'लाफिंग गैस' के नाम से प्रसिद्ध यौगिक का रासायनिक सूत्र क्या है?
- A.NO
- B.N2O3
- C.N2O
- D.NO2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, N2O। लाफिंग गैस यानी हंसाने वाली गैस नाइट्रस ऑक्साइड N2O है, एक रंगहीन और हल्की मीठी गंध वाली गैस, जिसे सूंघने पर लोग हंसने लगते हैं और हल्कापन महसूस करते हैं। इसे सबसे पहले 1772 में जोसेफ प्रीस्टली ने बनाया और हम्फ्री डेवी ने इसके असर का अध्ययन करके इसे यह लोकप्रिय नाम दिया। दंत चिकित्सक और सर्जन इसे ऑक्सीजन के साथ मिलाकर हल्के निश्चेतक और दर्द निवारक के रूप में इस्तेमाल करते हैं, और व्हिप्ड क्रीम के डिब्बों में भी यही गैस भरी होती है। प्रयोगशाला में इसे अमोनियम नाइट्रेट को धीरे-धीरे गर्म करके बनाया जाता है। यह ग्रीनहाउस गैस भी है और ओजोन परत को नुकसान पहुंचाती है। A गलत है क्योंकि NO नाइट्रिक ऑक्साइड है, रंगहीन गैस जो हवा में भूरी हो जाती है। B गलत है क्योंकि N2O3 डाइनाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड है, जो कम तापमान पर नीला द्रव होता है। D गलत है क्योंकि NO2 नाइट्रोजन डाइऑक्साइड है, वाहनों के धुएं और अम्ल वर्षा में मिलने वाली लाल-भूरी जहरीली गैस। परीक्षा टिप: लाफिंग गैस = नाइट्रस ऑक्साइड = N2O, खोज प्रीस्टली ने की, दंत चिकित्सा में निश्चेतक।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंयह तथ्य कि ग्रह सूर्य के चारों ओर वृत्तों में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तों में घूमते हैं, सबसे पहले किसने प्रदर्शित किया?
- A.गैलीलियो
- B.मार्टिन लूथर
- C.योहानेस केप्लर
- D.कॉपरनिकस
उत्तर देखें
1609 में केप्लर ने दिखाया कि ग्रह सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में घूमते हैं और सूर्य उस दीर्घवृत्त की एक नाभि पर होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यूरिया यकृत में बनता है।
- B.यूरिया रक्त में बनता है।
- C.यूरिया स्टार्च के पाचन से बनता है।
- D.यूरिया फेफड़े और वृक्क में बनता है।
उत्तर देखें
यकृत की कोशिकाएँ अमीनो अम्लों के टूटने से निकले विषैले अमोनिया को ऑर्निथीन चक्र, जिसे यूरिया चक्र भी कहते हैं, के द्वारा यूरिया में बदलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रकाश के गमन का सही क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-नेत्रिका-देह नलिका
- B.अभिदृश्यक लेंस-संघनित्र-देह नलिका-नेत्रिका
- C.संघनित्र-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-नेत्रिका
- D.नेत्रिका-अभिदृश्यक लेंस-देह नलिका-दर्पण
उत्तर देखें
प्रकाश संघनित्र से होकर नमूने तक जाता है, अभिदृश्यक लेंस उसे ग्रहण करता है, फिर वह देह नलिका से ऊपर जाकर नेत्रिका के रास्ते आँख तक पहुँचता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हीमोग्लोबिन के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.आरबीसी में उपस्थित हीमोग्लोबिन केवल ऑक्सीजन ले जा सकता है, कार्बन डाइऑक्साइड नहीं।
- B.आरबीसी का हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड दोनों ले जा सकता है।
- C.आरबीसी का हीमोग्लोबिन केवल कार्बन डाइऑक्साइड ले जा सकता है।
- D.हीमोग्लोबिन का उपयोग केवल रक्त के थक्का बनने में होता है, गैसों को ले जाने में नहीं।
उत्तर देखें
यह अपने लौह-युक्त हीम समूहों पर ऑक्सीजन बाँधता है और अपनी प्रोटीन शृंखलाओं पर कुछ कार्बन डाइऑक्साइड ले जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हिस्टोन प्रोटीनों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो माइटोकॉन्ड्रिया की झिल्ली में पाए जाते हैं।
- B.हिस्टोन ऐसे प्रोटीन हैं जो केंद्रक में डीएनए के साथ जुड़े हुए पाए जाते हैं।
- C.हिस्टोन साइटोसोल में लिपिडों से जुड़े प्रोटीन हैं।
- D.हिस्टोन साइटोसोल में कार्बोहाइड्रेटों से जुड़े प्रोटीन हैं।
उत्तर देखें
यूकैरियोटिक कोशिकाओं के केंद्रक में डीएनए इन्हीं प्रोटीनों के चारों ओर लिपटकर क्रोमैटिन बनाता है। हिस्टोन छोटे क्षारीय प्रोटीन हैं जिनमें धनावेशित अमीनो अम्ल लाइसिन और आर्जिनिन अधिक होते हैं, जो डीएनए के ऋणावेशित फॉस्फेट समूहों को आकर्षित करते हैं।
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