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GK क्विजराजस्थान

राजस्थान क्विज: भाषा, साहित्य और बोलियां

  • 11 प्रश्न
  • 11 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

राजस्थान के अंतर्गत "भाषा, साहित्य और बोलियां" विषय पर यह क्विज़ 11 बहुविकल्पीय प्रश्न रखता है, जो GK24 के इसी विषय के नोट्स के साथ प्रकाशित सत्यापित प्रश्न हैं। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और शेष विकल्पों के गलत होने की पूरी व्याख्या दी गई है, ताकि आप केवल उत्तर याद न करें बल्कि उसके पीछे का तथ्य समझें। नोट्स पढ़ने के तुरंत बाद इसे हल करें, निर्धारित समय का पालन करें, और अंत में व्याख्याएं पढ़कर कमजोर बिंदु चिह्नित करें। परीक्षा से पहले दोहराव के लिए इसे दोबारा दें।

इस क्विज के प्रश्न

11 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.राजस्थानमध्यम

भारतीय भाषा सर्वेक्षण में इस क्षेत्र की भाषा के लिए राजस्थानी नाम को प्रचलन किसने दिया?

  1. A.जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन
  2. B.जेम्स टॉड
  3. C.गौरीशंकर हीराचंद ओझा
  4. D.सुनीति कुमार चटर्जी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन

उन्होंने अपने भारतीय भाषा सर्वेक्षण में 1912 में इस क्षेत्र की बोलियों के समूह के लिए राजस्थानी नाम प्रयोग किया और उसकी बोलियों का वर्गीकरण किया, जिससे मरुभाषा तथा मरु गुर्जर जैसे पुराने नाम पीछे छूट गए।

Q2.राजस्थानआसान

राजस्थानी की वागड़ी बोली मुख्यतः किन जिलों में बोली जाती है?

  1. A.सीकर और झुंझुनूं
  2. B.डूंगरपुर और बांसवाड़ा
  3. C.अलवर और भरतपुर
  4. D.कोटा और बूंदी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डूंगरपुर और बांसवाड़ा

राजस्थान के सुदूर दक्षिण में इन दोनों जिलों से बने क्षेत्र को वागड़ कहा जाता है और वहां की भील जनसंख्या वागड़ी बोलती है, जिसमें सीमावर्ती स्थिति के कारण राजस्थानी तथा गुजराती, दोनों के लक्षण मिलते हैं।

Q3.राजस्थानआसान

हाड़ौती, जिसे हरौती भी कहा जाता है, किन जिलों की बोली है?

  1. A.जैसलमेर और बाड़मेर
  2. B.कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़
  3. C.उदयपुर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़
  4. D.श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़

दक्षिण पूर्व के ये चार जिले हाड़ा चौहानों का क्षेत्र थे, जिससे इस अंचल को हाड़ौती और बोली को हाड़ौती अथवा हरौती नाम मिला।

Q4.राजस्थानआसान

राजस्थानी की सर्वाधिक बोली जाने वाली बोली कौन सी है?

  1. A.मेवाड़ी
  2. B.ढूंढाड़ी
  3. C.मारवाड़ी
  4. D.मेवाती
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मारवाड़ी

यह जोधपुर, पाली, नागौर, बाड़मेर तथा जालोर की, अर्थात राज्य के सबसे बड़े क्षेत्र की बोली है और चारण कवियों का डिंगल काव्य इसी में रचा गया; मारवाड़ के व्यापारी समुदाय इसे देश भर में साथ ले गए।

Q5.राजस्थानमध्यम

राजस्थानी काव्य की डिंगल शैली किस कवि वर्ग से जुड़ी है?

  1. A.पूर्वी राजस्थान के भाट कवि
  2. B.पश्चिमी राजस्थान के चारण कवि
  3. C.जालोर के जैन विद्वान
  4. D.मेवाड़ के दरबारी चित्रकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पश्चिमी राजस्थान के चारण कवि

डिंगल मारवाड़ी पर आधारित साहित्यिक शैली है और चारणों ने इसका प्रयोग युद्ध, आन तथा आत्मबलिदान के वीर काव्य के लिए किया, जो ऊंचे गूंजते छंद में गाया जाता है; पृथ्वीराज राठौड़ की वेलि क्रिसन रुकमणी री इसका प्रसिद्ध उदाहरण है।

Q6.राजस्थानकठिन

डिंगल की प्रसिद्ध कृति वेलि क्रिसन रुकमणी री के रचनाकार हैं

  1. A.चंद बरदाई
  2. B.पृथ्वीराज राठौड़
  3. C.नरपति नाल्ह
  4. D.सूर्यमल्ल मिश्रण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पृथ्वीराज राठौड़

सही उत्तर है B, पृथ्वीराज राठौड़, बीकानेर राजवंश के राजकुमार, जिन्हें परंपरा में पीथल कहा जाता है और जिन्होंने कृष्ण तथा रुक्मिणी की कथा डिंगल छंद में कही; यह काव्य भाषा की श्रेष्ठ कृतियों में गिना जाता है और डिंगल के प्रतिनिधि ग्रंथ के रूप में सर्वाधिक उद्धृत होता है।

Q7.राजस्थानआसान

राजस्थान से जुड़ी सर्वाधिक प्रसिद्ध रासो कृति पृथ्वीराज रासो की रचना किसने की?

  1. A.चंद बरदाई
  2. B.पद्मनाभ
  3. C.जयानक
  4. D.मुहणोत नैणसी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चंद बरदाई

सही उत्तर है A, चंद बरदाई, जिन्हें पृथ्वीराज चौहान का दरबारी कवि और पृथ्वीराज रासो का रचनाकार माना जाता है; इस दीर्घ वीर काव्य ने रासो शैली को प्रसिद्ध किया, यद्यपि इतिहासकार उसके अनेक विवरणों और तिथियों को सावधानी से लेते हैं, क्योंकि पाठ में बाद में भी जोड़ होते…

Q8.राजस्थानकठिन

वंश भास्कर तथा वीर सतसई की रचना बूंदी दरबार के किस कवि ने की?

  1. A.दलपत विजय
  2. B.सूर्यमल्ल मिश्रण
  3. C.कविराजा बांकीदास
  4. D.केसोदास गाडण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सूर्यमल्ल मिश्रण

वे उन्नीसवीं शताब्दी में बूंदी दरबार में थे और उन्होंने वंश भास्कर लिखा, जो हाड़ा शासकों का पद्य में विस्तृत इतिहास है, तथा वीर सतसई लिखी, जिसके सात सौ छंद वीर भावना से भरे हैं और 1857 के विद्रोह के काल में बहुत सुनाए गए।

Q9.राजस्थानमध्यम

राजस्थान का अबुल फजल कहे जाने वाले मुहणोत नैणसी किस कृति के लिए जाने जाते हैं?

  1. A.मारवाड़ रा परगना री विगत
  2. B.कान्हड़दे प्रबंध
  3. C.बातां री फुलवारी
  4. D.धरती धोरां री
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मारवाड़ रा परगना री विगत

नैणसी सत्रहवीं शताब्दी में मारवाड़ के महाराजा जसवंत सिंह के मंत्री थे और नैणसी री ख्यात के अतिरिक्त उन्होंने मारवाड़ के परगनों का यह परगनेवार अभिलेख संकलित किया, जिसमें गांव, राजस्व तथा कुलों का विवरण है, इसी कारण उन्हें राजस्थान का अबुल फजल और राजस्थानी का पहला इतिहासकार कहा जाता…

Q10.राजस्थानमध्यम

राजस्थानी लोककथाओं का विशाल संग्रह बातां री फुलवारी किसने संकलित किया?

  1. A.कोमल कोठारी
  2. B.विजयदान देथा
  3. C.चंद्र प्रकाश देवल
  4. D.कन्हैयालाल सेठिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. विजयदान देथा

सही उत्तर है B, विजयदान देथा, जिन्हें प्रायः बिज्जी कहा जाता है और जिन्होंने जोधपुर जिले के बोरुंदा में जीवन भर गांवों की मौखिक कथाएं एकत्र कीं तथा उन्हें राजस्थानी में बातां री फुलवारी के अनेक खंडों में फिर से कहा; उनकी कई कथाएं प्रसिद्ध हिंदी फिल्में बनीं।

Q11.राजस्थानमध्यम

राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी किस नगर में स्थित है?

  1. A.उदयपुर
  2. B.जयपुर
  3. C.बीकानेर
  4. D.जोधपुर
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सही उत्तर: C. बीकानेर

राजस्थानी भाषा, उसके साहित्य तथा संस्कृति की यह अकादमी बीकानेर से कार्य करती है, राजस्थानी में ग्रंथ प्रकाशित करती है और भाषा के रचनाकारों को सम्मानित करती है।

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