विशिष्ट सेवा पदक: पीवीएसएम, एवीएसएम और वीएसएम
परीक्षा के लिए पुरस्कार नोट्स: पीवीएसएम, एवीएसएम और वीएसएम, युद्ध सेवा पदक, सेना पदक तथा जीवन रक्षा पदक श्रृंखला, और वीरता पुरस्कारों से उनका अंतर।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

भारत अपने सशस्त्र बलों को दो अलग-अलग पंक्तियों में सम्मानित करता है। एक पंक्ति वीरता का पुरस्कार देती है, अर्थात किसी विशेष कार्रवाई में दिखाए गए साहस का, और इसमें परमवीर चक्र, अशोक चक्र तथा उनसे नीचे के पदक आते हैं। दूसरी पंक्ति विशिष्ट सेवा का पुरस्कार देती है, अर्थात किसी अवधि में किए गए कार्य की गुणवत्ता का, और इसमें परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक तथा विशिष्ट सेवा पदक आते हैं। अभ्यर्थी अंक इसलिए खोते हैं कि दोनों पंक्तियों के नाम मिलते-जुलते हैं और उनके संक्षिप्त रूप एक जैसे अक्षर रखते हैं। यह नोट विशिष्ट सेवा पदकों को क्रम से रखता है, बताता है कि हर पदक कब स्थापित हुआ और किस बात के लिए दिया जाता है, और फिर वीरता पुरस्कारों को उनके साथ रखकर अंतर स्पष्ट करता है।
शांतिकाल के विशिष्ट सेवा पदक
| पदक | किस सेवा के लिए | स्थापना |
|---|---|---|
| परम विशिष्ट सेवा पदक (पीवीएसएम) | सर्वाधिक असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा | 1960, विशिष्ट सेवा पदक श्रेणी एक के रूप में; 1967 में नाम बदला |
| अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) | असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा | 1960, विशिष्ट सेवा पदक श्रेणी दो के रूप में; 1967 में नाम बदला |
| विशिष्ट सेवा पदक (वीएसएम) | उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा | 1960, विशिष्ट सेवा पदक श्रेणी तीन के रूप में; 1967 में नाम बदला |
ये तीनों पदक थल सेना, नौसेना और वायु सेना के प्रत्येक रैंक के लिए खुले हैं। इन्हें नाम के बाद अक्षरों के रूप में लिखा जाता है, इसीलिए समाचारों में वरिष्ठ अधिकारियों के नाम के साथ पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम जैसे संक्षिप्त रूप दिखते हैं। क्रम निश्चित है: परम विशिष्ट सेवा पदक अति विशिष्ट सेवा पदक से ऊपर है और अति विशिष्ट सेवा पदक विशिष्ट सेवा पदक से ऊपर, और परम शब्द हर श्रृंखला में सर्वोच्च को दर्शाता है।
युद्धकाल के विशिष्ट सेवा पदक
विशिष्ट सेवा पदक शांतिकाल की सेवा के लिए हैं। युद्ध या किसी अभियान के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए 1980 में तीन युद्ध सेवा पदक स्थापित किए गए: सर्वाधिक असाधारण कोटि की सेवा के लिए सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, असाधारण कोटि की सेवा के लिए उत्तम युद्ध सेवा पदक और उच्च कोटि की सेवा के लिए युद्ध सेवा पदक। इनमें भी वही तीन सीढ़ियाँ हैं और नाम में आया युद्ध शब्द यह संकेत है कि पुरस्कार युद्ध से जुड़ा है।
वीरता पुरस्कार इनके साथ कहाँ खड़े हैं
| पंक्ति | सर्वोच्च | दूसरा | तीसरा |
|---|---|---|---|
| युद्धकाल की वीरता | परमवीर चक्र | महावीर चक्र | वीर चक्र |
| युद्ध के अतिरिक्त वीरता | अशोक चक्र | कीर्ति चक्र | शौर्य चक्र |
| शांतिकाल की विशिष्ट सेवा | परम विशिष्ट सेवा पदक | अति विशिष्ट सेवा पदक | विशिष्ट सेवा पदक |
| युद्धकाल की विशिष्ट सेवा | सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक | उत्तम युद्ध सेवा पदक | युद्ध सेवा पदक |
परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र 26 जनवरी 1950 को स्थापित किए गए थे, जो 15 अगस्त 1947 से प्रभावी माने गए, और इस पदक का डिज़ाइन सावित्री खानोलकर ने बनाया था। इसके पहले प्राप्तकर्ता मेजर सोमनाथ शर्मा थे, जिन्हें नवंबर 1947 में कश्मीर के बड़गाम की कार्रवाई के लिए मरणोपरांत यह सम्मान मिला। शांतिकाल के वीरता पुरस्कार 1952 में अशोक चक्र श्रेणी एक, दो और तीन के रूप में स्थापित हुए और 1967 में उन्हें वर्तमान नाम दिए गए, उसी वर्ष जिसमें विशिष्ट सेवा पदकों के नाम बदले गए। वीरता और सेवा पुरस्कारों की घोषणा वर्ष में दो बार होती है, गणतंत्र दिवस पर और स्वतंत्रता दिवस पर।
प्रत्येक सेवा के अपने पदक
- थल सेना के लिए सेना पदक, नौसेना के लिए नौ सेना पदक और वायु सेना के लिए वायु सेना पदक, जो 1960 में स्थापित हुए; नाम में आया नौ शब्द नौसेना और वायु शब्द वायु सेना दर्शाता है।
- मेंशन-इन-डिस्पैचेस, जो किसी अभियान में विशिष्ट सेवा की सूचना है और जिसका अपना कोई पदक नहीं होता।
- राष्ट्रपति का पुलिस विशिष्ट सेवा पदक तथा सराहनीय सेवा के लिए पुलिस पदक, जो 1951 में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के लिए स्थापित हुए, और इनके समान पदक अग्निशमन सेवा, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा तथा सुधार सेवाओं के लिए भी हैं।
- जीवन रक्षा पदक श्रृंखला, जो किसी का जीवन बचाने पर दी जाती है: सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, उत्तम जीवन रक्षा पदक और जीवन रक्षा पदक, जो नागरिकों के लिए भी खुली है और गृह मंत्रालय द्वारा दी जाती है।
क्या याद रखना है
भारतीय अलंकरणों में चलने वाला तीन सीढ़ियों का ढाँचा याद रखें: सबसे ऊपर परम या सर्वोत्तम, बीच में अति या उत्तम, और तीसरी सीढ़ी पर सामान्य नाम। यह भी याद रखें कि चक्र वीरता का है और सेवा पदक सेवा का, युद्ध का अर्थ युद्धकाल है और विशिष्ट का अर्थ शांतिकाल, तथा विशिष्ट सेवा पदकों की स्थापना का वर्ष 1960 है जबकि युद्ध सेवा पदकों की स्थापना का वर्ष 1980।
परीक्षा की दृष्टि से
इस विषय पर तीन प्रकार के प्रश्न बनते हैं। पहला पूछता है कि कौन-सा पदक सर्वोच्च है, और उत्तर उसी ढाँचे से मिलता है जिसमें सबसे ऊपर परम या सर्वोत्तम, बीच में अति या उत्तम और तीसरे स्थान पर सामान्य नाम आता है। दूसरा प्रश्न पदक देकर पूछता है कि वह किस बात के लिए दिया जाता है, जहाँ जाल यह है कि चक्र सदा वीरता का होता है और सेवा पदक सदा सेवा का; दूसरा जाल युद्ध शब्द बनाम विशिष्ट शब्द है। तीसरा प्रश्न स्थापना वर्ष पूछता है और चार वर्ष एक साथ रखे जाते हैं: वीर चक्रों के लिए 1950, अशोक चक्र श्रृंखला के लिए 1952, विशिष्ट सेवा तथा सेना पदकों के लिए 1960 और युद्ध सेवा पदकों के लिए 1980। एसएससी और रक्षा परीक्षाओं में दोनों पंक्तियों को मिलाकर युग्म प्रश्न भी आते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पीवीएसएम | परम विशिष्ट सेवा पदक, सर्वाधिक असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा |
|---|---|
| एवीएसएम | अति विशिष्ट सेवा पदक, असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा |
| वीएसएम | विशिष्ट सेवा पदक, उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा |
| विशिष्ट सेवा पदक की स्थापना | 1960, तीन श्रेणियों में; 1967 में नाम बदले |
| युद्ध सेवा पदक | सर्वोत्तम, उत्तम और युद्ध सेवा पदक, स्थापना 1980 |
| युद्धकाल की वीरता | परमवीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र, स्थापना 26 जनवरी 1950 |
| शांतिकाल की वीरता | अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, शौर्य चक्र, स्थापना 1952 |
| पहला परमवीर चक्र | मेजर सोमनाथ शर्मा, मरणोपरांत, बड़गाम, नवंबर 1947 |
| परमवीर चक्र का डिज़ाइन | सावित्री खानोलकर |
| 1960 के सेवा पदक | सेना पदक, नौ सेना पदक, वायु सेना पदक |
| जीवन बचाने पर | सर्वोत्तम, उत्तम और सामान्य जीवन रक्षा पदक |
| घोषणा | गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
शांतिकाल में भारतीय सशस्त्र बलों को दिए जाने वाले विशिष्ट सेवा पदकों में सर्वोच्च कौन है?
- A.विशिष्ट सेवा पदक
- B.अति विशिष्ट सेवा पदक
- C.परम विशिष्ट सेवा पदक
- D.सेना पदक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. परम विशिष्ट सेवा पदक
व्याख्या
सही उत्तर C, परम विशिष्ट सेवा पदक है। यह सर्वाधिक असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है, और परम शब्द भारतीय अलंकरणों की हर श्रृंखला में सर्वोच्च सीढ़ी को दर्शाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि विशिष्ट सेवा पदक इसी श्रृंखला की तीसरी सीढ़ी है, जो उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि अति विशिष्ट सेवा पदक बीच में आता है और असाधारण कोटि की सेवा के लिए दिया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि सेना पदक थल सेना का अलग पुरस्कार है, जो 1960 में वीरता या कर्तव्य के प्रति असाधारण निष्ठा के व्यक्तिगत कार्यों के लिए स्थापित हुआ और जिसके समान पदक नौसेना तथा वायु सेना में नौ सेना पदक और वायु सेना पदक हैं। तीन सीढ़ियों का यही ढाँचा पूरे विषय की कुंजी है।
तीन श्रेणियों वाले विशिष्ट सेवा पदक की स्थापना किस वर्ष हुई थी?
- A.1950
- B.1952
- C.1960
- D.1980
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1960
व्याख्या
सही उत्तर C, 1960 है। इस पदक की स्थापना उसी वर्ष तीन श्रेणियों में हुई थी और 1967 में इन श्रेणियों को परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक तथा विशिष्ट सेवा पदक के अलग नाम दिए गए। विकल्प A गलत है क्योंकि 1950 उस वर्ष है जब 26 जनवरी को परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र स्थापित किए गए, जो 15 अगस्त 1947 से प्रभावी माने गए। विकल्प B गलत है क्योंकि 1952 शांतिकाल के वीरता पुरस्कारों का वर्ष है, जिन्हें तब अशोक चक्र श्रेणी एक, दो और तीन कहा जाता था। विकल्प D गलत है क्योंकि 1980 युद्ध सेवा पदकों का वर्ष है, जो विशिष्ट सेवा पदकों के युद्धकालीन समरूप हैं। पेपर चारों वर्ष एक साथ रखता है। परीक्षा में इन चारों वर्षों को एक साथ याद रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है, क्योंकि प्रश्न प्रायः वर्ष पर ही बनाया जाता है।
सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक और युद्ध सेवा पदक किस प्रकार की सेवा के लिए दिए जाते हैं?
- A.युद्ध या अभियान के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए
- B.शत्रु के सामने दिखाई गई वीरता के लिए
- C.किसी नागरिक का जीवन बचाने के लिए
- D.तीस वर्ष की निष्कलंक सेवा के लिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. युद्ध या अभियान के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए
व्याख्या
सही उत्तर A, युद्ध या अभियान के दौरान विशिष्ट सेवा है। ये तीन पदक 1980 में स्थापित हुए और विशिष्ट सेवा पदकों की तरह ही तीन सीढ़ियों में चलते हैं, परंतु नाम में आया युद्ध शब्द बताता है कि ये शांतिकाल की नहीं, युद्धकाल की सेवा से जुड़े हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि शत्रु के सामने दिखाई गई वीरता पर परमवीर चक्र, महावीर चक्र या वीर चक्र दिया जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि जीवन बचाने पर जीवन रक्षा पदक दिया जाता है, जो गृह मंत्रालय द्वारा दिया जाता है और नागरिकों के लिए भी खुला है। विकल्प D गलत है क्योंकि दीर्घ सेवा के लिए दीर्घ सेवा और सदाचरण पदक होते हैं, युद्ध सेवा श्रृंखला नहीं। तीन श्रेणियों के नाम भी सर्वोत्तम, उत्तम और सामान्य शब्दों से पहचाने जाते हैं, ठीक जैसे शांतिकाल की श्रृंखला में होता है।
विशिष्ट सेवा पदक किस कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है?
- A.सर्वाधिक असाधारण कोटि
- B.असाधारण कोटि
- C.उच्च कोटि
- D.युद्ध में अत्यधिक निष्ठा की कोटि
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. उच्च कोटि
व्याख्या
सही उत्तर C, उच्च कोटि है। इस श्रृंखला की तीनों श्रेणियों के शब्द ठीक इसी तरह निर्धारित हैं और प्रश्न केवल इन शब्दों पर बनाए जाते हैं: परम विशिष्ट सेवा पदक के लिए सर्वाधिक असाधारण कोटि, अति विशिष्ट सेवा पदक के लिए असाधारण कोटि और विशिष्ट सेवा पदक के लिए उच्च कोटि। विकल्प A गलत है क्योंकि सर्वाधिक असाधारण कोटि तीनों में सर्वोच्च परम विशिष्ट सेवा पदक की है। विकल्प B गलत है क्योंकि असाधारण कोटि बीच की श्रेणी अति विशिष्ट सेवा पदक की है। विकल्प D गलत है क्योंकि युद्ध में निष्ठा इन तीनों का आधार नहीं है; विशिष्ट सेवा पदक शांतिकाल की सेवा के लिए हैं और उनके युद्धकालीन समरूप 1980 के युद्ध सेवा पदक हैं। इसी कारण इस श्रृंखला के प्रश्न शब्दों की सूक्ष्म पहचान पर आधारित होते हैं, और तीनों वाक्यांश कंठस्थ रखने चाहिए।
शत्रु के सामने के अतिरिक्त अन्य परिस्थितियों में वीरता के लिए सर्वोच्च पुरस्कार कौन-सा है?
- A.परमवीर चक्र
- B.अशोक चक्र
- C.कीर्ति चक्र
- D.परम विशिष्ट सेवा पदक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अशोक चक्र
व्याख्या
सही उत्तर B, अशोक चक्र है। यह शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है और युद्धक्षेत्र से बाहर दिखाए गए सर्वाधिक विशिष्ट साहस या आत्मबलिदान के लिए दिया जाता है, जो सशस्त्र बलों के सदस्यों और नागरिकों दोनों को मिल सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि परमवीर चक्र शत्रु के सामने, अर्थात युद्ध में, वीरता का सर्वोच्च पुरस्कार है। विकल्प C गलत है क्योंकि कीर्ति चक्र शांतिकाल की पंक्ति में दूसरे स्थान पर है, अशोक चक्र से नीचे और शौर्य चक्र से ऊपर। विकल्प D गलत है क्योंकि परम विशिष्ट सेवा पदक विशिष्ट सेवा का पुरस्कार है, वीरता का नहीं, और यही अंतर इस विषय की जान है। शांतिकाल के ये तीन पुरस्कार 1952 में स्थापित हुए और 1967 में उन्हें वर्तमान नाम मिले। इसके प्राप्तकर्ताओं में वे सैनिक भी होते हैं जो बम निष्क्रिय करते हुए या घोषित युद्ध के बाहर उग्रवाद से लड़ते हुए बलिदान देते हैं।
परमवीर चक्र प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?
- A.मेजर सोमनाथ शर्मा
- B.कैप्टन विक्रम बत्रा
- C.सूबेदार जोगिंदर सिंह
- D.मेजर शैतान सिंह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मेजर सोमनाथ शर्मा
व्याख्या
सही उत्तर A, मेजर सोमनाथ शर्मा है। उन्हें नवंबर 1947 में कश्मीर के बड़गाम की कार्रवाई के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र दिया गया था, जो स्वतंत्रता के बाद के पहले संघर्ष में हुई थी, और यह पदक 26 जनवरी 1950 को स्थापित हुआ जिसे 15 अगस्त 1947 से प्रभावी माना गया। विकल्प B गलत है क्योंकि कैप्टन विक्रम बत्रा को 1999 के कारगिल संघर्ष के लिए मरणोपरांत परमवीर चक्र मिला था। विकल्प C गलत है क्योंकि सूबेदार जोगिंदर सिंह को 1962 के चीन के साथ संघर्ष के लिए सम्मानित किया गया था। विकल्प D गलत है क्योंकि मेजर शैतान सिंह को उसी 1962 के संघर्ष में रेजांग ला की लड़ाई के लिए सम्मानित किया गया था। इस पदक का डिज़ाइन सावित्री खानोलकर का माना जाता है।
नौ सेना पदक किस सेवा के कर्मियों को दिया जाता है?
- A.थल सेना
- B.नौसेना
- C.वायु सेना
- D.केवल तटरक्षक बल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नौसेना
व्याख्या
सही उत्तर B, नौसेना है। सेना पदक, नौ सेना पदक और वायु सेना पदक 1960 में वीरता या कर्तव्य के प्रति असाधारण निष्ठा के व्यक्तिगत कार्यों के लिए स्थापित किए गए, हर सेवा के लिए एक, और नाम में आया नौ शब्द नौसेना को दर्शाता है जैसे वायु शब्द वायु सेना को। विकल्प A गलत है क्योंकि थल सेना का पुरस्कार सामान्य सेना पदक है। विकल्प C गलत है क्योंकि वायु सेना का पुरस्कार वायु सेना पदक है। विकल्प D गलत है क्योंकि यह पदक तटरक्षक बल के लिए आरक्षित नहीं है, जिसके अपने वीरता और विशिष्ट सेवा अलंकरण हैं। इस रूप का प्रश्न नाम का अर्थ समझने से हल हो जाता है, इसलिए इन नामों के शब्द याद रखना उपयोगी है। इसी प्रकार वीरता के लिए अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र तीनों सेवाओं तथा नागरिकों के लिए समान रूप से खुले हैं।
जीवन रक्षा पदक श्रृंखला किस कार्य के लिए दी जाती है?
- A.किसी अभियान में विशिष्ट सेवा के लिए
- B.किसी का जीवन बचाने या बचाने का प्रयास करने के लिए
- C.साहित्य और कला में उत्कृष्ट कार्य के लिए
- D.शत्रु की कैद में दिखाई गई वीरता के लिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. किसी का जीवन बचाने या बचाने का प्रयास करने के लिए
व्याख्या
सही उत्तर B, किसी का जीवन बचाने या बचाने का प्रयास करने के लिए है। इस श्रृंखला की तीन श्रेणियाँ हैं, सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, उत्तम जीवन रक्षा पदक और जीवन रक्षा पदक, और यह गृह मंत्रालय द्वारा दी जाती है तथा बच्चों सहित नागरिकों के लिए भी खुली है। विकल्प A गलत है क्योंकि किसी अभियान में विशिष्ट सेवा पर युद्ध सेवा पदक दिए जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि साहित्य और कला के कार्य पर पद्म पुरस्कार तथा राष्ट्रीय अकादमियों के पुरस्कार दिए जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि कैद में वीरता कोई अलग श्रेणी नहीं है; ऐसे कार्यों पर वीरता पुरस्कारों के अंतर्गत ही विचार होता है। यहाँ भी सर्वोत्तम, उत्तम और सामान्य नाम का वही तीन सीढ़ियों वाला ढाँचा दिखता है।
सशस्त्र बलों के वीरता और विशिष्ट सेवा पुरस्कारों की घोषणा प्रतिवर्ष किन दो अवसरों पर होती है?
- A.गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस
- B.सेना दिवस और नौसेना दिवस
- C.गांधी जयंती और गणतंत्र दिवस
- D.स्वतंत्रता दिवस और विजय दिवस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस
व्याख्या
सही उत्तर A, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस है। दोनों सूचियाँ 26 जनवरी और 15 अगस्त को घोषित होती हैं, और पदक बाद में राष्ट्रपति द्वारा अलंकरण समारोहों में प्रदान किए जाते हैं, जो सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि 15 जनवरी का सेना दिवस और 4 दिसंबर का नौसेना दिवस परेड और प्रदर्शनों के दिन हैं, पुरस्कार घोषित करने के अवसर नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि 2 अक्टूबर की गांधी जयंती सैन्य सम्मानों से जुड़ी नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि 16 दिसंबर का विजय दिवस, जो 1971 की विजय के लिए रखा गया है, स्मरण का दिन है, घोषणा का नहीं। पद्म पुरस्कारों की घोषणा केवल गणतंत्र दिवस पर होती है। प्राप्तकर्ताओं के नाम प्रशस्ति के साथ भारत के राजपत्र में प्रकाशित किए जाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही रूप से मिलाया गया है?
- A.अति विशिष्ट सेवा पदक – युद्ध में वीरता
- B.उत्तम युद्ध सेवा पदक – युद्ध में विशिष्ट सेवा
- C.शौर्य चक्र – शांतिकाल में विशिष्ट सेवा
- D.वीर चक्र – जीवन बचाना
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उत्तम युद्ध सेवा पदक – युद्ध में विशिष्ट सेवा
व्याख्या
सही उत्तर B, उत्तम युद्ध सेवा पदक – युद्ध में विशिष्ट सेवा है। यह 1980 में स्थापित तीन युद्ध सेवा पदकों में दूसरा है, सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से नीचे और युद्ध सेवा पदक से ऊपर। विकल्प A गलत है क्योंकि अति विशिष्ट सेवा पदक शांतिकाल की विशिष्ट सेवा का पुरस्कार है, वीरता का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि शौर्य चक्र शांतिकाल के वीरता पुरस्कारों में तीसरा है, अशोक चक्र और कीर्ति चक्र से नीचे, और विशिष्ट सेवा से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि वीर चक्र युद्धकाल का तीसरा वीरता पुरस्कार है, जबकि जीवन बचाने पर जीवन रक्षा पदक दिया जाता है। इस प्रकार के प्रश्न दो शब्दों से तय होते हैं: चक्र या सेवा, और युद्ध या विशिष्ट। इसी कारण अभ्यास के समय दोनों पंक्तियों की तालिका साथ रखकर याद करना सबसे उपयोगी रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पीवीएसएम और परमवीर चक्र में क्या अंतर है?
परम विशिष्ट सेवा पदक किसी अवधि की सेवा में सर्वाधिक असाधारण कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए शांतिकाल में दिया जाता है। परमवीर चक्र शत्रु के सामने वीरता का सर्वोच्च पुरस्कार है, अर्थात युद्ध में साहस के किसी एक कार्य के लिए।
एवीएसएम और वीएसएम में कौन ऊँचा है?
अति विशिष्ट सेवा पदक ऊँचा है। श्रृंखला का क्रम परम विशिष्ट सेवा पदक, फिर अति विशिष्ट सेवा पदक और फिर विशिष्ट सेवा पदक है, जो सर्वाधिक असाधारण, असाधारण और उच्च कोटि की सेवा से मेल खाता है।
विशिष्ट सेवा पदकों के युद्धकालीन समरूप कौन हैं?
1980 में स्थापित युद्ध सेवा पदक: सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक और युद्ध सेवा पदक, जो युद्ध या अभियान के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए दिए जाते हैं।
जीवन रक्षा पदक किसे मिल सकता है?
किसी भी व्यक्ति को, नागरिक या बच्चे को भी, जो खतरे की परिस्थिति में किसी का जीवन बचाता है या बचाने का प्रयास करता है। इसकी तीन श्रेणियाँ हैं और यह गृह मंत्रालय द्वारा दी जाती है।
वीरता पुरस्कारों की घोषणा कब होती है?
वर्ष में दो बार, गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर। पदक बाद में राष्ट्रपति द्वारा अलंकरण समारोहों में दिए जाते हैं, जो सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं।
स्रोत
- वीरता पुरस्कार और विशिष्ट सेवा अलंकरण — रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
- इंडिया ईयर बुक, रक्षा अध्याय — प्रकाशन विभाग, भारत सरकार





