'ग्राम न्यायालय अधिनियम' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. अधिनियम के अनुसार ग्राम न्यायालय केवल दीवानी मामलों की सुनवाई कर सकते हैं, आपराधिक मामलों की नहीं। 2. अधिनियम स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं को मध्यस्थ/सुलहकर्ता के रूप में अनुमति देता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2। ग्राम न्यायालय दीवानी और आपराधिक दोनों मामलों की सुनवाई करते हैं, और अधिनियम ग्राम स्तर के सामाजिक कार्यकर्ताओं को सुलहकर्ता बनने की अनुमति देता है।
ग्राम न्यायालय अधिनियम, 2008, जो 2 अक्टूबर 2009 से लागू हुआ, ग्रामीण लोगों को उनके द्वार पर सस्ता और शीघ्र न्याय देने के लिए मध्यवर्ती पंचायत स्तर पर ग्राम न्यायालयों का प्रावधान करता है। इसकी अध्यक्षता न्यायाधिकारी करता है, जो प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट स्तर का न्यायिक अधिकारी होता है और राज्य सरकार उच्च न्यायालय के परामर्श से उसकी नियुक्ति करती है। यह चलित न्यायालय है जो गाँवों में बैठक कर सकता है, आपराधिक मामलों में संक्षिप्त प्रक्रिया अपनाता है और दीवानी विवादों को पहले सुलह से निपटाने का प्रयास करता है। इसके लिए ज़िला न्यायाधीश सुलहकर्ताओं का पैनल बनाता है, जिसमें ग्राम स्तर के सामाजिक कार्यकर्ता भी होते हैं।
A और C गलत हैं: अधिनियम की अनुसूचियों के अनुसार इन न्यायालयों को आपराधिक और दीवानी दोनों क्षेत्राधिकार प्राप्त हैं।
D गलत है: कथन 2 सही है।
Exam tip: ग्राम न्यायालय = 2008 का अधिनियम, 2 अक्टूबर 2009 से लागू; न्यायाधिकारी = प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट; दीवानी और आपराधिक मामले; चलित न्यायालय।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के संविधान के अनुच्छेद 371 में निम्नलिखित में से किस राज्य का उल्लेख नहीं है?
- A.महाराष्ट्र
- B.मध्य प्रदेश
- C.गुजरात
- D.कर्नाटक
उत्तर देखें
अनुच्छेद 371 और उसके उप-अनुच्छेद कई राज्यों के लिए विशेष प्रावधान करते हैं, पर मध्य प्रदेश उनमें शामिल नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पंचायतों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1. केवल संसद ही पंचायतों को शक्तियां और अधिकार प्रदान कर सकती है।
2. राज्य आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाएं तैयार करने के लिए पंचायतों को शक्तियां सौंप सकता है।
3. राज्य आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की स्कीमों को लागू करने के लिए पंचायतों को शक्तियां सौंप सकता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.1 और 3
- C.2 और 3
- D.केवल 3
उत्तर देखें
अनुच्छेद 243G के अनुसार संसद नहीं, बल्कि राज्य का विधानमंडल कानून बनाकर पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाएं बनाने तथा स्कीमें लागू करने की शक्तियां दे सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संसद की निम्नलिखित में से किस समिति में राज्यसभा का कोई सदस्य नहीं होता?
- A.लोक लेखा समिति
- B.सार्वजनिक उपक्रम समिति
- C.प्राक्कलन समिति
- D.वित्त संबंधी विभाग-संबद्ध स्थायी समिति (DRSC)
उत्तर देखें
प्राक्कलन समिति के सभी 30 सदस्य लोकसभा अपने ही सदस्यों में से चुनती है; इसमें राज्यसभा का कोई सदस्य नहीं होता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से संबंधित प्रावधानों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित प्रावधान भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची में दिए गए हैं।
2. भारत की कुछ जनजातियाँ कुछ आय पर आयकर के भुगतान से छूट की हकदार हैं।
3. भारत का संविधान पंचायतों में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है।
उपर्युक्त कथनों पर आधारित निम्नलिखित निष्कर्षों में से कौन-सा सही है?
- A.दो कथन सही हैं, जिनमें कथन 2 शामिल है।
- B.दो कथन सही हैं, जो कथन 1 और 3 हैं।
- C.केवल एक कथन सही है।
- D.तीनों कथन सही हैं।
उत्तर देखें
कथन 2 और 3 सही हैं, जबकि कथन 1 पाँचवीं और छठी अनुसूची को आपस में मिला देता है। असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन छठी अनुसूची (अनुच्छेद 244(2) और 275(1)) के तहत होता है, जो स्वायत्त ज़िला परिषदें बनाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लोकतंत्र का श्रेष्ठ गुण इस तथ्य में निहित है कि वह किसे सक्रिय करता है?
- A.सामान्य स्त्री-पुरुषों की बुद्धि और चरित्र को।
- B.कार्यपालिका नेतृत्व को मज़बूत करने के तरीकों को।
- C.गतिशीलता और दूरदृष्टि वाले एक श्रेष्ठ व्यक्ति को।
- D.समर्पित दलीय कार्यकर्ताओं के एक समूह को।
उत्तर देखें
लोकतंत्र इस विचार पर टिका है कि साधारण नागरिक सार्वजनिक मामलों को परखने और अपनी सरकार में भाग लेने में सक्षम हैं।
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