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GK24
सरकारी योजनाएंमध्यम

सतही कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण परियोजनाओं की योजना का कुल वित्तीय परिव्यय कितना है?

  1. A.₹8,500 करोड़
  2. B.₹37,500 करोड़
  3. C.₹1 लाख करोड़
  4. D.₹6,000 करोड़

सही उत्तर

B. ₹37,500 करोड़

व्याख्या

सही उत्तर ₹37,500 करोड़ है। कोयला मंत्रालय बताता है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13 मई 2026 को इसी कुल वित्तीय परिव्यय के साथ योजना को मंजूरी दी, और यही आंकड़ा प्रेस खबरों पर जारी स्पष्टीकरण की शुरुआत में भी आता है। विकल्प A, विकल्प C और विकल्प D ऐसी गोल या पास-पास की संख्याएं हैं जिनसे योजना वाले प्रश्नों में भ्रम पैदा किया जाता है, और इनका समर्थन विज्ञप्ति में नहीं है। दो और आंकड़े परिव्यय से अलग रखें। पहला, योजना से अपेक्षित निवेश, जो लगभग 25 परियोजनाओं में ₹2.5 लाख करोड़ से ₹3 लाख करोड़ है। दूसरा, अपेक्षित रोजगार, जो करीब 50,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर हैं। परिव्यय सरकार की प्रतिबद्धता है, जबकि निवेश उद्योग की ओर से आने वाली राशि है। योजना का उद्देश्य भी याद रखें, यानी घरेलू कोयला और लिग्नाइट को सिनगैस, मेथनॉल, अमोनिया और यूरिया में बदलना, ताकि आयातित कच्चे माल पर निर्भरता घटे।

पूरा लेख पढ़ें: कोयला गैसीकरण योजना: ₹37,500 करोड़, एनटीपीसी का आवेदन

Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

कोयला मंत्रालय ने गैसीकरण योजना में आवेदन करने वाली किन दो कंपनियों के नाम बताए?

  1. A.कोल इंडिया लिमिटेड और गेल
  2. B.तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड और एनटीपीसी लिमिटेड
  3. C.एनएलसी इंडिया और आईओसीएल
  4. D.सेल और ओएनजीसी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड और एनटीपीसी लिमिटेड

मंत्रालय ने बताया कि उसे सूचित किया गया है कि दोनों कंपनियों ने ऑनलाइन पोर्टल से अपने आवेदन जमा कर दिए हैं, और इसी तथ्य से उसने यह दावा खारिज किया कि योजना में कोई आवेदक नहीं मिला।

Q2.सरकारी योजनाएंमध्यम

यह योजना 2030 तक कितनी कोयला गैसीकरण क्षमता के लक्ष्य में योगदान देगी?

  1. A.50 मिलियन टन
  2. B.75 मिलियन टन
  3. C.100 मिलियन टन
  4. D.200 मिलियन टन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 100 मिलियन टन

विज्ञप्ति कहती है कि यह योजना 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता हासिल करने के सरकार के व्यापक लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देगी, इसलिए 100 मिलियन टन और वर्ष 2030 की जोड़ी इस खबर से पूछे जाने वाले सबसे संभावित तथ्यों में है।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

विशेष अभियान 6 के तहत सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम) पर पंजीकृत ई-कचरा रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों की संख्या 38 से बढ़कर कितनी हो गई?

  1. A.75 से अधिक
  2. B.100 से अधिक
  3. C.200 से अधिक
  4. D.500 से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 200 से अधिक

पिछले अभियान में शुरू हुए ई-कचरे पर ध्यान को आगे बढ़ाते हुए विशेष अभियान 6 में डीएआरपीजी ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और रिसाइक्लिंग उद्योग के साथ मिलकर सरकारी दफ्तरों को अधिकृत रिसाइक्लर, रिफर्बिशर और उत्पादकों से जोड़ा।

Q4.सरकारी योजनाएंमध्यम

विशेष अभियान 6 के दौरान कबाड़ बेचकर सबसे अधिक आय किस मंत्रालय ने अर्जित की?

  1. A.कोयला मंत्रालय
  2. B.रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)
  3. C.रक्षा मंत्रालय (सैन्य मामलों का विभाग)
  4. D.पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड)

इसके बाद सैन्य मामलों का विभाग 88.96 करोड़ रुपये, कोयला मंत्रालय 61.41 करोड़ रुपये और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय 34.81 करोड़ रुपये के साथ रहे।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

विशेष अभियान 6 में ई-कचरे सहित कबाड़ के निपटान से कुल कितनी आय हुई?

  1. A.618.06 करोड़ रुपये
  2. B.770.50 करोड़ रुपये
  3. C.970.33 करोड़ रुपये
  4. D.1,120.40 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 970.33 करोड़ रुपये

विशेष अभियान 6 पोर्टल के संकलित आंकड़ों के अनुसार सभी मंत्रालयों और विभागों ने ई-कचरे सहित कबाड़ बेचकर 970.33 करोड़ रुपये जुटाए, जो विशेष अभियान 5.0 से लगभग 16 प्रतिशत अधिक है।