Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 16 Jan 2023, Shift 2आसान
- A.अनुच्छेद 33 - 34
- B.अनुच्छेद 37 - 38
- C.अनुच्छेद 23 - 24
- D.अनुच्छेद 27 - 28
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 23 - 24
व्याख्या
सही उत्तर है C, अनुच्छेद 23 - 24। शोषण के विरुद्ध अधिकार संविधान के भाग III में अनुच्छेद 23 और 24 से मिलता है। अनुच्छेद 23 मानव के दुर्व्यापार, बेगार और बलात् श्रम के अन्य रूपों पर रोक लगाता है, साथ ही राज्य को सार्वजनिक प्रयोजन के लिए बिना भेदभाव अनिवार्य सेवा लेने की छूट देता है। अनुच्छेद 24 चौदह वर्ष से कम आयु के बच्चे को किसी कारखाने, खान या अन्य जोखिम भरे काम में लगाने पर रोक लगाता है। अनुच्छेद 23 से बंधुआ मजदूरी पद्धति उत्सादन अधिनियम, 1976 बना और अनुच्छेद 24 से बाल श्रम संबंधी कानून। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 33 संसद को सशस्त्र बलों के अधिकार सीमित करने की शक्ति देता है और अनुच्छेद 34 मार्शल लॉ से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 37 और 38 भाग IV के नीति निर्देशक तत्व हैं, जो न्यायालय में लागू नहीं कराए जा सकते। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 27 और 28 धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार में आते हैं। परीक्षा टिप: 14-18 समता, 19-22 स्वतंत्रता, 23-24 शोषण, 25-28 धर्म, 29-30 संस्कृति और शिक्षा।
Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 17 March, 2023, Shift 4मध्यम
- A.भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग
- B.राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
- C.राष्ट्रीय महिला आयोग
- D.राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
व्याख्या
सही उत्तर है D, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग। 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के पुराने संयुक्त आयोग को दो अलग आयोगों में बाँट दिया। अनुच्छेद 338 के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग रहा और नया अनुच्छेद 338A जोड़कर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बनाया गया, जिसने 19 फरवरी 2004 से काम शुरू किया। दोनों आयोगों में राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते हैं और दोनों अपनी रिपोर्ट संसद के सामने रखते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 से बना वैधानिक निकाय है, संवैधानिक नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग 102वें संशोधन, 2018 से अनुच्छेद 338B जुड़ने पर संवैधानिक बना। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय महिला आयोग 1990 के अधिनियम पर आधारित वैधानिक निकाय है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 338 अनुसूचित जाति, 338A अनुसूचित जनजाति, 338B पिछड़ा वर्ग।
Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 13 Dec 2022, Shift 2मध्यम
- A.वह भारत का नागरिक होना चाहिए।
- B.उसने 35 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो।
- C.वह संघ सरकार/राज्य सरकार या किसी अधीनस्थ स्थानीय प्राधिकरण के अधीन कोई लाभ का पद धारण न करता हो।
- D.वह लोकसभा के सदस्य के रूप में निर्वाचन के लिए अर्हित होना चाहिए।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वह लोकसभा के सदस्य के रूप में निर्वाचन के लिए अर्हित होना चाहिए।
व्याख्या
सही उत्तर है D, वह लोकसभा के सदस्य के रूप में निर्वाचन के लिए अर्हित होना चाहिए, क्योंकि यही एक कथन गलत है। संविधान का अनुच्छेद 66(3) कहता है कि उपराष्ट्रपति वही व्यक्ति चुना जा सकता है जो भारत का नागरिक हो, 35 वर्ष की आयु पूरी कर चुका हो और राज्यसभा के सदस्य के रूप में निर्वाचन के लिए अर्हित हो, लोकसभा के लिए नहीं। यह शर्त राज्यसभा से इसलिए जुड़ी है क्योंकि उपराष्ट्रपति पदेन राज्यसभा का सभापति होता है। A उत्तर नहीं है क्योंकि भारत की नागरिकता वास्तव में एक आवश्यक शर्त है। B उत्तर नहीं है क्योंकि 35 वर्ष की न्यूनतम आयु इसी खंड में दी गई सही शर्त है। C उत्तर नहीं है क्योंकि संघ, राज्य या किसी स्थानीय प्राधिकरण के अधीन लाभ का पद न रखने की शर्त भी सही है। परीक्षा टिप: राष्ट्रपति के लिए लोकसभा की अर्हता और उपराष्ट्रपति के लिए राज्यसभा की अर्हता; दोनों की न्यूनतम आयु 35 वर्ष।
Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 15 Oct 2020, Shift 2मध्यम
- A.जे.एस. खेहर
- B.दीपक मिश्रा
- C.एच.जे. कनिया
- D.टी.एस. ठाकुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जे.एस. खेहर
व्याख्या
सही उत्तर है A, जे.एस. खेहर। न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर उस समय भारत के मुख्य न्यायाधीश थे, जब 24 अगस्त 2017 को नौ न्यायाधीशों की पीठ ने न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ में फैसला सुनाया, और उन्होंने ही पीठ की अध्यक्षता की। पीठ ने एकमत से माना कि निजता मौलिक अधिकार है, जो मुख्यतः अनुच्छेद 21 के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार तथा भाग III की स्वतंत्रताओं से सुरक्षित है। इसने एम.पी. शर्मा (1954) और खड़क सिंह (1962) के पुराने फैसले पलट दिए, जिनमें कहा गया था कि संविधान ऐसा कोई अधिकार नहीं देता। यह मामला आधार योजना की चुनौती से निकला था। खेहर भारत के पहले सिख मुख्य न्यायाधीश भी थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीपक मिश्रा एक सप्ताह बाद मुख्य न्यायाधीश बने और धारा 377 तथा व्यभिचार के फैसलों की पीठों में थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि एच.जे. कनिया 1950 में भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि टी.एस. ठाकुर जनवरी 2017 में सेवानिवृत्त हो गए थे। परीक्षा टिप: पुट्टस्वामी 2017, नौ न्यायाधीश, अनुच्छेद 21, सीजेआई खेहर।
Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 3 जुलाई 2024, शिफ्ट 2आसान
- A.79
- B.70
- C.82
- D.73
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 79
व्याख्या
सही उत्तर 79 है। अनुच्छेद 79 कहता है: "संघ के लिए एक संसद होगी जो राष्ट्रपति और दो सदनों से मिलकर बनेगी जिनके नाम राज्य सभा और लोक सभा होंगे।" इसलिए राष्ट्रपति किसी सदन में न बैठते हुए भी संसद का हिस्सा हैं, क्योंकि दोनों सदनों से पारित कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की अनुमति के बिना कानून नहीं बन सकता, और सदनों को बुलाने तथा सत्रावसान करने का काम भी राष्ट्रपति ही करते हैं।
बाकी विकल्प दूसरे विषयों वाले पास के अनुच्छेद हैं। अनुच्छेद 70 दूसरी आकस्मिक स्थितियों में राष्ट्रपति के कार्यों के निर्वहन से जुड़ा है। अनुच्छेद 73 संघ की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार बताता है। अनुच्छेद 82 हर जनगणना के बाद सीटों के पुनः समायोजन का प्रावधान करता है। संसद का अध्याय अनुच्छेद 79 से 122 तक चलता है, इसलिए 79 को इसके पहले अनुच्छेद के रूप में याद रखें, जिसके बाद 80 (राज्यसभा) और 81 (लोकसभा) आते हैं।
Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 10 May 2022, Shift 1मध्यम
- A.उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
- B.प्रधानमंत्री
- C.भारत के राष्ट्रपति
- D.राज्य के राज्यपाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. राज्य के राज्यपाल
व्याख्या
सही उत्तर है D, राज्य के राज्यपाल। संविधान का अनुच्छेद 234 कहता है कि राज्य की न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीशों से भिन्न व्यक्तियों की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं, और यह उन नियमों के अनुसार होती है जो राज्य लोक सेवा आयोग तथा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श के बाद बनाए जाते हैं। जिला न्यायाधीशों के लिए अलग से अनुच्छेद 233 है; उनकी नियुक्ति भी राज्यपाल करते हैं, पर उच्च न्यायालय से परामर्श करके। सेवा में आने के बाद अनुच्छेद 235 के तहत इन अधिकारियों की तैनाती, पदोन्नति और छुट्टी पर नियंत्रण उच्च न्यायालय का होता है, इसी से अधीनस्थ न्यायपालिका स्वतंत्र रहती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि परामर्श उच्च न्यायालय से लिया जाता है, नियुक्ति मुख्य न्यायाधीश नहीं करते। विकल्प B गलत है, क्योंकि राज्य की न्यायिक सेवा में प्रधानमंत्री की कोई भूमिका नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रपति अनुच्छेद 124 और 217 के तहत उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश नियुक्त करते हैं। परीक्षा टिप: 233 जिला न्यायाधीश, 234 अन्य न्यायिक अधिकारी, 235 उच्च न्यायालय का नियंत्रण।
Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 28 Feb, 2024, Shift 1मध्यम
- A.राज्य की सरकार के कार्य का संचालन
- B.राज्यों में विधानमंडलों का गठन
- C.राज्यपाल को सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद
- D.राज्य का महाधिवक्ता
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. राज्यपाल को सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद
व्याख्या
सही उत्तर है C, राज्यपाल को सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद। अनुच्छेद 163 कहता है कि राज्यपाल को अपने कार्यों के निर्वहन में सहायता और सलाह देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिपरिषद होगी, सिवाय उन थोड़े विषयों के जिनमें संविधान उन्हें स्वविवेक से काम करने को कहता है। कोई विषय उस स्वविवेक में आता है या नहीं, यह राज्यपाल स्वयं तय करते हैं, और अनुच्छेद 163(3) किसी न्यायालय को यह पूछने से रोकता है कि मंत्रियों ने क्या सलाह दी। यह अनुच्छेद 74 का राज्य स्तरीय रूप है, जो संघ स्तर पर राष्ट्रपति के लिए मंत्रिपरिषद की सलाह बाध्यकारी बनाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि राज्य सरकार के कार्य संचालन का विषय अनुच्छेद 166 है। विकल्प B गलत है, क्योंकि राज्यों में विधानमंडलों का गठन अनुच्छेद 168 में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि महाधिवक्ता की नियुक्ति अनुच्छेद 165 के अंतर्गत होती है। परीक्षा टिप: 163 सहायता और सलाह, 164 मुख्यमंत्री और मंत्रियों की नियुक्ति, 165 महाधिवक्ता, 166 कार्य संचालन।
Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · DSSSB PRT, 7 Mar 2022, Shift 1मध्यम
- A.अनुच्छेद 235
- B.अनुच्छेद 239
- C.अनुच्छेद 233
- D.अनुच्छेद 234
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 239
व्याख्या
सही उत्तर है B, अनुच्छेद 239। अनुच्छेद 239 कहता है कि हर केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति करेंगे, जो इसके लिए अपनी इच्छा से तय पदनाम वाला एक प्रशासक नियुक्त करते हैं। इसी कारण कुछ केंद्रशासित प्रदेशों, जैसे दिल्ली, लद्दाख और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, में उपराज्यपाल हैं, जबकि कुछ में प्रशासक। अनुच्छेद 239 संविधान के भाग VIII की शुरुआत करता है, जो केंद्रशासित प्रदेशों से जुड़ा है। बाद में जोड़े गए अनुच्छेद 239A और 239AA पुडुचेरी और दिल्ली को विधानमंडल देते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 235 अधीनस्थ न्यायालयों पर उच्च न्यायालय के नियंत्रण से जुड़ा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 233 उच्च न्यायालय से परामर्श करके राज्यपाल द्वारा ज़िला न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 234 ज़िला न्यायाधीशों के अलावा अन्य लोगों की राज्य न्यायिक सेवा में भर्ती से जुड़ा है। परीक्षा टिप: भाग VIII में अनुच्छेद 239 से 241 केंद्रशासित प्रदेशों के लिए हैं, और अनुच्छेद 239AA दिल्ली के लिए खास है।
Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 12 Oct 2020, Shift 2कठिन
- A.167
- B.165
- C.163
- D.168
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 168
व्याख्या
सही उत्तर है D, अनुच्छेद 168। अनुच्छेद 168 राज्यों में विधानमंडलों के गठन की व्यवस्था करता है। इसके अनुसार प्रत्येक राज्य का एक विधानमंडल होगा, जिसमें राज्यपाल तथा एक या दो सदन होंगे। जहाँ दो सदन हैं, वहाँ विधान सभा और विधान परिषद होती है; शेष राज्यों में केवल विधान सभा होती है। राज्यपाल किसी सदन का सदस्य नहीं होता, फिर भी उसे विधानमंडल का अंग माना जाता है, क्योंकि कोई विधेयक उसकी स्वीकृति के बाद ही कानून बनता है। अनुच्छेद 169 संसद को यह शक्ति देता है कि संबंधित राज्य की विधान सभा विशेष बहुमत से प्रस्ताव पास करे तो विधान परिषद बनाई या समाप्त की जा सके, इसीलिए परिषद वाले राज्यों की संख्या बदलती रहती है। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 167 मुख्यमंत्री के कर्तव्यों से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 165 राज्य के महाधिवक्ता का प्रावधान करता है। C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 163 राज्यपाल को सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद से संबंधित है। परीक्षा टिप: 163 सहायता और सलाह, 165 महाधिवक्ता, 167 मुख्यमंत्री के कर्तव्य, 168 राज्य विधानमंडल का गठन।
Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 16 Jun 2022, Shift 2 (CBT 2, Level 2)मध्यम
- A.अनुच्छेद 356
- B.अनुच्छेद 359
- C.अनुच्छेद 360
- D.अनुच्छेद 352
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अनुच्छेद 360
व्याख्या
सही उत्तर है C, अनुच्छेद 360। अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल घोषित करने की शक्ति देता है, जब भारत या उसके किसी भाग की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो। ऐसी उद्घोषणा को दो महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों की मंजूरी चाहिए, उसके बाद यह रद्द होने तक अनिश्चित काल चलती है; इसकी कोई अधिकतम अवधि नहीं है। इस दौरान केंद्र राज्यों को वित्तीय औचित्य के नियम मानने का निर्देश दे सकता है और सरकारी कर्मचारियों, यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन घटाए जा सकते हैं। भारत में वित्तीय आपातकाल आज तक कभी घोषित नहीं हुआ, हालाँकि 1991 के संकट में इस पर चर्चा हुई थी। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 352 युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह पर राष्ट्रीय आपातकाल है, जो 1962, 1971 और 1975 में लगा। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन है, जो राज्य का संवैधानिक तंत्र विफल होने पर लगता है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 359 केवल राष्ट्रीय आपातकाल में मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित करता है। परीक्षा टिप: 352 राष्ट्रीय, 356 राज्य, 360 वित्तीय; केवल 360 कभी प्रयोग नहीं हुआ।
Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 16 March 2018, Shift 1मध्यम
- A.भाग IX-A
- B.भाग X
- C.भाग XI
- D.भाग XIV
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भाग IX-A
व्याख्या
सही उत्तर है A, भाग IX-A। 74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने संविधान में एक नया भाग IX-A जोड़ा, जिसका शीर्षक नगरपालिकाएँ है, और यह 1 जून 1993 से लागू हुआ। इस भाग में अनुच्छेद 243P से 243ZG तक के प्रावधान आते हैं और इसी से शहरी स्थानीय निकायों को पहली बार संवैधानिक दर्जा मिला। इसमें तीन तरह की नगरपालिकाएँ तय की गईं: गाँव से शहर की ओर बढ़ते क्षेत्र के लिए नगर पंचायत, छोटे शहरी क्षेत्र के लिए नगर परिषद और बड़े शहरी क्षेत्र के लिए नगर निगम। इसी अधिनियम ने बारहवीं अनुसूची भी जोड़ी, जिसमें नगर नियोजन, जलापूर्ति, मलिन बस्ती सुधार और जन स्वास्थ्य जैसे 18 विषय गिनाए गए हैं। पाँच साल में चुनाव, महिलाओं और अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण तथा राज्य वित्त आयोग की व्यवस्था भी इसी से आई। B गलत है क्योंकि भाग X अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्रों से जुड़ा है। C गलत है क्योंकि भाग XI केंद्र-राज्य संबंधों पर है। D गलत है क्योंकि भाग XIV संघ और राज्यों की सेवाओं से संबंधित है। परीक्षा टिप: 73वाँ संशोधन – भाग IX और ग्यारहवीं अनुसूची (पंचायत), 74वाँ संशोधन – भाग IX-A और बारहवीं अनुसूची (नगरपालिका)।
Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 25 Jan 2023, Shift 3मध्यम
- A.पंजाब
- B.कर्नाटक
- C.तमिलनाडु
- D.हरियाणा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कर्नाटक
व्याख्या
सही उत्तर है B, कर्नाटक। कर्नाटक में दो सदन हैं, विधानसभा और विधान परिषद, इसलिए वहाँ का विधानमंडल द्विसदनीय है। अनुच्छेद 168 किसी राज्य में विधान परिषद रखने की अनुमति देता है और अनुच्छेद 169 के अनुसार संसद किसी परिषद का गठन या उसे समाप्त कर सकती है, बशर्ते उस राज्य की विधानसभा विशेष बहुमत से संकल्प पारित करे। आज जिन राज्यों में विधान परिषद है वे हैं आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश; शेष सभी राज्यों में केवल विधानसभा है। परिषद के सदस्यों की संख्या विधानसभा की संख्या के एक तिहाई से अधिक और चालीस से कम नहीं हो सकती; यह स्थायी सदन है, जिसके एक तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। विकल्प A, C और D गलत हैं, क्योंकि पंजाब, तमिलनाडु और हरियाणा एकसदनीय हैं और वहाँ केवल विधानसभा है; पंजाब तथा पश्चिम बंगाल ने 1969 में अपनी परिषदें समाप्त कर दी थीं। परीक्षा टिप: परिषद वाले छह राज्य याद रखें और यह भी कि अनुच्छेद 169 संसद को परिषद बनाने या हटाने का अधिकार देता है।
Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 06 Dec 2022, Shift 3मध्यम
- A.1995
- B.1985
- C.1989
- D.1994
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1989
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1989। भारत निर्वाचन आयोग पहली बार 16 अक्टूबर 1989 को बहु-सदस्यीय निकाय बना, जब उस वर्ष के आम चुनाव से ठीक पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त के साथ दो निर्वाचन आयुक्त नियुक्त किए गए। अनुच्छेद 324 निर्वाचन आयुक्तों की संख्या तय करने का अधिकार राष्ट्रपति को देता है, इसलिए आयोग का आकार बदला जा सकता है। जनवरी 1990 में ये दोनों पद समाप्त कर दिए गए और आयोग फिर एक-सदस्यीय हो गया; 1 अक्टूबर 1993 को इसे दोबारा बहु-सदस्यीय बनाया गया और तब से यह तीन सदस्यों वाला निकाय है। तीनों सदस्यों की शक्तियाँ समान हैं और मतभेद होने पर निर्णय बहुमत से होता है। A गलत है क्योंकि 1995 में उच्चतम न्यायालय ने केवल पहले से मौजूद बहु-सदस्यीय ढाँचे को सही ठहराया था। B गलत है क्योंकि 1985 में आयोग का नेतृत्व अकेले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ही करते थे। D गलत है क्योंकि 1994 में आयोग की संरचना में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। परीक्षा टिप: पहली बार बहु-सदस्यीय 16 अक्टूबर 1989, फिर 1990 में एक-सदस्यीय, और 1 अक्टूबर 1993 से तीन सदस्यीय।
Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 22 Dec 2024मध्यम
- A.ग्राम पंचायत
- B.पंचायत समिति
- C.न्याय पंचायत
- D.जिला पंचायत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. न्याय पंचायत
व्याख्या
सही उत्तर है C, न्याय पंचायत। न्याय पंचायत गाँव स्तर की अदालत है, जो छोटे दीवानी और फ़ौजदारी विवाद निपटाती है; यह कुछ राज्यों द्वारा बनाई गई न्यायिक संस्था है, स्थानीय स्वशासन का कोई स्तर नहीं। बलवंत राय मेहता समिति 1957 में सामुदायिक विकास कार्यक्रम की समीक्षा के लिए बनी थी और उसने ‘लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण’ के लिए आपस में जुड़े तीन स्तरों की सिफ़ारिश की। समिति चाहती थी कि प्रखंड स्तर की संस्था मुख्य कार्यकारी निकाय हो और ज़िला स्तर की संस्था मार्गदर्शन व निगरानी करे। राजस्थान ने सबसे पहले 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में यह व्यवस्था अपनाई, उसके तुरंत बाद आंध्र प्रदेश ने। विकल्प A गलत है, क्योंकि ग्राम पंचायत गाँव स्तर का पहला स्तर है। विकल्प B गलत है, क्योंकि पंचायत समिति प्रखंड (ब्लॉक) स्तर का बीच का स्तर है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जिला पंचायत, जिसे ज़िला परिषद भी कहते हैं, ज़िला स्तर का सबसे ऊपरी स्तर है। परीक्षा टिप: बलवंत राय मेहता 1957, तीन स्तर, नागौर 1959; 1977 की अशोक मेहता समिति ने दो स्तरों की सिफ़ारिश की।
Q15.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 2nd July 2017, Shift 2मध्यम
- A.तीन
- B.चार
- C.पाँच
- D.छह
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पाँच
व्याख्या
सही उत्तर है C, पाँच। नागरिकता अधिनियम, 1955 में भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के पाँच तरीके बताए गए हैं: जन्म से, वंश से, पंजीकरण से, देशीयकरण से और भू-भाग के अधिग्रहण से। जन्म से नागरिकता उन्हें मिलती है जो अधिनियम में तय अवधियों के भीतर भारत में जन्मे हों; वंश से नागरिकता विदेश में जन्मे उन बच्चों को मिलती है जिनके माता-पिता भारतीय हों; पंजीकरण भारतीय मूल के व्यक्तियों और भारतीय नागरिकों के जीवनसाथी के लिए है; देशीयकरण उन विदेशियों के लिए है जो निर्धारित वर्षों तक यहाँ रहे हों; और भू-भाग अधिग्रहण तब लागू होता है जब कोई नया क्षेत्र भारत में मिलता है, जैसे गोवा और सिक्किम। इसी अधिनियम में नागरिकता खोने के तीन तरीके हैं: परित्याग, समाप्ति और वंचन। A और B गलत हैं क्योंकि तीन या चार तरीके अधूरे हैं। D गलत है क्योंकि छठा कोई तरीका नहीं है। परीक्षा टिप: पाँच तरीके प्राप्ति के, तीन खोने के।
Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 11 Oct 2020मध्यम
- A.गोलकनाथ वाद 1967 में
- B.केशवानन्द भारती वाद 1973 में
- C.शंकरी प्रसाद वाद 1951 में
- D.सज्जन सिंह वाद 1965 में
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केशवानन्द भारती वाद 1973 में
व्याख्या
सही उत्तर है B, केशवानन्द भारती वाद 1973 में। 24 अप्रैल 1973 को सुप्रीम कोर्ट की अब तक की सबसे बड़ी, 13 न्यायाधीशों की पीठ ने 7:6 के बहुमत से कहा कि संसद अनुच्छेद 368 के तहत मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी भाग में संशोधन कर सकती है, पर उसके आधारभूत ढाँचे को न बदल सकती है, न नष्ट कर सकती है। अदालत ने कोई बंद सूची नहीं दी; बाद के फ़ैसलों में संविधान की सर्वोच्चता, विधि का शासन, पंथनिरपेक्षता, संघवाद, शक्तियों का पृथक्करण और न्यायिक समीक्षा को इसका हिस्सा माना गया। यह मुक़दमा केरल के एक मठ के प्रमुख ने भूमि सुधार क़ानूनों के विरुद्ध दायर किया था। विकल्प A गलत है, क्योंकि गोलकनाथ वाद (1967) में कहा गया था कि संसद मौलिक अधिकारों में संशोधन कर ही नहीं सकती; केशवानन्द ने इसे पलट दिया। विकल्प C गलत है, क्योंकि शंकरी प्रसाद वाद (1951) ने पहले संशोधन को सही ठहराते हुए मौलिक अधिकारों में संशोधन को संभव माना। विकल्प D गलत है, क्योंकि सज्जन सिंह वाद (1965) ने 17वें संशोधन को सही ठहराते हुए यही बात दोहराई। परीक्षा टिप: शंकरी प्रसाद 1951, सज्जन सिंह 1965, गोलकनाथ 1967, केशवानन्द 1973, मिनर्वा मिल्स 1980।
Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CTET · Dec 2018, Paper 2 Social Studiesआसान
- A.संघ सरकार और राज्य सरकारें
- B.राज्य सरकारें और स्थानीय निकाय
- C.संघ राज्यक्षेत्र
- D.स्थानीय निकाय
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. संघ सरकार और राज्य सरकारें
व्याख्या
सही उत्तर है A, संघ सरकार और राज्य सरकारें। संविधान की सातवीं अनुसूची विषयों को तीन सूचियों में बांटती है। संघ सूची में वे विषय हैं जिन पर केवल संसद कानून बना सकती है, जैसे रक्षा, विदेश मामले, मुद्रा और रेलवे। राज्य सूची में राज्य विधानमंडलों के विषय हैं, जैसे पुलिस, सार्वजनिक स्वास्थ्य और कृषि। समवर्ती सूची में वे विषय हैं जिन पर संसद और राज्य विधानमंडल दोनों कानून बना सकते हैं, जैसे शिक्षा, वन, विवाह और विवाह-विच्छेद, आपराधिक विधि तथा वन्य जीव-जंतुओं का संरक्षण। यदि समवर्ती विषय पर केंद्र और राज्य के कानून टकराएं तो अनुच्छेद 254 के अनुसार केंद्र का कानून चलता है। B और D गलत हैं क्योंकि पंचायत और नगरपालिका जैसे स्थानीय निकायों को शक्तियां राज्य विधानमंडल से मिलती हैं। C गलत है क्योंकि संघ राज्यक्षेत्रों के लिए संसद कानून बनाती है। परीक्षा टिप: सातवीं अनुसूची, तीन सूचियां, समवर्ती यानी केंद्र और राज्य दोनों, टकराव में केंद्र भारी।
Q18.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 14 Oct 2020, Shift 3आसान
- A.अनुच्छेद 40
- B.अनुच्छेद 32
- C.अनुच्छेद 38
- D.अनुच्छेद 36
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनुच्छेद 32
व्याख्या
सही उत्तर है B, अनुच्छेद 32। अनुच्छेद 32 हर व्यक्ति को यह अधिकार देता है कि मौलिक अधिकार के उल्लंघन पर वह सीधे सर्वोच्च न्यायालय जा सके, और यह स्वयं एक मौलिक अधिकार है। इसके तहत न्यायालय पाँच रिट जारी कर सकता है: बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण और अधिकार-पृच्छा। डॉ. बी. आर. आंबेडकर ने अनुच्छेद 32 को संविधान की आत्मा कहा था, क्योंकि लागू कराने का रास्ता न हो तो भाग III के अधिकारों का अर्थ ही नहीं रहता। अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालयों को इससे व्यापक रिट शक्ति देता है, पर वह मौलिक अधिकार नहीं है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 40 एक नीति निर्देशक तत्व है, जो राज्य से ग्राम पंचायतों के गठन की बात कहता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 38 न्यायपूर्ण सामाजिक व्यवस्था बनाने का निर्देशक तत्व है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 36 केवल भाग IV के लिए राज्य शब्द की परिभाषा देता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 32 सर्वोच्च न्यायालय, अनुच्छेद 226 उच्च न्यायालय, और मौलिक अधिकार केवल 32 है।
Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 13 March, 2023, Shift 1मध्यम
- A.148
- B.150
- C.151
- D.149
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 151
व्याख्या
सही उत्तर है C, 151। अनुच्छेद 151 भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की लेखा परीक्षा रिपोर्ट से जुड़ा है। इसके अनुसार संघ के लेखों पर CAG की रिपोर्ट राष्ट्रपति को दी जाती है, जो उसे संसद के दोनों सदनों के सामने रखवाते हैं। किसी राज्य के लेखों की रिपोर्ट राज्यपाल को जाती है, जो उसे राज्य विधानमंडल के सामने रखवाते हैं। इसके बाद संसद की लोक लेखा समिति इन रिपोर्टों की जाँच करती है, इसीलिए CAG को जनता के धन का संरक्षक कहा जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 148 CAG का पद बनाता है और नियुक्ति, पद से हटाने तथा सेवा शर्तों के जरिए उसकी स्वतंत्रता की रक्षा करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 150 बताता है कि संघ और राज्यों के लेखे किस रूप में रखे जाएंगे, जिसे राष्ट्रपति CAG की सलाह पर तय करते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 149 में CAG के कर्तव्य और शक्तियाँ दी गई हैं। परीक्षा टिप: 148 पद, 149 कर्तव्य, 150 लेखों का प्रारूप, 151 लेखा परीक्षा रिपोर्ट।
Q20.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 12 April 2021, Shift 3मध्यम
- A.5 वर्ष या 65 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
- B.6 वर्ष या 60 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
- C.6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
- D.5 वर्ष या 60 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो
व्याख्या
सही उत्तर है C, 6 वर्ष या 62 वर्ष की आयु, जो भी पहले हो। संविधान का अनुच्छेद 316 राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के लिए यही कार्यकाल तय करता है। यही अनुच्छेद संघ लोक सेवा आयोग के सदस्यों को छह वर्ष या 65 वर्ष की आयु देता है, यानी छह वर्ष दोनों में समान है और अंतर केवल सेवानिवृत्ति की आयु में है। राज्य आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं, पर उन्हें हटा केवल राष्ट्रपति सकते हैं, वह भी सर्वोच्च न्यायालय की रिपोर्ट पर, जिससे उनकी स्वतंत्रता सुरक्षित रहती है। आयोग के कम से कम आधे सदस्य ऐसे होने चाहिए जिन्होंने सरकार के अधीन दस वर्ष या अधिक पद संभाला हो। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह राज्य के कार्यकाल के साथ संघ की 65 वर्ष की आयु मिला देता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि राज्य आयोग के लिए आयु 62 वर्ष है, 60 नहीं। विकल्प D दोनों तरह से गलत है, क्योंकि कार्यकाल छह वर्ष और आयु 62 वर्ष है। परीक्षा टिप: संघ लोक सेवा आयोग 6 वर्ष या 65, राज्य लोक सेवा आयोग 6 वर्ष या 62।