विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?
- A.618.06 करोड़ रुपये
- B.770.50 करोड़ रुपये
- C.970.33 करोड़ रुपये
- D.1,120.40 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है 970.33 करोड़ रुपये। विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। विकल्प A का 618.06 करोड़ रुपये असली आंकड़ा है, लेकिन यह केवल एक मंत्रालय, यानी रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) की कमाई है, जो कबाड़ आय में सबसे आगे रहा; उसके बाद सैन्य मामलों का विभाग और कोयला मंत्रालय रहे। विकल्प B और D अभियान के आंकड़े नहीं हैं। कुल आय में से लगभग 50 करोड़ रुपये अकेले ई-कचरे की बिक्री से आए। कुल आंकड़े और शीर्ष मंत्रालय के आंकड़े में फर्क याद रखें, क्योंकि सरकारी अभियानों के प्रश्नों में परीक्षक अक्सर यही जाल बिछाते हैं। इसलिए विकल्प C सही है।
पूरा लेख पढ़ें: विशेष अभियान 6: कबाड़ बिक्री से रिकॉर्ड 970.33 करोड़ रुपये
अभ्यास प्रश्न
अक्टूबर 2026 में चले विशेष अभियान 6 का नोडल विभाग कौन-सा था?
- A.कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग
- B.प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग
- C.व्यय विभाग
- D.पेयजल और स्वच्छता विभाग
उत्तर देखें
डीएआरपीजी 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक चले विशेष अभियान 6 का नोडल विभाग था। इस अभियान का लक्ष्य सरकारी दफ्तरों में स्वच्छता को स्थायी बनाना और लंबित मामलों को घटाना था, और डीएआरपीजी ने ही मंत्रालयों द्वारा अभियान पोर्टल पर दिए गए आंकड़ों को संकलित किया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?
- A.कोयला मंत्रालय
- B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
- C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
- D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
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इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?
- A.75 से अधिक
- B.100 से अधिक
- C.200 से अधिक
- D.500 से अधिक
उत्तर देखें
पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एनएफएचएस-5 और एनएफएचएस-6 के बीच बाल विवाह के प्रचलन में सबसे बड़ी गिरावट किस राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में दर्ज हुई?
- A.असम
- B.बिहार
- C.दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव
- D.अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
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बाल विवाह मुक्त भारत पर पीआईबी के पृष्ठभूमि लेख के अनुसार एनएफएचएस-5 और एनएफएचएस-6 के बीच इस केंद्रशासित प्रदेश में बाल विवाह के प्रचलन में सबसे बड़ी, 10.1 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 ने किस पुराने कानून की जगह ली?
- A.बाल विवाह अवरोध अधिनियम, 1929
- B.हिंदू विवाह अधिनियम, 1955
- C.विशेष विवाह अधिनियम, 1954
- D.दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961
उत्तर देखें
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 ने इसकी जगह ली और कानूनी दृष्टिकोण को बाल विवाह को केवल रोकने से बदलकर उसे पूरी तरह प्रतिबंधित करने वाला बना दिया, साथ ही पीड़ितों को अधिक सुरक्षा और राहत दी।
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