भारत के संविधान के भाग IV में निहित उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. वे न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय होंगे। 2. वे किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे। 3. इस भाग में निर्धारित सिद्धांत राज्य द्वारा विधि-निर्माण को प्रभावित करने के लिए हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 2 और 3
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है D, केवल 2 और 3। भाग IV में राज्य के नीति निदेशक तत्व हैं, जिन्हें कोई न्यायालय लागू नहीं करा सकता, पर विधि बनाते समय राज्य को इन्हें लागू करना होता है।
अनुच्छेद 37 कहता है कि भाग IV के उपबंध किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे, फिर भी इनमें दिए गए सिद्धांत देश के शासन में मूलभूत हैं और विधि बनाने में इन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा। नीति निदेशक तत्व अनुच्छेद 36 से 51 तक हैं और आयरलैंड के संविधान से प्रेरित हैं। इनमें समान कार्य के लिए समान वेतन, समान नागरिक संहिता, ग्राम पंचायतों का गठन, न्यायपालिका का कार्यपालिका से पृथक्करण और अंतरराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना शामिल हैं।
A गलत है: नीति निदेशक तत्व वाद-योग्य नहीं हैं, इसलिए कथन 1 असत्य है।
B गलत है: इसमें कथन 3 छूट जाता है, जो भी सही है।
C गलत है: इसमें असत्य कथन 1 शामिल है और कथन 2 छूट जाता है।
परीक्षा टिप: भाग III के मौलिक अधिकार वाद-योग्य हैं; भाग IV के नीति निदेशक तत्व (अनुच्छेद 36-51) वाद-योग्य नहीं, पर शासन में मूलभूत हैं (अनुच्छेद 37)।