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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 7

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 7) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 15 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, वैज्ञानिक उपकरण और खोजें, प्रकाश: परावर्तन और अपवर्तन और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानकठिन

कार्य का विमीय सूत्र क्या है?

  1. A.M L T⁻²
  2. B.M L² T⁻²
  3. C.M L² T⁻³
  4. D.M L⁻¹ T⁻²
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. M L² T⁻²

व्याख्या

सही उत्तर B, M L² T⁻² है। कार्य बल और विस्थापन का गुणनफल है। बल की विमाएं M L T⁻² हैं, और उसमें एक लंबाई का गुणा करने पर L की एक और घात जुड़ जाती है, जिससे M L² T⁻² प्राप्त होता है। ऊर्जा की विमाएं भी यही हैं, क्योंकि ऊर्जा कार्य करने की क्षमता है, और बल आघूर्ण की भी यही विमाएं होती हैं।

विकल्प A, M L T⁻² बल का विमीय सूत्र है और भार का भी, क्योंकि भार एक बल है। विकल्प C, M L² T⁻³ शक्ति का सूत्र है, क्योंकि शक्ति कार्य में समय का भाग देकर मिलती है और इसीलिए हर में T की एक अतिरिक्त घात आ जाती है। विकल्प D, M L⁻¹ T⁻² दाब का सूत्र है, जो बल में क्षेत्रफल का भाग देकर मिलता है। कार्य और बल आघूर्ण की विमाएं समान होने के कारण केवल विमीय विश्लेषण से इन्हें अलग नहीं किया जा सकता, जो इस विधि की ज्ञात सीमा है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 7 Jan 2021, Shift 2 (CBT 1)मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा उपकरण भट्टियों जैसे अपेक्षाकृत उच्च तापमान को मापने के लिए प्रयोग होता है?

  1. A.बोलोमीटर
  2. B.पायरोमीटर
  3. C.अमीटर
  4. D.फ्लक्समीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पायरोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर है B, पायरोमीटर। पायरोमीटर बहुत ऊँचे तापमान, जैसे भट्टियों, भट्ठों और पिघली धातु का तापमान, गर्म वस्तु को छुए बिना मापता है। इसका सिद्धांत यह है कि हर गर्म वस्तु ऊष्मीय विकिरण छोड़ती है जिसकी तीव्रता और रंग उसके तापमान पर निर्भर करते हैं; उपकरण इसी विकिरण को पढ़कर तापमान बताता है। साधारण पारे वाले थर्मामीटर लगभग 350 डिग्री सेल्सियस तक ही काम करते हैं, इसलिए इस्पात संयंत्र, काँच कारखाने और सीमेंट भट्ठे पायरोमीटर पर निर्भर रहते हैं, जो 1,000 डिग्री सेल्सियस से बहुत ऊपर तक पढ़ सकता है। यह शब्द ग्रीक 'पायरो' यानी आग से बना है। A गलत है क्योंकि बोलोमीटर आने वाले विद्युत-चुंबकीय विकिरण, जैसे अवरक्त या माइक्रोवेव, की शक्ति मापता है, भट्टी का तापमान नहीं। C गलत है क्योंकि अमीटर विद्युत धारा को एम्पियर में मापता है। D गलत है क्योंकि फ्लक्समीटर चुंबकीय फ्लक्स मापता है। परीक्षा टिप: भट्टी की गर्मी के लिए पायरोमीटर, शरीर की गर्मी के लिए थर्मामीटर, धारा के लिए अमीटर, चुंबकत्व के लिए फ्लक्समीटर।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 26 May 2019, Shift 2आसान

गोलीय दर्पणों द्वारा प्रकाश के परावर्तन से जुड़े प्रश्न हल करते समय कौन-सी चिह्न परिपाटी अपनाई जाती है?

  1. A.सिस्टम परिपाटी
  2. B.चिह्न परिपाटी
  3. C.दर्पण परिपाटी
  4. D.नई कार्तीय चिह्न परिपाटी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नई कार्तीय चिह्न परिपाटी

व्याख्या

सही उत्तर है D, नई कार्तीय चिह्न परिपाटी (New Cartesian sign convention)। गोलीय दर्पणों से परावर्तन और दर्पण सूत्र के सवाल इसी मानक नियम से हल किए जाते हैं। इस परिपाटी में दर्पण का ध्रुव (pole) मूल बिंदु होता है और मुख्य अक्ष को x-अक्ष माना जाता है। वस्तु हमेशा दर्पण के बाईं ओर रखी जाती है और सभी दूरियाँ ध्रुव से मापी जाती हैं; आपतित प्रकाश की दिशा में मापी गई दूरी धनात्मक और उसकी उलटी दिशा में ऋणात्मक होती है। मुख्य अक्ष के ऊपर की ऊँचाई धनात्मक और नीचे की ऋणात्मक होती है, इसलिए अवतल दर्पण की फोकस दूरी ऋणात्मक और उत्तल दर्पण की धनात्मक होती है। A गलत है क्योंकि 'सिस्टम परिपाटी' प्रकाशिकी का कोई नियम नहीं है। B गलत है क्योंकि 'चिह्न परिपाटी' केवल सामान्य नाम है; प्रयोग होने वाला खास नियम नई कार्तीय परिपाटी ही है। C गलत है क्योंकि 'दर्पण परिपाटी' कोई मान्य शब्द नहीं है। परीक्षा टिप: दूरी हमेशा ध्रुव से मापें; अवतल दर्पण की f ऋणात्मक, उत्तल की धनात्मक; दर्पण सूत्र 1/v + 1/u = 1/f।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किसका रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है?

  1. A.बेकिंग पाउडर
  2. B.बेकिंग सोडा
  3. C.धावन सोडा (वॉशिंग सोडा)
  4. D.प्लास्टर ऑफ पेरिस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बेकिंग सोडा

व्याख्या

सही उत्तर है B, बेकिंग सोडा। इसका रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट और सूत्र NaHCO3 है। यह एक हल्का, असंक्षारक क्षार है जो सॉल्वे प्रक्रिया से बनता है, जिसमें नमक के घोल पर अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड की क्रिया कराई जाती है। गर्म करने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है, इसीलिए केक फूलता है; यह एंटासिड, सोडा-अम्ल अग्निशामक और सफाई में भी काम आता है। इस प्रश्न का जाल समझें: बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर अलग चीज़ें हैं। A गलत है क्योंकि बेकिंग पाउडर बेकिंग सोडा और टार्टरिक अम्ल जैसे हल्के खाद्य अम्ल का मिश्रण है, कोई एक यौगिक नहीं। C गलत है क्योंकि धावन सोडा सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट, Na2CO3.10H2O, है, जो कठोर जल को मृदु करने और काँच व साबुन बनाने में काम आता है। D गलत है क्योंकि प्लास्टर ऑफ पेरिस कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट, CaSO4.1/2H2O, है, जो प्लास्टर और साँचों में लगता है। परीक्षा टिप: बेकिंग सोडा NaHCO3, धावन सोडा Na2CO3.10H2O, प्लास्टर ऑफ पेरिस CaSO4.1/2H2O, विरंजक चूर्ण CaOCl2।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 18 Aug 2019आसान

तत्व यूरेनियम-235 के नाभिक में न्यूट्रानों की संख्या कितनी होती है?

  1. A.235
  2. B.92
  3. C.143
  4. D.51
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 143

व्याख्या

सही उत्तर है C, 143। 235 द्रव्यमान संख्या है और यूरेनियम की परमाणु संख्या 92 है, इसलिए नाभिक में 235 में से 92 घटाकर 143 न्यूट्रॉन होते हैं। द्रव्यमान संख्या (A) प्रोटॉन और न्यूट्रॉन दोनों को गिनती है, जबकि परमाणु संख्या (Z) केवल प्रोटॉन को, इसलिए न्यूट्रॉन = A − Z। यूरेनियम के हर परमाणु में 92 प्रोटॉन होते हैं; उसके समस्थानिक केवल न्यूट्रॉन की संख्या में अलग होते हैं। प्राकृतिक यूरेनियम में यूरेनियम-235 केवल लगभग 0.7% होता है, बाकी ज़्यादातर U-238 है जिसमें 146 न्यूट्रॉन होते हैं। फिर भी धीमे न्यूट्रॉन के टकराने पर आसानी से टूटने वाला समस्थानिक U-235 ही है, इसलिए रिएक्टर के ईंधन में इसे "संवर्धित" किया जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 235 प्रोटॉन और न्यूट्रॉन का कुल योग है, केवल न्यूट्रॉन नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि 92 प्रोटॉन की संख्या यानी परमाणु संख्या है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 51 का इस नाभिक से कोई संबंध नहीं, यह केवल भ्रम पैदा करने वाला विकल्प है। परीक्षा टिप: न्यूट्रॉन = द्रव्यमान संख्या − परमाणु संख्या; U-235 में 143 और U-238 में 146।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु कितने कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है?

  1. A.दो
  2. B.पाँच
  3. C.तीन
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार। हीरे में हर कार्बन परमाणु चार दूसरे कार्बन परमाणुओं से मज़बूत सहसंयोजक (covalent) बंधों द्वारा जुड़ा होता है। ये बंध चतुष्फलक (tetrahedron) के कोनों की ओर होते हैं और पूरे क्रिस्टल में एक कठोर त्रिविमीय जाल बना देते हैं। इसी जाल के कारण हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है और काटने व ड्रिलिंग के औज़ारों में इस्तेमाल होता है। चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध बनाने में लग जाते हैं और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बचता, इसलिए हीरा बिजली का चालन नहीं करता। कार्बन के दूसरे रूप ग्रेफाइट में हर परमाणु केवल तीन कार्बन से जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है; बचा हुआ इलेक्ट्रॉन उसे विद्युत चालक बनाता है। A गलत है क्योंकि दो बंधों से ठोस त्रिविमीय जाल नहीं बनता। B गलत है क्योंकि कार्बन की संयोजकता चार है, वह पाँच बंध नहीं बनाता। C गलत है क्योंकि तीन बंध ग्रेफाइट की पहचान है, हीरे की नहीं। परीक्षा टिप: हीरा = 4 बंध, कठोर, कुचालक; ग्रेफाइट = 3 बंध, नरम, सुचालक।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 30 Aug 2018, Shift 3आसान

पीतल (ब्रास) किन धातुओं से बनी मिश्रधातु है?

  1. A.तांबा और टिन
  2. B.तांबा और जस्ता
  3. C.तांबा और एल्युमिनियम
  4. D.तांबा और लोहा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तांबा और जस्ता

व्याख्या

सही उत्तर है B, तांबा और जस्ता। पीतल तांबे और जस्ते (जिंक) की मिश्रधातु है, जिसमें आमतौर पर लगभग 70 प्रतिशत तांबा और 30 प्रतिशत जस्ता होता है। जस्ता मिलाने से पीतल शुद्ध तांबे से अधिक कठोर हो जाता है, उसमें सुनहरी-पीली चमक आती है और वह जंग व संक्षारण से बचा रहता है। इसी कारण बर्तन, दरवाज़ों के हत्थे, नल, तुरही जैसे वाद्य और कारतूस के खोल पीतल से बनते हैं। मिश्रधातु किसी धातु का दूसरी धातुओं या किसी अधातु के साथ मिश्रण होती है, जिसे मज़बूती, कठोरता या जंग-रोधी गुण बढ़ाने के लिए बनाया जाता है। A गलत है क्योंकि तांबा और टिन मिलकर कांसा बनाते हैं, जिसके नाम पर कांस्य युग कहा जाता है। C गलत है क्योंकि तांबा और एल्युमिनियम मिलकर एल्युमिनियम ब्रॉन्ज़ बनाते हैं, पीतल नहीं। D गलत है क्योंकि तांबा और लोहा कोई प्रचलित मिश्रधातु नहीं बनाते; लोहे में थोड़ा कार्बन मिलाने से स्टील बनता है। परीक्षा टिप: पीतल = Cu + Zn, कांसा = Cu + Sn, टांका (सोल्डर) = Pb + Sn, स्टेनलेस स्टील = Fe + Cr + Ni + C, जर्मन सिल्वर = Cu + Zn + Ni।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 3कठिन

प्लास्टिड और उसमें संग्रहित पदार्थ का निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही नहीं है?

I. एमाइलोप्लास्ट – तेल और वसा

II. एल्यूरोप्लास्ट – कार्बोहाइड्रेट

  1. A.केवल I
  2. B.I और II दोनों
  3. C.न तो I और न ही II
  4. D.केवल II
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. I और II दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है B, I और II दोनों। दोनों युग्म गलत हैं। एमाइलोप्लास्ट स्टार्च (एक कार्बोहाइड्रेट) जमा करते हैं और एल्यूरोप्लास्ट प्रोटीन; तेल और वसा इलायोप्लास्ट में जमा होते हैं। प्लास्टिड केवल पादप कोशिकाओं में पाए जाने वाले कोशिकांग हैं। क्लोरोप्लास्ट में क्लोरोफिल होता है और वे प्रकाश संश्लेषण करते हैं, क्रोमोप्लास्ट में फूलों और फलों के पीले, नारंगी और लाल रंग होते हैं, और ल्यूकोप्लास्ट रंगहीन भंडारण प्लास्टिड हैं। ल्यूकोप्लास्ट के नाम उनके भंडार से बने हैं: एमाइलोप्लास्ट में स्टार्च (एमाइलम), जैसे आलू के कंद में; इलायोप्लास्ट में तेल (इलायोन यानी तेल), जैसे अरंडी के बीज में; एल्यूरोप्लास्ट में प्रोटीन (एल्यूरोन), जैसे गेहूँ के दाने की बाहरी परत में। A गलत है क्योंकि यह युग्म II को सही मानता है, जो एल्यूरोप्लास्ट को प्रोटीन की जगह कार्बोहाइड्रेट से जोड़ता है। C गलत है क्योंकि यह दोनों युग्मों को सही मानता है। D गलत है क्योंकि यह युग्म I को सही मानता है, जो एमाइलोप्लास्ट को स्टार्च की जगह वसा से जोड़ता है। परीक्षा टिप: एमाइलो = स्टार्च, इलायो = तेल, एल्यूरो = प्रोटीन; तीनों ल्यूकोप्लास्ट हैं।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

मनुष्यों में निम्नलिखित में से कौन-सा रोग विटामिन D की कमी से होता है?

  1. A.बेरीबेरी
  2. B.स्कर्वी
  3. C.रिकेट्स
  4. D.निमोनिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. रिकेट्स

व्याख्या

सही उत्तर है C, रिकेट्स। विटामिन D आँत में कैल्शियम और फॉस्फोरस के अवशोषण में मदद करता है, इसलिए इसकी कमी में बढ़ते बच्चे की हड्डियाँ कोमल रह जाती हैं और मुड़ जाती हैं; टेढ़ी टाँगें, उभरी छाती और बड़ा माथा दिखता है। इसी रोग को रिकेट्स (सूखा रोग) कहते हैं। वयस्कों में यही कमी ऑस्टियोमलेशिया, यानी बनी हुई हड्डियों का नरम पड़ना, पैदा करती है। विटामिन D को धूप वाला विटामिन कहते हैं क्योंकि त्वचा पर धूप पड़ने से शरीर इसे स्वयं बनाता है; मछली के जिगर का तेल, अंडे की जर्दी और दूध इसके स्रोत हैं। इसका रासायनिक नाम कैल्सिफेरॉल है। A, बेरीबेरी, विटामिन B1 (थायमिन) की कमी से होता है और नसों व हृदय को प्रभावित करता है। B, स्कर्वी, विटामिन C (एस्कॉर्बिक अम्ल) की कमी से होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आता है। D, निमोनिया, फेफड़ों का संक्रमण है, जो जीवाणु या विषाणु से होता है, कमी का रोग नहीं। परीक्षा टिप: जोड़े याद रखें: A रतौंधी, B1 बेरीबेरी, C स्कर्वी, D रिकेट्स, K रक्त का देर से जमना।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निःश्वसन के दौरान फेफड़ों से वायु तब निकलेगी, जब फेफड़ों के भीतर का दबाव

  1. A.वायुमंडलीय दबाव के बराबर हो
  2. B.वायुमंडलीय दबाव से कम हो
  3. C.वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो
  4. D.डायाफ्राम का संकुचन हो
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो

व्याख्या

सही उत्तर है C, वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो। हवा हमेशा अधिक दबाव वाली जगह से कम दबाव वाली जगह की ओर बहती है, इसलिए वह फेफड़ों से तभी बाहर निकलती है, जब भीतर का दबाव बाहर की हवा के दबाव से अधिक हो जाए। निःश्वसन के समय डायाफ्राम शिथिल होकर ऊपर की ओर गुंबद जैसा हो जाता है, और पसलियों की पेशियाँ ढीली पड़ने से पसलियाँ नीचे व अंदर आती हैं। इससे वक्ष गुहा का आयतन घटता है, फेफड़ों में दबाव बढ़ता है और हवा बाहर धकेल दी जाती है। अंतःश्वसन में इसका उल्टा होता है: डायाफ्राम सिकुड़कर चपटा होता है, वक्ष गुहा बड़ी होती है, फेफड़ों का दबाव वायुमंडलीय दबाव से कम हो जाता है और हवा अंदर आती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दबाव बराबर होने पर हवा नहीं चलती; ऐसा दो साँसों के बीच पल भर के लिए होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि फेफड़ों में कम दबाव होने पर हवा अंदर आती है, जो अंतःश्वसन है। विकल्प D गलत है, क्योंकि डायाफ्राम के संकुचन से अंतःश्वसन होता है, निःश्वसन नहीं। परीक्षा टिप: अंतःश्वसन में डायाफ्राम सिकुड़ता है और दबाव घटता है; निःश्वसन में डायाफ्राम शिथिल होता है और दबाव बढ़ता है।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025आसान

‘विशिष्ट रोगवाहक - जनित रोग - रोगाणु के प्रकार’ के गलत समुच्चय का चयन कीजिए।

  1. A.एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु
  2. B.क्यूलेक्स - लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस - परजीवी
  3. C.एनोफ़िलीज़ - मलेरिया - परजीवी
  4. D.एडीस - डेंगू - विषाणु
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु

व्याख्या

सही उत्तर है A, एडीस - चिकुनगुनिया - जीवाणु। यह समुच्चय गलत है, क्योंकि चिकुनगुनिया जीवाणु से नहीं, बल्कि विषाणु, यानी चिकुनगुनिया वायरस से होता है। यह एडीस मच्छरों से फैलता है, यानी वही दिन में काटने वाले मच्छर जो डेंगू और ज़ीका भी फैलाते हैं, और इसमें तेज़ बुखार के साथ जोड़ों में भयंकर दर्द होता है। यह नाम पूर्वी अफ्रीका की मकोंडे भाषा के एक शब्द से आया है, जिसका अर्थ है 'जो झुका दे', क्योंकि दर्द से मरीज़ झुककर चलने लगता है। एडीस कूलर, टायर, गमलों और टंकियों में जमा साफ पानी में पनपता है, इसीलिए मानसून के बाद डेंगू और चिकुनगुनिया के मामले बढ़ते हैं। विकल्प B सही समुच्चय है, क्योंकि क्यूलेक्स मच्छर लिम्फेटिक फाइलेरिएसिस यानी हाथीपाँव फैलाता है, जो वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी जैसे परजीवी कृमियों से होता है। विकल्प C सही है, क्योंकि मादा एनोफिलीज़ मलेरिया फैलाती है, जो प्रोटोज़ोआ परजीवी प्लास्मोडियम से होता है। विकल्प D सही है, क्योंकि एडीस डेंगू भी फैलाता है, जो डेंगू वायरस से होता है। परीक्षा टिप: एडीस से डेंगू, चिकुनगुनिया और ज़ीका, तीनों विषाणु; एनोफिलीज़ से मलेरिया; क्यूलेक्स से फाइलेरिया और जापानी इंसेफेलाइटिस।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 18 Nov 2021, Shift 1आसान

पीनियल ग्रंथि द्वारा ________ का स्राव किया जाता है।

  1. A.मेलाटोनिन
  2. B.प्रोजेस्टेरोन
  3. C.एपिनेफ्रीन
  4. D.इंसुलिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मेलाटोनिन

व्याख्या

सही उत्तर है A, मेलाटोनिन। मस्तिष्क के अंदर गहराई में स्थित चीड़ के शंकु जैसी छोटी पीनियल ग्रंथि मेलाटोनिन हार्मोन स्रावित करती है। मेलाटोनिन शरीर की दिन-रात की लय, यानी सर्केडियन रिदम, को नियंत्रित करता है और नींद को नियमित रखने में मदद करता है। यह ग्रंथि अंधेरे में ज्यादा और तेज रोशनी में कम मेलाटोनिन छोड़ती है, इसी कारण देर रात तक मोबाइल स्क्रीन देखने से नींद बिगड़ सकती है। मेलाटोनिन यौवनारंभ के समय और कुछ जानवरों में मौसमी बदलावों में भी भूमिका निभाता है। फ्रांसीसी दार्शनिक देकार्त ने पीनियल ग्रंथि को 'आत्मा का आसन' कहा था। B गलत है क्योंकि प्रोजेस्टेरोन मुख्य रूप से अंडाशय (कॉर्पस ल्यूटियम) बनाता है और यह गर्भावस्था की तैयारी और उसे बनाए रखने में मदद करता है। C गलत है क्योंकि एपिनेफ्रीन, यानी एड्रेनालिन, अधिवृक्क मज्जा से निकलता है और शरीर को 'लड़ो या भागो' के लिए तैयार करता है। D गलत है क्योंकि इंसुलिन अग्न्याशय में लैंगरहैंस के द्वीपों की बीटा कोशिकाएं बनाती हैं और यह रक्त शर्करा घटाता है। परीक्षा टिप: पीनियल ग्रंथि, मेलाटोनिन, नींद; अग्न्याशय, इंसुलिन; अधिवृक्क मज्जा, एड्रेनालिन।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 21 Jan 2024मध्यम

सूक्ष्म पोषक तत्वों (पौधों को कम मात्रा में आवश्यक पोषक तत्व) का समूह पहचानिए:

  1. A.जिंक, आयरन, मैंगनीज़
  2. B.पोटैशियम, मैग्नीशियम, कॉपर
  3. C.कॉपर, फॉस्फोरस, कैल्शियम
  4. D.सल्फर, एल्युमिनियम, क्लोरीन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जिंक, आयरन, मैंगनीज़

व्याख्या

सही उत्तर है A, जिंक, आयरन, मैंगनीज़। पौधों को ये तीनों बहुत थोड़ी मात्रा में चाहिए, इसलिए ये सूक्ष्म पोषक तत्व हैं। पौधों को वृहद पोषक तत्व बड़ी मात्रा में चाहिए: नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम प्राथमिक पोषक तत्व हैं, और कैल्शियम, मैग्नीशियम तथा सल्फर द्वितीयक। आयरन, मैंगनीज़, जिंक, कॉपर, बोरॉन, मॉलिब्डेनम और क्लोरीन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व केवल अंश मात्रा में चाहिए, फिर भी इनमें से किसी एक की कमी भी पौधे को नुकसान पहुँचाती है। उदाहरण के लिए, जिंक की कमी से धान में खैरा रोग होता है, और आयरन की कमी से नई पत्तियाँ पीली पड़ जाती हैं। B गलत है क्योंकि पोटैशियम और मैग्नीशियम वृहद पोषक तत्व हैं, भले ही कॉपर सूक्ष्म पोषक तत्व है। C गलत है क्योंकि फॉस्फोरस और कैल्शियम वृहद पोषक तत्व हैं। D गलत है क्योंकि सल्फर वृहद पोषक तत्व है और एल्युमिनियम पौधे के लिए आवश्यक पोषक तत्व है ही नहीं। परीक्षा टिप: वृहद – नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर; सूक्ष्म – आयरन, मैंगनीज़, जिंक, कॉपर, बोरॉन, मॉलिब्डेनम, क्लोरीन।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper I, 7 Jul 2024मध्यम

पर्वतारोहियों की नाक से ऊँचाई पर खून बहने लगता है, क्योंकि:

  1. A.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।
  2. B.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से कम हो जाता है।
  3. C.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब के बराबर हो जाता है।
  4. D.अधिक ऊँचाई पर रक्त गाढ़ा हो जाता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है। बहुत ऊँचाई पर हवा विरल होती है, इसलिए शरीर पर पड़ने वाला वायुमंडलीय दाब समुद्र तल की तुलना में काफी कम हो जाता है। पर रक्त वाहिकाओं के अंदर खून का दाब लगभग पहले जितना ही रहता है। नाक की रक्त वाहिकाएँ बहुत महीन होती हैं और सतह के पास रहती हैं, इसलिए जब उनके अंदर का दाब बाहर के दाब से अधिक हो जाता है, तो उनमें से कुछ फट जाती हैं और नाक से खून आने लगता है। पहाड़ों की ठंडी और सूखी हवा से नाक की भीतरी परत भी आसानी से फटती है। वायु दाब कम होने से ही पहाड़ों पर पानी 100 °C से कम पर उबलता है और खाना देर से पकता है। B गलत है क्योंकि वाहिकाओं के अंदर का दाब बाहर से कम नहीं, अधिक हो जाता है। C गलत है क्योंकि दाब बराबर होने पर वाहिकाओं को फाड़ने वाला कोई धक्का नहीं बनता। D गलत है क्योंकि ऊँचाई पर खून इतना गाढ़ा नहीं होता कि नाक से खून बहे। परीक्षा टिप: अधिक ऊँचाई – कम वायु दाब – रक्त वाहिकाओं का दाब अपेक्षाकृत अधिक – नाक से खून।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2024, 21 Apr 2024मध्यम

LIGO प्रयोग ने किस सिद्धांत की एक भविष्यवाणी की पुष्टि की?

  1. A.स्ट्रिंग सिद्धांत
  2. B.विशेष सापेक्षता सिद्धांत
  3. C.क्वांटम यांत्रिकी
  4. D.सामान्य सापेक्षता सिद्धांत
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सामान्य सापेक्षता सिद्धांत

व्याख्या

सही उत्तर है D, सामान्य सापेक्षता सिद्धांत। अमेरिका की LIGO (लेज़र इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल-वेव ऑब्ज़र्वेटरी) ने सितंबर 2015 में पहली बार गुरुत्वीय तरंगों का पता लगाया (घोषणा फरवरी 2016 में हुई), और इन तरंगों की भविष्यवाणी आइंस्टाइन ने 1916 में सामान्य सापेक्षता सिद्धांत में की थी। सामान्य सापेक्षता गुरुत्व को दिक्-काल (space-time) की वक्रता मानती है और कहती है कि विशाल त्वरित पिंड, जैसे आपस में टकराते दो ब्लैक होल, दिक्-काल में प्रकाश की गति से लहरें भेजते हैं। हैनफोर्ड और लिविंगस्टन के दो डिटेक्टरों ने भुजा की लंबाई में प्रोटॉन से भी छोटा परिवर्तन मापा। भारत महाराष्ट्र के हिंगोली में तीसरा डिटेक्टर LIGO-India बना रहा है। A, स्ट्रिंग सिद्धांत की कोई भविष्यवाणी अब तक किसी प्रयोग से सिद्ध नहीं हुई। B, विशेष सापेक्षता स्थिर चाल वाली गति से जुड़ी है, इसमें गुरुत्व शामिल नहीं। C, क्वांटम यांत्रिकी परमाणुओं और कणों का वर्णन करती है, गुरुत्वीय तरंगों का नहीं। परीक्षा टिप: LIGO = गुरुत्वीय तरंगें = सामान्य सापेक्षता; इसके लिए 2017 का भौतिकी नोबेल वाइस, बैरिश और थॉर्न को मिला।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 16 Jun 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 2)मध्यम

जल का घनत्व लगभग ______ केल्विन पर सबसे अधिक होता है।

  1. A.0
  2. B.227
  3. C.277
  4. D.273
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 277

व्याख्या

सही उत्तर है C, 277। जल का घनत्व लगभग 4 डिग्री सेल्सियस पर सबसे अधिक होता है, और 4 में 273 जोड़ने पर लगभग 277 केल्विन आता है। अधिकांश द्रव ठंडे होने पर सिकुड़ते जाते हैं, पर जल का व्यवहार अलग है: 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे यह फिर फैलने लगता है क्योंकि इसके अणु बर्फ की खुली, षट्कोणीय संरचना बनाने लगते हैं। इसी असामान्य प्रसार के कारण बर्फ पानी से हल्की होती है और तैरती है, और झील ऊपर से जमती है जबकि 4 डिग्री वाला पानी नीचे बैठ जाता है, जिससे मछलियाँ सर्दी में जीवित रहती हैं। इस बिंदु पर इसका घनत्व लगभग 1 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है। D गलत है क्योंकि 273 केल्विन यानी 0 डिग्री सेल्सियस हिमांक है, जहाँ जल 4 डिग्री की तुलना में कम घना होता है। A गलत है क्योंकि 0 केल्विन परम शून्य है, जहाँ द्रव जल हो ही नहीं सकता। B गलत है क्योंकि 227 केल्विन लगभग शून्य से 46 डिग्री सेल्सियस नीचे है, हिमांक से बहुत नीचे। परीक्षा टिप: जल का अधिकतम घनत्व 4 डिग्री सेल्सियस = 277 K; हिमांक 273 K, क्वथनांक 373 K।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन द्वितीय वर्ग के उत्तोलक (Second Class Lever) का उदाहरण है?

  1. A.कैंची
  2. B.बोतल खोलने वाला (bottle opener)
  3. C.क्रिकेट बैट
  4. D.धनुष-बाण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बोतल खोलने वाला (bottle opener)

व्याख्या

सही उत्तर है B, बोतल खोलने वाला (bottle opener)। उत्तोलकों (levers) का वर्ग इस बात से तय होता है कि आलंब (fulcrum), भार और प्रयास कहाँ हैं। द्वितीय वर्ग के उत्तोलक में भार, आलंब और प्रयास के बीच होता है। बोतल ओपनर में सिरे पर ढक्कन का किनारा आलंब है, उठाया जा रहा ढक्कन बीच में भार है, और दूसरे सिरे पर हाथ प्रयास लगाता है, यानी भार बीच में है। ऐसे उत्तोलक हमेशा बल बढ़ाते हैं, क्योंकि प्रयास-भुजा भार-भुजा से लंबी होती है; ठेला (wheelbarrow) और सरौता इसी तरह काम करते हैं। A, कैंची, प्रथम वर्ग का उत्तोलक है, जिसमें कीलक प्रयास और भार के बीच होता है। C, क्रिकेट बैट, तृतीय वर्ग का उत्तोलक है: नीचे वाला हाथ प्रयास लगाता है, जो ऊपर वाले हाथ (आलंब) और गेंद (भार) के बीच है। D, धनुष-बाण, मुड़े हुए धनुष में स्प्रिंग की तरह ऊर्जा जमा करके काम करता है, इसमें भार आलंब और प्रयास के बीच नहीं रखा जाता। परीक्षा टिप: प्रथम वर्ग में आलंब बीच में, द्वितीय में भार बीच में, तृतीय में प्रयास बीच में।

Q18.सामान्य विज्ञानआसान

वायुमंडलीय दाब किस यंत्र से मापा जाता है?

  1. A.हाइग्रोमीटर
  2. B.बैरोमीटर
  3. C.एनीमोमीटर
  4. D.लैक्टोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बैरोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर B, बैरोमीटर है। बैरोमीटर वायुमंडल का दाब मापता है और परंपरागत रूप से इसे पारे के स्तंभ के विरुद्ध संतुलित करके मापा जाता रहा है। इसका उपयोग मौसम के पूर्वानुमान में भी होता है, क्योंकि दाब का अचानक गिरना आते हुए तूफान का संकेत देता है, तथा ऊंचाई ज्ञात करने में भी, क्योंकि ऊपर जाने पर दाब घटता है।

विकल्प A, हाइग्रोमीटर वायु की आर्द्रता मापता है। विकल्प C, एनीमोमीटर पवन की गति मापता है और मौसम केंद्रों पर दिखने वाला कटोरीनुमा यंत्र यही है। विकल्प D, लैक्टोमीटर दूध का आपेक्षिक घनत्व मापकर बताता है कि उसमें पानी मिलाया गया है या नहीं। भ्रम वाले जोड़े को अलग रखें: आर्द्रता के लिए हाइग्रोमीटर और द्रव के घनत्व के लिए हाइड्रोमीटर। पारा बैरोमीटर का आविष्कार एवांजेलिस्ता टॉरिसेली ने किया था, और द्रव के बजाय बंद धातु पेटी वाला निर्द्रव बैरोमीटर वह सुवाह्य रूप है जो वायुयानों में ऊंचाई मापने के लिए प्रयुक्त होता है। दाब स्वयं पास्कल में मापा जाता है और एक वायुमंडल लगभग 1.013 लाख पास्कल होता है।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 17 Dec 2024, Shift 1आसान

खतरे के संकेत प्रायः लाल रंग के क्यों होते हैं?

  1. A.लाल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य अधिक होती है और उसका प्रकीर्णन सबसे कम होता है, इसलिए वह दूर से दिखाई देता है।
  2. B.लाल प्रकाश अन्य रंगों की तुलना में अधिक परावर्तित होता है।
  3. C.लाल प्रकाश को कृत्रिम रूप से बनाना आसान है।
  4. D.लाल रंग देखने में सुंदर लगता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लाल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य अधिक होती है और उसका प्रकीर्णन सबसे कम होता है, इसलिए वह दूर से दिखाई देता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, लाल प्रकाश की तरंगदैर्ध्य अधिक होती है और उसका प्रकीर्णन सबसे कम होता है, इसलिए वह दूर से दिखाई देता है। दृश्य प्रकाश में लाल रंग की तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक (लगभग 700 nm) होती है, इसलिए हवा, कोहरे, धुएँ और धूल के सूक्ष्म कण उसे सबसे कम बिखेरते हैं। ऐसा प्रकाश बिना धुँधला हुए दूर तक जाता है और दूर से दिख जाता है, जो खतरे के संकेत के लिए ज़रूरी है। यह रैले प्रकीर्णन का नियम है: तरंगदैर्ध्य जितनी छोटी, प्रकीर्णन उतना अधिक। इसी से समझ आता है कि साफ़ आसमान नीला क्यों दिखता है, क्योंकि नीला प्रकाश सबसे अधिक बिखरता है, और सूर्योदय-सूर्यास्त के समय सूरज लाल क्यों दिखता है। B गलत है क्योंकि लाल प्रकाश दूसरे रंगों से अधिक परावर्तित नहीं होता। C गलत है क्योंकि किसी रंग को बनाना कितना आसान है, इसका संकेत में उसके उपयोग से कोई संबंध नहीं है। D गलत है क्योंकि सुंदरता कोई वैज्ञानिक कारण नहीं है। परीक्षा टिप: सबसे लंबी तरंगदैर्ध्य = सबसे कम प्रकीर्णन = खतरे का लाल संकेत; सबसे छोटी तरंगदैर्ध्य = सबसे अधिक प्रकीर्णन = नीला आसमान।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3मध्यम

N कोश में अधिकतम ________ इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।

  1. A.2
  2. B.8
  3. C.16
  4. D.32
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 32

व्याख्या

सही उत्तर है D, 32। N कोश चौथा कोश (n = 4) है और किसी कोश में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या 2n² सूत्र से निकलती है, यानी 2 × 4² = 32। नाभिक के चारों ओर के कोशों के नाम n = 1, 2, 3 और 4 के लिए K, L, M और N हैं, और इसी सूत्र से इनमें क्रमशः 2, 8, 18 और 32 इलेक्ट्रॉन आ सकते हैं। यह कक्षा 9 में पढ़ाया जाने वाला बोर–बरी नियम है। इसके साथ एक और नियम पूछा जाता है: किसी परमाणु के सबसे बाहरी कोश में 8 से अधिक इलेक्ट्रॉन नहीं रह सकते, इसीलिए पोटैशियम का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 2, 8, 8, 1 लिखा जाता है, 2, 8, 9 नहीं। A गलत है क्योंकि 2 इलेक्ट्रॉन K कोश की क्षमता है। B गलत है क्योंकि 8 इलेक्ट्रॉन L कोश की क्षमता है। C गलत है क्योंकि 16 किसी भी कोश की क्षमता नहीं है; M कोश में 18 इलेक्ट्रॉन आते हैं। परीक्षा टिप: 2n² याद रखें, यानी K = 2, L = 8, M = 18 और N = 32।

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