वीरता पुरस्कार: परम वीर चक्र से शौर्य चक्र तक और प्रश्नोत्तर
परीक्षा के लिए भारत के वीरता पुरस्कार: परम वीर चक्र, महावीर चक्र, वीर चक्र, अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र, उनका क्रम तथा पहले प्राप्तकर्ता।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

भारत के वीरता पुरस्कार पुरस्कार अध्याय के सबसे भरोसेमंद विषयों में हैं, क्योंकि सूची छोटी है, नियम स्वतंत्रता के पहले ही वर्षों में तय हो गए थे और इनमें वर्ष दर वर्ष कुछ बदलता नहीं। पूरा विषय एक भेद पर टिका है: कुछ पदक शत्रु के सम्मुख दिखाई गई वीरता पर मिलते हैं और कुछ युद्धक्षेत्र से दूर दिखाई गई वीरता पर। यह विभाजन स्पष्ट हो जाए तो छह मुख्य पुरस्कार तीन-तीन के दो स्तंभों में बँट जाते हैं, और प्रश्नपत्र के सारे प्रश्न इन्हीं स्तंभों से निकलते हैं।
वीरता पुरस्कारों के दो परिवार
युद्धकालीन अलंकरण, अर्थात परम वीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र, 26 जनवरी 1950 को स्थापित हुए, पर उन्हें 15 अगस्त 1947 से प्रभावी माना गया, ताकि गणतंत्र के आरंभिक दिनों की वीरता को भी मान्यता मिल सके। शांतिकालीन अलंकरण, अर्थात अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र, जनवरी 1952 में स्थापित हुए और वे भी 15 अगस्त 1947 से प्रभावी माने गए। आरंभ में इन्हें अशोक चक्र वर्ग एक, वर्ग दो और वर्ग तीन कहा जाता था, और वर्तमान नाम जनवरी 1967 में दिए गए। ये सभी छह पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति प्रदान करते हैं और सामान्यतः गणतंत्र दिवस तथा स्वतंत्रता दिवस पर घोषित होते हैं।
| युद्धकालीन पुरस्कार | शांतिकालीन समकक्ष | किसके लिए |
|---|---|---|
| परम वीर चक्र | अशोक चक्र | अत्यंत विशिष्ट वीरता अथवा सर्वोच्च कोटि का आत्मबलिदान |
| महावीर चक्र | कीर्ति चक्र | बहुत उच्च कोटि की विशिष्ट वीरता |
| वीर चक्र | शौर्य चक्र | वीरता के वे कार्य जो उपर्युक्त दो से नीचे आते हैं |
वरीयता क्रम
परीक्षकों को यह सूची इसलिए प्रिय है कि इसमें दोनों परिवार एक के बाद एक न आकर आपस में गुँथे हुए हैं। क्रम है परम वीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र। इसे कुछ बार बोलकर दोहरा लेना ही सबसे सरल उपाय है, ताकि यह याद रहे कि अशोक चक्र महावीर चक्र से ऊपर है, जो इस अध्याय में सबसे अधिक गलत होने वाला बिंदु है। शांतिकालीन परिवार से एक महत्वपूर्ण नियम भी निकलता है: अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र सशस्त्र बलों के सदस्यों के साथ-साथ नागरिकों को भी दिए जा सकते हैं, जबकि तीनों युद्धकालीन चक्र शत्रु के सम्मुख किए गए कार्यों के लिए हैं।
परम वीर चक्र विस्तार से
परम वीर चक्र, जिसका अर्थ है परम वीरों का चक्र, भारत का सर्वोच्च सैन्य अलंकरण है और यह थल, जल अथवा वायु में शत्रु के सम्मुख दिखाई गई अत्यंत विशिष्ट वीरता पर दिया जाता है। इसकी अभिकल्पना सावित्री खानोलकर ने की, जो स्विस पिता और हंगेरियन माता की संतान थीं, जिन्होंने भारतीय सेना के अधिकारी से विवाह किया, भारतीय नागरिकता ली और अभिकल्पना के लिए भारतीय परंपरा का गहरा सहारा लिया। पदक गोल और कांस्य का है, और उसके बीच में बने राजचिह्न के चारों ओर वज्र की चार प्रतिकृतियाँ हैं; वज्र इंद्र का वह अस्त्र है जो कथा के अनुसार महर्षि दधीचि की अस्थियों से बना था, जिन्होंने उसी के लिए अपना शरीर त्याग दिया। पदक की पीठ पर पुरस्कार का नाम हिंदी और अंग्रेजी दोनों में अंकित रहता है।
पहला परम वीर चक्र चौथी कुमाऊँ के मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरांत मिला, जो नवंबर 1947 में श्रीनगर के निकट बड़गाम की कार्रवाई के लिए था, जहाँ उनकी टुकड़ी ने कहीं बड़ी हमलावर सेना को रोके रखा और हवाई पट्टी उनके हाथ नहीं जाने दी। बाद के प्राप्तकर्ताओं में 1999 के कारगिल संघर्ष के चार नाम सबसे अधिक पूछे जाते हैं: कैप्टन विक्रम बत्रा और लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, दोनों मरणोपरांत, तथा ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव और राइफलमैन संजय कुमार, जो जीवित रहे।
जानने योग्य अन्य अलंकरण
छह चक्रों के अतिरिक्त तीन सेवा विशेष वीरता पदक दिए जाते हैं: थल सेना में सेना पदक, नौसेना में नौ सेना पदक और वायु सेना में वायु सेना पदक। वीरता से भिन्न विशिष्ट सेवा के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक हैं, तथा युद्धकाल में सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक और युद्ध सेवा पदक। जो नागरिक दूसरे का जीवन बचाने के लिए अपना जीवन संकट में डालते हैं, उनके लिए जीवन रक्षा पदक शृंखला है, जिसके शीर्ष पर सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक है, और पुलिस के लिए वीरता हेतु राष्ट्रपति पुलिस पदक। इस समूह का एक तथ्य बार-बार पूछा जाता है: नीरजा भनोट, वह विमान परिचारिका जो 1986 में अपहृत विमान में यात्रियों की रक्षा करते हुए मारी गईं, अशोक चक्र पाने वाली पहली महिला थीं।
दोहराव कैसे करें
तीन बातें याद कर लीजिए और अध्याय सुरक्षित है। पहली, तीन-तीन के दो स्तंभ, युद्धकालीन और शांतिकालीन। दूसरी, वरीयता क्रम, जिसमें अशोक चक्र दूसरे स्थान पर है। तीसरी, नामों का छोटा समूह: अभिकल्पना के लिए सावित्री खानोलकर, पहले परम वीर चक्र के लिए मेजर सोमनाथ शर्मा, अशोक चक्र पाने वाली पहली महिला के रूप में नीरजा भनोट, और कारगिल के चार नाम। अब तक कुल कितने परम वीर चक्र दिए गए, यह संख्या रटने से बचिए, क्योंकि वह बदलती रहती है और पुराने वर्ष के प्रश्नपत्र में कुछ और लिखा हो सकता है।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न चार रूपों में आते हैं। पहला पूछता है कि सर्वोच्च पुरस्कार कौन सा है, जहाँ युद्धकाल के लिए परम वीर चक्र और शांतिकाल के लिए अशोक चक्र उत्तर है। दूसरा किसी युद्धकालीन पुरस्कार का शांतिकालीन समकक्ष पूछता है, इसलिए तीनों जोड़ियाँ दोनों दिशाओं में याद होनी चाहिए: परम वीर के साथ अशोक, महावीर के साथ कीर्ति और वीर के साथ शौर्य। तीसरा किसी नाम पर आता है, प्रायः अभिकल्पक सावित्री खानोलकर या पहले प्राप्तकर्ता मेजर सोमनाथ शर्मा, और कभी अशोक चक्र पाने वाली पहली महिला नीरजा भनोट। चौथा तिथि पूछता है, जहाँ युद्धकालीन पुरस्कारों के लिए 26 जनवरी 1950, शांतिकालीन के लिए जनवरी 1952 और नाम बदलने के लिए 1967 याद रखने योग्य हैं। जाल ये हैं: वरीयता क्रम में महावीर चक्र को अशोक चक्र से ऊपर रख देना, कीर्ति चक्र को युद्धकालीन मान लेना, और यह मान बैठना कि नागरिकों को कोई वीरता पुरस्कार नहीं मिल सकता, जबकि शांतिकालीन पुरस्कार उन्हें मिल सकते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार | परम वीर चक्र |
|---|---|
| सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार | अशोक चक्र |
| युद्धकालीन पुरस्कारों की स्थापना | 26 जनवरी 1950, प्रभाव 15 अगस्त 1947 से |
| शांतिकालीन पुरस्कारों की स्थापना | जनवरी 1952, प्रभाव 15 अगस्त 1947 से |
| नाम परिवर्तन | जनवरी 1967 में अशोक चक्र वर्ग एक, दो और तीन बने अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र |
| वरीयता क्रम | परम वीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र, शौर्य चक्र |
| परम वीर चक्र की अभिकल्पक | सावित्री खानोलकर |
| परम वीर चक्र का प्रतीक | राजचिह्न के चारों ओर इंद्र के वज्र की चार प्रतिकृतियाँ |
| पहला परम वीर चक्र | मेजर सोमनाथ शर्मा, चौथी कुमाऊँ, मरणोपरांत, नवंबर 1947 की बड़गाम कार्रवाई के लिए |
| कारगिल संघर्ष के परम वीर चक्र | विक्रम बत्रा, मनोज कुमार पांडे, योगेंद्र सिंह यादव और संजय कुमार |
| अशोक चक्र पाने वाली पहली महिला | नीरजा भनोट, मरणोपरांत |
| सेवा विशेष वीरता पदक | सेना पदक, नौ सेना पदक और वायु सेना पदक |
| जीवन बचाने का पुरस्कार | जीवन रक्षा पदक शृंखला, जिसके शीर्ष पर सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक है |
| प्रदान करने वाले | भारत के राष्ट्रपति, घोषणा प्रायः गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत का सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार कौन सा है?
- A.अशोक चक्र
- B.परम वीर चक्र
- C.महावीर चक्र
- D.कीर्ति चक्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. परम वीर चक्र
व्याख्या
सही उत्तर है B, परम वीर चक्र। यह थल, जल अथवा वायु में शत्रु के सम्मुख दिखाई गई अत्यंत विशिष्ट वीरता या आत्मबलिदान पर दिया जाता है और इसके नाम का अर्थ ही परम वीरों का चक्र है। सभी वीरता अलंकरणों के वरीयता क्रम में यह पहले स्थान पर है।
विकल्प A, अशोक चक्र, सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है और वरीयता क्रम में दूसरे स्थान पर आता है, इसलिए वह तभी सही है जब प्रश्न में शांतिकाल कहा गया हो। विकल्प C, महावीर चक्र, दूसरा युद्धकालीन पुरस्कार है, जो परम वीर चक्र से नीचे है। विकल्प D, कीर्ति चक्र, दूसरा शांतिकालीन पुरस्कार और महावीर चक्र का समकक्ष है। प्रश्न में आया युद्धकालीन शब्द ही उत्तर तय करता है, इसलिए उसे पढ़कर ही विकल्प चुनिए; यदि प्रश्न में शांतिकाल कहा हो तो वही विकल्प बदलकर अशोक चक्र हो जाएगा।
भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कौन सा है?
- A.शौर्य चक्र
- B.कीर्ति चक्र
- C.अशोक चक्र
- D.वीर चक्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अशोक चक्र
व्याख्या
सही उत्तर है C, अशोक चक्र। यह युद्धक्षेत्र से दूर दिखाई गई अत्यंत विशिष्ट वीरता, साहस अथवा सर्वोच्च कोटि के आत्मबलिदान पर दिया जाता है और सशस्त्र बलों के सदस्यों के साथ-साथ नागरिकों को भी दिया जा सकता है।
विकल्प A, शौर्य चक्र, तीसरा शांतिकालीन पुरस्कार है और वीर चक्र का समकक्ष है। विकल्प B, कीर्ति चक्र, दूसरा शांतिकालीन पुरस्कार है और महावीर चक्र का समकक्ष है। विकल्प D, वीर चक्र, युद्धकालीन परिवार का है, इसलिए यहाँ वह दो कारणों से गलत है। तीनों शांतिकालीन पुरस्कार घटते क्रम में अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र हैं, और इन्हें एक पंक्ति के रूप में याद रखने पर मिश्रित विकल्पों में समय बचता है। यह भी ध्यान रखिए कि ये तीनों जनवरी 1952 में स्थापित हुए थे और आरंभ में अशोक चक्र वर्ग एक, दो और तीन कहलाते थे; वर्तमान नाम जनवरी 1967 में दिए गए।
परम वीर चक्र पाने वाले पहले व्यक्ति कौन थे?
- A.मेजर सोमनाथ शर्मा
- B.कैप्टन विक्रम बत्रा
- C.लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे
- D.सूबेदार जोगिंदर सिंह
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मेजर सोमनाथ शर्मा
व्याख्या
सही उत्तर है A, मेजर सोमनाथ शर्मा, जो कुमाऊँ रेजिमेंट की चौथी बटालियन के थे और जिन्हें नवंबर 1947 में श्रीनगर के निकट बड़गाम की कार्रवाई के लिए यह सम्मान मरणोपरांत मिला। उनकी टुकड़ी ने कहीं बड़ी हमलावर सेना को रोके रखा और हवाई पट्टी तक नहीं पहुँचने दिया, जिससे कश्मीर में सहायक सेना आती रही।
विकल्प B, कैप्टन विक्रम बत्रा, और विकल्प C, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे, दोनों को 1999 के कारगिल संघर्ष के लिए मरणोपरांत परम वीर चक्र मिला, जो पचास वर्ष से भी बाद की बात है। विकल्प D, सूबेदार जोगिंदर सिंह, को 1962 के संघर्ष की एक कार्रवाई के लिए यह सम्मान मिला। चारों वास्तविक प्राप्तकर्ता हैं, इसलिए प्रश्न पूरी तरह पहले शब्द पर टिका है और उत्तर 1947 से तय होता है।
परम वीर चक्र की अभिकल्पना किसने की थी?
- A.नंदलाल बोस
- B.सावित्री खानोलकर
- C.पिंगली वेंकैया
- D.दीनानाथ भार्गव
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सावित्री खानोलकर
व्याख्या
सही उत्तर है B, सावित्री खानोलकर। स्विस पिता और हंगेरियन माता की संतान के रूप में स्विट्ज़रलैंड में जन्मी इन महिला ने भारतीय सेना के अधिकारी से विवाह किया, भारतीय नागरिकता ली और भारतीय भाषाओं तथा परंपरा का गहरा अध्ययन किया, जिसका सहारा उन्होंने पदक की अभिकल्पना और उसके वज्र प्रतीक में लिया।
विकल्प A, नंदलाल बोस, वे कलाकार थे जिन्होंने भारत के संविधान की मूल प्रति को चित्रित किया, जो इससे जुड़ा पर अलग कार्य है। विकल्प C, पिंगली वेंकैया, ने वह ध्वज बनाया जिस पर भारत का राष्ट्रीय ध्वज आधारित है। विकल्प D, दीनानाथ भार्गव, ने चित्रित संविधान के लिए राजचिह्न बनाया। चारों नाम भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों के निर्माण से जुड़े हैं, इसीलिए उन्हें साथ रखा जाता है, और यह पदक सावित्री खानोलकर का है।
परम वीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र की स्थापना किस तिथि को हुई थी?
- A.15 अगस्त 1947
- B.26 नवंबर 1949
- C.26 जनवरी 1950
- D.4 जनवरी 1952
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 26 जनवरी 1950
व्याख्या
सही उत्तर है C, 26 जनवरी 1950, अर्थात वह दिन जब संविधान लागू हुआ और गणतंत्र अस्तित्व में आया। तीनों युद्धकालीन पुरस्कार उसी तिथि को स्थापित हुए, पर उन्हें 15 अगस्त 1947 से प्रभावी माना गया, ताकि कश्मीर की लड़ाई में दिखाई गई वीरता को भी मान्यता मिल सके।
विकल्प A, 15 अगस्त 1947, वह तिथि है जिससे पुरस्कार प्रभावी माने गए, स्थापना की तिथि नहीं, और यही सूक्ष्म भेद इस प्रश्न का मर्म है। विकल्प B, 26 नवंबर 1949, संविधान के अंगीकरण की तिथि है, जो राजव्यवस्था के प्रश्नपत्र की है। विकल्प D, जनवरी 1952, वह समय है जब शांतिकालीन पुरस्कार, अर्थात अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र स्थापित हुए। जोड़ी साथ याद रखिए: युद्धकालीन परिवार के लिए 1950 और शांतिकालीन के लिए 1952।
महावीर चक्र का शांतिकालीन समकक्ष कौन सा पुरस्कार है?
- A.अशोक चक्र
- B.कीर्ति चक्र
- C.शौर्य चक्र
- D.सेना पदक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कीर्ति चक्र
व्याख्या
सही उत्तर है B, कीर्ति चक्र। तीनों युद्धकालीन पुरस्कारों के तीन शांतिकालीन समकक्ष उसी क्रम में हैं: परम वीर चक्र के साथ अशोक चक्र, महावीर चक्र के साथ कीर्ति चक्र और वीर चक्र के साथ शौर्य चक्र। चूँकि महावीर चक्र अपने परिवार में दूसरे स्थान पर है, उसका समकक्ष दूसरा शांतिकालीन पुरस्कार होगा।
विकल्प A, अशोक चक्र, परम वीर चक्र का समकक्ष है और एक सीढ़ी ऊपर है। विकल्प C, शौर्य चक्र, वीर चक्र का समकक्ष है और एक सीढ़ी नीचे है। विकल्प D, सेना पदक, केवल थल सेना का वीरता पदक है, जिसके समकक्ष नौसेना में नौ सेना पदक और वायु सेना में वायु सेना पदक हैं, और वह चक्र शृंखला का अंग नहीं है। तीनों जोड़ियाँ क्रम से याद कर लीजिए, यह पूरा वर्ग सुलझ जाएगा।
शौर्य चक्र किस युद्धकालीन पुरस्कार का शांतिकालीन समकक्ष है?
- A.परम वीर चक्र
- B.महावीर चक्र
- C.वीर चक्र
- D.युद्ध सेवा पदक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. वीर चक्र
व्याख्या
सही उत्तर है C, वीर चक्र। शौर्य चक्र शांतिकालीन वीरता पुरस्कारों में तीसरा है, इसलिए वह युद्धकालीन परिवार के तीसरे पुरस्कार वीर चक्र के समकक्ष है; दोनों वीरता के उन कार्यों पर दिए जाते हैं जो पहली दो श्रेणियों से नीचे आते हैं।
विकल्प A, परम वीर चक्र, का समकक्ष अशोक चक्र है। विकल्प B, महावीर चक्र, का समकक्ष कीर्ति चक्र है। विकल्प D, युद्ध सेवा पदक, वीरता पुरस्कार है ही नहीं; वह अभियानों के दौरान विशिष्ट सेवा के समूह का है, जिसमें उत्तम युद्ध सेवा पदक और सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक भी आते हैं। वीरता और विशिष्ट सेवा का भेद अपनी टिप्पणी में एक पंक्ति में लिख लीजिए, क्योंकि प्रश्नपत्र कभी-कभी दोनों सूचियाँ विकल्पों में मिला देते हैं; वीरता के छह चक्र अलग हैं और सेवा के पदक अलग।
अशोक चक्र वर्ग एक, दो और तीन का नाम बदलकर अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र किस वर्ष किया गया?
- A.1952
- B.1962
- C.1967
- D.1972
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1967
व्याख्या
सही उत्तर है C, 1967। तीनों शांतिकालीन वीरता पुरस्कार 1952 में अशोक चक्र के प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ग के रूप में स्थापित हुए थे, और जनवरी 1967 में दूसरे तथा तीसरे के नाम कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र कर दिए गए, जबकि पहले का नाम अशोक चक्र ही रहा।
विकल्प A, 1952, स्थापना का वर्ष है, नाम बदलने का नहीं, और प्रश्न इसी जाल पर बना है। विकल्प B, 1962, चीन से संघर्ष का वर्ष है और इन पुरस्कारों के नामकरण से उसका कोई संबंध नहीं। विकल्प D, 1972, 1971 के संघर्ष के बाद आता है और उसका भी यहाँ कोई संबंध नहीं। इस अध्याय में तीन वर्ष महत्वपूर्ण हैं और उन्हें एक पंक्ति में याद कीजिए: युद्धकालीन पुरस्कारों के लिए 1950, शांतिकालीन के लिए 1952 और वर्तमान नामों के लिए 1967।
अशोक चक्र पाने वाली पहली महिला कौन थीं?
- A.नीरजा भनोट
- B.कमलजीत संधू
- C.पुनीता अरोड़ा
- D.किरण बेदी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नीरजा भनोट
व्याख्या
सही उत्तर है A, नीरजा भनोट। वे 1986 में कराची में अपहृत विमान की मुख्य परिचारिका थीं और यात्रियों को निकालने में सहायता करते हुए उन्हें बचाते समय मारी गईं। उन्हें अशोक चक्र मरणोपरांत दिया गया और इस प्रश्न का मानक उत्तर वही हैं।
विकल्प B, कमलजीत संधू, धाविका थीं और एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला थीं, अतः वे खेल अध्याय की हैं। विकल्प C, पुनीता अरोड़ा, भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल और नौसेना में वाइस एडमिरल के पद तक पहुँचने वाली पहली महिला थीं, जो सेवा की उपलब्धि है, वीरता पुरस्कार नहीं। विकल्प D, किरण बेदी, भारतीय पुलिस सेवा की पहली महिला अधिकारी थीं। हर नाम किसी न किसी क्षेत्र का पहला है, इसी से यह प्रश्न कठिन बनाया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन युद्धकालीन वीरता पुरस्कार नहीं है?
- A.परम वीर चक्र
- B.महावीर चक्र
- C.कीर्ति चक्र
- D.वीर चक्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. कीर्ति चक्र
व्याख्या
सही उत्तर है C, कीर्ति चक्र। यह शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है, जो युद्धक्षेत्र से दूर दिखाई गई विशिष्ट वीरता पर दिया जाता है और सशस्त्र बलों के सदस्यों के साथ-साथ नागरिकों को भी दिया जा सकता है। यह महावीर चक्र का समकक्ष है, युद्धकालीन परिवार का सदस्य नहीं।
विकल्प A, B और D, अर्थात परम वीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र, तीनों युद्धकालीन अलंकरण हैं, जो 26 जनवरी 1950 को स्थापित हुए और शत्रु के सम्मुख किए गए कार्यों पर दिए जाते हैं। सरल कसौटी नाम में आया वीर शब्द है: तीनों युद्धकालीन पुरस्कारों में वह है, जबकि शांतिकालीन तीन अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र हैं। यही एक संकेत इस प्रकार के अधिकांश प्रश्न तुरंत हल कर देता है, और साथ में यह भी याद रखिए कि युद्धकालीन तीनों 1950 में तथा शांतिकालीन तीनों 1952 में स्थापित हुए थे।
1999 के कारगिल संघर्ष में लड़ने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा को कौन सा अलंकरण मिला था?
- A.अशोक चक्र
- B.परम वीर चक्र
- C.महावीर चक्र
- D.शौर्य चक्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. परम वीर चक्र
व्याख्या
सही उत्तर है B, परम वीर चक्र। तेरह जम्मू कश्मीर राइफल्स के कैप्टन विक्रम बत्रा को 1999 के कारगिल संघर्ष में चोटियों पर पुनः अधिकार के लिए यह सम्मान मरणोपरांत मिला। उस संघर्ष के लिए कुल चार परम वीर चक्र दिए गए; शेष लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे को मरणोपरांत तथा ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव और राइफलमैन संजय कुमार को मिले।
विकल्प A, अशोक चक्र, शांतिकालीन पुरस्कार है और इसलिए सशस्त्र संघर्ष में शत्रु के विरुद्ध की गई कार्रवाई पर नहीं दिया जा सकता। विकल्प C, महावीर चक्र, वास्तविक युद्धकालीन पुरस्कार है पर परम वीर चक्र से एक श्रेणी नीचे, और उसी संघर्ष में कई अधिकारियों को वह मिला, इसलिए वही सबसे निकट का भ्रामक विकल्प है। विकल्प D, शौर्य चक्र, फिर शांतिकालीन अलंकरण है। शत्रु के सम्मुख होने की शर्त दोनों शांतिकालीन विकल्पों को एक साथ बाहर कर देती है।
परम वीर चक्र पर राजचिह्न के चारों ओर कौन सा प्रतीक अंकित है?
- A.इंद्र के वज्र की चार प्रतिकृतियाँ
- B.चार कमल पुष्प
- C.चौबीस तीलियों वाला अशोक चक्र
- D.दो क्रॉस तलवारें और एक ढाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इंद्र के वज्र की चार प्रतिकृतियाँ
व्याख्या
सही उत्तर है A, इंद्र के वज्र की चार प्रतिकृतियाँ। सावित्री खानोलकर ने यह प्रतीक उस पुरानी कथा से लिया जिसमें महर्षि दधीचि ने अपना शरीर त्याग दिया ताकि उनकी अस्थियों से वह अस्त्र बने जिससे इंद्र ने शत्रु को परास्त किया; त्याग का यह प्रतीक वीरता के सर्वोच्च पुरस्कार पर उपयुक्त बैठता है।
विकल्प B, कमल पुष्प, अन्य भारतीय अलंकरणों पर आते हैं, विशेषकर पद्म पुरस्कारों पर, जिनका नाम ही कमल से बना है। विकल्प C, चौबीस तीलियों वाला चक्र, राष्ट्रीय ध्वज और राजचिह्न पर है और उसी से अशोक चक्र पुरस्कार का नाम बना है, पर वह परम वीर चक्र का प्रतीक नहीं है। विकल्प D, क्रॉस तलवारें और ढाल, प्रचलित सैन्य प्रतीक है पर इस पदक की अभिकल्पना नहीं। वज्र वाला यह विवरण अभिकल्पक के नाम के साथ याद रखने योग्य है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
परम वीर चक्र और अशोक चक्र में क्या अंतर है?
दोनों भारत के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार हैं, पर परिस्थिति अलग है। परम वीर चक्र शत्रु के सम्मुख, अर्थात युद्ध में दिखाई गई अत्यंत विशिष्ट वीरता पर दिया जाता है। अशोक चक्र उसका शांतिकालीन समकक्ष है, जो युद्धक्षेत्र से दूर उसी कोटि की वीरता या आत्मबलिदान पर दिया जाता है, और वह सशस्त्र बलों के साथ-साथ नागरिकों को भी दिया जा सकता है।
वीरता पुरस्कारों का वरीयता क्रम क्या है?
परम वीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र। इसमें युद्धकालीन और शांतिकालीन पुरस्कार दो अलग गुटों में न रहकर एक के बाद एक गुँथे हुए हैं, इसीलिए परीक्षार्थी प्रायः महावीर चक्र को दूसरे स्थान पर रख देते हैं। दूसरा स्थान अशोक चक्र का है।
परम वीर चक्र की अभिकल्पना किसने की थी?
सावित्री खानोलकर ने, जिनका जन्म स्विट्ज़रलैंड में स्विस पिता और हंगेरियन माता के यहाँ हुआ, जिन्होंने भारतीय सेना के अधिकारी से विवाह किया, भारतीय नागरिकता ली और भारतीय भाषाओं तथा परंपरा का गहरा अध्ययन किया। उन्होंने अभिकल्पना के केंद्र में वज्र की चार प्रतिकृतियाँ रखीं; कथा के अनुसार वह अस्त्र महर्षि दधीचि की अस्थियों से बना था, जो सर्वोच्च त्याग का प्रतीक है।
पहला परम वीर चक्र किसे मिला था?
कुमाऊँ रेजिमेंट की चौथी बटालियन के मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरांत, 3 नवंबर 1947 को श्रीनगर के निकट बड़गाम की कार्रवाई के लिए। उनकी टुकड़ी ने कहीं बड़ी हमलावर सेना को रोके रखा और उसे हवाई पट्टी तक नहीं पहुँचने दिया, जिससे कश्मीर में सहायक सेना आती रही।
क्या भारत में किसी नागरिक को वीरता पुरस्कार मिल सकता है?
हाँ। तीनों शांतिकालीन वीरता पुरस्कार, अर्थात अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र, सशस्त्र बलों के सदस्यों के साथ-साथ नागरिकों को भी दिए जा सकते हैं। विमान परिचारिका नीरजा भनोट को अशोक चक्र मरणोपरांत दिया गया था। दूसरे का जीवन बचाने के लिए प्राण संकट में डालने वाले नागरिकों को जीवन रक्षा पदक शृंखला के पुरस्कार भी मिलते हैं।
स्रोत
- वीरता पुरस्कार, अलंकरणों के मानदंड और इतिहास — रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार
- राष्ट्रीय अलंकरणों और पदकों का वरीयता क्रम — गृह मंत्रालय, भारत सरकार
- परम वीर चक्र, महावीर चक्र और वीर चक्र की स्थापना संबंधी अधिसूचनाएँ, 1950 — भारत का राजपत्र


