अर्जुन, खेल रत्न और द्रोणाचार्य पुरस्कार: मुख्य तथ्य
परीक्षा के लिए भारत के राष्ट्रीय खेल पुरस्कार: प्रत्येक की स्थापना का वर्ष, पात्रता, 2021 में खेल रत्न का नाम परिवर्तन, प्रथम विजेता तथा अन्य खेल सम्मान।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 3 मिनट

भारत के राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्रतिवर्ष युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा दिए जाते हैं और राष्ट्रपति भवन में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं। एक चयन समिति, जिसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश करते हैं और जिसमें खिलाड़ी, प्रशिक्षक तथा प्रशासक रहते हैं, नामों की संस्तुति करती है, और मंत्रालय प्रत्येक पुरस्कार के लिए पहले से आवेदन आमंत्रित करता है। परीक्षा इनसे सीमित तथ्य पूछती है: प्रत्येक पुरस्कार का आरंभ वर्ष, वह किस वर्ग को सम्मानित करता है, 2021 का नाम परिवर्तन और प्रथम विजेता।
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार
खेल रत्न भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान है। यह 1991–92 में स्थापित हुआ और पुरस्कार से पूर्व के चार वर्षों में खेल के सर्वाधिक उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है, अतः केवल एक अच्छा सत्र किसी खिलाड़ी को पात्र नहीं बनाता। इसके प्रथम विजेता शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद थे, 1991–92 में, और भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी इसे पाने वाली पहली महिला बनीं, 1994–95 में। पुरस्कार में पदक, प्रशस्ति पत्र या सम्मान पत्र तथा नकद राशि रहती है, और एक ही वर्ष में एक से अधिक खिलाड़ियों को यह मिल सकता है। अगस्त 2021 तक यह राजीव गांधी खेल रत्न कहलाता था, जब हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर इसे मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया गया।
अर्जुन पुरस्कार
अर्जुन पुरस्कार इस समूह में सबसे पुराना है, जो 1961 में स्थापित हुआ। यह पुरस्कार से पूर्व के चार वर्षों के निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन को सम्मानित करता है, और विजेता को अर्जुन की कांस्य प्रतिमा, सम्मान पत्र तथा नकद राशि मिलती है। इसमें ओलंपिक, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की विधाएँ, क्रिकेट, देशज खेल तथा दिव्यांगजनों के खेल सम्मिलित हैं, और प्रत्येक वर्ष सीमित संख्या में पुरस्कार दिए जाते हैं। चूँकि यह निरंतरता को और खेल रत्न शिखर प्रदर्शन को मान्यता देता है, अतः प्रायः खिलाड़ी को पहले अर्जुन और बाद में खेल रत्न मिलता है।
द्रोणाचार्य पुरस्कार
1985 में स्थापित द्रोणाचार्य पुरस्कार प्रशिक्षकों के लिए है, खिलाड़ियों के लिए नहीं। यह उन्हें मिलता है जिन्होंने खिलाड़ियों को ओलंपिक, एशियाई, राष्ट्रमंडल अथवा विश्व चैंपियनशिप स्तर के पदकों तक प्रशिक्षित किया, और यह दो श्रेणियों में दिया जाता है — नियमित तथा आजीवन — जिससे सेवा में रहते प्रशिक्षक और पूरे कार्यकाल के लिए सम्मानित प्रशिक्षक अलग-अलग परखे जाएँ। पुरस्कार में महाभारत के धनुर्विद्या गुरु द्रोणाचार्य की प्रतिमा, सम्मान पत्र और नकद राशि रहती है।
अन्य राष्ट्रीय खेल सम्मान
| पुरस्कार | स्थापना | किसके लिए |
|---|---|---|
| मेजर ध्यानचंद खेल रत्न | 1991–92 | चार वर्षों में खेल का सर्वाधिक उत्कृष्ट प्रदर्शन |
| अर्जुन पुरस्कार | 1961 | खिलाड़ी का निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन |
| द्रोणाचार्य पुरस्कार | 1985 | प्रशिक्षक, नियमित और आजीवन श्रेणियों में |
| ध्यानचंद पुरस्कार | 2002 | आजीवन उपलब्धि, संन्यास के बाद के कार्य सहित |
| राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार | 2009 | खेल को बढ़ावा देने वाली कंपनियाँ, बोर्ड और संस्थाएँ |
| मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी | 1956–57 | अंतर-विश्वविद्यालय स्पर्धाओं में श्रेष्ठ विश्वविद्यालय |
| तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार | 1994 | थल, जल और वायु के साहसिक कार्य तथा आजीवन योगदान |
राष्ट्रीय खेल दिवस और ध्यानचंद
पुरस्कार समारोह राष्ट्रीय खेल दिवस से जुड़ा है, जो 29 अगस्त को मनाया जाता है — मेजर ध्यानचंद की जयंती, जिनका जन्म 1905 में हुआ और जिनकी हॉकी टीमों ने 1928 के एम्स्टर्डम, 1932 के लॉस एंजिल्स और 1936 के बर्लिन ओलंपिक में स्वर्ण जीता। उन्हें 1956 में पद्म भूषण मिला, और खेल रत्न, ध्यानचंद पुरस्कार तथा दिल्ली का नेशनल स्टेडियम — तीनों उनका नाम धारण करते हैं। चूँकि 2021 के परिवर्तन ने केवल नाम बदला, पुरस्कार का स्वरूप नहीं, अतः खेल रत्न पर प्रश्न प्रायः पुराना और नया नाम साथ जाँचते हैं।
परीक्षा इन तथ्यों का प्रयोग कैसे करती है
तीन जोड़ियाँ अधिकांश प्रश्न तय कर देती हैं। पहली, वर्ष: अर्जुन के लिए 1961, द्रोणाचार्य के लिए 1985, खेल रत्न के लिए 1991–92 और ध्यानचंद पुरस्कार के लिए 2002। दूसरी, विजेता का वर्ग: अर्जुन के लिए खिलाड़ी, द्रोणाचार्य के लिए प्रशिक्षक, राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए संस्था और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी के लिए विश्वविद्यालय। तीसरी, प्रथम विजेता: पहले खेल रत्न विजेता विश्वनाथन आनंद और पहली महिला विजेता कर्णम मल्लेश्वरी।
परीक्षा की दृष्टि से
परीक्षा चार बातें पूछती है। स्थापना वर्ष, जिसमें 1961, 1985, 1991–92 और 2002 का क्रम दृढ़ होना चाहिए। विजेता का वर्ग, जहाँ जाल यह है कि खिलाड़ी के प्रश्न में प्रशिक्षक का पुरस्कार रख दिया जाए, अथवा जहाँ व्यक्ति चाहिए वहाँ राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार। 2021 में खेल रत्न का राजीव गांधी से मेजर ध्यानचंद के नाम पर होना, जो तब से बार-बार पूछा गया है। और प्रथम विजेता: विश्वनाथन आनंद, तथा पहली महिला कर्णम मल्लेश्वरी। किसी विशेष वर्ष के विजेताओं पर भी प्रश्न आते हैं, प्रायः हॉकी, कुश्ती या टेबल टेनिस जैसी विधा में, और उनका उत्तर उसी वर्ष की सूची से ही निकलता है, अतः नामों से पहले प्रश्न का वर्ष पढ़ें।
महत्वपूर्ण तथ्य
| खेल रत्न की स्थापना | 1991–92; भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान |
|---|---|
| खेल रत्न का नया नाम | अगस्त 2021, मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार |
| प्रथम खेल रत्न | विश्वनाथन आनंद, शतरंज, 1991–92 |
| प्रथम महिला खेल रत्न | कर्णम मल्लेश्वरी, भारोत्तोलन, 1994–95 |
| अर्जुन पुरस्कार की स्थापना | 1961; अर्जुन की कांस्य प्रतिमा |
| द्रोणाचार्य पुरस्कार की स्थापना | 1985; प्रशिक्षकों के लिए, नियमित और आजीवन श्रेणियाँ |
| ध्यानचंद पुरस्कार की स्थापना | 2002; खेल में आजीवन उपलब्धि के लिए |
| राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार | 2009; खेल को बढ़ावा देने वाली कंपनियों और संस्थाओं के लिए |
| मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी | 1956–57; अंतर-विश्वविद्यालय स्पर्धाओं का श्रेष्ठ विश्वविद्यालय |
| तेनजिंग नोर्गे पुरस्कार | 1994; थल, जल और वायु के साहसिक कार्यों के लिए |
| मंत्रालय | युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय; पुरस्कार राष्ट्रपति द्वारा प्रदान |
| राष्ट्रीय खेल दिवस | 29 अगस्त, मेजर ध्यानचंद की जयंती |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
खेल एवं क्रीड़ा 2021 के उत्कृष्ट प्रशिक्षकों के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार (नियमित श्रेणी) टेबल टेनिस विधा में किसे मिला?
- A.मनिका बत्रा
- B.साथियान ज्ञानसेकरन
- C.मौमा दास
- D.सुब्रमण्यन रमन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. सुब्रमण्यन रमन
व्याख्या
सही उत्तर D, सुब्रमण्यन रमन है। उन्हें टेबल टेनिस के लिए 2021 का द्रोणाचार्य पुरस्कार नियमित श्रेणी में मिला — वह पुरस्कार जो उन प्रशिक्षकों को दिया जाता है जिनके शिष्य ओलंपिक, एशियाई, राष्ट्रमंडल अथवा विश्व चैंपियनशिप स्तर पर पदक तक पहुँचते हैं। विकल्प A और B, मनिका बत्रा तथा साथियान ज्ञानसेकरन, खिलाड़ी हैं, प्रशिक्षक नहीं, और उन्हें यहाँ इसलिए रखा गया है कि दोनों उन्हीं वर्षों के भारत के प्रमुख टेबल टेनिस नाम हैं; मनिका बत्रा ने 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में एकल स्वर्ण जीता। विकल्प C, मौमा दास, भी खिलाड़ी हैं, लंबे समय की अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी, जिन्हें अर्जुन पुरस्कार मिला। अतः प्रश्न का आधार पुरस्कार का वर्ग है: द्रोणाचार्य प्रशिक्षकों के लिए, अर्जुन और खेल रत्न खिलाड़ियों के लिए — इसलिए किसी खिलाड़ी का नाम द्रोणाचार्य के प्रश्न का उत्तर नहीं हो सकता।
खेल रत्न पुरस्कार, जो अब मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कहलाता है, के प्रथम विजेता कौन थे?
- A.लिएंडर पेस
- B.विश्वनाथन आनंद
- C.सचिन तेंदुलकर
- D.कर्णम मल्लेश्वरी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विश्वनाथन आनंद
व्याख्या
सही उत्तर B, विश्वनाथन आनंद है। पुरस्कार 1991–92 में स्थापित हुआ और शतरंज के इस ग्रैंडमास्टर को वह उसी पहले वर्ष में मिला, और परीक्षा इसी तथ्य पर सर्वाधिक लौटती है। विकल्प D, कर्णम मल्लेश्वरी, से जुड़ा एक अन्य कीर्तिमान है: वे 1994–95 में खेल रत्न पाने वाली पहली महिला थीं, और जिन परीक्षार्थियों को एक कीर्तिमान स्मरण रहता है और दूसरा नहीं, वे यहीं फँसते हैं। विकल्प A, लिएंडर पेस, को यह पुरस्कार 1996–97 में मिला, अटलांटा ओलंपिक के कांस्य के अगले वर्ष। विकल्प C, सचिन तेंदुलकर, को 1997–98 में मिला। चारों वास्तविक विजेता हैं, अतः प्रश्न नामों की प्रसिद्धि से नहीं, वर्षों के क्रम से तय होता है — आनंद, मल्लेश्वरी, पेस, तेंदुलकर। यह भी ध्यान रखें कि एक ही वर्ष में एक से अधिक खिलाड़ियों को खेल रत्न मिल सकता है, इसलिए किसी वर्ष का प्रश्न एक नाम तक सीमित नहीं होता; परीक्षा में प्रथम विजेता और प्रथम महिला विजेता, दोनों समान रूप से पूछे जाते हैं।
अर्जुन पुरस्कार की स्थापना किस वर्ष हुई?
- A.1961
- B.1985
- C.1991
- D.2002
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1961
व्याख्या
सही उत्तर A, 1961 है। अर्जुन पुरस्कार राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों में सबसे पुराना है और किसी खिलाड़ी के पुरस्कार से पूर्व के चार वर्षों के निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन को सम्मानित करता है; विजेता को अर्जुन की कांस्य प्रतिमा, सम्मान पत्र और नकद राशि दी जाती है। विकल्प B, 1985, वह वर्ष है जब प्रशिक्षकों के लिए द्रोणाचार्य पुरस्कार आरंभ हुआ। विकल्प C, 1991, खेल रत्न की ओर संकेत करता है, जो 1991–92 में स्थापित हुआ और अब मेजर ध्यानचंद के नाम पर है। विकल्प D, 2002, खेल में आजीवन उपलब्धि के ध्यानचंद पुरस्कार का वर्ष है। अर्थात चारों वर्ष चार भिन्न पुरस्कारों के हैं, और जो परीक्षार्थी इन्हें एक क्रम में याद कर ले — 1961, 1985, 1991–92, 2002 — वह इस परिवार का कोई भी प्रश्न हल कर सकता है।
द्रोणाचार्य पुरस्कार निम्नलिखित में से किसे दिया जाता है?
- A.खेल में आजीवन योगदान के लिए खिलाड़ियों को
- B.श्रेष्ठ खेल प्रदर्शन वाले विश्वविद्यालयों को
- C.पदक विजेताओं को प्रशिक्षित करने वाले प्रशिक्षकों को
- D.खेल को बढ़ावा देने वाली कंपनियों को
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पदक विजेताओं को प्रशिक्षित करने वाले प्रशिक्षकों को
व्याख्या
सही उत्तर C, पदक विजेताओं को प्रशिक्षित करने वाले प्रशिक्षकों को है। 1985 में स्थापित द्रोणाचार्य पुरस्कार उन प्रशिक्षकों को सम्मानित करता है जिनके शिष्यों ने ओलंपिक, एशियाई या राष्ट्रमंडल खेलों अथवा विश्व चैंपियनशिप में पदक जीते हों, और यह दो श्रेणियों में दिया जाता है — नियमित तथा आजीवन। विकल्प A ध्यानचंद पुरस्कार का वर्णन करता है, जो 2002 में आजीवन उपलब्धि के लिए स्थापित हुआ और किसी खिलाड़ी के संन्यास के बाद के कार्य सहित पूरे योगदान को मान्यता देता है। विकल्प B मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी का वर्णन है, जो 1956–57 से है और इन सम्मानों में एकमात्र है जो शिक्षा संस्था को मिलता है। विकल्प D 2009 के राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार का वर्णन है। नाम स्वयं संकेत है, क्योंकि द्रोणाचार्य महाभारत में धनुर्विद्या के गुरु थे।
द्रोणाचार्य पुरस्कार की स्थापना किस वर्ष हुई?
- A.1961
- B.1975
- C.1981
- D.1985
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1985
व्याख्या
सही उत्तर D, 1985 है। द्रोणाचार्य पुरस्कार 1985 में आरंभ हुआ, अर्जुन पुरस्कार से चौबीस वर्ष बाद, और यह पहला राष्ट्रीय सम्मान था जो खिलाड़ियों के बजाय प्रशिक्षकों के लिए बना; आजीवन श्रेणी बाद में जोड़ी गई, जिससे प्रशिक्षण के दीर्घ कार्यकाल को हाल के कार्य से अलग मान्यता मिल सके। विकल्प A, 1961, अर्जुन पुरस्कार का वर्ष है। विकल्प B, 1975, और विकल्प C, 1981, वे वर्ष हैं जिनमें कोई राष्ट्रीय खेल पुरस्कार स्थापित नहीं हुआ और जो केवल विश्वसनीय दिखने वाली तिथियों से विकल्प सूची भरने के लिए रखे गए हैं। पूरे कैलेंडर का आकार देखें: मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी 1956–57, अर्जुन 1961, द्रोणाचार्य 1985, खेल रत्न 1991–92, तेनजिंग नोर्गे 1994, ध्यानचंद 2002 और राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2009। यह भी स्मरण रखें कि द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए प्रशिक्षक के शिष्यों का प्रदर्शन देखा जाता है, न कि प्रशिक्षक का अपना खेल कीर्तिमान — यही बात इसे अर्जुन पुरस्कार से मूल रूप से अलग करती है।
2021 में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम किसके नाम पर रखा गया?
- A.मिल्खा सिंह
- B.मेजर ध्यानचंद
- C.सरदार वल्लभभाई पटेल
- D.बलबीर सिंह सीनियर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मेजर ध्यानचंद
व्याख्या
सही उत्तर B, मेजर ध्यानचंद है। अगस्त 2021 में सरकार ने देश के सर्वोच्च खेल सम्मान का नाम मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया — उस हॉकी खिलाड़ी के नाम पर जिनकी टीमों ने 1928 के एम्स्टर्डम, 1932 के लॉस एंजिल्स और 1936 के बर्लिन ओलंपिक में स्वर्ण जीता। केवल नाम बदला; पात्रता, चयन समिति और प्रक्रिया पूर्ववत रहीं। विकल्प A, मिल्खा सिंह, वे धावक थे जो 1960 के रोम ओलंपिक की 400 मीटर दौड़ में चौथे स्थान पर रहे, परंतु उनके नाम पर कोई राष्ट्रीय पुरस्कार नहीं है। विकल्प C, सरदार वल्लभभाई पटेल, का नाम स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और उनके नाम के खेल परिसर से जुड़ा है, इस पुरस्कार से नहीं। विकल्प D, बलबीर सिंह सीनियर, महान हॉकी सेंटर फॉरवर्ड और तीन ओलंपिक स्वर्ण विजेता थे, परंतु पुरस्कार उनका नाम नहीं धारण करता।
भारत में राष्ट्रीय खेल दिवस 29 अगस्त को मनाया जाता है, जो किसकी जयंती है?
- A.मेजर ध्यानचंद
- B.मिल्खा सिंह
- C.बलबीर सिंह सीनियर
- D.के. डी. जाधव
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मेजर ध्यानचंद
व्याख्या
सही उत्तर A, मेजर ध्यानचंद है। उनका जन्म 29 अगस्त 1905 को हुआ, और भारत 2012 से इस तिथि को राष्ट्रीय खेल दिवस मनाता है; राष्ट्रीय खेल पुरस्कार इसी दिवस से जुड़े हैं और राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं। ध्यानचंद को 1956 में पद्म भूषण मिला, और खेल रत्न तथा आजीवन उपलब्धि का ध्यानचंद पुरस्कार, दोनों अब उनका नाम धारण करते हैं। विकल्प B, मिल्खा सिंह, जिन्हें फ्लाइंग सिख कहा जाता है, का जन्म किसी अन्य मास में हुआ और उनके नाम पर कोई राष्ट्रीय दिवस नहीं है। विकल्प C, बलबीर सिंह सीनियर, ने तीन बार ओलंपिक हॉकी स्वर्ण जीता, परंतु दिवस उनके नाम पर नहीं है। विकल्प D, के. डी. जाधव, स्वतंत्रता के बाद भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक पदक विजेता थे, जिन्होंने 1952 के हेलसिंकी ओलंपिक में कुश्ती का कांस्य जीता।
2002 में स्थापित कौन-सा राष्ट्रीय खेल पुरस्कार खेल में आजीवन उपलब्धि के लिए दिया जाता है?
- A.अर्जुन पुरस्कार
- B.राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार
- C.ध्यानचंद पुरस्कार
- D.मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ध्यानचंद पुरस्कार
व्याख्या
सही उत्तर C, ध्यानचंद पुरस्कार है। 2002 में स्थापित यह पुरस्कार खिलाड़ियों को उनके खेल में पूरे योगदान के लिए सम्मानित करता है, जिसमें खेल छोड़ने के बाद किया गया कार्य भी सम्मिलित है — और यही इसे हाल के प्रदर्शन पर दिए जाने वाले पुरस्कारों से अलग करता है। विकल्प A, 1961 का अर्जुन पुरस्कार, पूर्ववर्ती चार वर्षों के निरंतर उत्कृष्ट खेल के लिए है, आजीवन योगदान के लिए नहीं। विकल्प B, 2009 का राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार, व्यक्तियों के बजाय कंपनियों, खेल नियंत्रण बोर्डों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं को मिलता है। विकल्प D, 1956–57 की मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी, विश्वविद्यालय को मिलती है। ऐसे प्रश्न में आजीवन और व्यक्ति — इन दो शब्दों को साथ पढ़ें, क्योंकि वे प्रत्येक बार ध्यानचंद पुरस्कार की ओर ले जाते हैं।
मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी किसे प्रदान की जाती है?
- A.वर्ष के श्रेष्ठ प्रशिक्षक को
- B.राष्ट्रीय खेलों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य को
- C.खेल को सर्वाधिक बढ़ावा देने वाली कंपनी को
- D.अंतर-विश्वविद्यालय स्पर्धाओं में समग्र रूप से श्रेष्ठ विश्वविद्यालय को
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अंतर-विश्वविद्यालय स्पर्धाओं में समग्र रूप से श्रेष्ठ विश्वविद्यालय को
व्याख्या
सही उत्तर D, अंतर-विश्वविद्यालय स्पर्धाओं में समग्र रूप से श्रेष्ठ विश्वविद्यालय को है। 1956–57 में स्थापित और स्वतंत्र भारत के पहले शिक्षा मंत्री के नाम पर रखी गई यह ट्रॉफी राष्ट्रीय खेल सम्मानों में सबसे पुरानी है और एकमात्र जो विश्वविद्यालय को मिलती है — इसी कारण यह परीक्षा का प्रिय प्रश्न है। विकल्प A, श्रेष्ठ प्रशिक्षक, 1985 का द्रोणाचार्य पुरस्कार है। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय खेलों के लिए किसी राज्य को कोई राष्ट्रीय खेल पुरस्कार नहीं दिया जाता, यद्यपि पदक तालिका में राज्यों का क्रम बनता है। विकल्प C 2009 के राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार का वर्णन है, जो खेल को सहयोग देने वाली कंपनियों और स्वयंसेवी संस्थाओं को सम्मानित करता है। प्रत्येक सम्मान के विजेता को वर्ग के रूप में याद रखें — खिलाड़ी, प्रशिक्षक, संस्था, विश्वविद्यालय।
खेल रत्न पुरस्कार पाने वाली पहली महिला कौन थीं?
- A.कर्णम मल्लेश्वरी
- B.पी. टी. उषा
- C.कुंजरानी देवी
- D.मैरी कॉम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कर्णम मल्लेश्वरी
व्याख्या
सही उत्तर A, कर्णम मल्लेश्वरी है। इस भारोत्तोलक को 1994–95 में खेल रत्न मिला और वे यह सम्मान पाने वाली पहली महिला बनीं; आगे उन्होंने 2000 के सिडनी ओलंपिक में कांस्य जीता, जो किसी भारतीय महिला का पहला ओलंपिक पदक था। विकल्प B, पी. टी. उषा, वे धाविका हैं जो 1984 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पदक से तनिक चूक गईं और जिन्हें अर्जुन पुरस्कार तथा पद्म श्री मिला, परंतु खेल रत्न नहीं। विकल्प C, कुंजरानी देवी, उत्कृष्ट रिकॉर्ड वाली एक अन्य भारोत्तोलक, को खेल रत्न बाद में मिला, 1995–96 में। विकल्प D, मुक्केबाज़ मैरी कॉम, को यह 2009 में मिला। प्रश्न इन नामों का क्रम जाँचता है, अतः मल्लेश्वरी को पुरस्कार के चौथे वर्ष की पहली महिला विजेता के रूप में याद रखें। इसी क्रम में यह भी याद रखें कि खेल रत्न किसी एक वर्ष में एक से अधिक खिलाड़ियों को दिया जा सकता है, इसलिए प्रथम और प्रथम महिला विजेता के प्रश्न अलग-अलग पूछे जाते हैं।
2009 में स्थापित राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार किसे दिया जाता है?
- A.उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए व्यक्तिगत खिलाड़ियों को
- B.आजीवन श्रेणी के प्रशिक्षकों को
- C.खेल को बढ़ावा देने वाली कंपनियों, खेल नियंत्रण बोर्डों और स्वयंसेवी संस्थाओं को
- D.विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. खेल को बढ़ावा देने वाली कंपनियों, खेल नियंत्रण बोर्डों और स्वयंसेवी संस्थाओं को
व्याख्या
सही उत्तर C, खेल को बढ़ावा देने वाली कंपनियों, खेल नियंत्रण बोर्डों और स्वयंसेवी संस्थाओं को है। 2009 में स्थापित यह पुरस्कार खेलने वालों के बजाय खेल खड़ा करने वाली संस्थाओं को मान्यता देता है — जैसे युवा प्रतिभा की पहचान और उसका पोषण, खिलाड़ियों को रोज़गार देना तथा खेल अधोसंरचना का विकास। विकल्प A गलत है, क्योंकि व्यक्तिगत प्रदर्शन अर्जुन पुरस्कार और खेल रत्न से सम्मानित होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रशिक्षकों को — नियमित और आजीवन, दोनों श्रेणियों में — 1985 का द्रोणाचार्य पुरस्कार मिलता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विश्वविद्यालय के लिए सम्मान 1956–57 की मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी है। प्रोत्साहन शब्द ही संकेत है, क्योंकि यह पुरस्कार उन्हें मिलता है जो मैदान के बाहर से खेल को प्रोत्साहित करते हैं।
भारत के राष्ट्रीय खेल पुरस्कार किसके द्वारा प्रदान किए जाते हैं?
- A.भारत के प्रधानमंत्री
- B.भारत के राष्ट्रपति
- C.केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री
- D.भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. भारत के राष्ट्रपति
व्याख्या
सही उत्तर B, भारत के राष्ट्रपति है। पुरस्कार राष्ट्रपति भवन के समारोह में प्रदान किए जाते हैं, और विजेता को पदक या प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र या सम्मान पत्र तथा नकद राशि राष्ट्रपति से मिलती है। विकल्प C, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री, उस मंत्रालय के प्रमुख हैं जो योजनाओं का संचालन करता है, आवेदन आमंत्रित करता है और नामों की घोषणा करता है, परंतु पुरस्कार प्रदान नहीं करता। विकल्प A, प्रधानमंत्री, की इन्हें प्रदान करने में कोई भूमिका नहीं है, यद्यपि 2021 में खेल रत्न के नाम परिवर्तन जैसे निर्णय की घोषणा तत्कालीन सरकार ने की। विकल्प D, भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष, उस निकाय के प्रमुख हैं जो भारतीय दल ओलंपिक और एशियाई खेलों में भेजता है और इस प्रक्रिया का अंग नहीं है। चयन स्वयं सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत का सर्वोच्च खेल पुरस्कार कौन-सा है?
मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार, जिसकी स्थापना 1991–92 में हुई। यह पुरस्कार से पूर्व के चार वर्षों में खेल के सर्वाधिक उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है और अगस्त 2021 तक इसे राजीव गांधी खेल रत्न कहा जाता था।
खेल रत्न पुरस्कार के प्रथम विजेता कौन थे?
शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद, 1991–92 में, जो पुरस्कार का पहला वर्ष था। भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी 1994–95 में इसे पाने वाली पहली महिला बनीं।
अर्जुन पुरस्कार और द्रोणाचार्य पुरस्कार में क्या अंतर है?
अर्जुन पुरस्कार, 1961 से, किसी खिलाड़ी के निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन को सम्मानित करता है। द्रोणाचार्य पुरस्कार, 1985 से, उस प्रशिक्षक को मिलता है जिसके शिष्यों ने उच्चतम स्तर पर पदक जीते हों, और उसकी नियमित तथा आजीवन श्रेणियाँ हैं।
2021 में खेल रत्न का नाम क्यों बदला गया?
सरकार ने अगस्त 2021 में इसका नाम मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा, जिनकी हॉकी टीमों ने 1928, 1932 और 1936 में ओलंपिक स्वर्ण जीता। केवल नाम बदला; पात्रता और प्रक्रिया पूर्ववत रहीं।
कौन-सा पुरस्कार व्यक्ति के बजाय विश्वविद्यालय को मिलता है?
मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी, जिसकी स्थापना 1956–57 में हुई, और जो उस विश्वविद्यालय को मिलती है जिसका वर्ष की अंतर-विश्वविद्यालय स्पर्धाओं में समग्र प्रदर्शन श्रेष्ठ रहा हो।
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार किस दिवस से जुड़े हैं?
वे राष्ट्रीय खेल दिवस, 29 अगस्त, से जुड़े हैं, जो मेजर ध्यानचंद की जयंती है, और राष्ट्रपति भवन में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किए जाते हैं।
स्रोत
- राष्ट्रीय खेल पुरस्कार: योजनाएँ, पात्रता और श्रेणियाँ — युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार
- भारत का राष्ट्रीय पोर्टल: पुरस्कार और सम्मान — भारत सरकार





