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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 5

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 5) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 18 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: संविधान का निर्माण, आपातकालीन प्रावधान, प्रस्तावना और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 2 दिसंबर 2022, शिफ्ट 1आसान

उस उद्देश्य प्रस्ताव को किसने पेश किया था, जिसे बाद में भारत के संविधान की प्रस्तावना के रूप में अपनाया गया?

  1. A.राजेंद्र प्रसाद
  2. B.जे.बी. कृपलानी
  3. C.जवाहरलाल नेहरू
  4. D.बी.आर. आंबेडकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जवाहरलाल नेहरू

व्याख्या

सही उत्तर जवाहरलाल नेहरू है। नेहरू ने 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में उद्देश्य प्रस्ताव पेश किया और सभा ने 22 जनवरी 1947 को इसे स्वीकार किया। इस प्रस्ताव में बताया गया था कि संविधान क्या हासिल करना चाहता है: एक स्वतंत्र, संप्रभु गणराज्य, जिसमें सभी लोगों को न्याय, समानता और स्वतंत्रता मिले, और अल्पसंख्यकों तथा पिछड़े वर्गों के हितों की रक्षा हो। आगे चलकर इन्हीं विचारों से प्रस्तावना बनी।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभा के अध्यक्ष थे और बहसों की अध्यक्षता करते थे; उन्होंने यह प्रस्ताव पेश नहीं किया। जे.बी. कृपलानी मौलिक अधिकार उप-समिति के अध्यक्ष थे। डॉ. बी.आर. आंबेडकर प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे, जो प्रस्ताव स्वीकार होने के कई महीने बाद 29 अगस्त 1947 को बनी। क्रम याद रखने का आसान तरीका: पहले नेहरू ने उद्देश्य रखे, बाद में आंबेडकर की समिति ने उन्हें प्रारूप का रूप दिया।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2मध्यम

आपातकाल की उद्घोषणा (अनुच्छेद 352) के प्रवर्तन में होने पर निम्नलिखित में से किस मूल अधिकार को निलंबित नहीं किया जा सकता है?

  1. A.दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार
  2. B.वाक्-स्वातंत्र्य का अधिकार
  3. C.समता का अधिकार
  4. D.धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है A, दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार। राष्ट्रीय आपातकाल में भी अनुच्छेद 20 और 21 के प्रवर्तन को निलंबित नहीं किया जा सकता। अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है, जबकि अनुच्छेद 20 व्यक्ति को पिछली तारीख से लागू आपराधिक कानून, एक ही अपराध के लिए दो बार सज़ा और खुद के विरुद्ध गवाही देने की मजबूरी से बचाता है। यह सुरक्षा 44वें संशोधन, 1978 द्वारा जोड़ी गई, क्योंकि 1975-77 के आपातकाल में बंदी अपनी हिरासत को अदालत में चुनौती नहीं दे पाए थे। अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति आपातकाल के दौरान अन्य मूल अधिकारों का प्रवर्तन निलंबित कर सकते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि युद्ध या बाहरी आक्रमण के आधार पर आपातकाल घोषित होते ही अनुच्छेद 358 के तहत अनुच्छेद 19 की वाक्-स्वतंत्रता अपने आप निलंबित हो जाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 14 से 18 का समता का अधिकार अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति के आदेश से निलंबित हो सकता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 25 से 28 की धार्मिक स्वतंत्रता भी अनुच्छेद 359 के तहत निलंबित हो सकती है। परीक्षा टिप: आपातकाल में भी अनुच्छेद 20 और 21 हमेशा लागू रहते हैं।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 9 मार्च 2023, शिफ्ट 3आसान

भारतीय संविधान की प्रस्तावना का विचार ______ के संविधान से लिया गया है।

  1. A.सोवियत संघ (वर्तमान रूस)
  2. B.कनाडा
  3. C.ब्रिटेन
  4. D.संयुक्त राज्य अमेरिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. संयुक्त राज्य अमेरिका

व्याख्या

सही उत्तर संयुक्त राज्य अमेरिका है। संविधान की शुरुआत प्रस्तावना से करने का विचार अमेरिका के संविधान से लिया गया, जिसका पाठ खुद "We the People" शब्दों से शुरू होता है। लेकिन भारत की प्रस्तावना की विषय-वस्तु जवाहरलाल नेहरू के उद्देश्य प्रस्ताव से आई, जो 13 दिसंबर 1946 को संविधान सभा में पेश हुआ और 22 जनवरी 1947 को स्वीकार हुआ।

बाकी देश प्रस्तावना या संविधान के दूसरे हिस्सों के स्रोत हैं। सोवियत संघ सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय के आदर्श का स्रोत है। ब्रिटेन से संसदीय शासन, विधि का शासन और एकल नागरिकता ली गई। कनाडा से सशक्त केंद्र वाले संघ का मॉडल लिया गया। दो मिलते-जुलते प्रश्नों को अलग रखें: प्रस्तावना रखने का विचार अमेरिका से आया, जबकि इसके भीतर लिखे स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श फ्रांसीसी क्रांति से आए।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Sep 2022, Shift 3मध्यम

राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित होगी और वह उसका प्रयोग स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के माध्यम से करेगा, यह भारत के संविधान के किस अनुच्छेद में कहा गया है?

  1. A.अनुच्छेद 124
  2. B.अनुच्छेद 134
  3. C.अनुच्छेद 144
  4. D.अनुच्छेद 154
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अनुच्छेद 154

व्याख्या

सही उत्तर है D, अनुच्छेद 154। अनुच्छेद 154 कहता है कि राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में निहित है, जिसका प्रयोग वह सीधे या अपने अधीनस्थ अधिकारियों के जरिए करता है, ठीक वैसे ही जैसे अनुच्छेद 53 केंद्र में राष्ट्रपति के लिए कहता है। संविधान का भाग VI राज्यों से संबंधित है: अनुच्छेद 153 हर राज्य के लिए एक राज्यपाल का प्रावधान करता है, अनुच्छेद 155 के अनुसार राष्ट्रपति राज्यपाल की नियुक्ति करता है, अनुच्छेद 156 कार्यकाल पाँच वर्ष तय करता है, और अनुच्छेद 163 राज्यपाल की सहायता और सलाह के लिए मंत्रिपरिषद देता है। व्यवहार में सरकार मुख्यमंत्री और मंत्री चलाते हैं और राज्यपाल उनकी सलाह पर काम करता है। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 124 सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना करता है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 134 सर्वोच्च न्यायालय में आपराधिक अपीलों से जुड़ा है। C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 144 सभी प्राधिकारियों को सर्वोच्च न्यायालय की सहायता में कार्य करने को कहता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 53 = राष्ट्रपति की कार्यपालिका शक्ति, अनुच्छेद 154 = राज्यपाल की कार्यपालिका शक्ति; दोनों अनुच्छेद एक-दूसरे की प्रतिछाया हैं।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 6 दिसंबर 2022, शिफ्ट 1आसान

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 कितने प्रकार की स्वतंत्रताओं का प्रावधान करता है?

  1. A.13
  2. B.44
  3. C.30
  4. D.6
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 6

व्याख्या

सही उत्तर 6 है। अनुच्छेद 19(1) हर नागरिक को छह स्वतंत्रताएं देता है: वाक् और अभिव्यक्ति; शांतिपूर्वक और बिना हथियारों के सम्मेलन; संगम, संघ या सहकारी समितियां बनाना; भारत में सर्वत्र अबाध घूमना; भारत के किसी भी भाग में रहना और बस जाना; और कोई भी वृत्ति, उपजीविका, व्यापार या कारोबार करना। संविधान की शुरुआत में ये सात थीं। सातवीं, यानी खंड (च), संपत्ति अर्जित करने, रखने और बेचने की स्वतंत्रता, 44वें संशोधन अधिनियम, 1978 से हटा दी गई।

97वें संशोधन अधिनियम, 2011 ने खंड (ग) में "सहकारी समितियां" शब्द जोड़े, लेकिन इससे एक मौजूदा स्वतंत्रता का दायरा बढ़ा, कोई नई स्वतंत्रता नहीं बनी, इसलिए संख्या अब भी छह है। ये स्वतंत्रताएं केवल नागरिकों के लिए हैं, और इनमें से कोई भी असीमित नहीं है: अनुच्छेद 19 के खंड (2) से (6) राज्य को युक्तियुक्त निर्बंधन लगाने देते हैं। गलत विकल्प इसी टॉपिक की आसपास की संख्याओं से लिए गए हैं, अनुच्छेद 13, अनुच्छेद 30 और 44वां संशोधन, इसीलिए वे जाने-पहचाने लगते हैं और भ्रम पैदा करते हैं।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 17 Dec 2023मध्यम

कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, इसका निर्णय राज्य में कौन करता है?

  1. A.मुख्य मंत्री
  2. B.राज्यपाल
  3. C.विधान सभा का अध्यक्ष
  4. D.विधि मंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. विधान सभा का अध्यक्ष

व्याख्या

सही उत्तर है C, विधान सभा का अध्यक्ष। अनुच्छेद 199(3) के अनुसार, अगर यह सवाल उठे कि कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं, तो विधान सभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम होता है। अध्यक्ष विधेयक पर इसका प्रमाणपत्र लगाते हैं, जिसके बाद वह विधान परिषद (जहाँ हो) और फिर राज्यपाल के पास जाता है। धन विधेयक केवल विधान सभा में और राज्यपाल की सिफ़ारिश से ही पेश हो सकता है, और विधान परिषद इसे अधिकतम 14 दिन तक ही रोक सकती है। केंद्र में भी यही नियम है, जहाँ अनुच्छेद 110(3) के तहत लोक सभा अध्यक्ष निर्णय करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि मुख्यमंत्री सरकार के प्रमुख हैं, पर विधेयक को प्रमाणित करने में उनकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि राज्यपाल धन विधेयक पेश करने की सिफ़ारिश करते हैं और उस पर अनुमति देते हैं, पर उसकी प्रकृति तय नहीं करते। विकल्प D गलत है, क्योंकि विधि मंत्री सरकार को सलाह दे सकते हैं, पर उनके पास यह अधिकार नहीं है। परीक्षा टिप: धन विधेयक राज्य में अनुच्छेद 199 और केंद्र में अनुच्छेद 110 में है; दोनों जगह अध्यक्ष का फ़ैसला अंतिम होता है।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 27 नवंबर 2025, शिफ्ट 3आसान

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 40 ___________ से संबंधित है।

  1. A.ग्राम पंचायतों का गठन
  2. B.निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा
  3. C.गरीबों को निःशुल्क आवास
  4. D.नागरिकों को निःशुल्क चिकित्सा सहायता
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ग्राम पंचायतों का गठन

व्याख्या

सही उत्तर ग्राम पंचायतों का गठन है। अनुच्छेद 40 राज्य से ग्राम पंचायतों का गठन करने और उन्हें ऐसी शक्तियां और अधिकार देने को कहता है जिनसे वे स्वशासन की इकाइयों के रूप में काम कर सकें। यह गांधीवादी सिद्धांतों में से एक है, जो ग्राम स्वराज के गांधी जी के विचार को दर्शाता है। दशकों तक यह केवल एक निर्देश रहा, जब तक 1992 के 73वें संशोधन ने त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को अनिवार्य नहीं बनाया और संविधान में भाग IX नहीं जोड़ा।

गलत विकल्प दूसरे प्रावधानों से लिए गए हैं। छह से चौदह वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा अनुच्छेद 21A के तहत एक मौलिक अधिकार है, जबकि अनुच्छेद 45 अब छह वर्ष से कम की प्रारंभिक देखभाल से जुड़ा है। गरीबों को निःशुल्क आवास कोई अलग नीति निदेशक तत्व है ही नहीं। निःशुल्क चिकित्सा सहायता का भी नाम नहीं है; लोक स्वास्थ्य और पोषण अनुच्छेद 47 में आते हैं। यह जुड़ाव याद रखें: अनुच्छेद 40 बीज था, और 73वें संशोधन ने इसे आज की पंचायती राज संस्थाओं में बदला।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC PCS Pre GS-I, 24 Oct 2021मध्यम

कौन-से संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा मतदान की आयु को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष किया गया था?

  1. A.66वाँ संशोधन
  2. B.62वाँ संशोधन
  3. C.61वाँ संशोधन
  4. D.63वाँ संशोधन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 61वाँ संशोधन

व्याख्या

सही उत्तर है C, 61वाँ संशोधन। संविधान (61वाँ संशोधन) अधिनियम, 1988 ने अनुच्छेद 326 में बदलाव किया, जो लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव वयस्क मताधिकार के आधार पर कराने का प्रावधान करता है, और मतदान की न्यूनतम आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दी। यह प्रधानमंत्री राजीव गांधी के समय पारित हुआ और मार्च 1989 से लागू हुआ, इसलिए 1989 का लोकसभा चुनाव पहला चुनाव था जिसमें 18 वर्ष के युवाओं ने वोट डाला। इसका उद्देश्य देश की बड़ी युवा आबादी को सरकार चुनने में आवाज़ देना था। विकल्प A गलत है, क्योंकि 66वें संशोधन (1990) ने भूमि सुधार से जुड़े और क़ानूनों को नौवीं अनुसूची में जोड़ा। विकल्प B गलत है, क्योंकि 62वें संशोधन (1989) ने विधायिकाओं में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के आरक्षण को दस वर्ष और बढ़ाया। विकल्प D गलत है, क्योंकि 63वें संशोधन (1989) ने 59वें संशोधन द्वारा पंजाब के लिए जोड़े गए विशेष आपात प्रावधान हटाए। परीक्षा टिप: 61वाँ संशोधन, 1988, अनुच्छेद 326, मतदान आयु 21 से 18।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · Paper I, 8 Aug 2021मध्यम

भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन के लिए निर्वाचकगण (इलेक्टोरल कॉलेज) में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं है?

1. राज्य सभा के सभी निर्वाचित सदस्य

2. राज्यों की विधान-सभाओं के सभी निर्वाचित सदस्य

3. राज्यों की विधान परिषद् के सभी सदस्य

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

  1. A.1 और 2
  2. B.2 और 3
  3. C.केवल 3
  4. D.केवल 2
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केवल 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 3। राज्यों की विधान परिषदों के सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में मत नहीं देते। अनुच्छेद 54 के अनुसार राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचकगण करता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य होते हैं। 70वें संशोधन अधिनियम, 1992 ने दिल्ली और पुडुचेरी की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों को भी इसमें जोड़ा। मतदान एकल संक्रमणीय मत द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से होता है और मतपत्र गुप्त रहता है। किसी भी सदन के मनोनीत सदस्य और विधान परिषदों के सभी सदस्य इससे बाहर रहते हैं, हालाँकि मनोनीत सांसद उपराष्ट्रपति के चुनाव में मत देते हैं। विकल्प A और D गलत हैं, क्योंकि राज्य सभा और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य दोनों ही निर्वाचकगण में शामिल हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों को भी बाहर बताया गया है, जबकि कुल मत-मूल्य का लगभग आधा उन्हीं का होता है। परीक्षा टिप: राष्ट्रपति के लिए केवल संसद और विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य; विधान परिषद और मनोनीत सदस्य कभी नहीं।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 11 Jul 2024, Shift 3मध्यम

भारत के संविधान का कौन-सा अनुच्छेद नागरिकता के विषय पर कानून बनाने की पूर्ण शक्ति संसद को देता है?

  1. A.अनुच्छेद 11
  2. B.अनुच्छेद 5
  3. C.अनुच्छेद 8
  4. D.अनुच्छेद 6
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 11

व्याख्या

सही उत्तर है A, अनुच्छेद 11। संविधान का भाग II, अनुच्छेद 5 से 11, नागरिकता से संबंधित है। अनुच्छेद 5 से 10 ने सिर्फ यह तय किया कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होते समय कौन नागरिक था; अनुच्छेद 11 यह पूरा विषय संसद को सौंप देता है और नागरिकता के अर्जन व समाप्ति पर कोई भी कानून बनाने की पूरी शक्ति देता है। इसी शक्ति से संसद ने नागरिकता अधिनियम 1955 बनाया, जिसमें नागरिकता पाने के पाँच तरीके हैं: जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण और क्षेत्र का विलय। भारत में एकल नागरिकता है और नागरिकता संघ सूची (प्रविष्टि 17) का विषय है। विकल्प B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 5 संविधान लागू होने के समय अधिवास के आधार पर नागरिकता बताता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 8 भारत से बाहर रहने वाले भारतीय मूल के लोगों के बारे में है। विकल्प D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 6 पाकिस्तान से आए प्रवासियों के बारे में है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 5 से 10 = 1950 में कौन नागरिक था, अनुच्छेद 11 = संसद की शक्ति, नागरिकता अधिनियम = 1955।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 21 Aug 2019, Shift 3आसान

संसद द्वारा पारित कोई अधिनियम __________ की स्वीकृति के बाद ही लागू होता है।

  1. A.विधि मंत्री
  2. B.राष्ट्रपति
  3. C.सर्वोच्च न्यायालय
  4. D.प्रधानमंत्री
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रपति

व्याख्या

सही उत्तर है B, राष्ट्रपति। संसद के दोनों सदनों से पास हुआ विधेयक तभी अधिनियम बनता है जब राष्ट्रपति उस पर स्वीकृति देता है, यह अनुच्छेद 111 में लिखा है। राष्ट्रपति के पास तीन विकल्प होते हैं: स्वीकृति देना, स्वीकृति रोक लेना, या (धन विधेयक न हो तो) विधेयक को पुनर्विचार के लिए संसद को लौटा देना। लौटाया गया विधेयक अगर दोनों सदन बदलाव के साथ या बिना बदलाव दोबारा पास कर दें तो राष्ट्रपति को स्वीकृति देनी ही पड़ती है। संविधान में कोई समय सीमा तय नहीं है, इसलिए इस देरी की शक्ति को अक्सर 'पॉकेट वीटो' कहा जाता है। राज्य के विधेयकों के लिए यही भूमिका अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल निभाता है। A गलत है क्योंकि विधि मंत्री केवल विधेयक पेश करता है; किसी मंत्री की मंजूरी से विधेयक कानून नहीं बनता। C गलत है क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय बाद में कानून को रद्द कर सकता है, पर बनने से पहले उसे मंजूरी नहीं देता। D गलत है क्योंकि प्रधानमंत्री सरकार का मुखिया है, लेकिन औपचारिक स्वीकृति राष्ट्रपति की होती है। परीक्षा टिप: संसद पास करती है, राष्ट्रपति स्वीकृति देता है (अनुच्छेद 111); राज्यों में राज्यपाल (अनुच्छेद 200)।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 16 Aug 2021, Shift 1मध्यम

भारत के संविधान का निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद जीएसटी परिषद के गठन का प्रावधान करता है?

  1. A.अनुच्छेद 246A
  2. B.अनुच्छेद 279A
  3. C.अनुच्छेद 269A
  4. D.अनुच्छेद 323A
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 279A

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 279A। यह राष्ट्रपति को वस्तु एवं सेवा कर परिषद यानी जीएसटी परिषद गठित करने की शक्ति देता है, जो केंद्र और राज्यों का साझा मंच है। यह अनुच्छेद संविधान (101वाँ संशोधन) अधिनियम, 2016 से जोड़ा गया, उसी संशोधन से जीएसटी आया, और परिषद सितंबर 2016 में बनी। केंद्रीय वित्त मंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री और सभी राज्यों के वित्त या कराधान मंत्री इसके सदस्य होते हैं, और फैसले तीन-चौथाई भारित बहुमत से होते हैं जिसमें केंद्र के पास एक-तिहाई और सभी राज्यों के पास मिलकर दो-तिहाई वोट होते हैं। A, अनुच्छेद 246A, संसद और राज्य विधानमंडलों को जीएसटी पर कानून बनाने की शक्ति देता है। C, अनुच्छेद 269A, अंतरराज्यीय व्यापार पर जीएसटी यानी IGST की उगाही और वसूली से जुड़ा है। D, अनुच्छेद 323A, प्रशासनिक अधिकरणों का प्रावधान करता है, कर से इसका कोई संबंध नहीं। परीक्षा टिप: 246A कर लगाने की शक्ति, 269A अंतरराज्यीय जीएसटी, 279A जीएसटी परिषद; तीनों 101वें संशोधन से आए।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 14 Nov 2023, S2मध्यम

भारत सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच, या भारत सरकार और किसी राज्य या राज्यों के बीच कोई भी विवाद भारत के सर्वोच्च न्यायालय के _______ क्षेत्राधिकार में आता है।

  1. A.सलाहकारी
  2. B.अपीलीय
  3. C.अनन्य मूल
  4. D.रिट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनन्य मूल

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनन्य मूल। अनुच्छेद 131 के तहत भारत सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच, या राज्यों के आपसी विवाद केवल सर्वोच्च न्यायालय ही सुन सकता है, कोई दूसरी अदालत नहीं। ऐसा मामला सीधे सर्वोच्च न्यायालय में शुरू होता है, इसलिए इसे मूल क्षेत्राधिकार कहते हैं, और चूँकि कोई उच्च न्यायालय इसे नहीं सुन सकता, इसलिए यह अनन्य है। विवाद किसी कानूनी अधिकार से जुड़ा होना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक झगड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 143 के तहत सलाहकारी क्षेत्राधिकार में राष्ट्रपति किसी कानूनी या तथ्यात्मक प्रश्न पर न्यायालय की राय माँगते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 132 से 134 के तहत अपीलीय क्षेत्राधिकार उच्च न्यायालयों के फैसलों के खिलाफ अपीलों से जुड़ा है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 32 के तहत रिट क्षेत्राधिकार मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है, और यह शक्ति अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालयों के पास भी है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 131 मूल, अनुच्छेद 132–134 अपीलीय, अनुच्छेद 143 सलाहकारी, अनुच्छेद 32 रिट क्षेत्राधिकार।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 3 Oct 2023, Shift 2आसान

जब न्यायालय को पता चलता है कि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी गैरकानूनी है, तब कौन-सी रिट जारी की जाती है?

  1. A.प्रतिषेध (प्रोहिबिशन)
  2. B.परमादेश (मैंडेमस)
  3. C.अधिकार पृच्छा (को वारंटो)
  4. D.बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस)

व्याख्या

सही उत्तर है D, बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस)। यह रिट किसी को हिरासत में रखने वाले व्यक्ति या अधिकारी को आदेश देती है कि बंदी को न्यायालय के सामने पेश करे, और हिरासत गैरकानूनी पाई जाए तो उसे छोड़ दिया जाता है। लैटिन शब्दों का अर्थ है 'शरीर को प्रस्तुत करो'। सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 32 और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी करते हैं; कुल पाँच रिटें हैं। बंदी प्रत्यक्षीकरण व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सबसे मज़बूत रक्षक है और ज़्यादातर रिटों के उलट यह राज्य के साथ-साथ निजी व्यक्ति के विरुद्ध भी जारी हो सकती है। A गलत है क्योंकि प्रतिषेध ऊँचा न्यायालय निचले न्यायालय या अधिकरण को अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाने से रोकने के लिए भेजता है। B गलत है क्योंकि परमादेश, यानी 'हम आदेश देते हैं', किसी लोक अधिकारी को उसका कानूनी कर्तव्य पूरा करने को कहता है। C गलत है क्योंकि अधिकार पृच्छा, यानी 'किस अधिकार से', किसी व्यक्ति से सार्वजनिक पद पर बने रहने का अधिकार पूछती है। परीक्षा टिप: गैरकानूनी हिरासत = बंदी प्रत्यक्षीकरण; सर्वोच्च न्यायालय के लिए अनुच्छेद 32, उच्च न्यायालय के लिए अनुच्छेद 226।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

पंचायती राज संरचना में पंचायत समिति किस स्तर पर कार्य करती है?

  1. A.प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था
  2. B.जिला स्तर
  3. C.ग्राम पंचायत स्तर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था। पंचायत समिति पंचायती राज का बीच का स्तर है और प्रखंड स्तर पर काम करती है। 1992 के 73वें संशोधन ने त्रिस्तरीय व्यवस्था को संविधान का हिस्सा बनाया: गाँव स्तर पर ग्राम पंचायत, मध्यवर्ती यानी प्रखंड स्तर पर पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला परिषद। अनुच्छेद 243B के अनुसार 20 लाख से कम आबादी वाला राज्य ही बीच वाला स्तर छोड़ सकता है। त्रिस्तरीय ढाँचे का सुझाव 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने दिया था, और इसे सबसे पहले राजस्थान ने 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में लागू किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि जिला स्तर की संस्था जिला परिषद है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ग्राम पंचायत सबसे निचला स्तर है, जो एक गाँव या गाँवों के समूह के लिए बनती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पंचायत समिति केवल एक ही स्तर, यानी प्रखंड पर काम करती है। परीक्षा टिप: गाँव में ग्राम पंचायत, प्रखंड में पंचायत समिति, जिले में जिला परिषद।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA (I) 2023, 16 Apr 2023आसान

मूल कर्तव्यों से संबंधित अनुच्छेद 51A को भारत के संविधान में निम्नलिखित में से किस संशोधन द्वारा जोड़ा गया?

  1. A.संविधान (42वाँ संशोधन) अधिनियम
  2. B.संविधान (44वाँ संशोधन) अधिनियम
  3. C.संविधान (85वाँ संशोधन) अधिनियम
  4. D.संविधान (92वाँ संशोधन) अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. संविधान (42वाँ संशोधन) अधिनियम

व्याख्या

सही उत्तर है A, संविधान (42वाँ संशोधन) अधिनियम। 1976 के 42वें संशोधन ने, जो आपातकाल के दौरान स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर पारित हुआ, एक नया भाग IV-A जोड़ा जिसमें एकमात्र अनुच्छेद 51A नागरिकों के दस मूल कर्तव्य गिनाता है, जैसे संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान, पर्यावरण की रक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास। यह विचार पूर्व सोवियत संघ के संविधान से लिया गया था। ग्यारहवाँ कर्तव्य, कि माता-पिता या अभिभावक छह से चौदह वर्ष के बच्चे को शिक्षा दिलाएँ, 2002 के 86वें संशोधन से जोड़ा गया। ये कर्तव्य न्यायालय से लागू नहीं कराए जा सकते, पर संसद इन्हें लागू करने के लिए कानून बना सकती है। B, 1978 के 44वें संशोधन ने आपातकाल के कई बदलाव पलटे और संपत्ति के अधिकार को कानूनी अधिकार बनाया। C, 2001 के 85वें संशोधन ने अनुसूचित जाति और जनजाति कर्मचारियों की पदोन्नति में परिणामी वरिष्ठता का प्रावधान किया। D, 2003 के 92वें संशोधन ने बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को आठवीं अनुसूची में जोड़ा। परीक्षा टिप: 42वाँ संशोधन 1976 ने भाग IV-A, अनुच्छेद 51A, दस कर्तव्य जोड़े; 86वाँ संशोधन 2002 ने इन्हें ग्यारह किया।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

भारत में, निम्नलिखित में से किस संविधान संशोधन के बारे में व्यापक रूप से माना जाता है कि वह मौलिक अधिकारों की न्यायिक व्याख्याओं को निष्प्रभावी करने के लिए लाया गया था?

  1. A.पहला संशोधन
  2. B.42वाँ संशोधन
  3. C.44वाँ संशोधन
  4. D.86वाँ संशोधन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. पहला संशोधन

व्याख्या

सही उत्तर है A, पहला संशोधन। यह 1951 में उन अदालती फैसलों को पलटने के लिए लाया गया, जिनमें मौलिक अधिकारों के आधार पर भूमि सुधार और दूसरे कानून रद्द हुए थे। अदालतों ने संपत्ति के अधिकार के आधार पर जमींदारी उन्मूलन कानून रद्द किए थे और रोमेश थापर (1950) में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बहुत व्यापक व्याख्या की थी। पहले संशोधन अधिनियम, 1951 ने भूमि सुधार कानूनों को बचाने के लिए नौवीं अनुसूची और अनुच्छेद 31A, 31B जोड़े, अनुच्छेद 19(2) में 'लोक व्यवस्था', 'विदेशी राज्यों से मैत्रीपूर्ण संबंध' और 'अपराध के लिए उकसाना' जोड़े, और चंपकम दोराइराजन मामले के बाद पिछड़े वर्गों के लिए अनुच्छेद 15(4) जोड़ा। इसे नेहरू के समय अस्थायी संसद ने पारित किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1976 का 42वाँ संशोधन 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और मौलिक कर्तव्यों के लिए जाना जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1978 का 44वाँ संशोधन आपातकाल की ज्यादतियाँ सुधारने और संपत्ति को भाग III से हटाने के लिए था। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2002 के 86वें संशोधन ने शिक्षा का अधिकार, अनुच्छेद 21A जोड़ा। परीक्षा टिप: पहला संशोधन, 1951, नौवीं अनुसूची और अनुच्छेद 15(4)।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 12 Sep 2021मध्यम

भारतीय संघ में राज्य का दर्जा दिए जाने का सही कालानुक्रमिक क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?

  1. A.सिक्किम – अरुणाचल प्रदेश – नागालैंड – हरियाणा
  2. B.नागालैंड – हरियाणा – सिक्किम – अरुणाचल प्रदेश
  3. C.सिक्किम – हरियाणा – नागालैंड – अरुणाचल प्रदेश
  4. D.नागालैंड – अरुणाचल प्रदेश – सिक्किम – हरियाणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नागालैंड – हरियाणा – सिक्किम – अरुणाचल प्रदेश

व्याख्या

सही उत्तर है B, नागालैंड – हरियाणा – सिक्किम – अरुणाचल प्रदेश। नागालैंड 1 दिसंबर 1963 को असम से अलग होकर राज्य बना। इसके बाद 1 नवंबर 1966 को हरियाणा बना, जब शाह आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 से पंजाब का बँटवारा हुआ। सिक्किम, जो तब तक भारत का संरक्षित राज्य था, 36वें संशोधन अधिनियम, 1975 द्वारा 22वाँ राज्य बना और उसे 16 मई 1975 से राज्य का दर्जा मिला। अरुणाचल प्रदेश, जो पहले नॉर्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (नेफा) और 1972 से केंद्रशासित प्रदेश था, 20 फरवरी 1987 को मिज़ोरम के साथ उसी दिन राज्य बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश को नागालैंड और हरियाणा से पहले रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि सिक्किम (1975) हरियाणा (1966) या नागालैंड (1963) से पहले नहीं आ सकता। विकल्प D गलत है, क्योंकि अरुणाचल प्रदेश (1987) सिक्किम और हरियाणा, दोनों के बहुत बाद राज्य बना। परीक्षा टिप: 1963 नागालैंड, 1966 हरियाणा, 1975 सिक्किम, 1987 अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम; हरियाणा दिवस 1 नवंबर को मनाया जाता है।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS (II) 2020, 8 Nov 2020मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा आयोग अनुच्छेद 338क से संबंधित है?

  1. A.राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
  2. B.राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
  3. C.राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
  4. D.राष्ट्रीय महिला आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग। अनुच्छेद 338क इसी आयोग को संवैधानिक निकाय के रूप में स्थापित करता है। इसे 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 से जोड़ा गया, जिसने पुराने संयुक्त राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग को दो भागों में बांट दिया; अलग ST आयोग ने 2004 से काम शुरू किया। इसमें एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन सदस्य होते हैं, जिन्हें राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुहर वाले अधिपत्र से नियुक्त करते हैं; आयोग अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को देता है, जो उसे संसद में रखवाते हैं। याद रखने का आसान तरीका: जनजातियों को अलग आयोग मिला, तो अनुच्छेद में 'क' जुड़ गया। A गलत है, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अनुच्छेद 338 में है। C गलत है, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को 102वें संशोधन, 2018 से अनुच्छेद 338ख में संवैधानिक दर्जा मिला। D गलत है, राष्ट्रीय महिला आयोग संवैधानिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 से बना वैधानिक निकाय है। परीक्षा टिप: 338 SC, 338क ST, 338ख पिछड़ा वर्ग; महिला आयोग केवल वैधानिक।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2025, Shift 1मध्यम

देश के किसी भी उच्च न्यायालय को रिट जारी करने का अधिकार संविधान का कौन-सा अनुच्छेद देता है?

  1. A.अनुच्छेद 226
  2. B.अनुच्छेद 246
  3. C.अनुच्छेद 254
  4. D.अनुच्छेद 233
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अनुच्छेद 226

व्याख्या

सही उत्तर है A, अनुच्छेद 226। यह अनुच्छेद हर उच्च न्यायालय को अपने क्षेत्र में रिट जारी करने की शक्ति देता है। उच्च न्यायालय पांचों रिट, यानी बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण और अधिकार-पृच्छा, केवल मौलिक अधिकारों के लिए ही नहीं बल्कि 'किसी अन्य प्रयोजन' के लिए, यानी सामान्य कानूनी अधिकारों के लिए भी जारी कर सकता है। इसलिए उच्च न्यायालय की रिट शक्ति सर्वोच्च न्यायालय से ज्यादा व्यापक है, क्योंकि अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय केवल मौलिक अधिकारों के लिए रिट जारी करता है। अनुच्छेद 32 खुद एक मौलिक अधिकार है, जबकि अनुच्छेद 226 नहीं। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 246 सातवीं अनुसूची के जरिए संघ और राज्यों के बीच कानून बनाने के विषय बांटता है। C गलत है क्योंकि अनुच्छेद 254 समवर्ती सूची के विषय पर केंद्र और राज्य के कानूनों का टकराव सुलझाता है। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 233 जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़ा है। परीक्षा टिप: सर्वोच्च न्यायालय की रिट अनुच्छेद 32 में, उच्च न्यायालय की रिट अनुच्छेद 226 में, और उच्च न्यायालय की शक्ति ज्यादा व्यापक है।

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