्कृष्ट गैसें एकपरमाणुक हैं, क्योंकि वे अकेले परमाणु के रूप में रहती हैं। ये उदाहरण NCERT कक्षा 9 के परमाणु और अणु अध्याय में दिए गए हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह केवल पहला युग्म मानता है, जबकि सल्फर वाला युग्म भी सही है। विकल्प B गलत है, क्योंकि दोनों युग्म सही हैं, इसलिए 'कोई नहीं' उत्तर नहीं हो सकता। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह केवल सल्फर वाला युग्म मानता है और नाइट्रोजन को छोड़ देता है, जो सही रूप से द्विपरमाणुक है। परीक्षा टिप: He एक, N2 दो, O3 तीन, P4 चार, S8 बहु।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Jan 2023, Shift 1आसान

थायमिन को किस विटामिन के नाम से भी जाना जाता है?

  1. A.विटामिन B2
  2. B.विटामिन B3
  3. C.विटामिन B1
  4. D.विटामिन B12
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विटामिन B1

व्याख्या

सही उत्तर है C, विटामिन B1। थायमिन ही विटामिन B1 है, जो पानी में घुलनशील विटामिन है और शरीर को कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा बनाने में मदद करता है तथा नसों और हृदय को ठीक से काम करने में सहायता देता है। इसकी कमी से बेरी-बेरी रोग होता है, जिसमें मांसपेशियां और नसें कमजोर हो जाती हैं। यह रोग पहले उन लोगों में आम था जो ज्यादातर पॉलिश किया चावल खाते थे, क्योंकि पॉलिश करने से दाने की थायमिन वाली बाहरी परत निकल जाती है। साबुत अनाज, दालें, मेवे और खमीर इसके अच्छे स्रोत हैं। पानी में घुलनशील होने के कारण यह शरीर में लंबे समय तक जमा नहीं रहता, इसलिए रोज के भोजन से मिलना चाहिए। A गलत है क्योंकि विटामिन B2 राइबोफ्लेविन है, जिसकी कमी से मुंह के कोनों पर दरारें पड़ती हैं। B गलत है क्योंकि विटामिन B3 नियासिन है, जिसकी कमी से पेलाग्रा होता है। D गलत है क्योंकि विटामिन B12 कोबालामिन है, जिसमें कोबाल्ट होता है और जिसकी कमी से घातक रक्ताल्पता होती है। परीक्षा टिप: B1 थायमिन और बेरी-बेरी; B2 राइबोफ्लेविन; B3 नियासिन और पेलाग्रा; B12 कोबालामिन और घातक रक्ताल्पता।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा जीव मोनेरा जगत् (किंगडम मोनेरा) से संबंधित है?

  1. A.डायटम
  2. B.यूग्लीना
  3. C.एनाबीना
  4. D.यूलोथ्रिक्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एनाबीना

व्याख्या

सही उत्तर है C, एनाबीना। एनाबीना एक सायनोबैक्टीरिया है, यानी ऐसा प्रोकैरियोट जिसमें असली केंद्रक नहीं होता, और सभी प्रोकैरियोट मोनेरा जगत में रखे जाते हैं। आर.एच. व्हिटेकर के पाँच जगत वर्गीकरण (1969) में मोनेरा में जीवाणु और सायनोबैक्टीरिया (नील-हरित शैवाल) आते हैं, जिनकी कोशिकाओं में केंद्रक झिल्ली और झिल्ली से घिरे कोशिकांग नहीं होते। एनाबीना कोशिकाओं की शृंखला के रूप में बढ़ता है और इसमें मोटी दीवार वाली विशेष कोशिकाएँ, हेटरोसिस्ट, हवा की नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करती हैं। यह छोटे जलीय फर्न एज़ोला के भीतर रहता है, इसीलिए धान के खेतों में एज़ोला जैव उर्वरक के रूप में प्रयोग होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि डायटम काँच जैसी सिलिका भित्ति वाले एककोशिकीय यूकैरियोट हैं, जो प्रोटिस्टा में आते हैं; इनके जमाव से डायटमी मृदा बनती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि यूग्लीना प्रोटिस्ट है, जो प्रकाश में अपना भोजन बनाता है और अँधेरे में जंतुओं की तरह भोजन लेता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यूलोथ्रिक्स असली केंद्रक वाला तंतुमय हरा शैवाल है, जिसे पादप जगत में रखा जाता है। परीक्षा टिप: असली केंद्रक नहीं तो मोनेरा; नाइट्रोजन स्थिर करने वाले सायनोबैक्टीरिया एनाबीना और नॉस्टॉक याद रखें।

सभी क्विज देखें