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GK क्विजसामान्य विज्ञान

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज: सेट 1

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

सामान्य विज्ञान मिश्रित क्विज़ (सेट 1) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 20 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मात्रक और मापन, गुरुत्वाकर्षण और दाब, ऊष्मा और ऊष्मागतिकी और अन्य। इनमें से 19 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.सामान्य विज्ञानआसान

बल का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.जूल
  2. B.न्यूटन
  3. C.वाट
  4. D.पास्कल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. न्यूटन

व्याख्या

सही उत्तर B, न्यूटन है। एक न्यूटन वह बल है जो एक किलोग्राम द्रव्यमान में एक मीटर प्रति सेकंड वर्ग का त्वरण उत्पन्न करता है, और यह सीधे इस समीकरण से निकलता है कि बल बराबर द्रव्यमान गुणा त्वरण। इसका विमीय सूत्र इसीलिए M L T⁻² है।

विकल्प A, जूल कार्य तथा ऊर्जा का मात्रक है: एक जूल वह कार्य है जब एक न्यूटन बल अपने प्रयोग बिंदु को एक मीटर खिसका देता है। विकल्प C, वाट शक्ति का मात्रक है, अर्थात कार्य करने की दर, और एक वाट बराबर एक जूल प्रति सेकंड होता है। विकल्प D, पास्कल दाब का मात्रक है और एक न्यूटन प्रति वर्ग मीटर के बराबर होता है। चारों वैज्ञानिकों के नाम पर बने व्युत्पन्न मात्रक हैं और प्रश्नपत्र इन्हें साथ रखकर जांचता है कि आप प्रत्येक को उसकी राशि से जोड़ पाते हैं या नहीं।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper I, 7 Jul 2024मध्यम

पर्वतारोहियों की नाक से ऊँचाई पर खून बहने लगता है, क्योंकि:

  1. A.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।
  2. B.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से कम हो जाता है।
  3. C.रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब के बराबर हो जाता है।
  4. D.अधिक ऊँचाई पर रक्त गाढ़ा हो जाता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है A, रक्त वाहिकाओं में दाब बाहरी दाब से अधिक हो जाता है। बहुत ऊँचाई पर हवा विरल होती है, इसलिए शरीर पर पड़ने वाला वायुमंडलीय दाब समुद्र तल की तुलना में काफी कम हो जाता है। पर रक्त वाहिकाओं के अंदर खून का दाब लगभग पहले जितना ही रहता है। नाक की रक्त वाहिकाएँ बहुत महीन होती हैं और सतह के पास रहती हैं, इसलिए जब उनके अंदर का दाब बाहर के दाब से अधिक हो जाता है, तो उनमें से कुछ फट जाती हैं और नाक से खून आने लगता है। पहाड़ों की ठंडी और सूखी हवा से नाक की भीतरी परत भी आसानी से फटती है। वायु दाब कम होने से ही पहाड़ों पर पानी 100 °C से कम पर उबलता है और खाना देर से पकता है। B गलत है क्योंकि वाहिकाओं के अंदर का दाब बाहर से कम नहीं, अधिक हो जाता है। C गलत है क्योंकि दाब बराबर होने पर वाहिकाओं को फाड़ने वाला कोई धक्का नहीं बनता। D गलत है क्योंकि ऊँचाई पर खून इतना गाढ़ा नहीं होता कि नाक से खून बहे। परीक्षा टिप: अधिक ऊँचाई – कम वायु दाब – रक्त वाहिकाओं का दाब अपेक्षाकृत अधिक – नाक से खून।

Q3.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 16 Jun 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 2)मध्यम

जल का घनत्व लगभग ______ केल्विन पर सबसे अधिक होता है।

  1. A.0
  2. B.227
  3. C.277
  4. D.273
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 277

व्याख्या

सही उत्तर है C, 277। जल का घनत्व लगभग 4 डिग्री सेल्सियस पर सबसे अधिक होता है, और 4 में 273 जोड़ने पर लगभग 277 केल्विन आता है। अधिकांश द्रव ठंडे होने पर सिकुड़ते जाते हैं, पर जल का व्यवहार अलग है: 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे यह फिर फैलने लगता है क्योंकि इसके अणु बर्फ की खुली, षट्कोणीय संरचना बनाने लगते हैं। इसी असामान्य प्रसार के कारण बर्फ पानी से हल्की होती है और तैरती है, और झील ऊपर से जमती है जबकि 4 डिग्री वाला पानी नीचे बैठ जाता है, जिससे मछलियाँ सर्दी में जीवित रहती हैं। इस बिंदु पर इसका घनत्व लगभग 1 ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर होता है। D गलत है क्योंकि 273 केल्विन यानी 0 डिग्री सेल्सियस हिमांक है, जहाँ जल 4 डिग्री की तुलना में कम घना होता है। A गलत है क्योंकि 0 केल्विन परम शून्य है, जहाँ द्रव जल हो ही नहीं सकता। B गलत है क्योंकि 227 केल्विन लगभग शून्य से 46 डिग्री सेल्सियस नीचे है, हिमांक से बहुत नीचे। परीक्षा टिप: जल का अधिकतम घनत्व 4 डिग्री सेल्सियस = 277 K; हिमांक 273 K, क्वथनांक 373 K।

Q4.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (I) 2022, 10 Apr 2022आसान

तारों का टिमटिमाना वायुमंडल में तारों के प्रकाश के किस कारण से होता है?

  1. A.विवर्तन (diffraction)
  2. B.परावर्तन (reflection)
  3. C.अपवर्तन (refraction)
  4. D.प्रकीर्णन (scattering)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अपवर्तन (refraction)

व्याख्या

सही उत्तर है C, अपवर्तन (refraction)। तारे का प्रकाश आँख तक पहुँचने से पहले वायु की कई परतों से गुज़रता है, और इन परतों का तापमान व घनत्व लगातार बदलता रहता है, इसलिए उनका अपवर्तनांक भी बदलता रहता है। प्रकाश हर क्षण थोड़ा अलग मुड़ता है, तारे की आभासी स्थिति थोड़ी खिसकती रहती है और आँख में आने वाले प्रकाश की मात्रा घटती-बढ़ती है। यही झिलमिलाहट (twinkling) है। तारा इतना दूर है कि बिंदु-स्रोत जैसा दिखता है, इसलिए छोटे बदलाव भी आसानी से दिखते हैं। ग्रह पास हैं और छोटी तश्तरी जैसे दिखते हैं; उनके कई बिंदुओं का प्रकाश औसत हो जाता है, इसलिए ग्रह नहीं टिमटिमाते। A, विवर्तन, किनारों के पास प्रकाश का मुड़ना है, यह कारण नहीं है। B, परावर्तन, सतह से प्रकाश को लौटाता है, इससे तारा नहीं झिलमिलाता। D, प्रकीर्णन से आकाश नीला दिखता है, पर झिलमिलाहट नहीं होती। परीक्षा टिप: तारों का टिमटिमाना और जल्दी सूर्योदय वायुमंडलीय अपवर्तन से; नीला आकाश और लाल सूर्यास्त प्रकीर्णन से।

Q5.सामान्य विज्ञानपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 18 Feb 2018आसान

मनुष्य की श्रव्यता की सीमा क्या है?

  1. A.20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज
  2. B.80 हर्ट्ज – 100 हर्ट्ज
  3. C.2 लाख हर्ट्ज – 4 लाख हर्ट्ज
  4. D.0 हर्ट्ज – 20 हर्ट्ज
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज

व्याख्या

सही उत्तर है A, 20 हर्ट्ज – 20000 हर्ट्ज। स्वस्थ मानव कान लगभग 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज (20 किलोहर्ट्ज) आवृत्ति वाली ध्वनि तरंगें सुन सकता है; इसे श्रव्य परास कहते हैं। 20 हर्ट्ज से कम आवृत्ति की ध्वनि अवश्रव्य (इन्फ्रासोनिक) कहलाती है, जिसका उपयोग हाथी और व्हेल दूर तक संदेश भेजने में करते हैं। 20 किलोहर्ट्ज से अधिक की ध्वनि पराश्रव्य (अल्ट्रासोनिक) कहलाती है; चमगादड़, कुत्ते और डॉल्फ़िन इसे सुन सकते हैं, और अल्ट्रासाउंड का उपयोग मेडिकल जाँच, नाज़ुक पुर्ज़ों की सफ़ाई और सोनार में होता है। पाँच साल से छोटे बच्चे और कुछ जानवर लगभग 25 किलोहर्ट्ज तक सुन लेते हैं, और उम्र बढ़ने के साथ ऊपरी सीमा घटती जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 80 से 100 हर्ट्ज श्रव्य परास का बहुत छोटा हिस्सा भर है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2 लाख से 4 लाख हर्ट्ज, यानी 200 से 400 किलोहर्ट्ज, पूरी तरह पराश्रव्य क्षेत्र में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि 0 से 20 हर्ट्ज अवश्रव्य क्षेत्र है, जिसे मनुष्य नहीं सुन सकता। परीक्षा टिप: 20 हर्ट्ज से नीचे अवश्रव्य, 20 हर्ट्ज से 20 किलोहर्ट्ज तक श्रव्य, 20 किलोहर्ट्ज से ऊपर पराश्रव्य।

Q6.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 2आसान

किसका नियम कहता है कि विद्युत परिपथ के किसी संधि (जंक्शन) पर, संधि में आने वाली धाराओं का योग संधि से बाहर जाने वाली धाराओं के योग के बराबर होता है?

  1. A.माइकल फैराडे
  2. B.जॉर्ज साइमन ओम
  3. C.विक्टर फ्रांसिस हेस
  4. D.गुस्ताव रॉबर्ट किरचॉफ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गुस्ताव रॉबर्ट किरचॉफ

व्याख्या

सही उत्तर है D, गुस्ताव रॉबर्ट किरचॉफ। यह किरचॉफ का पहला नियम है, जिसे धारा नियम या संधि नियम कहते हैं और जिसे उन्होंने 1845 में दिया। इसके अनुसार किसी संधि पर आने वाली कुल धारा वहाँ से जाने वाली कुल धारा के बराबर होती है, क्योंकि आवेश किसी बिंदु पर न जमा हो सकता है, न गायब। यानी यह असल में आवेश संरक्षण का नियम है, जिसे परिपथ की संधि पर लागू किया गया है। किरचॉफ का दूसरा नियम, वोल्टता नियम या लूप नियम, कहता है कि किसी बंद लूप में विभवांतरों का बीजगणितीय योग शून्य होता है, जो ऊर्जा संरक्षण से निकलता है। A गलत है क्योंकि फैराडे के नियम विद्युत चुंबकीय प्रेरण और विद्युत अपघटन से जुड़े हैं, संधि से नहीं। B गलत है क्योंकि ओम का नियम एक चालक में वोल्टता, धारा और प्रतिरोध का संबंध बताता है (V = IR)। C गलत है क्योंकि विक्टर हेस ने कॉस्मिक किरणों की खोज की और 1936 का भौतिकी नोबेल पाया। परीक्षा टिप: किरचॉफ धारा नियम = संधि पर आवेश संरक्षण; किरचॉफ वोल्टता नियम = लूप में ऊर्जा संरक्षण।

Q7.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 1 (CBT 2, Level 6)मध्यम

आधुनिक आवर्त सारणी के अनुसार निम्नलिखित में से किस तत्व का परमाणु क्रमांक 30 है?

  1. A.Ni
  2. B.Fe
  3. C.Zn
  4. D.Co
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. Zn

व्याख्या

सही उत्तर है C, Zn। जिंक (जस्ता) का परमाणु क्रमांक 30 है, यानी जिंक के हर परमाणु के नाभिक में 30 प्रोटॉन होते हैं। यह आधुनिक आवर्त सारणी के आवर्त 4 की पहली संक्रमण श्रेणी का अंतिम तत्व है, इसका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar] 3d10 4s2 है और यह समूह 12 में रखा गया है। जिंक नीली-सफेद धातु है जो लोहे को जंग से बचाने के लिए गैल्वनीकरण में, ताँबे के साथ पीतल बनाने में और शुष्क सेलों में काम आती है। चारों विकल्प एक ही आवर्त के पड़ोसी हैं, इसीलिए परीक्षक यह प्रश्न पसंद करते हैं: लोहा 26, कोबाल्ट 27, निकल 28, ताँबा 29 और जिंक 30। A गलत है क्योंकि Ni यानी निकल का परमाणु क्रमांक 28 है। B गलत है क्योंकि Fe यानी लोहे का परमाणु क्रमांक 26 है। D गलत है क्योंकि Co यानी कोबाल्ट का परमाणु क्रमांक 27 है। परीक्षा टिप: क्रम याद रखें Fe 26, Co 27, Ni 28, Cu 29, Zn 30।

Q8.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 23 Oct 2024, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा सल्फर हेक्साफ्लोराइड का रासायनिक सूत्र है?

  1. A.S2F6
  2. B.SF6
  3. C.SF2
  4. D.S6F
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. SF6

व्याख्या

सही उत्तर है B, SF6। नाम में ही सूत्र छिपा है: 'हेक्सा' का मतलब छह, इसलिए सल्फर हेक्साफ्लोराइड में एक सल्फर परमाणु छह फ्लोरीन परमाणुओं से जुड़ा होता है, यानी SF6। अणु का आकार अष्टफलकीय होता है, जिसमें छह फ्लोरीन परमाणु सल्फर के चारों ओर सममित रूप से लगे होते हैं। SF6 रंगहीन, गंधहीन, अज्वलनशील और बहुत कम अभिक्रियाशील गैस है, जो हवा से लगभग पांच गुना भारी है। यह बिजली नहीं चलाती, इसलिए इसे उच्च वोल्टेज सर्किट ब्रेकर और स्विचगियर के अंदर विद्युतरोधी गैस के रूप में भरा जाता है। यह ज्ञात सबसे ताकतवर ग्रीनहाउस गैसों में से एक है, जिसकी वैश्विक तापन क्षमता कार्बन डाइऑक्साइड से हजारों गुना है, और यह क्योटो प्रोटोकॉल में सूचीबद्ध है। A गलत है क्योंकि S2F6 में दो सल्फर परमाणु चाहिए, जो नाम में नहीं है। C गलत है क्योंकि SF2 सल्फर डाइफ्लोराइड है, जिसमें केवल दो फ्लोरीन परमाणु हैं। D गलत है क्योंकि S6F में संख्याएं उलटी हैं और यह कोई वास्तविक यौगिक नहीं है। परीक्षा टिप: मोनो 1, डाइ 2, ट्राइ 3, टेट्रा 4, पेंटा 5, हेक्सा 6; SF6 = एक सल्फर, छह फ्लोरीन, स्विचगियर में इस्तेमाल।

Q9.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC CPO · 10 Nov 2022, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से किसका रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट है?

  1. A.बेकिंग पाउडर
  2. B.बेकिंग सोडा
  3. C.धावन सोडा (वॉशिंग सोडा)
  4. D.प्लास्टर ऑफ पेरिस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बेकिंग सोडा

व्याख्या

सही उत्तर है B, बेकिंग सोडा। इसका रासायनिक नाम सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट और सूत्र NaHCO3 है। यह एक हल्का, असंक्षारक क्षार है जो सॉल्वे प्रक्रिया से बनता है, जिसमें नमक के घोल पर अमोनिया और कार्बन डाइऑक्साइड की क्रिया कराई जाती है। गर्म करने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है, इसीलिए केक फूलता है; यह एंटासिड, सोडा-अम्ल अग्निशामक और सफाई में भी काम आता है। इस प्रश्न का जाल समझें: बेकिंग सोडा और बेकिंग पाउडर अलग चीज़ें हैं। A गलत है क्योंकि बेकिंग पाउडर बेकिंग सोडा और टार्टरिक अम्ल जैसे हल्के खाद्य अम्ल का मिश्रण है, कोई एक यौगिक नहीं। C गलत है क्योंकि धावन सोडा सोडियम कार्बोनेट डेकाहाइड्रेट, Na2CO3.10H2O, है, जो कठोर जल को मृदु करने और काँच व साबुन बनाने में काम आता है। D गलत है क्योंकि प्लास्टर ऑफ पेरिस कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट, CaSO4.1/2H2O, है, जो प्लास्टर और साँचों में लगता है। परीक्षा टिप: बेकिंग सोडा NaHCO3, धावन सोडा Na2CO3.10H2O, प्लास्टर ऑफ पेरिस CaSO4.1/2H2O, विरंजक चूर्ण CaOCl2।

Q10.सामान्य विज्ञानपूछा गया: NDA · NDA (II) 2023, 3 Sep 2023आसान

गैल्वनीकरण (Galvanization) लोहे को जंग से बचाने की वह विधि है जिसमें उस पर किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?

  1. A.गैलियम
  2. B.एल्युमिनियम
  3. C.जस्ता (Zinc)
  4. D.चाँदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जस्ता (Zinc)

व्याख्या

सही उत्तर है C, जस्ता (Zinc)। लोहे या इस्पात पर जस्ते की पतली परत चढ़ाने की विधि को गैल्वनीकरण कहते हैं, जिससे नीचे का लोहा जंग से बचा रहता है। सक्रियता श्रेणी में जस्ता लोहे से ऊपर है, इसलिए परत खरोंच जाने पर भी पहले जस्ता ही क्षरित होता है और लोहा सुरक्षित रहता है; इसे बलिदानी सुरक्षा (sacrificial protection) कहते हैं। जस्ते की परत प्रायः वस्तु को पिघले जस्ते में डुबाकर या विद्युत-लेपन से चढ़ाई जाती है। गैल्वनीकृत चादरें छत, पानी के पाइप, बाल्टी और बिजली के खंभों में काम आती हैं। A, गैलियम, एक दुर्लभ और कम गलनांक वाली धातु है, जंग रोकने में इसका प्रयोग नहीं होता। B, एल्युमिनियम, अपनी ऑक्साइड परत बनाता है, पर लोहे पर उसकी परत को गैल्वनीकरण नहीं कहते। D, चाँदी, महँगी है और लोहे से कम सक्रिय है, इसलिए बलिदानी सुरक्षा नहीं दे सकती। परीक्षा टिप: गैल्वनीकरण का अर्थ है लोहे पर जस्ते की परत; लोहे पर टिन की परत को टिनिंग कहते हैं।

Q11.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

हीरे में प्रत्येक कार्बन परमाणु कितने कार्बन परमाणुओं से जुड़ा होता है?

  1. A.दो
  2. B.पाँच
  3. C.तीन
  4. D.चार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार। हीरे में हर कार्बन परमाणु चार दूसरे कार्बन परमाणुओं से मज़बूत सहसंयोजक (covalent) बंधों द्वारा जुड़ा होता है। ये बंध चतुष्फलक (tetrahedron) के कोनों की ओर होते हैं और पूरे क्रिस्टल में एक कठोर त्रिविमीय जाल बना देते हैं। इसी जाल के कारण हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ है और काटने व ड्रिलिंग के औज़ारों में इस्तेमाल होता है। चारों संयोजी इलेक्ट्रॉन बंध बनाने में लग जाते हैं और कोई मुक्त इलेक्ट्रॉन नहीं बचता, इसलिए हीरा बिजली का चालन नहीं करता। कार्बन के दूसरे रूप ग्रेफाइट में हर परमाणु केवल तीन कार्बन से जुड़कर षट्कोणीय परतें बनाता है; बचा हुआ इलेक्ट्रॉन उसे विद्युत चालक बनाता है। A गलत है क्योंकि दो बंधों से ठोस त्रिविमीय जाल नहीं बनता। B गलत है क्योंकि कार्बन की संयोजकता चार है, वह पाँच बंध नहीं बनाता। C गलत है क्योंकि तीन बंध ग्रेफाइट की पहचान है, हीरे की नहीं। परीक्षा टिप: हीरा = 4 बंध, कठोर, कुचालक; ग्रेफाइट = 3 बंध, नरम, सुचालक।

Q12.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC MTS · 09 Oct 2024, Shift 1आसान

'लाफिंग गैस' के नाम से प्रसिद्ध यौगिक का रासायनिक सूत्र क्या है?

  1. A.NO
  2. B.N2O3
  3. C.N2O
  4. D.NO2
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. N2O

व्याख्या

सही उत्तर है C, N2O। लाफिंग गैस यानी हंसाने वाली गैस नाइट्रस ऑक्साइड N2O है, एक रंगहीन और हल्की मीठी गंध वाली गैस, जिसे सूंघने पर लोग हंसने लगते हैं और हल्कापन महसूस करते हैं। इसे सबसे पहले 1772 में जोसेफ प्रीस्टली ने बनाया और हम्फ्री डेवी ने इसके असर का अध्ययन करके इसे यह लोकप्रिय नाम दिया। दंत चिकित्सक और सर्जन इसे ऑक्सीजन के साथ मिलाकर हल्के निश्चेतक और दर्द निवारक के रूप में इस्तेमाल करते हैं, और व्हिप्ड क्रीम के डिब्बों में भी यही गैस भरी होती है। प्रयोगशाला में इसे अमोनियम नाइट्रेट को धीरे-धीरे गर्म करके बनाया जाता है। यह ग्रीनहाउस गैस भी है और ओजोन परत को नुकसान पहुंचाती है। A गलत है क्योंकि NO नाइट्रिक ऑक्साइड है, रंगहीन गैस जो हवा में भूरी हो जाती है। B गलत है क्योंकि N2O3 डाइनाइट्रोजन ट्राइऑक्साइड है, जो कम तापमान पर नीला द्रव होता है। D गलत है क्योंकि NO2 नाइट्रोजन डाइऑक्साइड है, वाहनों के धुएं और अम्ल वर्षा में मिलने वाली लाल-भूरी जहरीली गैस। परीक्षा टिप: लाफिंग गैस = नाइट्रस ऑक्साइड = N2O, खोज प्रीस्टली ने की, दंत चिकित्सा में निश्चेतक।

Q13.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (I) 2024, 21 Apr 2024आसान

मानव शरीर की किन कोशिकाओं में केंद्रक नहीं होता?

  1. A.पेशी कोशिकाएं
  2. B.भक्षक (फैगोसाइटिक) कोशिकाएं
  3. C.लाल रक्त कोशिकाएं
  4. D.पक्ष्माभी (सिलियेटेड) कोशिकाएं
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लाल रक्त कोशिकाएं

व्याख्या

सही उत्तर है C, लाल रक्त कोशिकाएं। परिपक्व लाल रक्त कोशिकाएं यानी एरिथ्रोसाइट रक्त में आने से पहले अपना केंद्रक खो देती हैं। केंद्रक और माइटोकॉन्ड्रिया न होने से हीमोग्लोबिन के लिए ज्यादा जगह बचती है, जो ऑक्सीजन ढोने वाला लौह युक्त प्रोटीन है, और कोशिका को लचीला उभयावतल आकार मिलता है, जिससे वह पतली केशिकाओं से निकल पाती है। केंद्रक न होने से ये कोशिकाएं विभाजन या अपनी मरम्मत नहीं कर पातीं; ये लगभग 120 दिन जीवित रहती हैं, लाल अस्थि मज्जा में बनती हैं और मुख्यतः प्लीहा में नष्ट होती हैं, जिसे लाल रक्त कोशिकाओं का कब्रिस्तान कहते हैं। प्लेटलेट्स में भी केंद्रक नहीं होता, पर वे पूरी कोशिका नहीं, कोशिका के टुकड़े हैं। A गलत है, पेशी कोशिकाओं में केंद्रक होता है; कंकाल पेशी तंतुओं में तो कई केंद्रक होते हैं। B गलत है, न्यूट्रोफिल और मैक्रोफेज जैसी भक्षक कोशिकाओं में केंद्रक होता है। D गलत है, श्वासनली और अंडवाहिनी की पक्ष्माभी कोशिकाओं में सामान्य केंद्रक होता है। परीक्षा टिप: मानव लाल रक्त कोशिका, केंद्रक नहीं, 120 दिन जीवन, अस्थि मज्जा में जन्म, प्लीहा में अंत।

Q14.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निःश्वसन के दौरान फेफड़ों से वायु तब निकलेगी, जब फेफड़ों के भीतर का दबाव

  1. A.वायुमंडलीय दबाव के बराबर हो
  2. B.वायुमंडलीय दबाव से कम हो
  3. C.वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो
  4. D.डायाफ्राम का संकुचन हो
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो

व्याख्या

सही उत्तर है C, वायुमंडलीय दबाव से अधिक हो। हवा हमेशा अधिक दबाव वाली जगह से कम दबाव वाली जगह की ओर बहती है, इसलिए वह फेफड़ों से तभी बाहर निकलती है, जब भीतर का दबाव बाहर की हवा के दबाव से अधिक हो जाए। निःश्वसन के समय डायाफ्राम शिथिल होकर ऊपर की ओर गुंबद जैसा हो जाता है, और पसलियों की पेशियाँ ढीली पड़ने से पसलियाँ नीचे व अंदर आती हैं। इससे वक्ष गुहा का आयतन घटता है, फेफड़ों में दबाव बढ़ता है और हवा बाहर धकेल दी जाती है। अंतःश्वसन में इसका उल्टा होता है: डायाफ्राम सिकुड़कर चपटा होता है, वक्ष गुहा बड़ी होती है, फेफड़ों का दबाव वायुमंडलीय दबाव से कम हो जाता है और हवा अंदर आती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दबाव बराबर होने पर हवा नहीं चलती; ऐसा दो साँसों के बीच पल भर के लिए होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि फेफड़ों में कम दबाव होने पर हवा अंदर आती है, जो अंतःश्वसन है। विकल्प D गलत है, क्योंकि डायाफ्राम के संकुचन से अंतःश्वसन होता है, निःश्वसन नहीं। परीक्षा टिप: अंतःश्वसन में डायाफ्राम सिकुड़ता है और दबाव घटता है; निःश्वसन में डायाफ्राम शिथिल होता है और दबाव बढ़ता है।

Q15.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 29 Dec 2020, Shift 1 (CBT 1)आसान

निम्नलिखित में से किस रक्त समूह वाले लोगों को सार्वत्रिक ग्राही (universal recipient) माना जाता है?

  1. A.O+
  2. B.A+
  3. C.AB+
  4. D.B+
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. AB+

व्याख्या

सही उत्तर है C, AB+। AB पॉज़िटिव रक्त वाला व्यक्ति हर ABO और Rh समूह की लाल रक्त कोशिकाएँ ले सकता है, इसलिए AB+ को सार्वत्रिक ग्राही कहते हैं। कारण सीधा है: AB+ की लाल कोशिकाओं पर A प्रतिजन, B प्रतिजन और Rh (D) प्रतिजन तीनों होते हैं, इसलिए उसके प्लाज़्मा में anti-A, anti-B या anti-Rh कोई प्रतिरक्षी नहीं होती जो दान किए गए रक्त पर हमला करे। इसका उल्टा मामला O नेगेटिव का है, जिसकी कोशिकाओं पर इनमें से कोई प्रतिजन नहीं होता, इसलिए O− सार्वत्रिक दाता है। कार्ल लैंडस्टीनर ने 1900 में ABO समूह खोजे और 1930 में नोबेल पुरस्कार पाया। A गलत है क्योंकि O+ के प्लाज़्मा में anti-A और anti-B दोनों प्रतिरक्षी होती हैं, इसलिए वह केवल O रक्त ले सकता है। B गलत है क्योंकि A+ में anti-B होती है, इसलिए वह B या AB रक्त नहीं ले सकता। D गलत है क्योंकि B+ में anti-A होती है, इसलिए वह A या AB रक्त नहीं ले सकता। परीक्षा टिप: AB+ सबसे लेता है, O− सबको देता है।

Q16.सामान्य विज्ञानपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 18 Nov 2021, Shift 1आसान

पीनियल ग्रंथि द्वारा ________ का स्राव किया जाता है।

  1. A.मेलाटोनिन
  2. B.प्रोजेस्टेरोन
  3. C.एपिनेफ्रीन
  4. D.इंसुलिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मेलाटोनिन

व्याख्या

सही उत्तर है A, मेलाटोनिन। मस्तिष्क के अंदर गहराई में स्थित चीड़ के शंकु जैसी छोटी पीनियल ग्रंथि मेलाटोनिन हार्मोन स्रावित करती है। मेलाटोनिन शरीर की दिन-रात की लय, यानी सर्केडियन रिदम, को नियंत्रित करता है और नींद को नियमित रखने में मदद करता है। यह ग्रंथि अंधेरे में ज्यादा और तेज रोशनी में कम मेलाटोनिन छोड़ती है, इसी कारण देर रात तक मोबाइल स्क्रीन देखने से नींद बिगड़ सकती है। मेलाटोनिन यौवनारंभ के समय और कुछ जानवरों में मौसमी बदलावों में भी भूमिका निभाता है। फ्रांसीसी दार्शनिक देकार्त ने पीनियल ग्रंथि को 'आत्मा का आसन' कहा था। B गलत है क्योंकि प्रोजेस्टेरोन मुख्य रूप से अंडाशय (कॉर्पस ल्यूटियम) बनाता है और यह गर्भावस्था की तैयारी और उसे बनाए रखने में मदद करता है। C गलत है क्योंकि एपिनेफ्रीन, यानी एड्रेनालिन, अधिवृक्क मज्जा से निकलता है और शरीर को 'लड़ो या भागो' के लिए तैयार करता है। D गलत है क्योंकि इंसुलिन अग्न्याशय में लैंगरहैंस के द्वीपों की बीटा कोशिकाएं बनाती हैं और यह रक्त शर्करा घटाता है। परीक्षा टिप: पीनियल ग्रंथि, मेलाटोनिन, नींद; अग्न्याशय, इंसुलिन; अधिवृक्क मज्जा, एड्रेनालिन।

Q17.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB NTPC · 29 Dec 2020, Shift 2 (CBT 1)आसान

बेरीबेरी रोग किसकी कमी से होता है?

  1. A.विटामिन B1
  2. B.विटामिन A
  3. C.विटामिन C
  4. D.विटामिन D
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विटामिन B1

व्याख्या

सही उत्तर है A, विटामिन B1। बेरीबेरी थायमिन यानी विटामिन B1 की कमी से होता है। थायमिन शरीर को कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा बनाने में मदद करता है और नसों व हृदय को चलाए रखता है, इसलिए इसकी कमी से मांसपेशियाँ और नसें कमजोर होती हैं (शुष्क बेरीबेरी) या सूजन और हृदय की विफलता होती है (आर्द्र बेरीबेरी)। यह रोग एशिया में उन लोगों में आम था जो मुख्यतः पॉलिश किए सफेद चावल पर रहते थे, क्योंकि मिलिंग में दाने की थायमिन-युक्त बाहरी परत हट जाती है; साबुत अनाज, दालें, मेवे और अंडे इसे देते हैं। विटामिन B1 जल में घुलनशील है, इसलिए शरीर इसे कम जमा करता है और रोज़ लेना पड़ता है। B गलत है क्योंकि विटामिन A की कमी से रतौंधी और ज़ीरोफ्थैल्मिया होता है। C गलत है क्योंकि विटामिन C की कमी से स्कर्वी होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आता है। D गलत है क्योंकि विटामिन D की कमी से बच्चों में रिकेट्स और बड़ों में ऑस्टियोमलेशिया होता है। परीक्षा टिप: B1 बेरीबेरी, B3 पेलाग्रा, B12 घातक रक्ताल्पता, C स्कर्वी, D रिकेट्स।

Q18.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 21 Jan 2024मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा/से पादप रोग जीवाणु से होता/होते है/हैं? (a) गेहूँ का किट्ट (रस्ट) (b) नींबू का कैंकर (c) भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक

  1. A.केवल (c)
  2. B.(a) और (b)
  3. C.केवल (b)
  4. D.(b) और (c)
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल (b)

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल (b)। इन तीनों में से केवल नींबू का कैंकर जीवाणु से होता है; गेहूँ का किट्ट कवक से और भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक विषाणु से होता है। नींबू के कैंकर में नींबू, संतरा और दूसरे खट्टे फलों वाले पौधों की पत्तियों, टहनियों और फलों पर उभरे हुए, खुरदरे भूरे धब्बे बन जाते हैं, और यह रोग हवा से फैलता है। गेहूँ के किट्ट में पत्तियों और तनों पर जंग जैसे लाल-भूरे चूर्णी धब्बे बनते हैं, इसीलिए इसका यह नाम पड़ा। पीत शिरा मोज़ेक में भिंडी की पत्तियों की शिराएँ पीली पड़ जाती हैं, और कीट इस विषाणु को एक पौधे से दूसरे तक ले जाते हैं। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब जीवाणु, कवक और विषाणु से होने वाले पादप रोगों के उदाहरण के रूप में ठीक यही तीन रोग देती है। A गलत है क्योंकि पीत शिरा मोज़ेक विषाणु जनित रोग है। B गलत है क्योंकि इसमें गेहूँ का किट्ट जुड़ा है, जो कवक से होता है। D गलत है क्योंकि इसमें विषाणु से होने वाला पीत शिरा मोज़ेक जुड़ा है। परीक्षा टिप: नींबू का कैंकर – जीवाणु; गेहूँ का किट्ट – कवक; भिंडी का पीत शिरा मोज़ेक – विषाणु।

Q19.सामान्य विज्ञानपूछा गया: CDS · CDS (II) 2024, 1 Sep 2024आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा हॉर्मोन पौधों में वृद्धि क्रिया को रोकता है?

  1. A.ऑक्सिन
  2. B.साइटोकाइनिन
  3. C.एब्सिसिक अम्ल
  4. D.जिबरेलिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एब्सिसिक अम्ल

व्याख्या

सही उत्तर है C, एब्सिसिक अम्ल। यह पादप हॉर्मोनों में मुख्य वृद्धि रोधक है और वृद्धि बढ़ाने वाले हॉर्मोनों के उलट काम करता है। एब्सिसिक अम्ल (ABA) को तनाव हॉर्मोन कहते हैं, क्योंकि यह सूखे, ठंड और लवणता में पौधे को बचाता है: पानी बचाने के लिए रंध्र बंद कराता है, बीजों और कलियों को सुप्त रखता है ताकि वे खराब मौसम में न फूटें, और पत्तियों व फलों को पुराना होकर गिरने में मदद करता है। इसलिए जब पूछा जाए कि कौन-सा हॉर्मोन वृद्धि धीमी या बंद करता है, तो उत्तर ABA है; बुढ़ापे और फल पकने से जुड़ा दूसरा हॉर्मोन एथिलीन है। A गलत है, ऑक्सिन कोशिकाओं को लंबा करके वृद्धि बढ़ाते हैं और तने को प्रकाश की ओर मोड़ते हैं। B गलत है, साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन बढ़ाते हैं और पत्तियों के बुढ़ापे को टालते हैं। D गलत है, जिबरेलिन तने की लंबाई बढ़ाते हैं, बीज की सुप्तावस्था तोड़ते हैं और अंगूर का आकार बढ़ाने के लिए छिड़के जाते हैं। परीक्षा टिप: वृद्धि बढ़ाने वाले ऑक्सिन, जिबरेलिन और साइटोकाइनिन; रोकने वाला एब्सिसिक अम्ल, यानी तनाव हॉर्मोन।

Q20.सामान्य विज्ञानपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

निम्नलिखित रोगों के समूह में से किसमें जिनेटिक रोग समाविष्ट हैं?

  1. A.सिकल सेल अनीमिया, AIDS, डाउन सिन्ड्रोम
  2. B.AIDS, हेपैटाइटिस B, कैन्सर
  3. C.हीमोफिलिया, हेपैटाइटिस B, कलर ब्लाइंडनेस
  4. D.सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम

व्याख्या

सही उत्तर है D, सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, डाउन सिन्ड्रोम। ये तीनों आनुवंशिक रोग हैं, जो जीन या गुणसूत्रों में बदलाव से होते हैं और जन्म से मिलते हैं, किसी रोगाणु से नहीं। सिकल सेल अनीमिया एक अलिंगसूत्री अप्रभावी रोग है, जिसमें हीमोग्लोबिन के जीन में एक छोटे से बदलाव से लाल रक्त कोशिकाएँ हँसिए जैसी हो जाती हैं। हीमोफिलिया X गुणसूत्र से जुड़ा लिंग-सहलग्न अप्रभावी रोग है, जिसमें खून ठीक से नहीं जमता; यह ज़्यादातर पुरुषों को होता है, और महारानी विक्टोरिया के वंशजों में फैलने के कारण इसे शाही रोग कहा जाता है। डाउन सिन्ड्रोम गुणसूत्र 21 की एक अतिरिक्त प्रति से होने वाला गुणसूत्रीय विकार है, जिसे ट्राइसोमी 21 भी कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि AIDS एचआईवी विषाणु से होता है और जीन से विरासत में नहीं मिलता। विकल्प B गलत है, क्योंकि AIDS और हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण हैं, और अधिकतर कैंसर जीवन के दौरान हुए उत्परिवर्तन से होते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि हेपैटाइटिस B विषाणु संक्रमण है, भले ही हीमोफिलिया और वर्णांधता आनुवंशिक हैं। परीक्षा टिप: आनुवंशिक रोगों में सिकल सेल अनीमिया, हीमोफिलिया, वर्णांधता, थैलेसीमिया और डाउन सिन्ड्रोम आते हैं।

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