खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियों के संदर्भ में NPCI का पूरा नाम क्या है?
- A.नेशनल पेमेंट कंसोर्टियम ऑफ इंडिया
- B.नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
- C.नेशनल पाइरेसी काउंसिल ऑफ इंडिया
- D.नेशनल प्रोटेक्शन काउंसिल इंडिया
सही उत्तर
B. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
व्याख्या
सही उत्तर है B, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया। NPCI वह शीर्ष संस्था है जो भारत की खुदरा भुगतान और निपटान प्रणालियाँ चलाती है। इसकी स्थापना 2008 में भारतीय रिजर्व बैंक और भारतीय बैंक संघ ने भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के अंतर्गत की थी। यह बैंकों के स्वामित्व वाली गैर-लाभकारी कंपनी है और इसका मुख्यालय मुंबई में है। UPI, रुपे, IMPS, AePS, भीम, NACH, फास्टैग के पीछे काम करने वाला नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन और चेक ट्रंकेशन प्रणाली सभी NPCI के मंच हैं, इसीलिए देश का लगभग हर डिजिटल खुदरा भुगतान इसी से गुजरता है। A गलत है क्योंकि नाम में कंसोर्टियम नहीं, कॉरपोरेशन शब्द आता है। C गलत है क्योंकि पाइरेसी काउंसिल का भुगतान से कोई संबंध नहीं, यह गढ़ा हुआ विस्तार है। D भी इसी कारण गलत है, कोई प्रोटेक्शन काउंसिल भुगतान प्रणाली नहीं चलाती। परीक्षा टिप: NPCI - 2008 में RBI और IBA द्वारा स्थापित, मुख्यालय मुंबई, और UPI, रुपे, IMPS तथा NACH का संचालक।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंएक निश्चित धनराशि चुकाने का बिना शर्त वचन क्या कहलाता है?
- A.चेक
- B.विनिमय पत्र (बिल ऑफ एक्सचेंज)
- C.वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)
- D.हुंडी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)
व्याख्या
सही उत्तर है C, वचन पत्र (प्रॉमिसरी नोट)। परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 4 के अनुसार वचन पत्र वह लिखित लिखत है जिस पर लिखने वाला हस्ताक्षर करता है और जिसमें किसी निश्चित व्यक्ति को या उसके आदेश पर निश्चित धनराशि चुकाने का बिना शर्त वचन होता है। प्रश्न का निर्णायक शब्द वचन है, अर्थात वादा: इसमें केवल दो पक्ष होते हैं, वचन देने वाला और भुगतान पाने वाला। करेंसी नोट पर भी रिज़र्व बैंक भुगतान का वचन देता है, फिर भी उसे इस परिभाषा से बाहर रखा गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि धारा 5 के अनुसार विनिमय पत्र में भुगतान का बिना शर्त आदेश होता है, वचन नहीं, और उसमें तीन पक्ष होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि धारा 6 के अनुसार चेक किसी निर्दिष्ट बैंकर पर लिखा और मांग पर देय विनिमय पत्र ही है, इसलिए वह भी आदेश है। विकल्प D गलत है, क्योंकि हुंडी क्षेत्रीय भाषा में लिखी परंपरागत लिखत है, जिसे अधिनियम परिभाषित नहीं करता। परीक्षा टिप: वचन यानी प्रॉमिसरी नोट, आदेश यानी बिल या चेक।
वह दर, जिस पर रिज़र्व बैंक विनिमय पत्र या अन्य वाणिज्यिक पत्र खरीदने या पुनर्कटौती करने को तैयार रहता है, ______ कहलाती है।
- A.बैंक दर
- B.नकद आरक्षित अनुपात
- C.प्रतिवर्ती रेपो दर
- D.रेपो दर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बैंक दर
व्याख्या
सही उत्तर है A, बैंक दर। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम की धारा 49 बैंक दर को उस मानक दर के रूप में परिभाषित करती है जिस पर बैंक विनिमय पत्र या खरीद के योग्य अन्य वाणिज्यिक पत्र खरीदने या उनकी पुनर्कटौती करने को तैयार रहता है। इसमें रिज़र्व बैंक बिना कोई प्रतिभूति गिरवी रखे दीर्घकालिक ऋण देता है, इसलिए यह रेपो दर से ऊँची होती है; आज यह सीमांत स्थायी सुविधा दर के बराबर रखी जाती है और मुख्य रूप से तब दंडात्मक ब्याज के लिए काम आती है जब कोई बैंक अपनी आरक्षित आवश्यकताएँ पूरी नहीं करता। विकल्प B गलत है, क्योंकि नकद आरक्षित अनुपात वह हिस्सा है जो बैंक को अपनी शुद्ध माँग और सावधि देयताओं में से नकद रूप में रिज़र्व बैंक के पास रखना पड़ता है, यह ऋण की दर नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रतिवर्ती रेपो दर वह दर है जो रिज़र्व बैंक बैंकों का अतिरिक्त धन लेने पर उन्हें देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि रेपो दर पर रिज़र्व बैंक सरकारी प्रतिभूतियों के बदले अल्पकालिक ऋण देता है। परीक्षा टिप: बैंक दर का अर्थ बिना प्रतिभूति और दीर्घ अवधि, रेपो का अर्थ प्रतिभूति गिरवी और अल्प अवधि।
निम्नलिखित में से कौन वाणिज्यिक बैंक नहीं है?
- A.केनरा बैंक
- B.एचडीएफसी बैंक
- C.नाबार्ड
- D.प्रथमा बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नाबार्ड
व्याख्या
सही उत्तर C, नाबार्ड है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक 1982 में स्थापित एक विकास वित्तीय संस्था है। यह बैंकों और सहकारी संस्थाओं को पुनर्वित्त देती है, ग्रामीण साख की योजना बनाती है तथा सहकारी बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का पर्यवेक्षण करती है, परंतु जनता से जमा लेने के लिए शाखाएँ नहीं चलाती, इसलिए वह वाणिज्यिक बैंक नहीं है।
विकल्प A, केनरा बैंक, 1906 में स्थापित और 1969 में राष्ट्रीयकृत, सार्वजनिक क्षेत्र का वाणिज्यिक बैंक है। विकल्प B, एचडीएफसी बैंक, 1990 के दशक में लाइसेंस पाया निजी क्षेत्र का वाणिज्यिक बैंक है। विकल्प D, प्रथमा बैंक, पहला क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक था, जो 2 अक्तूबर 1975 को मुरादाबाद में खुला, और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक सीमित क्षेत्र में काम करने पर भी वाणिज्यिक बैंकों में गिने जाते हैं। ऐसे विकल्पों में आने वाली अन्य विकास संस्थाएँ हैं सिडबी, एक्ज़िम बैंक और 2021 में बनी अवसंरचना वित्तपोषण संस्था।
भारत में एक रुपये का नोट और सभी सिक्के कौन जारी करता है?
- A.भारतीय रिज़र्व बैंक
- B.भारत सरकार
- C.भारतीय स्टेट बैंक
- D.केवल सुरक्षा मुद्रण और मुद्रा निर्माण निगम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत सरकार
व्याख्या
सही उत्तर B, भारत सरकार है। भारत में करेंसी नोट जारी करने का एकमात्र अधिकार रिज़र्व बैंक के पास है, परंतु एक रुपये का नोट और प्रत्येक सिक्का सरकार वित्त मंत्रालय के माध्यम से जारी करती है। रिज़र्व बैंक वह अभिकर्ता है जो उन्हें वितरित करता है, और जारी करने तथा प्रचलन में लाने का यही भेद परीक्षक जाँचना चाहते हैं।
विकल्प A अधिकतर अभ्यर्थी चुनते हैं, क्योंकि रिज़र्व बैंक शेष सभी मूल्यवर्ग के नोट जारी करता है और सिक्कों को प्रचलन में भी लाता है। विकल्प C, भारतीय स्टेट बैंक, इस दृष्टि से एक साधारण वाणिज्यिक बैंक है और कोई मुद्रा जारी नहीं करता। विकल्प D उस कंपनी का नाम है जो सरकार के आदेश पर सिक्के ढालती और नोट छापती है; मुद्रक निर्गम प्राधिकारी नहीं होता। इसी क्षेत्र से दो और बिंदु: नोट निर्गम के लिए रिज़र्व बैंक न्यूनतम आरक्षित प्रणाली अपनाता है, और सिक्के सिक्का निर्माण अधिनियम के अंतर्गत ढाले जाते हैं।
अल्पकालिक ग्रामीण सहकारी साख के त्रिस्तरीय ढाँचे में गाँव के स्तर पर कौन-सी संस्था काम करती है?
- A.राज्य सहकारी बैंक
- B.जिला केंद्रीय सहकारी बैंक
- C.प्राथमिक कृषि साख समिति
- D.क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्राथमिक कृषि साख समिति
व्याख्या
सही उत्तर C, प्राथमिक कृषि साख समिति है। अल्पकालिक ग्रामीण सहकारी साख तीन स्तरों पर खड़ी है: राज्य के शीर्ष पर राज्य सहकारी बैंक, जिला स्तर पर जिला केंद्रीय सहकारी बैंक और गाँव में प्राथमिक कृषि साख समिति, जहाँ किसान वस्तुतः उधार लेता है। धन ऊपर से नीचे के स्तरों तक आता है और समिति सीधे अपने सदस्यों से व्यवहार करती है।
विकल्प A सबसे ऊपरी स्तर है और राज्य का अपना सहकारी शीर्ष बैंक है, जो रिज़र्व बैंक तथा नाबार्ड से जुड़ा रहता है। विकल्प B मध्य स्तर है और किसानों के बजाय गाँव की समितियों को ऋण देता है। विकल्प D, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, सहकारी ढाँचे का अंग ही नहीं है; वह क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम, 1976 के अंतर्गत बना वाणिज्यिक बैंक है जिसमें केंद्र, प्रायोजक बैंक और राज्य शेयरधारक हैं। ग्रामीण साख के इन दो मार्गों, सहकारी और आरआरबी, को न मिलाएँ।