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GK24
सरकारी योजनाएंमध्यम

कोयला मंत्रालय ने गैसीकरण योजना में आवेदन करने वाली किन दो कंपनियों के नाम बताए?

  1. A.कोल इंडिया लिमिटेड और गेल
  2. B.तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड और एनटीपीसी लिमिटेड
  3. C.एनएलसी इंडिया और आईओसीएल
  4. D.सेल और ओएनजीसी

सही उत्तर

B. तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड और एनटीपीसी लिमिटेड

व्याख्या

सही उत्तर तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड और एनटीपीसी लिमिटेड है। मंत्रालय ने बताया कि उसे सूचित किया गया है कि दोनों कंपनियों ने ऑनलाइन पोर्टल से अपने आवेदन जमा कर दिए हैं, और इसी तथ्य से उसने यह दावा खारिज किया कि योजना में कोई आवेदक नहीं मिला। बाकी विकल्पों में कोयला, गैस, लिग्नाइट, रिफाइनिंग और स्टील क्षेत्र की जानी-पहचानी सार्वजनिक कंपनियों के नाम हैं, जिन्हें विद्यार्थी गैसीकरण कार्यक्रम से सहज ही जोड़ लेता है, और इसीलिए वे भ्रम वाले विकल्प बनते हैं। परीक्षा के लिहाज से संदर्भ भी याद रखें, क्योंकि पहले दौर की अंतिम तिथि 7 सितंबर 2026 थी और मंत्रालय ने कहा था कि खिड़की खुली रहते आवेदनों की संख्या पर निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। योजना में दौर निरंतर चलते हैं, इसलिए एक दौर बंद होने के अगले दिन अगला दौर शुरू होकर दो महीने खुला रहता है और बाद में भी आवेदक आ सकते हैं।

पूरा लेख पढ़ें: कोयला गैसीकरण योजना: ₹37,500 करोड़, एनटीपीसी का आवेदन

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Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की योजना का कुल वित्तीय परिव्यय कितना है?

  1. A.₹8,500 करोड़
  2. B.₹37,500 करोड़
  3. C.₹1 लाख करोड़
  4. D.₹6,000 करोड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ₹37,500 करोड़

व्याख्या

सही उत्तर ₹37,500 करोड़ है। कोयला मंत्रालय बताता है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 मई 2026 को इसी कुल वित्तीय परिव्यय के साथ योजना को मंजूरी दी, और यही आंकड़ा प्रेस खबरों पर जारी स्पष्टीकरण की शुरुआत में भी आता है। विकल्प A, विकल्प C और विकल्प D ऐसी गोल या पास-पास की संख्याएं हैं जिनसे योजना वाले प्रश्नों में भ्रम पैदा किया जाता है, और इनका समर्थन विज्ञप्ति में नहीं है। दो और आंकड़े परिव्यय से अलग रखें। पहला, योजना से अपेक्षित निवेश, जो लगभग 25 परियोजनाओं में ₹2.5 लाख करोड़ से ₹3 लाख करोड़ है। दूसरा, अपेक्षित रोजगार, जो करीब 50,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर हैं। परिव्यय सरकार की प्रतिबद्धता है, जबकि निवेश उद्योग की ओर से आने वाली राशि है। योजना का उद्देश्य भी याद रखें, यानी घरेलू कोयला और लिग्नाइट को सिनगैस, मेथनॉल, अमोनिया और यूरिया में बदलना, ताकि आयातित कच्चे माल पर निर्भरता घटे।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

यह योजना 2030 तक कितनी कोयला गैसीकरण क्षमता के लक्ष्य में योगदान देगी?

  1. A.50 मिलियन टन
  2. B.75 मिलियन टन
  3. C.100 मिलियन टन
  4. D.200 मिलियन टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 100 मिलियन टन

व्याख्या

सही उत्तर 100 मिलियन टन है। विज्ञप्ति कहती है कि यह योजना 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता हासिल करने के सरकार के व्यापक लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगी, इसलिए 100 मिलियन टन और वर्ष 2030 की जोड़ी इस खबर से पूछे जाने वाले सबसे संभावित तथ्यों में है। विकल्प A, विकल्प B और विकल्प D देखने में संभव लगते हैं, पर विज्ञप्ति में इनका समर्थन नहीं है। दोहराते समय इस राष्ट्रीय लक्ष्य को योजना से जुड़े तीन अन्य आंकड़ों से अलग रखें, यानी 13 मई 2026 को मंत्रिमंडल से मंजूर ₹37,500 करोड़ का परिव्यय, लगभग 25 परियोजनाओं में ₹2.5 लाख करोड़ से ₹3 लाख करोड़ का अपेक्षित निवेश, और करीब 50,000 प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार। गैसीकरण के उत्पाद भी याद रखें, यानी सिनगैस, मेथनॉल, अमोनिया और यूरिया, क्योंकि प्रश्न आंकड़ों की जगह इन उत्पादों पर भी बन सकता है।

Q3.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएम विश्वकर्मा योजना किस मंत्रालय के अधीन क्रियान्वित होती है?

  1. A.कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
  2. B.सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
  3. C.वस्त्र मंत्रालय
  4. D.ग्रामीण विकास मंत्रालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय है, जिसे एमएसएमई मंत्रालय कहा जाता है। इसके केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी हैं और शोभा करंदलाजे राज्य मंत्री हैं। विकल्प A वह जाल है जिसमें सबसे अधिक अभ्यर्थी फंसते हैं, क्योंकि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की इसमें स्पष्ट भूमिका है, वही बुनियादी कौशल प्रशिक्षण देता है जो लगभग 24.50 लाख विश्वकर्माओं को मिल चुका है। किसी एक घटक को चलाना पूरी योजना का स्वामित्व नहीं होता। विकल्प C गलत है क्योंकि वस्त्र मंत्रालय हथकरघा और हस्तशिल्प के अपने कार्यक्रम चलाता है, यह योजना उसकी नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्रामीण आजीविका मिशन अलग मंत्रालय के अधीन हैं। यह भी याद रखें कि पश्चिम बंगाल मई 2026 में योजना से जुड़ा और वहां 3,000 लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

पीएम विश्वकर्मा योजना किस तिथि को शुरू की गई थी?

  1. A.17 सितंबर 2023
  2. B.15 अगस्त 2023
  3. C.17 सितंबर 2022
  4. D.2 अक्टूबर 2023
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 17 सितंबर 2023

व्याख्या

सही उत्तर 17 सितंबर 2023 है। प्रधानमंत्री ने उसी दिन इस योजना का शुभारंभ किया था, ताकि 18 चिन्हित व्यवसायों में लगे पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को संपूर्ण सहायता मिल सके, और इसी कारण इसकी तीसरी वर्षगांठ 17 सितंबर 2026 को पड़ती है, जिसे कोलकाता के धोणो धान्यो सभागार में मनाया जाएगा। विकल्प C सबसे तीखा जाल है, क्योंकि उसमें दिन और महीना वही रखे गए हैं पर वर्ष पीछे कर दिया गया है, और जिस अभ्यर्थी ने केवल तिथि रटी है वह चूक जाएगा। विकल्प B गलत है क्योंकि स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा कोई शुभारंभ नहीं हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि 2 अक्टूबर अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों से जुड़ा है, इस योजना से नहीं। योजना के पैकेज में प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, कौशल उन्नयन, टूलकिट प्रोत्साहन, ऋण सहायता तथा विपणन सहायता शामिल हैं।

Q5.सरकारी योजनाएंआसान

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत तीन वर्षों में कितने लाभार्थी पंजीकृत हुए हैं?

  1. A.10 लाख
  2. B.20 लाख
  3. C.30 लाख
  4. D.50 लाख
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 30 लाख

व्याख्या

सही उत्तर 30 लाख है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय ने बताया कि तीन चरणों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद इतने लाभार्थी योजना में पंजीकृत हो चुके हैं, जिसका अर्थ है कि शुभारंभ के तीन वर्ष के भीतर योजना का पंजीकरण लक्ष्य हासिल कर लिया गया। विकल्प A, B और D ऐसे आंकड़े देते हैं जो उपलब्धि से या तो कम हैं या अधिक, और प्रमुख योजनाओं पर बनने वाले प्रश्न प्रायः कुल लाभार्थी संख्या पर ही केंद्रित होते हैं। अभ्यर्थी साथ के आंकड़े भी याद रखें, लगभग 24.50 लाख विश्वकर्माओं को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण मिला है, 6.18 लाख को 5 प्रतिशत वार्षिक दर पर कुल 5,297 करोड़ रुपये का ऋण मिला है और इंडिया पोस्ट के जरिए 18.15 लाख आधुनिक टूलकिट पहुंचाए गए हैं।