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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 56

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 56) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 12 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: राज्य के नीति निदेशक तत्व, लोकपाल, केंद्रीय सतर्कता आयोग और सीबीआई, संविधान की अनुसूचियां और अन्य। इनमें से 6 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2020, GS Paper Iआसान

भारत के संविधान के भाग IV में निहित उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. वे न्यायालयों द्वारा प्रवर्तनीय होंगे। 2. वे किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे। 3. इस भाग में निर्धारित सिद्धांत राज्य द्वारा विधि-निर्माण को प्रभावित करने के लिए हैं। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.केवल 1 और 3
  4. D.केवल 2 और 3
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है D, केवल 2 और 3। भाग IV में राज्य के नीति निदेशक तत्व हैं, जिन्हें कोई न्यायालय लागू नहीं करा सकता, पर विधि बनाते समय राज्य को इन्हें लागू करना होता है।

अनुच्छेद 37 कहता है कि भाग IV के उपबंध किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होंगे, फिर भी इनमें दिए गए सिद्धांत देश के शासन में मूलभूत हैं और विधि बनाने में इन्हें लागू करना राज्य का कर्तव्य होगा। नीति निदेशक तत्व अनुच्छेद 36 से 51 तक हैं और आयरलैंड के संविधान से प्रेरित हैं। इनमें समान कार्य के लिए समान वेतन, समान नागरिक संहिता, ग्राम पंचायतों का गठन, न्यायपालिका का कार्यपालिका से पृथक्करण और अंतरराष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना शामिल हैं।

A गलत है: नीति निदेशक तत्व वाद-योग्य नहीं हैं, इसलिए कथन 1 असत्य है।

B गलत है: इसमें कथन 3 छूट जाता है, जो भी सही है।

C गलत है: इसमें असत्य कथन 1 शामिल है और कथन 2 छूट जाता है।

परीक्षा टिप: भाग III के मौलिक अधिकार वाद-योग्य हैं; भाग IV के नीति निदेशक तत्व (अनुच्छेद 36-51) वाद-योग्य नहीं, पर शासन में मूलभूत हैं (अनुच्छेद 37)।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · CAPF 2017, Paper Iआसान

केंद्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग
  2. B.गोरवाला समिति
  3. C.कृपलानी समिति
  4. D.संथानम समिति
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. संथानम समिति

व्याख्या

सही उत्तर है D, संथानम समिति। केंद्रीय सतर्कता आयोग 1964 में एक सरकारी संकल्प द्वारा बनाया गया, के. संथानम की अध्यक्षता वाली भ्रष्टाचार निवारण समिति की सलाह पर।

संथानम समिति ने 1962 से 1964 तक काम किया और केंद्र सरकार के कार्यालयों में सतर्कता की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र संस्था की सिफारिश की। CVC पहले कार्यकारी संस्था थी; इसे 1998 में अध्यादेश से और फिर केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 से वैधानिक दर्जा मिला। इसमें एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और अधिकतम दो सतर्कता आयुक्त होते हैं, जिन्हें राष्ट्रपति प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता की समिति की सलाह पर नियुक्त करते हैं।

A गलत है: 1966 के प्रथम प्रशासनिक सुधार आयोग ने लोकपाल और लोकायुक्त की सिफारिश की थी, CVC की नहीं।

B गलत है: 1951 की गोरवाला रिपोर्ट सामान्य लोक प्रशासन से संबंधित थी।

C गलत है: 1949 की कृपलानी समिति ने रेलवे के कामकाज की जाँच की थी।

परीक्षा टिप: संथानम समिति → CVC (1964) और CBI (1963) भी।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS-II 2025, GKआसान

निम्नलिखित में से कौन-सी भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध नहीं है?

  1. A.मणिपुरी
  2. B.गोंडी
  3. C.नेपाली
  4. D.डोगरी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गोंडी

व्याख्या

सही उत्तर है B, गोंडी। मध्य भारत के गोंड जनजातीय समुदाय की भाषा गोंडी को अब तक आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है।

आठवीं अनुसूची में संविधान द्वारा मान्य भाषाएँ दर्ज हैं, और अनुच्छेद 344 तथा 351 इसे हिंदी के विकास से जोड़ते हैं। मूल संविधान में 14 भाषाएँ थीं। 1967 में 21वें संशोधन से सिंधी, 1992 में 71वें संशोधन से कोंकणी, मणिपुरी और नेपाली, तथा 2003 में 92वें संशोधन से बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली जोड़ी गईं, जिससे कुल संख्या 22 हो गई। संथाली अपनी ओल चिकी लिपि वाली जनजातीय भाषा है, जबकि गोंडी को शामिल करने की माँग लंबे समय से है।

A गलत है: मणिपुरी (मैतेई) 1992 के 71वें संशोधन से जोड़ी गई।

C गलत है: नेपाली भी 1992 के 71वें संशोधन से ही जोड़ी गई।

D गलत है: जम्मू क्षेत्र की भाषा डोगरी 2003 के 92वें संशोधन से जोड़ी गई।

परीक्षा टिप: 71वाँ संशोधन (1992) = कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली; 92वाँ संशोधन (2003) = बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

लोक सभा में सांकेतिक कटौती प्रस्ताव में अनुदान मांग की राशि के बारे में क्या प्रार्थना की जाती है?

  1. A.उसे घटाकर एक रुपया कर दिया जाए
  2. B.उसे सौ रुपये से घटा दिया जाए
  3. C.मितव्ययिता के हित में उसे एक निश्चित रकम से घटा दिया जाए
  4. D.उसे पूरी तरह वापस ले लिया जाए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उसे सौ रुपये से घटा दिया जाए

व्याख्या

सही उत्तर B, उसे सौ रुपये से घटा दिया जाए है। सांकेतिक कटौती भारत सरकार के उत्तरदायित्व के क्षेत्र की किसी विशेष शिकायत को उठाने के लिए रखी जाती है और उसका रूप यही होता है कि मांग की राशि सौ रुपये से घटा दी जाए; यह रकम प्रतीकात्मक है और उद्देश्य वह चर्चा है जो इससे अनिवार्य हो जाती है। A गलत है, क्योंकि मांग को घटाकर एक रुपया करना नीति कटौती है, जो मांग के पीछे की नीति की अस्वीकृति है। C गलत है, क्योंकि मितव्ययिता के लिए निश्चित रकम से कटौती मितव्ययिता कटौती है, जिसमें सदस्य सुझाता है कि वही काम कम व्यय में हो सकता है। D गलत है, क्योंकि कोई कटौती प्रस्ताव मांग वापस लेने की प्रार्थना नहीं करता; लोक सभा मांग को मतदान में गिराकर अस्वीकार कर सकती है, पर वह अस्वीकृति है, कटौती प्रस्ताव नहीं।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

दल-बदल विरोधी कानून वाली दसवीं अनुसूची संविधान में किस संशोधन द्वारा जोड़ी गई?

  1. A.चवालीसवां संशोधन, 1978
  2. B.बावनवां संशोधन, 1985
  3. C.इकसठवां संशोधन, 1989
  4. D.इक्यानवेवां संशोधन, 2003
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बावनवां संशोधन, 1985

व्याख्या

सही उत्तर B, बावनवां संशोधन, 1985 है। उस संशोधन ने दसवीं अनुसूची जोड़ी और अनुच्छेद 101, 102, 190 तथा 191 में संशोधन किया, जो सदस्यता की समाप्ति और सदस्यों की अयोग्यता से संबंधित हैं। यह 1 मार्च 1985 से प्रभावी हुआ।

विकल्प A, चवालीसवां संशोधन, 1978 ने बयालीसवें संशोधन के बहुत से प्रावधान पलटे: उसने लोक सभा का कार्यकाल पांच वर्ष किया, संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकारों से हटाया और आपात उद्घोषणा की शर्तें कठोर कीं। विकल्प C, इकसठवां संशोधन, 1989 ने मताधिकार की आयु इक्कीस से अठारह वर्ष की। विकल्प D, इक्यानवेवां संशोधन, 2003 ने अनुसूची जोड़ी नहीं, बल्कि उसमें संशोधन किया, विभाजन की छूट हटाई और मंत्रिपरिषद का आकार सदन के पंद्रह प्रतिशत तक सीमित किया, इसलिए वह इस प्रश्न का सबसे सामान्य जाल है। याद रखने का सरल सूत्र यह है कि दसवीं अनुसूची 1985 में आई और 2003 में कठोर हुई।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का स्थापना दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?

  1. A.10 दिसंबर
  2. B.12 अक्टूबर
  3. C.26 नवंबर
  4. D.28 सितंबर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 12 अक्टूबर

व्याख्या

सही उत्तर B, 12 अक्टूबर है, क्योंकि आयोग का गठन 1993 में इसी तिथि को हुआ था। विकल्प A, 10 दिसंबर, मानवाधिकार दिवस है, जो 1948 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानव अधिकारों की सार्वभौम घोषणा अपनाए जाने की स्मृति में मनाया जाता है; छात्र इन दोनों तिथियों में लगातार भ्रमित होते हैं, इसलिए जोड़ी बनाकर याद रखें। विकल्प C, 26 नवंबर, संविधान दिवस है, जब 1949 में संविधान सभा ने संविधान अंगीकृत किया। विकल्प D, 28 सितंबर, उस अध्यादेश की तिथि के निकट है जो अधिनियम से पहले आया था, किंतु आयोग के अस्तित्व में आने की तिथि नहीं है। इस तथ्य को इस क्रम में पकड़ें—1948 में 10 दिसंबर को घोषणा, 1991 में पेरिस सिद्धांत, और 1993 में 12 अक्टूबर को अधिनियम तथा आयोग।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र दिल्ली को विशेष स्थिति देने वाला अनुच्छेद 239कक किस संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया?

  1. A.14वां संशोधन, 1962
  2. B.61वां संशोधन, 1988
  3. C.69वां संशोधन, 1991
  4. D.74वां संशोधन, 1992
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 69वां संशोधन, 1991

व्याख्या

सही उत्तर C, 69वां संशोधन, 1991 है। संविधान (उनहत्तरवां संशोधन) अधिनियम, 1991 ने अनुच्छेद 239कक और 239कख जोड़े, दिल्ली संघ राज्यक्षेत्र का नाम राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र दिल्ली किया तथा उसे विधानसभा और मंत्रिपरिषद दी। विकल्प A गलत है क्योंकि 1962 के चौदहवें संशोधन ने अनुच्छेद 239क जोड़ा था, जो कुछ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए विधानमंडल या मंत्रिपरिषद की अनुमति देता है और पुडुचेरी की विधानसभा का आधार है, दिल्ली का नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 1988 के इकसठवें संशोधन ने मताधिकार की आयु इक्कीस से अठारह वर्ष की थी। विकल्प D गलत है क्योंकि 1992 के चौहत्तरवें संशोधन ने नगरपालिकाओं के लिए भाग नौ-क और बारहवीं अनुसूची जोड़ी; उसका संबंध शहरी स्थानीय निकायों से था, राजधानी की स्थिति से नहीं। परीक्षा में 69वां संशोधन, अनुच्छेद 239कक तथा 1 फरवरी 1992 से इसके प्रवर्तन की तिथि बार-बार पूछी जाती है, इसलिए इन तीनों तथ्यों को एक साथ याद रखना लाभकारी रहता है।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

निम्नलिखित में से किसके लिए संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक नहीं बुलाई जा सकती?

  1. A.राज्यसभा द्वारा अस्वीकृत साधारण विधेयक
  2. B.संविधान संशोधन विधेयक
  3. C.अनुच्छेद 117(1) का वित्त विधेयक
  4. D.वह साधारण विधेयक जिसके संशोधनों पर दोनों सदनों में अंतिम असहमति हो
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. संविधान संशोधन विधेयक

व्याख्या

सही उत्तर B, संविधान संशोधन विधेयक है। अनुच्छेद 368 के अनुसार प्रत्येक सदन को ऐसा विधेयक अलग-अलग विशेष बहुमत से पारित करना होता है, और संविधान उसके लिए संयुक्त बैठक का कोई प्रावधान नहीं करता; धन विधेयक भी अनुच्छेद 108 के दायरे से बाहर है। A गलत है क्योंकि दूसरे सदन द्वारा साधारण विधेयक की अस्वीकृति अनुच्छेद 108 के उन तीन आधारों में से एक है जिन पर संयुक्त बैठक बुलाई जा सकती है। C गलत है क्योंकि प्रथम श्रेणी का वित्त विधेयक केवल लोकसभा में राष्ट्रपति की सिफारिश पर प्रस्तुत होने के बाद शेष सभी बातों में साधारण विधेयक है, अतः राज्यसभा उसे संशोधित या अस्वीकार कर सकती है और संयुक्त बैठक संभव है। D गलत है क्योंकि संशोधनों पर अंतिम असहमति अनुच्छेद 108 का दूसरा आधार है, और 1961 का दहेज प्रतिषेध विधेयक इसी प्रकार संयुक्त बैठक तक पहुँचा था।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2020, GS Paper Iमध्यम

गांधीवाद और मार्क्सवाद के बीच एक साझा सहमति है

  1. A.राज्यविहीन समाज का अंतिम लक्ष्य
  2. B.वर्ग संघर्ष
  3. C.निजी संपत्ति का उन्मूलन
  4. D.आर्थिक नियतिवाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. राज्यविहीन समाज का अंतिम लक्ष्य

व्याख्या

सही उत्तर है A, राज्यविहीन समाज का अंतिम लक्ष्य। गांधी और मार्क्स दोनों राज्य को बलप्रयोग का साधन मानते थे और ऐसे आदर्श समाज की कल्पना करते थे जिसमें राज्य की आवश्यकता न रहे।

मार्क्स के अनुसार सर्वहारा क्रांति और सर्वहारा अधिनायकत्व के संक्रमण काल के बाद वर्ग भेद मिट जाएँगे और राज्य "मुरझा कर समाप्त" हो जाएगा, जिससे वर्गविहीन, राज्यविहीन साम्यवादी समाज बनेगा। गांधी ने राज्य को "संगठित और केंद्रित रूप में हिंसा" कहा और प्रबुद्ध अराजकता की आशा की, यानी आत्मनिर्भर, स्वशासी ग्राम गणराज्यों वाला रामराज्य, जिसमें लोग स्वयं पर शासन करें। साधनों पर दोनों में तीखा मतभेद था: मार्क्स हिंसक क्रांति स्वीकार करते थे, जबकि गांधी अहिंसा और हृदय परिवर्तन पर अड़े रहे।

B गलत है: वर्ग संघर्ष मार्क्सवाद का केंद्र है, पर गांधी ने इसे नकारकर वर्गों के बीच सामंजस्य की बात की।

C गलत है: मार्क्स निजी संपत्ति का उन्मूलन चाहते थे, जबकि गांधी ने न्यासिता (ट्रस्टीशिप) का विचार दिया।

D गलत है: आर्थिक नियतिवाद मार्क्सवादी विचार है; गांधी नैतिक और आध्यात्मिक शक्तियों को प्रधान मानते थे।

परीक्षा टिप: गांधी और मार्क्स लक्ष्य (राज्यविहीन समाज) पर सहमत, साधनों पर असहमत (अहिंसा और न्यासिता बनाम वर्ग संघर्ष और क्रांति)।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

लोकसभा में स्वीकृत स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा कम से कम कितनी देर चलनी चाहिए?

  1. A.एक घंटा
  2. B.दो घंटे
  3. C.दो घंटे तीस मिनट
  4. D.तीन घंटे
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दो घंटे तीस मिनट

व्याख्या

सही उत्तर C, दो घंटे तीस मिनट है। नियमों में यह व्यवस्था है कि अध्यक्ष द्वारा स्थगन प्रस्ताव स्वीकार कर लिए जाने पर सदन को उस पर कम से कम दो घंटे तीस मिनट की चर्चा देनी होगी, जिससे वह विषय, जो सूचीबद्ध कार्य स्थगित कराने योग्य गंभीर माना गया, वास्तव में परखा जाए। A, एक घंटा, गलत है, हालांकि इसे आधे घंटे की चर्चा से मिला दिया जाता है, जो पूर्णतः भिन्न उपाय है और तीस मिनट की होती है। B, दो घंटे, गलत है और इस प्रश्न का जाल है: नियम 193 के अंतर्गत अल्पकालिक चर्चा को लोकप्रिय भाषा में दो घंटे की चर्चा कहा जाता है और अभ्यर्थी उसकी अवधि स्थगन प्रस्ताव पर लगा देते हैं। D, तीन घंटे, गलत है; किसी नियम में इन उपायों के लिए तीन घंटे की न्यूनतम अवधि नहीं है।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 4 के अंतर्गत विधानमंडल दल का विलय अयोग्यता से तभी बचता है, जब उसके कितने सदस्य सहमत हों?

  1. A.एक-तिहाई
  2. B.आधे
  3. C.दो-तिहाई
  4. D.तीन-चौथाई
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दो-तिहाई

व्याख्या

सही उत्तर C, दो-तिहाई है। पैराग्राफ 4 कहता है कि जब किसी सदस्य का मूल राजनीतिक दल किसी अन्य दल में विलीन होता है, तो सदस्य अयोग्य नहीं होगा यदि संबंधित विधानमंडल दल के दो-तिहाई से कम नहीं सदस्य उस विलय पर सहमत हो गए हों। जाने वाले सदस्य और पुराने दल के साथ रह जाने वाले सदस्य, दोनों संरक्षित रहते हैं।

विकल्प A, एक-तिहाई पैराग्राफ 3 में विभाजन के लिए दी गई संख्या थी, और उस पैराग्राफ को इक्यानवेवें संशोधन ने 2003 में हटा दिया, इसलिए अब एक-तिहाई किसी को संरक्षण नहीं देता। विकल्प B, आधे और विकल्प D, तीन-चौथाई दसवीं अनुसूची में कहीं नहीं आते। परीक्षक एक-तिहाई और दो-तिहाई को जानबूझकर साथ रखते हैं, इसलिए दोनों संख्याएं अपने पैराग्राफ के साथ याद रखनी चाहिए।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 7 Oct 2021, Shift 1आसान

किस आयोग ने सरकारी सेवाओं के सभी स्तरों पर ओबीसी उम्मीदवारों के लिए 27% आरक्षण की सिफारिश की थी?

  1. A.सरकारिया आयोग
  2. B.मंडल आयोग
  3. C.बलवंत आयोग
  4. D.कोठारी आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मंडल आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, मंडल आयोग। बी. पी. मंडल की अध्यक्षता वाले द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने केंद्र सरकार की सेवाओं और सार्वजनिक उपक्रमों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की थी। यह आयोग 1979 में बना और 1980 में रिपोर्ट दी, जिसमें 3,743 जातियों को पिछड़ा बताया गया और जनसंख्या में ओबीसी का हिस्सा लगभग 52 प्रतिशत आँका गया। कोटा 27 प्रतिशत रखा गया ताकि कुल आरक्षण न्यायालय द्वारा बताई 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर रहे। यह सिफारिश 1990 में लागू हुई और उच्चतम न्यायालय ने 1992 के इंद्रा साहनी मामले में इसे वैध ठहराया। A गलत है क्योंकि 1983 के सरकारिया आयोग ने केंद्र-राज्य संबंधों की जाँच की थी। C गलत है क्योंकि 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने त्रिस्तरीय पंचायती राज की सिफारिश की थी। D गलत है क्योंकि 1964-66 का कोठारी आयोग शिक्षा से जुड़ा था। परीक्षा टिप: मंडल आयोग 1979, रिपोर्ट 1980, 27 प्रतिशत ओबीसी कोटा, इंद्रा साहनी 1992।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राज्य सूची के कौन से तीन विषय राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र दिल्ली की विधानसभा की विधायी क्षमता से बाहर रखे गए हैं?

  1. A.लोक स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय शासन
  2. B.लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि
  3. C.पुलिस, कारागार और कृषि
  4. D.भूमि, जल और विद्युत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि

व्याख्या

सही उत्तर B, लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि है। अनुच्छेद 239कक(3)(क) दिल्ली विधानसभा को राज्य सूची और समवर्ती सूची पर कानून बनाने देता है, परंतु राज्य सूची की प्रविष्टि 1, 2 और 18 अर्थात लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि को बाहर रखता है, तथा प्रविष्टि 64, 65 और 66 को भी उस सीमा तक जहाँ तक वे इन तीनों से संबंधित हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि लोक स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थानीय शासन दिल्ली सरकार के पास हैं, जो अस्पताल और विद्यालय चलाती है। विकल्प C गलत है क्योंकि पुलिस अवश्य बाहर है, परंतु कारागार और कृषि बाहर नहीं हैं; कारागार प्रदेश की क्षमता में लाए गए और कृषि कभी आरक्षित विषय नहीं रही। विकल्प D गलत है क्योंकि इन तीन में केवल भूमि बाहर है; जल और विद्युत का कार्य दिल्ली सरकार अपने बोर्डों और निगमों से कराती है।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

लोक लेखा समिति के सभापति के विषय में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

  1. A.सभापति का निर्वाचन समिति के सदस्य करते हैं
  2. B.सभापति की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष करता है
  3. C.सभापति को प्रधानमंत्री नामनिर्दिष्ट करता है
  4. D.उपाध्यक्ष इसका पदेन सभापति होता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सभापति की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष करता है

व्याख्या

सही उत्तर B है। लोक लेखा समिति के सभापति की नियुक्ति लोकसभा अध्यक्ष समिति के लोकसभा सदस्यों में से करता है, और 1967 से यह स्थापित परंपरा है कि विपक्ष के किसी सदस्य को नियुक्त किया जाता है, जिससे समिति जवाबदेही के साधन के रूप में अधिक सशक्त होती है। समिति का कोई राज्यसभा सदस्य सभापति नहीं बनाया जा सकता। विकल्प A गलत है क्योंकि सदस्य किसी को सभापति नहीं चुनते; वे स्वयं आनुपातिक प्रतिनिधित्व से समिति में निर्वाचित होते हैं, किंतु सभापति का पद नियुक्ति से भरा जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि इसमें प्रधानमंत्री की कोई भूमिका नहीं है, और सरकार के प्रमुख को उस समिति का सभापति चुनने देना, जो सरकार के लेखों की जांच करती है, समिति के प्रयोजन को ही नष्ट कर देगा। विकल्प D गलत है क्योंकि उपाध्यक्ष गैर-सरकारी सदस्यों के विधेयक तथा संकल्प समिति का पदेन सभापति होता है, लोक लेखा समिति का नहीं; अध्यक्ष कार्य मंत्रणा, नियम तथा सामान्य प्रयोजन समितियों की अध्यक्षता करता है।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

विधानमंडल दल में विभाजन की दशा में अयोग्यता से मिलने वाली छूट दसवीं अनुसूची से किस संशोधन ने हटाई?

  1. A.इकसठवां संशोधन
  2. B.तिहत्तरवां संशोधन
  3. C.छियासीवां संशोधन
  4. D.इक्यानवेवां संशोधन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. इक्यानवेवां संशोधन

व्याख्या

सही उत्तर D, इक्यानवेवां संशोधन है, जो 2003 में पारित हुआ। उसने दसवीं अनुसूची का पैराग्राफ 3 हटा दिया, जो विधानमंडल दल के एक-तिहाई सदस्यों के समर्थन वाले विभाजन को बचाता था। सामूहिक दल-बदल को विभाजन बताकर वही संरक्षण लिया जा रहा था, इसलिए आज केवल दो-तिहाई सहमति वाला विलय बचा है।

विकल्प A, इकसठवां संशोधन, 1989 ने मताधिकार की आयु अठारह वर्ष की। विकल्प B, तिहत्तरवां संशोधन, 1992 ने पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिया तथा भाग नौ और ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी। विकल्प C, छियासीवां संशोधन, 2002 ने अनुच्छेद 21क जोड़कर छह से चौदह वर्ष के बच्चों की नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार बनाया। इक्यानवेवां संशोधन मंत्रिपरिषद को सदन के पंद्रह प्रतिशत तक सीमित करने और अनुच्छेद 361ख जोड़ने के लिए भी याद रखा जाता है।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 3 Feb 2019मध्यम

अंतर-राज्य परिषद की स्थापना 1990 में किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.पुंछी आयोग
  2. B.सरकारिया आयोग
  3. C.राजमन्नार आयोग
  4. D.मुंगेरीलाल आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सरकारिया आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकारिया आयोग। केंद्र-राज्य संबंधों पर इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 1990 में राष्ट्रपति के आदेश से अंतर-राज्य परिषद गठित की गई थी। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को ऐसी परिषद बनाने की शक्ति देता है, जो राज्यों के बीच विवादों की जाँच करे, साझा हित के विषयों पर विचार करे और सिफारिशें दे। न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया की अध्यक्षता वाला यह आयोग 1983 में बना और 1988 में रिपोर्ट सौंपी; इसने परिषद को स्थायी निकाय बनाने की सलाह दी। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और छह केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुंछी आयोग बहुत बाद में, 2007 में बना और 2010 में रिपोर्ट दी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1969 की राजमन्नार समिति तमिलनाडु सरकार ने बनाई थी, केंद्र ने नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुंगेरीलाल आयोग बिहार में पिछड़े वर्गों के आरक्षण से जुड़ा था। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 263 और सरकारिया आयोग से अंतर-राज्य परिषद, 1990।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र दिल्ली की मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम कितने सदस्य हो सकते हैं?

  1. A.पाँच
  2. B.सात
  3. C.दस
  4. D.बारह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सात

व्याख्या

सही उत्तर B, सात है। अनुच्छेद 239कक(4) कहता है कि दिल्ली की मंत्रिपरिषद में विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के दस प्रतिशत से अधिक सदस्य नहीं होंगे। विधानसभा में सत्तर प्रत्यक्ष निर्वाचित सीटें हैं, इसलिए दस प्रतिशत से सात मंत्री बनते हैं और इसमें मुख्यमंत्री भी शामिल है। विकल्प A गलत है क्योंकि पाँच की संख्या किसी उपबंध से नहीं निकलती। विकल्प C गलत है क्योंकि दस अनुच्छेद में दिया प्रतिशत है, मंत्रियों की संख्या नहीं, और यही इस प्रश्न का जाल है। विकल्प D गलत है क्योंकि बारह सीमा से अधिक है; राज्यों पर अनुच्छेद 164(1क) के अंतर्गत पंद्रह प्रतिशत की सीमा लागू होती है, परंतु दिल्ली पर अनुच्छेद 239कक में लिखी कड़ी दस प्रतिशत की सीमा ही लागू है। ध्यान रखें कि यह सीमा स्वयं संविधान में लिखी है, इसलिए दिल्ली विधानसभा साधारण कानून बनाकर इसे बढ़ा नहीं सकती और मंत्रियों की संख्या किसी भी स्थिति में सात से अधिक नहीं हो सकती।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

दसवीं अनुसूची के अंतर्गत किसी सदस्य के अयोग्य होने का प्रश्न कौन तय करता है?

  1. A.भारत के राष्ट्रपति
  2. B.भारत निर्वाचन आयोग
  3. C.संबंधित सदन का सभापति या अध्यक्ष
  4. D.भारत का उच्चतम न्यायालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. संबंधित सदन का सभापति या अध्यक्ष

व्याख्या

सही उत्तर C, संबंधित सदन का सभापति या अध्यक्ष है। दसवीं अनुसूची का पैराग्राफ 6 यह शक्ति पीठासीन अधिकारी को देता है, और जब प्रश्न स्वयं पीठासीन अधिकारी के बारे में हो, तो सदन द्वारा इस कार्य के लिए चुना गया सदस्य निर्णय करता है।

विकल्प A, राष्ट्रपति अनुच्छेद 102 और 103 के अंतर्गत लाभ के पद जैसे आधारों पर अयोग्यता तय करते हैं, और वहां उन्हें निर्वाचन आयोग की राय के अनुसार कार्य करना होता है। विकल्प B, निर्वाचन आयोग की दसवीं अनुसूची के मामले में कोई भूमिका नहीं है, और यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा जाल है। विकल्प D, उच्चतम न्यायालय प्रथम दृष्टया यह प्रश्न तय नहीं करता, किंतु किहोतो होलोहन बनाम जाचिल्हू, 1992 में पैराग्राफ 7 हटने के बाद न्यायालय दुर्भावना, विकृतता या नैसर्गिक न्याय के उल्लंघन के आधार पर आदेश की पुनरीक्षा कर सकते हैं।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संघ राज्यक्षेत्र चंडीगढ़ के प्रशासक के रूप में कौन कार्य करता है?

  1. A.पंजाब का राज्यपाल
  2. B.हरियाणा का राज्यपाल
  3. C.पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
  4. D.गृह मंत्रालय द्वारा नियुक्त भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पंजाब का राज्यपाल

व्याख्या

सही उत्तर A, पंजाब का राज्यपाल है। अनुच्छेद 239(2) राष्ट्रपति को यह शक्ति देता है कि वह किसी राज्य के राज्यपाल को निकटवर्ती केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासक नियुक्त करे, और इसी के अंतर्गत पंजाब के राज्यपाल को चंडीगढ़ के प्रशासक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। विकल्प B गलत है क्योंकि चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा दोनों की साझा राजधानी है, फिर भी यह कार्यभार हरियाणा के नहीं, पंजाब के राज्यपाल के पास है। विकल्प C गलत है क्योंकि उच्च न्यायालय का न्यायाधीश न्यायिक कार्य करता है और इस प्रकार का कार्यपालिका पद नहीं धारण कर सकता; ऐसा करना शक्तियों के पृथक्करण के विरुद्ध होगा। विकल्प D गलत है क्योंकि लक्षद्वीप जैसे कुछ प्रदेशों में वरिष्ठ अधिकारी प्रशासक होते हैं, परंतु चंडीगढ़ में अनुच्छेद 239(2) की व्यवस्था लागू है।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

किहोतो होलोहन बनाम जाचिल्हू (1992) में उच्चतम न्यायालय ने दसवीं अनुसूची के किस पैराग्राफ को असंवैधानिक घोषित किया?

  1. A.पैराग्राफ 2
  2. B.पैराग्राफ 4
  3. C.पैराग्राफ 6
  4. D.पैराग्राफ 7
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. पैराग्राफ 7

व्याख्या

सही उत्तर D, पैराग्राफ 7 है। वह पैराग्राफ अनुसूची के अंतर्गत सदस्य की अयोग्यता से जुड़े किसी भी विषय में सभी न्यायालयों की अधिकारिता पर रोक लगाता था। न्यायालय ने कहा कि अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों और अनुच्छेद 136 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय की अधिकारिता छीनने से उनकी स्थिति बदलती है, इसलिए अनुच्छेद 368(2) के अंतर्गत आधे राज्यों के विधानमंडलों का अनुसमर्थन आवश्यक था, जो लिया नहीं गया था। इसलिए पैराग्राफ 7 गिर गया और शेष अनुसूची बनी रही।

विकल्प A, पैराग्राफ 2 दल-बदल के आधार बताता है और प्रभावी है। विकल्प B, पैराग्राफ 4 विलय की छूट देता है और वह भी बना हुआ है। विकल्प C, पैराग्राफ 6, जो पीठासीन अधिकारी को निर्णय का अधिकार देता है, वैध ठहराया गया, और न्यायालय ने कहा कि वह अधिकरण के रूप में कार्य करता है, जिसका आदेश बनने के बाद न्यायिक पुनरीक्षण के लिए खुला है।

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