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GK24
राजस्थानमध्यम

राजस्थान का अबुल फजल कहे जाने वाले मुहणोत नैणसी किस कृति के लिए जाने जाते हैं?

  1. A.मारवाड़ रा परगना री विगत
  2. B.कान्हड़दे प्रबंध
  3. C.बातां री फुलवारी
  4. D.धरती धोरां री

सही उत्तर

A. मारवाड़ रा परगना री विगत

व्याख्या

सही उत्तर है A, मारवाड़ रा परगना री विगत। नैणसी सत्रहवीं शताब्दी में मारवाड़ के महाराजा जसवंत सिंह के मंत्री थे और नैणसी री ख्यात के अतिरिक्त उन्होंने मारवाड़ के परगनों का यह परगनेवार अभिलेख संकलित किया, जिसमें गांव, राजस्व तथा कुलों का विवरण है, इसी कारण उन्हें राजस्थान का अबुल फजल और राजस्थानी का पहला इतिहासकार कहा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1455 का कान्हड़दे प्रबंध पद्मनाभ ने लिखा। विकल्प C गलत है, क्योंकि बातां री फुलवारी विजयदान देथा का लोककथा संग्रह है। विकल्प D गलत है, क्योंकि धरती धोरां री कन्हैयालाल सेठिया की आधुनिक कविता है। अबुल फजल से तुलना इसलिए की जाती है कि आइन ए अकबरी भी ऐसा ही आंकड़ों का अभिलेख है। आइन ए अकबरी की भांति यह ग्रंथ भी गांव, राजस्व और जनसंख्या के आंकड़े देता है, इसीलिए इतिहासकार उसे मध्यकालीन मारवाड़ का प्रामाणिक स्रोत मानते हैं।

पूरा लेख पढ़ें: राजस्थानी भाषा, बोलियां और साहित्य: परीक्षा नोट्स

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Q1.राजस्थानमध्यम

भारतीय भाषा सर्वेक्षण में इस क्षेत्र की भाषा के लिए राजस्थानी नाम को प्रचलन किसने दिया?

  1. A.जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन
  2. B.जेम्स टॉड
  3. C.गौरीशंकर हीराचंद ओझा
  4. D.सुनीति कुमार चटर्जी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन

उन्होंने अपने भारतीय भाषा सर्वेक्षण में 1912 में इस क्षेत्र की बोलियों के समूह के लिए राजस्थानी नाम प्रयोग किया और उसकी बोलियों का वर्गीकरण किया, जिससे मरुभाषा तथा मरु गुर्जर जैसे पुराने नाम पीछे छूट गए।

Q2.राजस्थानआसान

राजस्थानी की वागड़ी बोली मुख्यतः किन जिलों में बोली जाती है?

  1. A.सीकर और झुंझुनूं
  2. B.डूंगरपुर और बांसवाड़ा
  3. C.अलवर और भरतपुर
  4. D.कोटा और बूंदी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डूंगरपुर और बांसवाड़ा

राजस्थान के सुदूर दक्षिण में इन दोनों जिलों से बने क्षेत्र को वागड़ कहा जाता है और वहां की भील जनसंख्या वागड़ी बोलती है, जिसमें सीमावर्ती स्थिति के कारण राजस्थानी तथा गुजराती, दोनों के लक्षण मिलते हैं।

Q3.राजस्थानआसान

हाड़ौती, जिसे हरौती भी कहा जाता है, किन जिलों की बोली है?

  1. A.जैसलमेर और बाड़मेर
  2. B.कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़
  3. C.उदयपुर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़
  4. D.श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़

दक्षिण पूर्व के ये चार जिले हाड़ा चौहानों का क्षेत्र थे, जिससे इस अंचल को हाड़ौती और बोली को हाड़ौती अथवा हरौती नाम मिला।

Q4.राजस्थानआसान

राजस्थानी की सर्वाधिक बोली जाने वाली बोली कौन सी है?

  1. A.मेवाड़ी
  2. B.ढूंढाड़ी
  3. C.मारवाड़ी
  4. D.मेवाती
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मारवाड़ी

यह जोधपुर, पाली, नागौर, बाड़मेर तथा जालोर की, अर्थात राज्य के सबसे बड़े क्षेत्र की बोली है और चारण कवियों का डिंगल काव्य इसी में रचा गया; मारवाड़ के व्यापारी समुदाय इसे देश भर में साथ ले गए।

Q5.राजस्थानमध्यम

राजस्थानी काव्य की डिंगल शैली किस कवि वर्ग से जुड़ी है?

  1. A.पूर्वी राजस्थान के भाट कवि
  2. B.पश्चिमी राजस्थान के चारण कवि
  3. C.जालोर के जैन विद्वान
  4. D.मेवाड़ के दरबारी चित्रकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पश्चिमी राजस्थान के चारण कवि

डिंगल मारवाड़ी पर आधारित साहित्यिक शैली है और चारणों ने इसका प्रयोग युद्ध, आन तथा आत्मबलिदान के वीर काव्य के लिए किया, जो ऊंचे गूंजते छंद में गाया जाता है; पृथ्वीराज राठौड़ की वेलि क्रिसन रुकमणी री इसका प्रसिद्ध उदाहरण है।