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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 34

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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 34) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 14 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: राज्यपाल और राज्य कार्यपालिका, अनुसूचित और जनजातीय क्षेत्र (पांचवीं और छठी अनुसूची), पंचायती राज और नगरपालिकाएं और अन्य। इनमें से 14 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · 45th BPSC Prelims Official Paper, 2002आसान

राज्य सरकार को विधिक मामलों पर सलाह कौन देता है?

  1. A.महान्यायवादी
  2. B.महाधिवक्ता
  3. C.सॉलिसिटर जनरल
  4. D.उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. महाधिवक्ता

व्याख्या

सही उत्तर है B, महाधिवक्ता। महाधिवक्ता राज्य का सर्वोच्च विधि अधिकारी होता है और राज्य सरकार को विधिक मामलों पर सलाह देता है। अनुच्छेद 165 में इस पद की व्यवस्था है, जिसके अनुसार राज्यपाल ऐसे व्यक्ति को नियुक्त करता है जो उच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यता रखता हो, महाधिवक्ता राज्यपाल के प्रसादपर्यंत पद पर रहता है और उसका वेतन भी राज्यपाल ही तय करता है। उसके कर्तव्य हैं - राज्य सरकार द्वारा भेजे गए विधिक प्रश्नों पर सलाह देना, राज्यपाल द्वारा सौंपे गए विधिक कार्य करना और उच्च न्यायालय में राज्य की ओर से पक्ष रखना। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 76 के अंतर्गत महान्यायवादी संघ का प्रथम विधि अधिकारी है, किसी राज्य का नहीं। C गलत है क्योंकि सॉलिसिटर जनरल संघ स्तर पर महान्यायवादी की सहायता करता है और यह संवैधानिक पद नहीं है। D गलत है क्योंकि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मुकदमों का निर्णय करते हैं, सरकार को सलाह नहीं देते। परीक्षा टिप: भारत के महान्यायवादी के लिए अनुच्छेद 76 और राज्य के महाधिवक्ता के लिए अनुच्छेद 165 याद रखें।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 05 Jun, 2025, Shift 3मध्यम

पाँचवीं अनुसूची के अंतर्गत, अनुसूचित क्षेत्रों में राज्यपाल के विनियम निम्नलिखित में से किस पर प्रतिबंध या रोक लगा सकते हैं?

  1. A.भूमि हस्तांतरण
  2. B.कर संग्रहण
  3. C.अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
  4. D.जल उपयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भूमि हस्तांतरण

व्याख्या

सही उत्तर है A, भूमि हस्तांतरण। पाँचवीं अनुसूची राज्यपाल को अनुसूचित क्षेत्र की शांति और सुशासन के लिए विनियम बनाने की शक्ति देती है, और उसमें तीन विषय विशेष रूप से गिनाए गए हैं: अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों द्वारा या उनके बीच भूमि के हस्तांतरण पर रोक या प्रतिबंध, उन्हें भूमि आवंटन का विनियमन, और उन्हें दिए जाने वाले साहूकारी ऋण का विनियमन। इसका उद्देश्य बाहरी लोगों द्वारा जनजातीय भूमि खरीद लेने को रोकना है, इसलिए भूमि का अलगाव ही इस प्रावधान का केंद्र है। ऐसे विनियम के लिए राष्ट्रपति की अनुमति आवश्यक है, और राज्यपाल को इन क्षेत्रों के प्रशासन पर हर वर्ष राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजनी होती है, जिसमें जनजाति सलाहकार परिषद उसकी सहायता करती है। विकल्प B गलत है क्योंकि कराधान संसद और राज्य विधानमंडल तय करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मूल अधिकार है, जिसे राज्यपाल का विनियम सीमित नहीं कर सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि जल उपयोग इन तीन विषयों में नहीं है। परीक्षा टिप: पाँचवीं अनुसूची के विनियम: भूमि हस्तांतरण, भूमि आवंटन और साहूकारी।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

अनुच्छेद 243थ के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र में परिवर्तित हो रहे संक्रमणशील क्षेत्र का शासन किस निकाय द्वारा किया जाता है?

  1. A.नगर निगम
  2. B.नगर परिषद
  3. C.नगर पंचायत
  4. D.छावनी परिषद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. नगर पंचायत

व्याख्या

सही उत्तर C, नगर पंचायत है। अनुच्छेद 243थ राज्यपाल से अपेक्षा करता है कि वह संक्रमणशील क्षेत्र के लिए नगर पंचायत गठित करे, चाहे उसे किसी भी नाम से पुकारा जाए, अर्थात ऐसा क्षेत्र जो ग्रामीण से शहरी स्वरूप की ओर बढ़ रहा हो। वर्गीकरण करते समय राज्यपाल जनसंख्या, जनसंख्या घनत्व, स्थानीय प्रशासन के लिए उत्पन्न राजस्व, कृषि से इतर गतिविधियों में रोजगार का प्रतिशत और क्षेत्र का आर्थिक महत्व देखता है।

विकल्प A गलत है क्योंकि नगर निगम बड़े शहरी क्षेत्र, सामान्यतः बड़े नगर के लिए गठित होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि नगर परिषद छोटे शहरी क्षेत्र के लिए है, अर्थात ऐसे कस्बे के लिए जो पहले ही शहरी है। विकल्प D गलत है क्योंकि छावनी परिषद भाग 9क के अंतर्गत आती ही नहीं; वह छावनी अधिनियम के अधीन सैनिक छावनी का प्रशासन देखती है और केंद्रीय रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करती है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 24 Aug 2021, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन भारतीय जन संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं?

  1. A.के एम मुंशी
  2. B.बलदेव सिंह
  3. C.मीनू मसानी
  4. D.श्यामा प्रसाद मुखर्जी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

व्याख्या

सही उत्तर है D, श्यामा प्रसाद मुखर्जी। श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारतीय जन संघ की स्थापना की और वे ही इसके संस्थापक सदस्य तथा प्रथम अध्यक्ष माने जाते हैं। इस दल की शुरुआत अक्टूबर 1951 में दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रवादी विकल्प के रूप में हुई थी। मुखर्जी ने नेहरू-लियाकत समझौते के विरोध में 1950 में नेहरू मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दिया था, और इससे पहले वे हिंदू महासभा का नेतृत्व कर चुके थे तथा कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे थे। जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के विरुद्ध आंदोलन करते हुए 1953 में नजरबंदी के दौरान उनका निधन हो गया, जिसके बाद दीनदयाल उपाध्याय ने दल का संगठन खड़ा किया; 1980 में इसी धारा का पुनर्गठन भारतीय जनता पार्टी के रूप में हुआ। A गलत है क्योंकि के एम मुंशी संविधान सभा के सदस्य और कांग्रेस नेता थे, जो बाद में स्वतंत्र पार्टी में गए। B गलत है क्योंकि बलदेव सिंह स्वतंत्र भारत के पहले रक्षा मंत्री थे। C गलत है क्योंकि मीनू मसानी स्वतंत्र पार्टी के संस्थापकों में थे। परीक्षा टिप: भारतीय जन संघ 1951 - श्यामा प्रसाद मुखर्जी, स्वतंत्र पार्टी 1959 - सी राजगोपालाचारी और मीनू मसानी।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

संविधान की मूल संरचना का सिद्धांत सर्वोच्च न्यायालय ने किस वाद में प्रतिपादित किया?

  1. A.शंकरी प्रसाद वाद, 1951
  2. B.गोलकनाथ वाद, 1967
  3. C.केशवानंद भारती वाद, 1973
  4. D.मिनर्वा मिल्स वाद, 1980
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केशवानंद भारती वाद, 1973

व्याख्या

सही उत्तर है C, केशवानंद भारती वाद, 1973। तेरह न्यायाधीशों की पीठ, जो उस समय तक की सबसे बड़ी पीठ थी, ने सात के मुकाबले छह के बहुमत से कहा कि संसद मूल अधिकारों सहित संविधान के किसी भी भाग में संशोधन कर सकती है, परंतु उसकी मूल संरचना को क्षति या नष्ट नहीं कर सकती।

विकल्प A गलत है क्योंकि 1951 के शंकरी प्रसाद वाद ने पहले संशोधन को वैध ठहराया और कहा कि संशोधन साधारण विधि नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि 1967 के गोलकनाथ वाद ने दूसरा छोर पकड़कर कहा कि मूल अधिकार घटाए ही नहीं जा सकते; केशवानंद ने इसी निर्णय को उलटा। विकल्प D गलत है क्योंकि 1980 के मिनर्वा मिल्स वाद ने इस सिद्धांत को लागू किया, प्रतिपादित नहीं किया। शंकरी प्रसाद, गोलकनाथ, केशवानंद और मिनर्वा मिल्स की यह श्रृंखला क्रम से याद रखें।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC CAPF · 12 Aug 2018मध्यम

भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय व्यवस्थाएँ निम्नलिखित सभी बातों में भिन्न हैं, सिवाय

  1. A.उपरि सदन में राज्यों का समान प्रतिनिधित्व
  2. B.दोहरी नागरिकता
  3. C.एक-दूसरे से अलग न्यायालयों की दोहरी व्यवस्था
  4. D.दोहरी सरकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. दोहरी सरकार

व्याख्या

सही उत्तर है D, दोहरी सरकार। केंद्र में एक और इकाइयों में दूसरी सरकार, यानी दोहरी सरकार, हर संघीय व्यवस्था की साझा विशेषता है, इसलिए इस बिंदु पर भारत और अमेरिका में अंतर नहीं है। दोनों देशों में लिखित संविधान के जरिए शक्तियाँ राष्ट्रीय सरकार और राज्य सरकारों के बीच बँटी हैं और इस बँटवारे पर विवाद अदालतें तय करती हैं। बाकी तीन बातों में दोनों व्यवस्थाएँ अलग हैं, क्योंकि भारत का संघ मजबूत केंद्र वाला है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अमेरिका में हर राज्य आकार चाहे जो हो, सीनेट में दो सदस्य भेजता है, जबकि राज्यसभा की सीटें राज्य की जनसंख्या के अनुसार मिलती हैं, इसलिए प्रतिनिधित्व असमान है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमेरिकी नागरिक संघ और राज्य दोनों का नागरिक होता है, जबकि भारत में केवल एकल नागरिकता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अमेरिका में संघीय और राज्य न्यायालय अलग-अलग हैं, जबकि भारत में सर्वोच्च न्यायालय के नेतृत्व में एकीकृत न्यायपालिका है। परीक्षा टिप: भारत — एकल नागरिकता, एकीकृत न्यायपालिका, असमान राज्यसभा सीटें।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 24 Oct 2021मध्यम

उत्तर प्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग के कार्यों का विस्तार किसके द्वारा किया जा सकता है?

  1. A.प्रधानमंत्री
  2. B.केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय
  3. C.राष्ट्रपति
  4. D.उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल

व्याख्या

सही उत्तर D, उत्तर प्रदेश राज्य विधानमंडल है। अनुच्छेद 321 लोक सेवा आयोग को अतिरिक्त कार्य सौंपने की अनुमति देता है और दोनों प्रकार के आयोगों के लिए अलग अलग प्राधिकारी बताता है: संघ लोक सेवा आयोग के कार्यों का विस्तार संसद कर सकती है, जबकि किसी राज्य के लोक सेवा आयोग के कार्यों का विस्तार उस राज्य का विधानमंडल करता है। इसलिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के कार्य उत्तर प्रदेश विधानमंडल के अधिनियम से बढ़ाए जाते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि संविधान प्रधानमंत्री को ऐसी कोई शक्ति नहीं देता। विकल्प B गलत है क्योंकि कोई केंद्रीय मंत्रालय राज्य आयोग के लिए विधि नहीं बना सकता। विकल्प C गलत है क्योंकि राष्ट्रपति नियुक्ति, निष्कासन और सेवा शर्तों से जुड़े हैं, पर कार्यों का विस्तार अनुच्छेद 321 के अंतर्गत विधायी कार्य है।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 9 August 2017, Shift 3आसान

दल-बदल विरोधी कानून भारतीय संविधान की किस अनुसूची में दिया गया है?

  1. A.दूसरी अनुसूची
  2. B.दसवीं अनुसूची
  3. C.तीसरी अनुसूची
  4. D.चौथी अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दसवीं अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है B, दसवीं अनुसूची। दल-बदल विरोधी कानून संविधान की दसवीं अनुसूची में रखा गया है, जो बताती है कि दल बदलने पर संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य अपनी सीट कब खो देता है। इसे 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया, क्योंकि उससे पहले के वर्षों में दल-बदल के कारण कई सरकारें गिर गई थीं। सदस्य अयोग्य ठहराया जाता है यदि वह स्वेच्छा से उस दल की सदस्यता छोड़ दे जिसके टिकट पर वह जीता था, या दल के व्हिप के विरुद्ध मतदान करे। ऐसे मामले का फैसला सदन का अध्यक्ष या सभापति करता है और न्यायालय उस फैसले की समीक्षा कर सकते हैं। 2003 के 91वें संशोधन ने एक-तिहाई विभाजन की पुरानी छूट हटा दी, इसलिए अब केवल दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन वाला विलय ही संरक्षित है। A गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, अध्यक्षों और न्यायाधीशों के वेतन-भत्ते तय करती है। C गलत है क्योंकि तीसरी अनुसूची में शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप हैं। D गलत है क्योंकि चौथी अनुसूची राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को राज्यसभा की सीटें बाँटती है। परीक्षा टिप: दसवीं अनुसूची – दल-बदल – 52वाँ संशोधन, 1985।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · 3 Feb 2019मध्यम

अंतर-राज्य परिषद की स्थापना 1990 में किसकी सिफारिश पर की गई थी?

  1. A.पुंछी आयोग
  2. B.सरकारिया आयोग
  3. C.राजमन्नार आयोग
  4. D.मुंगेरीलाल आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सरकारिया आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, सरकारिया आयोग। केंद्र-राज्य संबंधों पर इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर 1990 में राष्ट्रपति के आदेश से अंतर-राज्य परिषद गठित की गई थी। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को ऐसी परिषद बनाने की शक्ति देता है, जो राज्यों के बीच विवादों की जाँच करे, साझा हित के विषयों पर विचार करे और सिफारिशें दे। न्यायमूर्ति आर. एस. सरकारिया की अध्यक्षता वाला यह आयोग 1983 में बना और 1988 में रिपोर्ट सौंपी; इसने परिषद को स्थायी निकाय बनाने की सलाह दी। इसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री होते हैं, तथा सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासक और छह केंद्रीय मंत्री इसके सदस्य होते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि पुंछी आयोग बहुत बाद में, 2007 में बना और 2010 में रिपोर्ट दी। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1969 की राजमन्नार समिति तमिलनाडु सरकार ने बनाई थी, केंद्र ने नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि मुंगेरीलाल आयोग बिहार में पिछड़े वर्गों के आरक्षण से जुड़ा था। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 263 और सरकारिया आयोग से अंतर-राज्य परिषद, 1990।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · 28 Feb 2020, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन भारत का केंद्रशासित प्रदेश नहीं है?

  1. A.लद्दाख और पुडुचेरी
  2. B.दमन और दीव तथा दादरा और नगर हवेली
  3. C.लक्षद्वीप
  4. D.मिज़ोरम
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मिज़ोरम

व्याख्या

सही उत्तर है D, मिज़ोरम। मिज़ोरम पूर्ण राज्य है, केंद्रशासित प्रदेश नहीं। इसे 1972 में असम से अलग कर केंद्रशासित प्रदेश बनाया गया था और 1986 के मिज़ो समझौते के बाद 53वें संविधान संशोधन से यह 20 फरवरी 1987 को राज्य बना, उसी दिन जब अरुणाचल प्रदेश भी राज्य बना। यह अंतर महत्वपूर्ण है: केंद्रशासित प्रदेश का प्रशासन अनुच्छेद 239 के अंतर्गत राष्ट्रपति प्रशासक या उपराज्यपाल के माध्यम से करते हैं, जबकि राज्य का अपना राज्यपाल और अपनी सरकार संविधान के भाग VI के अनुसार होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि लद्दाख 31 अक्टूबर 2019 से और पुडुचेरी 1962 से केंद्रशासित प्रदेश है, तथा दोनों पहली अनुसूची में केंद्रशासित प्रदेश के रूप में दर्ज हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 26 जनवरी 2020 को मिलाकर एक केंद्रशासित प्रदेश बना दिया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि लक्षद्वीप अरब सागर में प्रवाल द्वीपों का केंद्रशासित प्रदेश है, जिसकी राजधानी कवरत्ती है। परीक्षा टिप: मिज़ोरम और अरुणाचल प्रदेश 20 फरवरी 1987 को राज्य बने, गोवा 30 मई 1987 को।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · 15 Oct, 2022मध्यम

नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29 की उपधारा (1) द्वारा प्रदत्त शक्ति का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा के लिए पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया तय करने के लिए किस संस्थान को अधिकृत किया है?

  1. A.एन.सी.टी.ई.
  2. B.एन.सी.ई.आर.टी.
  3. C.एन.आई.ई.पी.ए.
  4. D.एन.आई.ओ.एस.
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एन.सी.ई.आर.टी.

व्याख्या

सही उत्तर है B, एन.सी.ई.आर.टी. नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 29(1) कहती है कि प्रारंभिक शिक्षा का पाठ्यक्रम और मूल्यांकन प्रक्रिया उपयुक्त सरकार द्वारा अधिसूचित शैक्षिक प्राधिकारी तय करेगा, और केंद्र सरकार ने अपने अधीन विद्यालयों के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद को अधिसूचित किया, जबकि राज्यों ने अपने एससीईआरटी को। इसके बाद धारा 29(2) उस प्राधिकारी को संवैधानिक मूल्यों, बच्चे के सर्वांगीण विकास, गतिविधि और खोज के माध्यम से सीखने, यथासंभव मातृभाषा में शिक्षण तथा सतत और व्यापक मूल्यांकन से बाँधती है। A गलत है क्योंकि एन.सी.टी.ई. शिक्षक-शिक्षा और शिक्षक पात्रता के मानक बनाती है, जिसे अधिनियम धारा 23 में देखता है। C गलत है क्योंकि एन.आई.ई.पी.ए. शैक्षिक नियोजन और प्रशासन पर काम करती है। D गलत है क्योंकि एन.आई.ओ.एस. मुक्त और दूरस्थ शिक्षा चलाती है। परीक्षा टिप: आरटीई अधिनियम में धारा 29 का शैक्षिक प्राधिकारी एनसीईआरटी है और धारा 23 शिक्षक योग्यता एनसीटीई के माध्यम से तय करती है।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 17 Jan 2023, Shift 4मध्यम

राज्य के राज्यपाल को क्षमादान की शक्ति भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्राप्त है?

  1. A.अनुच्छेद 163
  2. B.अनुच्छेद 161
  3. C.अनुच्छेद 55
  4. D.अनुच्छेद 145
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 161

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 161। अनुच्छेद 161 राज्यपाल को यह शक्ति देता है कि वे उस अपराध के लिए दंडित किसी व्यक्ति को क्षमा, प्रविलंबन, विराम और परिहार दे सकें तथा दंड को निलंबित, कम या परिवर्तित कर सकें, जिस विषय पर राज्य की कार्यपालिका शक्ति फैली हुई है। उनकी यह शक्ति अनुच्छेद 72 के अंतर्गत राष्ट्रपति की शक्ति से दो बातों में कम है — राज्यपाल मृत्युदंड को क्षमा नहीं कर सकते और सेना न्यायालय द्वारा दिए गए दंड में उनका कोई अधिकार नहीं होता, जबकि राष्ट्रपति दोनों कर सकते हैं। राष्ट्रपति की तरह राज्यपाल भी इस शक्ति का प्रयोग राज्य मंत्रिपरिषद की सलाह पर करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 163 राज्यपाल को सहायता और सलाह देने वाली मंत्रिपरिषद से संबंधित है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 55 राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति बताता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 145 उच्चतम न्यायालय को प्रक्रिया के नियम बनाने की शक्ति देता है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 72 राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति, अनुच्छेद 161 राज्यपाल की; मृत्युदंड और सेना न्यायालय के दंड में केवल राष्ट्रपति क्षमा दे सकते हैं।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 8 Oct 2021, Shift 2मध्यम

भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद किस वर्ष बनाया गया था?

  1. A.2000
  2. B.1998
  3. C.2003
  4. D.1999
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1998

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1998। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का पद नवंबर 1998 में बना, जब वाजपेयी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का गठन किया। ब्रजेश मिश्र पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने और उन्होंने यह पद प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव के पद के साथ संभाला। सलाहकार राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक मामलों में प्रधानमंत्री का मुख्य परामर्शदाता होता है, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय का प्रमुख होता है और खुफिया एजेंसियों के आकलन उसी के पास आते हैं। परिषद तीन अंगों से काम करती है — सामरिक नीति समूह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड और सचिवालय। विकल्प A गलत है, क्योंकि 2000 तक यह पद दो वर्ष पुराना हो चुका था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2003 पहले सलाहकार के लंबे कार्यकाल के अंतिम वर्षों में आता है, आरंभ में नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि कारगिल संघर्ष वाले वर्ष 1999 को लोग इससे जोड़ लेते हैं, पर परिषद और सलाहकार की घोषणा कुछ महीने पहले ही हो चुकी थी। परीक्षा टिप: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार — नवंबर 1998, पहले सलाहकार ब्रजेश मिश्र।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 2आसान

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का प्रहरी है और भारत के संविधान का _____ इसकी स्थापना का प्रावधान करता है।

  1. A.अनुच्छेद 356
  2. B.अनुच्छेद 324
  3. C.अनुच्छेद 352
  4. D.अनुच्छेद 101
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 324

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 324। यही अनुच्छेद चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का काम भारत निर्वाचन आयोग को देता है।

अनुच्छेद 324 संविधान के भाग XV में आता है, जो निर्वाचन से संबंधित है। आयोग संसद, राज्य विधानमंडलों तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के चुनाव कराता है। पंचायतों और नगरपालिकाओं के चुनाव अनुच्छेद 243K और 243ZA के तहत राज्य निर्वाचन आयोग कराते हैं। निर्वाचन आयोग 25 जनवरी 1950 को एक सदस्यीय निकाय के रूप में शुरू हुआ था, और मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्तों का कार्यकाल कानून द्वारा निर्धारित होता है।

A गलत है: अनुच्छेद 356 राज्य में राष्ट्रपति शासन का प्रावधान करता है। C गलत है: अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा से जुड़ा है। D गलत है: अनुच्छेद 101 में वे आधार दिए गए हैं जिनसे संसद की सीट रिक्त होती है।

परीक्षा टिप: अनुच्छेद 324 - निर्वाचन आयोग; अनुच्छेद 243K और 243ZA - राज्य निर्वाचन आयोग।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थामध्यम

केशवानंद भारती वाद में सर्वोच्च न्यायालय ने किस पूर्व निर्णय को उलट दिया?

  1. A.गोलकनाथ वाद
  2. B.बेरुबाड़ी संघ वाद
  3. C.एस आर बोम्मई वाद
  4. D.मिनर्वा मिल्स वाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गोलकनाथ वाद

व्याख्या

सही उत्तर है A, गोलकनाथ वाद। 1967 के गोलकनाथ वाद में ग्यारह न्यायाधीशों की पीठ ने छह के मुकाबले पाँच से कहा था कि संसद के पास मूल अधिकारों में संशोधन की शक्ति नहीं है। संसद ने 1971 के चौबीसवें संशोधन से उत्तर दिया और 1973 के केशवानंद भारती वाद में न्यायालय ने गोलकनाथ को उलटते हुए संशोधन शक्ति बहाल की, पर उस पर मूल संरचना की सीमा लगा दी।

विकल्प B गलत है क्योंकि 1960 की बेरुबाड़ी संघ सलाह भारतीय भूभाग के अंतरण और प्रस्तावना की स्थिति से जुड़ी थी। विकल्प C गलत है क्योंकि एस आर बोम्मई वाद बहुत बाद में, 1994 में आया और अनुच्छेद 356 से संबंधित था। विकल्प D तिथि से ही गलत है, क्योंकि मिनर्वा मिल्स 1980 में तय हुआ, केशवानंद के सात वर्ष बाद। ऐसे प्रश्नों में उलटने की दिशा पर ध्यान दें।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · 10 Oct 2021मध्यम

भारत के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यहाँ केवल एक नागरिकता और एक अधिवास है। 2. केवल जन्म से नागरिक ही राज्याध्यक्ष बन सकता है। 3. विदेशी को एक बार नागरिकता मिल जाने पर किसी भी परिस्थिति में उससे वह नहीं छीनी जा सकती। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 3
  4. D.2 और 3
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. केवल 1

व्याख्या

सही उत्तर है A, केवल 1। केवल पहला कथन सही है, इसलिए बाकी संयोजन कट जाते हैं। भारत में एकल नागरिकता और एक ही अधिवास की व्यवस्था है, यानी व्यक्ति केवल भारत का नागरिक होता है, अलग से किसी राज्य का नहीं, जबकि अमेरिका में नागरिक राज्य का भी नागरिक होता है। नागरिकता का विषय अनुच्छेद 5 से 11 तथा नागरिकता अधिनियम, 1955 में रखा गया है, जिसके अनुसार यह जन्म, वंश, पंजीकरण, देशीयकरण या किसी क्षेत्र के भारत में मिलने से प्राप्त की जा सकती है। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 58 केवल यह चाहता है कि राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार भारत का नागरिक हो; देशीयकरण से बना नागरिक भी समान रूप से पात्र है। कथन 3 गलत है क्योंकि अधिनियम में परित्याग, पर्यवसान और वंचन से नागरिकता जाने की व्यवस्था है, और देशीयकृत नागरिक से धोखाधड़ी या राजद्रोह के कारण नागरिकता छीनी जा सकती है। B, C और D गलत हैं क्योंकि इनमें से हर एक में यही दो ग़लत कथन शामिल हैं। परीक्षा टिप: एकल नागरिकता, एक अधिवास - और अनुच्छेद 5 से 11 नागरिकता के अनुच्छेद हैं।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 24 Oct 2021मध्यम

राज्य लोक सेवा आयोग के सदस्य को हटाया जा सकता है:

  1. A.विधान सभा में महाभियोग के आधार पर राज्यपाल द्वारा
  2. B.उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राज्यपाल द्वारा
  3. C.उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा
  4. D.उच्च न्यायालय की जांच के बाद राज्यपाल द्वारा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा

व्याख्या

सही उत्तर C, उच्चतम न्यायालय की जांच के बाद राष्ट्रपति द्वारा है। अनुच्छेद 317(1) उपबंध करता है कि लोक सेवा आयोग, चाहे संघ का हो या किसी राज्य का, के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को कदाचार के आधार पर केवल राष्ट्रपति के आदेश से हटाया जाएगा, और वह भी तब जब राष्ट्रपति के निर्देश पर उच्चतम न्यायालय जांच करके यह प्रतिवेदन दे कि उसे हटाया जाना चाहिए। विकल्प A, B और D तीनों यह शक्ति राज्यपाल को देते हैं, जो इस प्रश्न का सामान्य जाल है: राज्यपाल राज्य आयोग के सदस्य की नियुक्ति करते हैं और जांच लंबित रहते उसे निलंबित कर सकते हैं, पर हटा नहीं सकते। इस पद के लिए विधान सभा में महाभियोग की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए A दोहरी दृष्टि से गलत है, और D उच्चतम न्यायालय के स्थान पर उच्च न्यायालय रखकर गलत हो जाता है।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थाकठिन

संविधान संशोधन विधेयक पर राष्ट्रपति की अनुमति किस संशोधन द्वारा अनिवार्य बनाई गई?

  1. A.चौबीसवाँ संशोधन, 1971
  2. B.पच्चीसवाँ संशोधन, 1971
  3. C.बयालीसवाँ संशोधन, 1976
  4. D.चवालीसवाँ संशोधन, 1978
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चौबीसवाँ संशोधन, 1971

व्याख्या

सही उत्तर है A, चौबीसवाँ संशोधन, 1971। यह गोलकनाथ निर्णय के उत्तर में लाया गया था। इसने अनुच्छेद 13 और अनुच्छेद 368 में संशोधन कर स्पष्ट किया कि संसद संशोधन द्वारा किसी मूल अधिकार को छीन या कम कर सकती है, और ऐसे विधेयक पर राष्ट्रपति की अनुमति अनिवार्य कर दी, इसलिए वह विधेयक न रोका जा सकता है और न पुनर्विचार के लिए लौटाया जा सकता है।

विकल्प B गलत है क्योंकि 1971 के पच्चीसवें संशोधन ने संपत्ति के अधिकार को सीमित किया और अनुच्छेद 31ग जोड़ा। विकल्प C गलत है क्योंकि 1976 के बयालीसवें संशोधन ने मूल कर्तव्य जोड़े और अनुच्छेद 368 के खंड 4 तथा 5 से न्यायिक पुनरावलोकन रोकने का प्रयास किया। विकल्प D गलत है क्योंकि 1978 के चवालीसवें संशोधन ने उन परिवर्तनों को पलटा। जोड़ी याद रखें: गोलकनाथ के साथ चौबीसवाँ संशोधन।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोगों का उपबंध करता है?

  1. A.अनुच्छेद 312
  2. B.अनुच्छेद 315
  3. C.अनुच्छेद 320
  4. D.अनुच्छेद 324
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 315

व्याख्या

सही उत्तर B, अनुच्छेद 315 है। यह लोक सेवा आयोगों वाले समूह का पहला अनुच्छेद है और कहता है कि संघ के लिए एक लोक सेवा आयोग और प्रत्येक राज्य के लिए एक लोक सेवा आयोग होगा, तथा यह भी कि दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद उनके लिए संयुक्त आयोग बना सकती है। विकल्प A यानी अनुच्छेद 312 राज्य सभा के संकल्प पर संसद द्वारा अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन से संबंधित है, जो पूरी तरह अलग विषय है। विकल्प C यानी अनुच्छेद 320 आयोगों के कार्य बताता है, जैसे परीक्षाएं आयोजित करना और भर्ती तथा अनुशासनिक मामलों पर परामर्श देना, पर वह उनका गठन नहीं करता। विकल्प D यानी अनुच्छेद 324 भारत के निर्वाचन आयोग की स्थापना करता है और लोक सेवा आयोगों से उसका कोई संबंध नहीं है।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थाआसान

भारत के संविधान के किस संशोधन को लोकप्रिय रूप से लघु संविधान कहा जाता है?

  1. A.बयालीसवाँ संशोधन
  2. B.चवालीसवाँ संशोधन
  3. C.बावनवाँ संशोधन
  4. D.तिहत्तरवाँ संशोधन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बयालीसवाँ संशोधन

व्याख्या

सही उत्तर है A, बयालीसवाँ संशोधन। स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिशों पर 1976 में पारित इस संशोधन ने एक ही बार में इतने उपबंध बदले कि उसे लघु संविधान कहा जाता है: भाग 4क में मूल कर्तव्य जोड़े, प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और अखंडता शब्द रखे, लोकसभा का कार्यकाल छह वर्ष किया और शिक्षा तथा वन सहित पाँच विषय राज्य सूची से समवर्ती सूची में भेजे।

विकल्प B गलत है क्योंकि 1978 का चवालीसवाँ संशोधन वह सुधारात्मक संशोधन था जिसने इनमें से बहुत कुछ पलटा। विकल्प C गलत है क्योंकि 1985 के बावनवें संशोधन ने दसवीं अनुसूची में दल बदल विरोधी विधि दी। विकल्प D गलत है क्योंकि 1992 के तिहत्तरवें संशोधन ने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया। यह उपनाम केवल बयालीसवें संशोधन का है। परीक्षा में यह प्रश्न सीधे उपनाम पर आता है, इसलिए बयालीसवें संशोधन के साथ स्वर्ण सिंह समिति और 1976 का वर्ष भी जोड़कर याद रखें।

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