मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
राजस्थानआसान

राजस्थानी की सर्वाधिक बोली जाने वाली बोली कौन सी है?

  1. A.मेवाड़ी
  2. B.ढूंढाड़ी
  3. C.मारवाड़ी
  4. D.मेवाती

सही उत्तर

C. मारवाड़ी

व्याख्या

सही उत्तर है C, मारवाड़ी। यह जोधपुर, पाली, नागौर, बाड़मेर तथा जालोर की, अर्थात राज्य के सबसे बड़े क्षेत्र की बोली है और चारण कवियों का डिंगल काव्य इसी में रचा गया; मारवाड़ के व्यापारी समुदाय इसे देश भर में साथ ले गए। विकल्प A गलत है, क्योंकि मेवाड़ी, जो उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद की बोली है, छोटे क्षेत्र में फैली है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ढूंढाड़ी, जिसे जयपुरी भी कहते हैं, जयपुर, दौसा, टोंक तथा अजमेर के कुछ भाग की बोली है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मेवाती उत्तर पूर्व में अलवर और भरतपुर तक सीमित है। परीक्षा के लिए मारवाड़ी को राजस्थानी का मानक साहित्यिक रूप और डिंगल को उस पर आधारित काव्य शैली के रूप में स्मरण रखिए। अलवर और भरतपुर की मेवाती शेष बोलियों से इसलिए अलग पड़ती है कि उसमें पड़ोसी क्षेत्रों की हरियाणवी तथा ब्रज भाषा के लक्षण मिलते हैं।

पूरा लेख पढ़ें: राजस्थानी भाषा, बोलियां और साहित्य: परीक्षा नोट्स

सभी देखें
Q1.राजस्थानमध्यम

भारतीय भाषा सर्वेक्षण में इस क्षेत्र की भाषा के लिए राजस्थानी नाम को प्रचलन किसने दिया?

  1. A.जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन
  2. B.जेम्स टॉड
  3. C.गौरीशंकर हीराचंद ओझा
  4. D.सुनीति कुमार चटर्जी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन

उन्होंने अपने भारतीय भाषा सर्वेक्षण में 1912 में इस क्षेत्र की बोलियों के समूह के लिए राजस्थानी नाम प्रयोग किया और उसकी बोलियों का वर्गीकरण किया, जिससे मरुभाषा तथा मरु गुर्जर जैसे पुराने नाम पीछे छूट गए।

Q2.राजस्थानआसान

राजस्थानी की वागड़ी बोली मुख्यतः किन जिलों में बोली जाती है?

  1. A.सीकर और झुंझुनूं
  2. B.डूंगरपुर और बांसवाड़ा
  3. C.अलवर और भरतपुर
  4. D.कोटा और बूंदी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डूंगरपुर और बांसवाड़ा

राजस्थान के सुदूर दक्षिण में इन दोनों जिलों से बने क्षेत्र को वागड़ कहा जाता है और वहां की भील जनसंख्या वागड़ी बोलती है, जिसमें सीमावर्ती स्थिति के कारण राजस्थानी तथा गुजराती, दोनों के लक्षण मिलते हैं।

Q3.राजस्थानआसान

हाड़ौती, जिसे हरौती भी कहा जाता है, किन जिलों की बोली है?

  1. A.जैसलमेर और बाड़मेर
  2. B.कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़
  3. C.उदयपुर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़
  4. D.श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़

दक्षिण पूर्व के ये चार जिले हाड़ा चौहानों का क्षेत्र थे, जिससे इस अंचल को हाड़ौती और बोली को हाड़ौती अथवा हरौती नाम मिला।

Q4.राजस्थानमध्यम

राजस्थानी काव्य की डिंगल शैली किस कवि वर्ग से जुड़ी है?

  1. A.पूर्वी राजस्थान के भाट कवि
  2. B.पश्चिमी राजस्थान के चारण कवि
  3. C.जालोर के जैन विद्वान
  4. D.मेवाड़ के दरबारी चित्रकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पश्चिमी राजस्थान के चारण कवि

डिंगल मारवाड़ी पर आधारित साहित्यिक शैली है और चारणों ने इसका प्रयोग युद्ध, आन तथा आत्मबलिदान के वीर काव्य के लिए किया, जो ऊंचे गूंजते छंद में गाया जाता है; पृथ्वीराज राठौड़ की वेलि क्रिसन रुकमणी री इसका प्रसिद्ध उदाहरण है।

Q5.राजस्थानकठिन

डिंगल की प्रसिद्ध कृति वेलि क्रिसन रुकमणी री के रचनाकार हैं

  1. A.चंद बरदाई
  2. B.पृथ्वीराज राठौड़
  3. C.नरपति नाल्ह
  4. D.सूर्यमल्ल मिश्रण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पृथ्वीराज राठौड़

सही उत्तर है B, पृथ्वीराज राठौड़, बीकानेर राजवंश के राजकुमार, जिन्हें परंपरा में पीथल कहा जाता है और जिन्होंने कृष्ण तथा रुक्मिणी की कथा डिंगल छंद में कही; यह काव्य भाषा की श्रेष्ठ कृतियों में गिना जाता है और डिंगल के प्रतिनिधि ग्रंथ के रूप में सर्वाधिक उद्धृत होता है।