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GK नोट्सपुरस्कार और सम्मानभारत रत्न और पद्म पुरस्कार

भारत रत्न और पद्म पुरस्कार: नियम और पहली उपलब्धियाँ

परीक्षा के लिए भारत रत्न और पद्म पुरस्कार नोट्स: स्थापना वर्ष, वरीयता क्रम, चयन और घोषणा, अनुच्छेद 18 तथा पूछी जाने वाली पहली उपलब्धियों की सूची।

लेखक · प्रकाशित · 4 मिनट

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भारत रत्न और पद्म पुरस्कार: नियम और पहली उपलब्धियाँ — GK24 title card
भारत रत्न और पद्म पुरस्कार: नियम और पहली उपलब्धियाँ — GK24 title card

भारत के नागरिक सम्मान एक स्थिर अध्याय हैं: नियम बनने के बाद से लगभग नहीं बदले, और इनसे पूछे जाने वाले प्रश्न प्राप्तकर्ताओं की ताज़ा सूची के बजाय तिथियों, क्रम और पहली उपलब्धियों पर टिके रहते हैं। पहले ढाँचा याद कीजिए और नाम बाद में, क्योंकि अधिकांश प्रश्न ढाँचे को ही परखते हैं।

स्थापना और वरीयता क्रम

भारत रत्न और पद्म पुरस्कार दोनों की स्थापना राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 2 जनवरी 1954 को की थी। भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। पद्म पुरस्कार उसके नीचे तीन श्रेणियों में आते हैं और उनका क्रम ठीक ठीक याद होना चाहिए:

क्रमपुरस्कारकिस सेवा के लिए
1भारत रत्नसर्वोच्च स्तर की असाधारण सेवा या उपलब्धि
2पद्म विभूषणअसाधारण और विशिष्ट सेवा
3पद्म भूषणउच्च कोटि की विशिष्ट सेवा
4पद्म श्रीकिसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा

सन 1954 में जब पद्म पुरस्कार बने, तब तीनों श्रेणियाँ एक ही नाम पद्म विभूषण के अंतर्गत प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ग कहलाती थीं। जनवरी 1955 में इनके नाम पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री कर दिए गए और तभी से यही नाम चल रहे हैं।

पुरस्कार कैसे तय और प्रदान होते हैं

पद्म पुरस्कारों की संस्तुतियों पर पद्म पुरस्कार समिति विचार करती है, जिसे प्रधानमंत्री हर वर्ष गठित करते हैं और जिसके अध्यक्ष मंत्रिमंडल सचिव होते हैं। उसकी संस्तुतियाँ प्रधानमंत्री और फिर राष्ट्रपति के पास जाती हैं। नामांकन राज्य सरकारें, मंत्रालय, संस्थान और कोई भी नागरिक कर सकता है, क्योंकि सरकार ने यह प्रक्रिया जनता के लिए खोल दी है। एक वर्ष में 120 से अधिक पद्म पुरस्कार नहीं दिए जाते, और मरणोपरांत दिए गए तथा विदेशियों और अनिवासी भारतीयों को दिए गए पुरस्कार इस सीमा से बाहर गिने जाते हैं।

भारत रत्न के लिए इस प्रकार की औपचारिक संस्तुति प्रक्रिया नहीं है; प्रधानमंत्री सीधे राष्ट्रपति को नाम की संस्तुति करते हैं। परंपरा के अनुसार एक वर्ष में तीन से अधिक नहीं दिए जाते, और यह सम्मान मरणोपरांत भी दिया जा सकता है। सन 2011 तक यह पुरस्कार कला, साहित्य, विज्ञान और लोक सेवा तक सीमित था; दिसंबर 2011 में इसका दायरा बढ़ाकर मानव प्रयास के किसी भी क्षेत्र तक कर दिया गया, और इसी से कोई खिलाड़ी इसके योग्य बना।

नामों की घोषणा गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर होती है और पुरस्कार राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति प्रदान करते हैं, प्रायः मार्च या अप्रैल में। प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला सनद और एक पदक मिलता है। इसके साथ कोई नक़द राशि नहीं दी जाती, और न ही इस सम्मान से कोई विशेष भत्ता या रियायत जुड़ी है।

पदक और उपाधि का नियम

भारत रत्न का पदक कांस्य में पीपल के पत्ते के आकार का होता है, जिसके अग्र भाग पर सूर्य और देवनागरी में भारत रत्न लिखा रहता है तथा पृष्ठ भाग पर राज्य चिह्न के साथ सत्यमेव जयते अंकित रहता है। सन 1954 की मूल रूपरेखा गोल स्वर्ण पदक की थी, जो एक वर्ष के भीतर बदलकर पत्ते के आकार में कर दी गई।

सबसे अधिक पूछा जाने वाला नियम यह है कि ये सम्मान उपाधियाँ नहीं हैं। संविधान का अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत करता है, और इन पुरस्कारों को नाम के आगे या पीछे नहीं लगाया जा सकता। प्राप्तकर्ता यह कह सकता है कि उसे यह सम्मान मिला है, पर उसे नाम का भाग बनाना अनुचित है और इस पर औपचारिक आपत्ति होती रही है। ये पुरस्कार दो बार स्थगित हुए, पहले 1977 से 1980 तक और फिर 1992 से 1996 तक, जब एक जनहित याचिका में यह प्रश्न उठा कि क्या ये अनुच्छेद 18 का उल्लंघन करते हैं। उच्चतम न्यायालय ने बालाजी राघवन मामले में यह तय किया कि राष्ट्रीय पुरस्कार अनुच्छेद 18 के अर्थ में उपाधि नहीं हैं और इसलिए वैध हैं, जिसके बाद पुरस्कार फिर शुरू हुए।

परीक्षा में पूछी जाने वाली पहली उपलब्धियाँ

पहली बारप्राप्तकर्ता
पहले प्राप्तकर्ता, 1954सी. राजगोपालाचारी, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी. वी. रमन
पहला मरणोपरांत सम्मानलाल बहादुर शास्त्री, 1966
पहली महिलाइंदिरा गांधी, 1971
पहले ग़ैर भारतीयख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान, 1987
पहले खिलाड़ी और सबसे युवा प्राप्तकर्तासचिन तेंदुलकर, 2014

इस सारणी के साथ दो तथ्य और जुड़ते हैं। मदर टेरेसा को 1980 में सम्मान मिला; उनका जन्म विदेश में हुआ था, पर सम्मान के समय वे भारतीय नागरिक थीं, इसलिए पहले ग़ैर भारतीय प्राप्तकर्ता के प्रश्न का उत्तर वे नहीं हैं; वह उत्तर तत्कालीन उत्तर पश्चिम सीमा प्रांत के ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान हैं, जो सीमांत गांधी कहलाते थे। नेल्सन मंडेला को 1990 में सम्मान मिला और वे भारतीय नागरिकता न रखने वाले दूसरे व्यक्ति थे।

नागरिक और वीरता पुरस्कारों को अलग रखिए

भारत रत्न और पद्म पुरस्कार नागरिक सम्मान हैं। वीरता पुरस्कार अलग परिवार है और उसका अपना क्रम है: शत्रु के सामने वीरता के लिए परमवीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र, तथा युद्धभूमि से बाहर वीरता के लिए अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र। प्रश्नों में इनमें से कोई एक पद्म पुरस्कारों के विकल्पों में रख दिया जाता है, इसलिए दोनों सूचियाँ मिलानी नहीं चाहिए।

परीक्षा की दृष्टि से

यहाँ लगभग हर प्रश्न चार क्षेत्रों से आता है। पहला है वर्ष 1954 और स्थापना करने वाले राष्ट्रपति का नाम। दूसरा है वरीयता क्रम, जो प्रायः इस रूप में पूछा जाता है कि भारत रत्न के ठीक नीचे कौन सा पुरस्कार आता है, जहाँ पद्म विभूषण की जगह पद्म भूषण मानक ग़लत विकल्प है। तीसरा है पहली उपलब्धियों की सूची, और यहाँ प्रश्न के शब्द उत्तर तय करते हैं: पहले तीन प्राप्तकर्ता, पहला मरणोपरांत सम्मान शास्त्री को, पहली महिला इंदिरा गांधी, पहले ग़ैर भारतीय ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान और पहले खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर। मदर टेरेसा सबसे प्रिय जाल हैं, क्योंकि जन्म विदेश में होने पर भी सम्मान के समय वे भारतीय नागरिक थीं। चौथा है संवैधानिक पक्ष, अर्थात अनुच्छेद 18, उपाधि के रूप में प्रयोग पर रोक और बालाजी राघवन निर्णय। अब तक कितने लोगों को पुरस्कार मिला, यह मत याद कीजिए, क्योंकि वह संख्या बदलती रहती है।

महत्वपूर्ण तथ्य

स्थापना2 जनवरी 1954, राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा
सर्वोच्च नागरिक सम्मानभारत रत्न
वरीयता क्रमभारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्म श्री
पद्म श्रेणियों का नामकरणजनवरी 1955 में पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री
पद्म पुरस्कार समितिप्रधानमंत्री द्वारा प्रतिवर्ष गठित, अध्यक्ष मंत्रिमंडल सचिव
पद्म पुरस्कारों की वार्षिक सीमा120, जिसमें मरणोपरांत तथा विदेशियों और अनिवासी भारतीयों के पुरस्कार शामिल नहीं
भारत रत्न की परंपरावर्ष में तीन से अधिक नहीं; संस्तुति प्रधानमंत्री राष्ट्रपति से करते हैं
दायरा बढ़ादिसंबर 2011, मानव प्रयास के किसी भी क्षेत्र तक
घोषणा और प्रदानगणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषणा; राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्वारा प्रदान
प्राप्तकर्ता को क्या मिलता हैराष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला सनद और एक पदक; कोई नक़द राशि नहीं
भारत रत्न का पदककांस्य में पीपल के पत्ते का आकार और सूर्य; पृष्ठ पर राज्य चिह्न तथा सत्यमेव जयते
संवैधानिक स्थितिअनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत करता है; इन्हें नाम के आगे या पीछे नहीं लगाया जा सकता
न्यायालय का निर्णयबालाजी राघवन मामला, जिसमें उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रीय पुरस्कारों को वैध ठहराया
पहले प्राप्तकर्ता, 1954सी. राजगोपालाचारी, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी. वी. रमन
पहली महिला और पहला मरणोपरांतइंदिरा गांधी 1971 में; लाल बहादुर शास्त्री 1966 में
पहले ग़ैर भारतीय प्राप्तकर्ताख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान, 1987

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.पुरस्कार और सम्मानआसान

भारत रत्न और पद्म पुरस्कारों की स्थापना किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1950
  2. B.1952
  3. C.1954
  4. D.1955
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1954

व्याख्या

सही उत्तर C, 1954 है। दोनों सम्मानों की स्थापना 2 जनवरी 1954 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने की थी, और उसी वर्ष पहला भारत रत्न सी. राजगोपालाचारी, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन तथा सी. वी. रमन को प्रदान किया गया।

विकल्प A, 1950 वह वर्ष है जब संविधान लागू हुआ, और अभ्यर्थी प्रायः हर आरंभिक संस्था को उसी तिथि से जोड़ देते हैं। विकल्प B, 1952 पहले आम चुनाव का वर्ष है, जो दूसरी तरह का पड़ाव है। विकल्प D, 1955 कोई मनमाना वर्ष नहीं बल्कि वास्तविक जाल है: 1954 में एक ही नाम के अंतर्गत बनी तीन पद्म श्रेणियों के नाम इसी वर्ष पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री किए गए थे। दोनों वर्ष अलग अलग याद रखिए: पुरस्कारों की स्थापना 2 जनवरी 1954 को हुई और तीनों पद्म श्रेणियों का वर्तमान नामकरण जनवरी 1955 में।

Q2.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

भारत का कौन सा नागरिक पुरस्कार भारत रत्न के ठीक नीचे आता है?

  1. A.पद्म श्री
  2. B.पद्म विभूषण
  3. C.पद्म भूषण
  4. D.अशोक चक्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पद्म विभूषण

व्याख्या

सही उत्तर B, पद्म विभूषण है। नागरिक सम्मानों का वरीयता क्रम भारत रत्न, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री है, तथा पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।

विकल्प C, पद्म भूषण इससे एक सीढ़ी नीचे है और उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए दिया जाता है, और यही सबसे आम ग़लत उत्तर है क्योंकि दोनों नाम मिलते जुलते हैं। विकल्प A, पद्म श्री तीनों श्रेणियों में सबसे नीचे है और किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए मिलता है। विकल्प D, अशोक चक्र नागरिक पुरस्कार है ही नहीं, बल्कि शांतिकाल का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार है और वीरता की सूची में परमवीर चक्र के समकक्ष रखा जाता है। नागरिक और वीरता की सूचियाँ मिला देना ही वह भूल है जिसे यह विकल्प पकड़ता है।

Q3.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

सन 1954 में भारत रत्न पाने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?

  1. A.जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और राजेंद्र प्रसाद
  2. B.सी. राजगोपालाचारी, एस. राधाकृष्णन और सी. वी. रमन
  3. C.बी. आर. आंबेडकर, सी. वी. रमन और ज़ाकिर हुसैन
  4. D.लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी और सी. राजगोपालाचारी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सी. राजगोपालाचारी, एस. राधाकृष्णन और सी. वी. रमन

व्याख्या

सही उत्तर B, सी. राजगोपालाचारी, डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और सी. वी. रमन है। तीनों को पुरस्कार के पहले ही वर्ष 1954 में सम्मानित किया गया। राजगोपालाचारी भारत के अंतिम गवर्नर जनरल थे, राधाकृष्णन दार्शनिक थे जो बाद में राष्ट्रपति बने, और रमन वे भौतिकविद थे जिन्होंने अपने नाम से जाने जाने वाले प्रभाव की खोज की।

विकल्प A उस काल के तीन सबसे प्रसिद्ध नेताओं को एक साथ रखता है, इसलिए वह आकर्षक लगता है, पर वे पहला समूह नहीं थे। विकल्प C ऐसे नाम रखता है जिन्हें बाद के वर्षों में सम्मान मिला और जो देखने में विश्वसनीय लगते हैं। विकल्प D सही नाम राजगोपालाचारी के साथ शास्त्री और इंदिरा गांधी को मिला देता है, जो क्रमशः 1966 और 1971 के हैं, अर्थात पहला मरणोपरांत सम्मान और पहली महिला। ऐसे तीन नाम वाले प्रश्न में तीनों को जाँचिए, केवल पहचाने हुए नाम को नहीं।

Q4.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

भारत रत्न मरणोपरांत पाने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?

  1. A.सरदार वल्लभभाई पटेल
  2. B.लाल बहादुर शास्त्री
  3. C.बी. आर. आंबेडकर
  4. D.सुभाष चंद्र बोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लाल बहादुर शास्त्री

व्याख्या

सही उत्तर B, लाल बहादुर शास्त्री हैं, जिन्हें 1966 में सम्मानित किया गया, अर्थात ताशकंद में उनके निधन के वर्ष में, और इस प्रकार वे जीवनकाल के बाद भारत रत्न पाने वाले पहले व्यक्ति बने। उससे पहले यह सम्मान केवल जीवित व्यक्तियों को दिया गया था।

विकल्प A, सरदार वल्लभभाई पटेल को भी मरणोपरांत सम्मान मिला, पर बहुत बाद में 1991 में, इसलिए वे पहले नहीं हैं। विकल्प C, बी. आर. आंबेडकर को मरणोपरांत सम्मान 1990 में मिला, अर्थात वह भी शास्त्री के बाद। विकल्प D, सुभाष चंद्र बोस के नाम की घोषणा से जुड़ा सम्मान बाद में वापस ले लिया गया था, क्योंकि उनके निधन को निश्चित मान लेने पर आपत्ति उठी थी, इसलिए वे इस सूची में गिने ही नहीं जाते। जब प्रश्न किसी श्रेणी में पहले व्यक्ति के बारे में हो, तो उत्तर देने से पहले हर नाम के साथ जुड़ा वर्ष जाँच लीजिए।

Q5.पुरस्कार और सम्मानआसान

भारत रत्न पाने वाली पहली महिला कौन थीं?

  1. A.मदर टेरेसा
  2. B.सरोजिनी नायडू
  3. C.इंदिरा गांधी
  4. D.एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. इंदिरा गांधी

व्याख्या

सही उत्तर C, इंदिरा गांधी हैं, जिन्हें 1971 में भारत रत्न मिला और जो यह सम्मान पाने वाली पहली महिला थीं। उस समय वे प्रधानमंत्री थीं और यह सम्मान उसी वर्ष की घटनाओं के बाद दिया गया।

विकल्प A, मदर टेरेसा को भारत रत्न 1980 में मिला, इसलिए वे दूसरी महिला हैं, पहली नहीं; पहले ग़ैर भारतीय प्राप्तकर्ता वाले प्रश्नों में भी वे मानक जाल हैं, क्योंकि उनका जन्म विदेश में हुआ था पर उनके पास भारतीय नागरिकता थी। विकल्प B, सरोजिनी नायडू, जो भारत कोकिला कहलाती थीं, का निधन 1949 में हुआ, अर्थात पुरस्कार बनने से पहले। विकल्प D, कर्नाटक संगीत की गायिका एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी को 1998 में सम्मान मिला और वे यह पाने वाली पहली संगीतकार थीं। महिला प्राप्तकर्ताओं को वर्ष के क्रम में रख लीजिए तो यह पूरा समूह सरल हो जाता है।

Q6.पुरस्कार और सम्मानकठिन

भारतीय नागरिकता न रखने वाले पहले व्यक्ति, जिन्हें भारत रत्न मिला, कौन थे?

  1. A.नेल्सन मंडेला
  2. B.ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान
  3. C.मदर टेरेसा
  4. D.दलाई लामा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान

व्याख्या

सही उत्तर B, ख़ान अब्दुल ग़फ़्फ़ार ख़ान हैं, जिन्हें 1987 में सम्मान मिला। सीमांत गांधी कहलाने वाले इस नेता ने उत्तर पश्चिम सीमा प्रांत में अहिंसक ख़ुदाई ख़िदमतगार आंदोलन चलाया और विभाजन के बाद वे पाकिस्तान के नागरिक रहे, इसलिए वे भारतीय नागरिकता न रखने वाले पहले प्राप्तकर्ता हैं।

विकल्प A, नेल्सन मंडेला को 1990 में यह सम्मान मिला और वे इस श्रेणी में दूसरे थे, अर्थात प्रश्न इन दोनों का क्रम ही परखता है। विकल्प C, मदर टेरेसा यहाँ सामान्य जाल हैं: उनका जन्म यूरोप में हुआ था, पर 1980 में सम्मान मिलने से बहुत पहले वे भारतीय नागरिकता ले चुकी थीं, इसलिए नागरिकता वाले प्रश्न का उत्तर वे नहीं हैं। विकल्प D, दलाई लामा को अन्य सम्मान मिले हैं, यह नहीं। ऐसे प्रश्न ध्यान से पढ़िए, क्योंकि विदेश में जन्म और भारतीय नागरिक न होना दो अलग बातें हैं।

Q7.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद उपाधियों का अंत करता है और नागरिक पुरस्कारों के संदर्भ में उद्धृत किया जाता है?

  1. A.अनुच्छेद 14
  2. B.अनुच्छेद 16
  3. C.अनुच्छेद 18
  4. D.अनुच्छेद 21
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 18

व्याख्या

सही उत्तर C, अनुच्छेद 18 है, जो उपाधियों का अंत करता है और राज्य को सैन्य या विद्या संबंधी सम्मान के अतिरिक्त कोई उपाधि देने से रोकता है। इसी कारण भारत रत्न और पद्म पुरस्कारों को प्राप्तकर्ता के नाम के आगे या पीछे नहीं लगाया जा सकता, और इसी आधार पर इन्हें चुनौती दी गई थी, जिसे उच्चतम न्यायालय ने बालाजी राघवन मामले में ख़ारिज किया।

विकल्प A, अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समता और विधियों के समान संरक्षण की गारंटी देता है। विकल्प B, अनुच्छेद 16 लोक नियोजन के विषय में अवसर की समता देता है। विकल्प D, अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का संरक्षण करता है और संविधान का सबसे अधिक विवादित अनुच्छेद है। ये तीनों भी मूल अधिकारों में आते हैं, जैसे अनुच्छेद 18, इसीलिए ये साथ रखे जाते हैं, पर उपाधि केवल अनुच्छेद 18 का विषय है।

Q8.पुरस्कार और सम्मानकठिन

प्रतिवर्ष नामांकनों पर विचार करने वाली पद्म पुरस्कार समिति के अध्यक्ष कौन होते हैं?

  1. A.गृह मंत्री
  2. B.मंत्रिमंडल सचिव
  3. C.उपराष्ट्रपति
  4. D.भारत के मुख्य न्यायाधीश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मंत्रिमंडल सचिव

व्याख्या

सही उत्तर B, मंत्रिमंडल सचिव है। पद्म पुरस्कार समिति हर वर्ष प्रधानमंत्री नए सिरे से गठित करते हैं और उसकी अध्यक्षता मंत्रिमंडल सचिव करते हैं, जबकि गृह सचिव, राष्ट्रपति के सचिव और कुछ प्रतिष्ठित व्यक्ति उसके सदस्य होते हैं। उसकी संस्तुतियाँ प्रधानमंत्री और फिर राष्ट्रपति के पास जाती हैं।

विकल्प A, गृह मंत्री उस मंत्रालय के प्रमुख हैं जो इन पुरस्कारों की व्यवस्था देखता है, इसलिए यह विकल्प विश्वसनीय लगता है, पर समिति की अध्यक्षता राजनीतिक स्तर पर नहीं होती। विकल्प C, उपराष्ट्रपति की इस प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं है; पुरस्कार राष्ट्रपति प्रदान करते हैं। विकल्प D, मुख्य न्यायाधीश को इसलिए रखा जाता है क्योंकि इन पुरस्कारों को एक बार न्यायालय में चुनौती दी गई थी, पर न्यायपालिका प्राप्तकर्ता नहीं चुनती। साथ में यह भी पूछा जाता है कि नामांकन कोई भी नागरिक कर सकता है, स्वयं का भी।

Q9.पुरस्कार और सम्मानकठिन

मरणोपरांत तथा विदेशियों और अनिवासी भारतीयों को दिए गए पुरस्कारों को छोड़कर, एक वर्ष में अधिकतम कितने पद्म पुरस्कार दिए जा सकते हैं?

  1. A.50
  2. B.100
  3. C.120
  4. D.150
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 120

व्याख्या

सही उत्तर C, 120 है। नियमों के अनुसार एक वर्ष में 120 से अधिक पद्म पुरस्कार नहीं दिए जा सकते, और मरणोपरांत दिए गए तथा विदेशियों और अनिवासी भारतीयों को दिए गए पुरस्कार इस सीमा से बाहर गिने जाते हैं। यह सीमा तीनों पद्म श्रेणियों पर मिलाकर लागू होती है, हर श्रेणी पर अलग अलग नहीं।

विकल्प A, B और D ऐसी गोल संख्याएँ हैं जो देखने में उचित लगती हैं, और विशेषकर 100 उन अभ्यर्थियों को ललचाता है जिन्हें केवल इतना याद रहता है कि कोई सीमा है। इसके साथ रखने योग्य दूसरा आँकड़ा भारत रत्न की परंपरा है, जिसमें वर्ष में तीन से अधिक नहीं दिए जाते, और यह तथ्य भी कि भारत रत्न हर वर्ष देना आवश्यक नहीं है। ये दोनों आँकड़े नियम हैं, प्राप्तकर्ताओं की गिनती नहीं, इसीलिए इन्हें याद करना सुरक्षित है।

Q10.पुरस्कार और सम्मानकठिन

भारत रत्न का पदक किस पत्ते के आकार का होता है?

  1. A.बरगद का पत्ता
  2. B.पीपल का पत्ता
  3. C.कमल का पत्ता
  4. D.आम का पत्ता
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पीपल का पत्ता

व्याख्या

सही उत्तर B, पीपल का पत्ता है। भारत रत्न का पदक कांस्य में पीपल के पत्ते के आकार का बनता है, जिसके अग्र भाग पर प्लैटिनम का सूर्य और देवनागरी में भारत रत्न अंकित रहता है, तथा पृष्ठ भाग पर भारत का राज्य चिह्न और सत्यमेव जयते लिखा होता है।

विकल्प A, बरगद का पत्ता ग़लत है, यद्यपि बरगद भारत का राष्ट्रीय वृक्ष है, और यही बात इस विकल्प को आकर्षक बनाती है। विकल्प C, कमल का पत्ता इसलिए रखा जाता है क्योंकि कमल राष्ट्रीय पुष्प है और पद्म पुरस्कारों का नाम भी कमल से बना है; पद्म पदकों पर कमल की आकृति होती है, पत्ते का आकार नहीं। विकल्प D, आम के पत्ते का धार्मिक महत्व है पर इस रूपरेखा में उसका कोई स्थान नहीं। एक विवरण और याद रखिए: सन 1954 की मूल रूपरेखा गोल स्वर्ण पदक की थी, जो एक वर्ष के भीतर बदल दी गई।

Q11.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

भारत रत्न पाने वाले पहले खिलाड़ी कौन थे?

  1. A.ध्यानचंद
  2. B.मिल्खा सिंह
  3. C.सचिन तेंदुलकर
  4. D.विश्वनाथन आनंद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सचिन तेंदुलकर

व्याख्या

सही उत्तर C, सचिन तेंदुलकर हैं, जिन्हें 2014 में यह सम्मान मिला। वे इसके योग्य इसलिए हुए क्योंकि दिसंबर 2011 में इस पुरस्कार का दायरा कला, साहित्य, विज्ञान और लोक सेवा से बढ़ाकर मानव प्रयास के किसी भी क्षेत्र तक कर दिया गया था, और वे भारत रत्न पाने वाले सबसे युवा व्यक्ति भी हैं।

विकल्प A, हॉकी खिलाड़ी ध्यानचंद, जिनकी जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता है, के लिए यह सम्मान लंबे समय से माँगा जाता रहा है, पर इस प्रश्न का उत्तर वे नहीं हैं। विकल्प B, उड़न सिख कहलाने वाले धावक मिल्खा सिंह को पद्म श्री मिला था, भारत रत्न नहीं। विकल्प D, शतरंज के ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद भारत के सर्वोच्च खेल पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न के पहले प्राप्तकर्ता थे, जो बिल्कुल अलग सम्मान है। यहाँ 2011 के नियम परिवर्तन और 2014 के पुरस्कार का संबंध ही परखा जा रहा है।

Q12.पुरस्कार और सम्मानमध्यम

भारत रत्न के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

  1. A.पदक के साथ एक निश्चित नक़द राशि भी दी जाती है
  2. B.इसे प्राप्तकर्ता के नाम के आगे उपाधि की तरह लगाया जा सकता है
  3. C.यह संसद भवन में प्रधानमंत्री द्वारा प्रदान किया जाता है
  4. D.प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला सनद और एक पदक दिया जाता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला सनद और एक पदक दिया जाता है

व्याख्या

सही उत्तर D है। भारत रत्न पाने वाले को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला प्रमाणपत्र यानी सनद और पदक दिया जाता है, और यह सम्मान राष्ट्रपति भवन में प्रदान किया जाता है, प्रायः गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर नामों की घोषणा के कुछ सप्ताह बाद।

विकल्प A ग़लत है क्योंकि इस पुरस्कार के साथ कोई धनराशि नहीं दी जाती, और सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इससे कोई विशेष भत्ता, रियायत या विशेषाधिकार नहीं जुड़ता। विकल्प B ग़लत है क्योंकि संविधान का अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत करता है और इस पुरस्कार को नाम के आगे या पीछे नहीं लिखा जा सकता; प्राप्तकर्ता केवल यह कह सकता है कि उसे यह सम्मान मिला है। विकल्प C दोनों बातों में ग़लत है: पुरस्कार राष्ट्रपति देते हैं, प्रधानमंत्री नहीं, और वह संसद भवन में नहीं बल्कि राष्ट्रपति भवन में दिया जाता है। प्रधानमंत्री की भूमिका केवल नाम की संस्तुति करना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत रत्न और पद्म पुरस्कारों की स्थापना कब हुई थी?

दोनों की स्थापना 2 जनवरी 1954 को राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने की थी। पद्म पुरस्कार आरंभ में एक ही नाम के अंतर्गत तीन वर्गों में बँटे थे और जनवरी 1955 में उनके नाम पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री कर दिए गए, जो व्यवस्था तब से चली आ रही है।

भारत के नागरिक पुरस्कारों का सही वरीयता क्रम क्या है?

सबसे ऊपर भारत रत्न है, उसके बाद पद्म विभूषण, फिर पद्म भूषण और फिर पद्म श्री। इस अध्याय में परीक्षक इसी क्रम को सबसे अधिक पूछते हैं, और प्रायः वहाँ पद्म भूषण रख देते हैं जहाँ सही उत्तर पद्म विभूषण होता है।

क्या भारत रत्न को नाम के आगे उपाधि की तरह लगाया जा सकता है?

नहीं। संविधान का अनुच्छेद 18 उपाधियों का अंत करता है, और पुरस्कार की शर्तों में कहा गया है कि इसे नाम के आगे या पीछे नहीं लगाया जा सकता। प्राप्तकर्ता यह बता सकता है कि उसे यह सम्मान मिला है, पर उसे नाम का भाग बनाने की अनुमति नहीं है।

पद्म पुरस्कार कौन तय करता है?

प्रधानमंत्री द्वारा हर वर्ष गठित और मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता वाली पद्म पुरस्कार समिति नामांकनों पर विचार करती है, जो राज्य सरकारों, मंत्रालयों, संस्थानों या किसी भी नागरिक की ओर से आ सकते हैं। उसकी संस्तुतियाँ प्रधानमंत्री और फिर राष्ट्रपति के पास जाती हैं, जो पुरस्कार प्रदान करते हैं।

ये पुरस्कार कभी स्थगित क्यों हुए थे?

ये 1977 से 1980 तक और फिर 1992 से 1996 तक स्थगित रहे, जब यह प्रश्न उठा कि कहीं ये अनुच्छेद 18 द्वारा वर्जित उपाधियाँ तो नहीं हैं। उच्चतम न्यायालय ने बालाजी राघवन मामले में तय किया कि राष्ट्रीय पुरस्कार उस अनुच्छेद के अर्थ में उपाधि नहीं हैं, जिसके बाद पुरस्कार फिर से आरंभ हुए।

क्या इन पुरस्कारों के साथ कोई नक़द राशि मिलती है?

नहीं। प्राप्तकर्ता को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाला प्रमाणपत्र यानी सनद और एक पदक दिया जाता है। कोई धनराशि नहीं दी जाती, और सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस सम्मान से कोई विशेष भत्ता, रियायत या विशेषाधिकार नहीं जुड़ता।

स्रोत

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