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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 20

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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 20) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 15 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: मौलिक कर्तव्य, अधीनस्थ न्यायालय, न्यायाधिकरण और लोक अदालत, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 17 Jul 2023, Shift 4आसान

नागरिकों के मूल कर्तव्य निम्नलिखित में से किस समिति की सिफारिश पर भारत के संविधान में जोड़े गए थे?

  1. A.राजा चेलैया समिति
  2. B.संथानम समिति
  3. C.केलकर समिति
  4. D.स्वर्ण सिंह समिति
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. स्वर्ण सिंह समिति

व्याख्या

सही उत्तर है D, स्वर्ण सिंह समिति। मूल कर्तव्य 1976 में गठित इसी समिति की सिफारिश पर संविधान में जोड़े गए।

स्वर्ण सिंह समिति ने सुझाव दिया कि संविधान में अधिकारों के साथ-साथ नागरिकों के कर्तव्य भी स्पष्ट रूप से लिखे जाएं। इस पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के द्वारा भाग IVA जोड़ा गया, जिसमें केवल एक अनुच्छेद 51A है और उसमें दस मूल कर्तव्य गिनाए गए हैं। ग्यारहवां कर्तव्य - माता-पिता या संरक्षक द्वारा छह से चौदह वर्ष के बच्चे को शिक्षा का अवसर देना - 86वें संशोधन अधिनियम, 2002 से जोड़ा गया। ये कर्तव्य स्वयं न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं।

A गलत है: राजा चेलैया समिति ने 1990 के दशक के आरंभ में कर सुधारों पर रिपोर्ट दी थी। B गलत है: 1962 की संथानम समिति भ्रष्टाचार निवारण से जुड़ी थी और उससे केंद्रीय सतर्कता आयोग बना। C गलत है: केलकर समिति ने भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर सुधारों पर काम किया।

परीक्षा टिप: स्वर्ण सिंह समिति - 42वां संशोधन, 1976 - भाग IVA, अनुच्छेद 51A, दस कर्तव्य; ग्यारहवां 2002 में।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 6 Sept 2022, Shift 2आसान

अधीनस्थ न्यायालय की भूमिका क्या है?

  1. A.दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना
  2. B.मूल अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए रिट जारी करना
  3. C.निचले न्यायालयों के निर्णयों पर अपील सुनना
  4. D.किसी भी न्यायालय से मामले अपने पास मँगाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना

व्याख्या

सही उत्तर है A, दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना। अधीनस्थ न्यायालय जिला स्तर और उससे नीचे के न्यायालय हैं, जो दीवानी तथा फौजदारी मामलों की प्रारंभिक सुनवाई करते हैं।

भारतीय न्यायपालिका एकल पिरामिड के रूप में गठित है। शीर्ष पर उच्चतम न्यायालय, उसके बाद प्रत्येक राज्य में उच्च न्यायालय और उसके नीचे अधीनस्थ न्यायालय होते हैं, जो उसी उच्च न्यायालय के नियंत्रण में कार्य करते हैं। दीवानी पक्ष में जिला न्यायाधीश सर्वोच्च होता है और उसके नीचे सिविल जज के न्यायालय आते हैं; फौजदारी पक्ष में सत्र न्यायाधीश सर्वोच्च होता है और नीचे न्यायिक मजिस्ट्रेट होते हैं। अनुच्छेद 233 से 237 इन्हीं न्यायालयों से संबंधित हैं, तथा जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल उच्च न्यायालय के परामर्श से करता है।

विकल्प B गलत है क्योंकि रिट उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 32 और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अंतर्गत जारी करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अपील सुनना मुख्यतः उच्च न्यायालय का कार्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि मामलों का स्थानांतरण उच्च न्यायालयों की शक्ति है।

परीक्षा टिप: जिला और सत्र न्यायालय अधीनस्थ न्यायालय हैं; रिट केवल उच्चतम और उच्च न्यायालय जारी करते हैं।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 2आसान

भारत के उपराष्ट्रपति का चुनाव _________ वर्ष की अवधि के लिए होता है।

  1. A.6
  2. B.5
  3. C.2
  4. D.3
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 5

व्याख्या

सही उत्तर है B, 5। भारत के उपराष्ट्रपति अपना पद ग्रहण करने की तारीख से पांच वर्ष तक पद पर रहते हैं।

उपराष्ट्रपति से जुड़े प्रावधान अनुच्छेद 63 से 71 तक हैं। उनका चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों, जिनमें मनोनीत सदस्य भी शामिल हैं, के निर्वाचक मंडल द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व की एकल संक्रमणीय मत प्रणाली और गुप्त मतदान से होता है। राष्ट्रपति के चुनाव से अलग, इसमें राज्य विधानमंडल भाग नहीं लेते। उपराष्ट्रपति पदेन राज्यसभा के सभापति होते हैं, राष्ट्रपति को लिखकर त्यागपत्र दे सकते हैं, और राज्यसभा के तत्कालीन सभी सदस्यों के बहुमत से पारित तथा लोकसभा से सहमत संकल्प द्वारा हटाए जा सकते हैं।

A गलत है: छह वर्ष राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल है। C और D गलत हैं: दो और तीन वर्ष इस पद के लिए निर्धारित कोई अवधि नहीं है।

परीक्षा टिप: राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति, दोनों का कार्यकाल पांच वर्ष; अनुच्छेद 52-62 राष्ट्रपति, 63-71 उपराष्ट्रपति।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 15 Oct 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किसने उस नौ न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ की अध्यक्षता की थी, जिसने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया?

  1. A.जे.एस. खेहर
  2. B.दीपक मिश्रा
  3. C.एच.जे. कनिया
  4. D.टी.एस. ठाकुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जे.एस. खेहर

व्याख्या

सही उत्तर है A, जे.एस. खेहर। न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर उस समय भारत के मुख्य न्यायाधीश थे, जब 24 अगस्त 2017 को नौ न्यायाधीशों की पीठ ने न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ में फैसला सुनाया, और उन्होंने ही पीठ की अध्यक्षता की। पीठ ने एकमत से माना कि निजता मौलिक अधिकार है, जो मुख्यतः अनुच्छेद 21 के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार तथा भाग III की स्वतंत्रताओं से सुरक्षित है। इसने एम.पी. शर्मा (1954) और खड़क सिंह (1962) के पुराने फैसले पलट दिए, जिनमें कहा गया था कि संविधान ऐसा कोई अधिकार नहीं देता। यह मामला आधार योजना की चुनौती से निकला था। खेहर भारत के पहले सिख मुख्य न्यायाधीश भी थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीपक मिश्रा एक सप्ताह बाद मुख्य न्यायाधीश बने और धारा 377 तथा व्यभिचार के फैसलों की पीठों में थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि एच.जे. कनिया 1950 में भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि टी.एस. ठाकुर जनवरी 2017 में सेवानिवृत्त हो गए थे। परीक्षा टिप: पुट्टस्वामी 2017, नौ न्यायाधीश, अनुच्छेद 21, सीजेआई खेहर।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 9 सितंबर 2024, शिफ्ट 3मध्यम

भारतीय संविधान का अनुच्छेद 77 ________ से संबंधित है।

  1. A.उपराष्ट्रपति की पदावधि
  2. B.भारत के उपराष्ट्रपति
  3. C.उपराष्ट्रपति द्वारा पद की शपथ
  4. D.भारत सरकार के कार्य का संचालन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भारत सरकार के कार्य का संचालन

व्याख्या

सही उत्तर भारत सरकार के कार्य का संचालन है। अनुच्छेद 77 कहता है कि भारत सरकार की सारी कार्यपालिका कार्रवाई राष्ट्रपति के नाम से की गई कही जाएगी, और राष्ट्रपति सरकार के कार्य के अधिक सुविधाजनक संचालन और मंत्रियों के बीच उसके बंटवारे के लिए नियम बनाएंगे। ये भारत सरकार (कार्य आवंटन) नियम और कार्य संचालन नियम हैं, जिनसे हर मंत्रालय को अपने विषय पता होते हैं।

बाकी तीनों विकल्प उपराष्ट्रपति से जुड़े हैं, और ये अनुच्छेदों के एक अलग समूह से आते हैं: उपराष्ट्रपति का पद अनुच्छेद 63 बनाता है, पदावधि अनुच्छेद 67 में है, और शपथ अनुच्छेद 69 में। परीक्षक इन्हें इसलिए मिलाते हैं क्योंकि ये अनुच्छेद पास-पास हैं। कार्यपालिका के अनुच्छेदों का क्रम याद रखें: 74 मंत्रिपरिषद, 75 नियुक्ति और नियम, 76 महान्यायवादी, 77 कार्य का संचालन, और 78 राष्ट्रपति के प्रति प्रधानमंत्री के कर्तव्य।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Jan 2023, Shift 4कठिन

भारत के संविधान के किस भाग में संघ लोक सेवा आयोग की शक्तियाँ और कार्य दिए गए हैं?

  1. A.भाग XVII
  2. B.भाग XV
  3. C.भाग XVI
  4. D.भाग XIV
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भाग XIV

व्याख्या

सही उत्तर है D, भाग XIV। संविधान का भाग XIV, जिसका शीर्षक संघ और राज्यों के अधीन सेवाएँ है, अनुच्छेद 308 से 323 तक फैला है और लोक सेवा आयोग इसी में आते हैं। अनुच्छेद 315 संघ के लिए संघ लोक सेवा आयोग और प्रत्येक राज्य के लिए राज्य लोक सेवा आयोग का प्रावधान करता है। अनुच्छेद 316 सदस्यों की नियुक्ति और कार्यकाल से, अनुच्छेद 317 उनके हटाए जाने से, अनुच्छेद 320 आयोगों के कार्यों से, मुख्य रूप से सेवाओं में नियुक्ति के लिए परीक्षा कराने से, और अनुच्छेद 323 उनकी वार्षिक रिपोर्ट से संबंधित है। संघ लोक सेवा आयोग एक संवैधानिक निकाय है और इसके अध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि भाग XVII राजभाषा से संबंधित है। विकल्प B गलत है, क्योंकि भाग XV निर्वाचन और निर्वाचन आयोग से संबंधित है। विकल्प C गलत है, क्योंकि भाग XVI अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और आंग्ल-भारतीयों के विशेष उपबंधों से संबंधित है। परीक्षा टिप: भाग XIV सेवाएँ और यूपीएससी, भाग XV निर्वाचन, भाग XVI विशेष उपबंध, भाग XVII भाषा।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 21 August 2019, Shift 1मध्यम

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम कब पारित किया गया था?

  1. A.1951
  2. B.1945
  3. C.1955
  4. D.1949
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1951

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1951। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 में, पहले आम चुनाव से पहले पारित हुआ था।

संसद ने अनुच्छेद 327 और 328 के अंतर्गत दो कानून बनाए। 1950 का अधिनियम सीटों के आवंटन और निर्वाचक सूची तैयार करने से जुड़ा है। 1951 का अधिनियम अधिक विस्तृत है, जो चुनाव कराने की प्रक्रिया, सदस्यों की अर्हता और निरर्हता, भ्रष्ट आचरण, चुनाव खर्च, चुनाव याचिका और उपचुनाव से संबंधित है। कानून मंत्री के रूप में डॉ. बी. आर. आंबेडकर ने इसे अस्थायी संसद में पारित कराया और इसी के तहत 1951-52 में भारत का पहला आम चुनाव हुआ।

विकल्प B, 1945 स्वतंत्रता से पहले का वर्ष है, जब भारतीय संसद नहीं थी। विकल्प D, 1949 में 26 नवंबर को संविधान अंगीकृत हुआ था। विकल्प C, 1955 नागरिकता अधिनियम और हिंदू विवाह अधिनियम का वर्ष है, इस कानून का नहीं।

परीक्षा टिप: आरपीए 1950 - सूची और सीटें; आरपीए 1951 - चुनाव संचालन और निरर्हता।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 11 Feb 2024मध्यम

भारतीय संविधान के सन्दर्भ में सूची I का सूची II से मिलान कीजिए:

सूची I: a. अनुच्छेद 263, b. अनुच्छेद 226, c. अनुच्छेद 239, d. अनुच्छेद 280

सूची II: i. वित्त आयोग, ii. उच्च न्यायालय, iii. अंतरराज्यीय परिषद्, iv. केंद्र शासित प्रदेश

नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:

  1. A.a-iii, b-ii, c-iv, d-i
  2. B.a-i, b-ii, c-iii, d-iv
  3. C.a-ii, b-i, c-iii, d-iv
  4. D.a-iv, b-ii, c-iii, d-i
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. a-iii, b-ii, c-iv, d-i

व्याख्या

सही उत्तर है A, a-iii, b-ii, c-iv, d-i। अनुच्छेद 263 राष्ट्रपति को राज्यों के बीच विवादों और साझा विषयों पर चर्चा के लिए अंतरराज्यीय परिषद् बनाने का अधिकार देता है; सरकारिया आयोग की सलाह पर यह परिषद् पहली बार 1990 में बनी। अनुच्छेद 226 हर उच्च न्यायालय को बंदी प्रत्यक्षीकरण और परमादेश जैसी रिट जारी करने की शक्ति देता है, मूल अधिकारों के साथ ‘किसी अन्य प्रयोजन’ के लिए भी, इसलिए यह अनुच्छेद 32 से व्यापक है। अनुच्छेद 239 के अनुसार हर केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन राष्ट्रपति अपने नियुक्त प्रशासक के माध्यम से चलाते हैं। अनुच्छेद 280 के तहत हर पाँच साल में वित्त आयोग बनता है, जो केंद्र और राज्यों के बीच कर राजस्व के बँटवारे की सिफ़ारिश करता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उसमें अनुच्छेद 263 को वित्त आयोग और 280 को केंद्र शासित प्रदेशों से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि उसमें 263 को उच्च न्यायालय और 226 को वित्त आयोग से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उसमें 263 को केंद्र शासित प्रदेशों और 239 को अंतरराज्यीय परिषद् से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: 263 अंतरराज्यीय परिषद्, 226 उच्च न्यायालय की रिट, 239 केंद्र शासित प्रदेश, 280 वित्त आयोग।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 2 August 2019, Shift 1मध्यम

किस पार्टी की सरकार ने 1978 में द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन की घोषणा की थी?

  1. A.भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी
  2. B.भारतीय जनता पार्टी
  3. C.जनता पार्टी
  4. D.यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जनता पार्टी

व्याख्या

सही उत्तर है C, जनता पार्टी। मोरारजी देसाई के नेतृत्व वाली जनता पार्टी सरकार ने 1978 में द्वितीय पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया था।

इसे इसके अध्यक्ष बी. पी. मंडल के नाम पर मंडल आयोग कहा जाता है। इसकी नियुक्ति अनुच्छेद 340 के तहत हुई, जो राष्ट्रपति को सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों की दशा जाँचने के लिए आयोग बनाने का अधिकार देता है। आयोग ने 1980 में रिपोर्ट दी और केंद्र सरकार की नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की सिफारिश की। वी. पी. सिंह सरकार ने 1990 में इसे लागू करने की घोषणा की और 1992 के इंदिरा साहनी मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने इसे सही ठहराया।

विकल्प A गलत है क्योंकि कांग्रेस ने 1953 में काका कालेलकर के नेतृत्व में पहला आयोग बनाया था। विकल्प B गलत है, भाजपा की स्थापना 1980 में हुई। विकल्प D एक क्षेत्रीय दल है जिसकी कभी केंद्र में सरकार नहीं बनी।

परीक्षा टिप: पहला आयोग - काका कालेलकर, 1953; दूसरा - बी. पी. मंडल, 1978।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 02 May 2023, Shift 1मध्यम

किस अपराध में पुलिस किसी व्यक्ति को न्यायालय के आदेश के बिना गिरफ़्तार कर सकती है?

  1. A.संज्ञेय अपराध
  2. B.निरोध अपराध
  3. C.असंज्ञेय अपराध
  4. D.क्रॉस अपराध
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. संज्ञेय अपराध

व्याख्या

सही उत्तर है A, संज्ञेय अपराध। संज्ञेय अपराध में पुलिस मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना मामला दर्ज कर सकती है, जाँच शुरू कर सकती है और गिरफ़्तारी कर सकती है। ये अधिक गंभीर अपराध होते हैं, जैसे हत्या, बलात्कार, डकैती, अपहरण और चोरी, और इनमें प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करना अनिवार्य है। असंज्ञेय अपराध में, जैसे साधारण चोट, मानहानि या लोक बाधा, पुलिस को जाँच या गिरफ़्तारी से पहले मजिस्ट्रेट की अनुमति लेनी पड़ती है। कोई अपराध संज्ञेय है या नहीं, और ज़मानती है या नहीं, यह दंड प्रक्रिया कानून में अपराध दर अपराध दर्ज है, जो 2024 से पुरानी दंड प्रक्रिया संहिता की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि निरोध अपराध नाम की कोई श्रेणी नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि असंज्ञेय अपराध में तो मजिस्ट्रेट का आदेश चाहिए ही होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि क्रॉस अपराध इस तरह की कोई श्रेणी नहीं है। परीक्षा टिप: संज्ञेय यानी FIR और बिना वारंट गिरफ़्तारी, असंज्ञेय यानी पहले मजिस्ट्रेट की अनुमति।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Services General Studies Offकठिन

निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित नहीं है? a. मूल कर्तव्य – भाग IV क; b. राज्य – भाग VI; c. भारत का महान्यायवादी – भाग XIII; d. संघ और राज्यों के अधीन सेवाएँ – भाग XIV

  1. A.a
  2. B.b
  3. C.c
  4. D.d
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. c

व्याख्या

सही उत्तर है C, c। भारत के महान्यायवादी का उल्लेख अनुच्छेद 76 में है, जो संविधान के भाग V यानी संघ वाले भाग में आता है, भाग XIII में नहीं। भाग XIII में अनुच्छेद 301 से 307 हैं, जो भारत के राज्यक्षेत्र में व्यापार, वाणिज्य और समागम से जुड़े हैं, इसलिए c का युग्म ही गलत है। महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं, उसमें सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनने की योग्यता होनी चाहिए, वह देश का प्रथम विधि अधिकारी होता है और संसद के दोनों सदनों में बोल सकता है, पर मत नहीं दे सकता। विकल्प A सही सुमेलित है, क्योंकि अनुच्छेद 51क के मूल कर्तव्य भाग IV क में ही हैं, जिन्हें 42वें संशोधन ने जोड़ा। विकल्प B सही है, क्योंकि भाग VI (अनुच्छेद 152 से 237) राज्यों से संबंधित है। विकल्प D सही है, क्योंकि भाग XIV (अनुच्छेद 308 से 323) संघ और राज्यों की सेवाओं पर है। परीक्षा टिप: महान्यायवादी अनुच्छेद 76 भाग V, महाधिवक्ता अनुच्छेद 165 भाग VI।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2मध्यम

आपातकाल की उद्घोषणा (अनुच्छेद 352) के प्रवर्तन में होने पर निम्नलिखित में से किस मूल अधिकार को निलंबित नहीं किया जा सकता है?

  1. A.दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार
  2. B.वाक्-स्वातंत्र्य का अधिकार
  3. C.समता का अधिकार
  4. D.धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है A, दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार। राष्ट्रीय आपातकाल में भी अनुच्छेद 20 और 21 के प्रवर्तन को निलंबित नहीं किया जा सकता। अनुच्छेद 21 प्राण और दैहिक स्वतंत्रता की रक्षा करता है, जबकि अनुच्छेद 20 व्यक्ति को पिछली तारीख से लागू आपराधिक कानून, एक ही अपराध के लिए दो बार सज़ा और खुद के विरुद्ध गवाही देने की मजबूरी से बचाता है। यह सुरक्षा 44वें संशोधन, 1978 द्वारा जोड़ी गई, क्योंकि 1975-77 के आपातकाल में बंदी अपनी हिरासत को अदालत में चुनौती नहीं दे पाए थे। अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति आपातकाल के दौरान अन्य मूल अधिकारों का प्रवर्तन निलंबित कर सकते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि युद्ध या बाहरी आक्रमण के आधार पर आपातकाल घोषित होते ही अनुच्छेद 358 के तहत अनुच्छेद 19 की वाक्-स्वतंत्रता अपने आप निलंबित हो जाती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 14 से 18 का समता का अधिकार अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति के आदेश से निलंबित हो सकता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 25 से 28 की धार्मिक स्वतंत्रता भी अनुच्छेद 359 के तहत निलंबित हो सकती है। परीक्षा टिप: आपातकाल में भी अनुच्छेद 20 और 21 हमेशा लागू रहते हैं।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC 2nd Grade GK and Educational Psychoमध्यम

मूल स्रोत से संविधान के उपबंधों को लेने के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित है?

  1. A.राज्य के नीति निदेशक तत्व – ऑस्ट्रेलिया का संविधान
  2. B.संघीय व्यवस्था – अमेरिकी संविधान
  3. C.अवशिष्ट शक्तियां केंद्र में – कनाडा का संविधान
  4. D.मौलिक कर्तव्य – जापान का संविधान
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अवशिष्ट शक्तियां केंद्र में – कनाडा का संविधान

व्याख्या

सही उत्तर है C, अवशिष्ट शक्तियां केंद्र में – कनाडा का संविधान। संविधान निर्माताओं ने मजबूत केंद्र वाले संघ की योजना कनाडा से ली, और उसके साथ यह नियम भी कि तीनों सूचियों में जो विषय नहीं लिखे हैं, वे संघ के पास रहेंगे; अनुच्छेद 248 तथा संघ सूची की प्रविष्टि 97 यही कहते हैं। राज्यपालों की नियुक्ति केंद्र द्वारा और उच्चतम न्यायालय का परामर्शदात्री क्षेत्राधिकार भी इसी स्रोत से आए। विकल्प A गलत है, क्योंकि राज्य के नीति निदेशक तत्व आयरलैंड के संविधान से लिए गए; ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची, व्यापार और वाणिज्य की स्वतंत्रता तथा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक मिली। विकल्प B संघीय व्यवस्था को अमेरिकी संविधान से जोड़ता है, जबकि अमेरिका से मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और महाभियोग की प्रक्रिया ली गई। विकल्प D गलत है, क्योंकि मौलिक कर्तव्य तत्कालीन सोवियत संघ के संविधान से लिए गए थे। परीक्षा टिप: अवशिष्ट शक्तियां कनाडा से, नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से, मौलिक कर्तव्य सोवियत संघ से।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC MTS · 12 Nov, 2024, Shift 2मध्यम

भारत के संविधान का कौन सा अनुच्छेद विधान परिषद की संरचना से संबंधित है?

  1. A.अनुच्छेद 168
  2. B.अनुच्छेद 171
  3. C.अनुच्छेद 181
  4. D.अनुच्छेद 169
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 171

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 171। यही अनुच्छेद राज्य की विधान परिषद की संरचना तय करता है।

अनुच्छेद 171 के अनुसार विधान परिषद के सदस्यों की संख्या विधानसभा की कुल संख्या के एक तिहाई से अधिक नहीं हो सकती और चालीस से कम नहीं हो सकती। इसकी सीटें एक निश्चित ढंग से भरी जाती हैं - एक तिहाई स्थानीय निकायों से, एक बटा बारह स्नातकों से, एक बटा बारह शिक्षकों से, एक तिहाई विधानसभा सदस्यों द्वारा और शेष सदस्य राज्यपाल द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता या समाज सेवा के क्षेत्र से नामित किए जाते हैं। यह स्थायी सदन है, सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और हर दो वर्ष में एक तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं।

विकल्प A अनुच्छेद 168 राज्य विधानमंडल के गठन की बात करता है। विकल्प D अनुच्छेद 169 परिषद के सृजन और उत्सादन से जुड़ा है। विकल्प C अनुच्छेद 181 पदच्युति प्रस्ताव के समय अध्यक्ष के पीठासीन न होने से संबंधित है।

परीक्षा टिप: 168 गठन, 169 सृजन और समाप्ति, 171 संरचना।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 10 May 2022, Shift 1मध्यम

भारत में, किसी राज्य की न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीशों से भिन्न व्यक्तियों की नियुक्ति _________ द्वारा की जाती है।

  1. A.उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश
  2. B.प्रधानमंत्री
  3. C.भारत के राष्ट्रपति
  4. D.राज्य के राज्यपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. राज्य के राज्यपाल

व्याख्या

सही उत्तर है D, राज्य के राज्यपाल। संविधान का अनुच्छेद 234 कहता है कि राज्य की न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीशों से भिन्न व्यक्तियों की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं, और यह उन नियमों के अनुसार होती है जो राज्य लोक सेवा आयोग तथा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श के बाद बनाए जाते हैं। जिला न्यायाधीशों के लिए अलग से अनुच्छेद 233 है; उनकी नियुक्ति भी राज्यपाल करते हैं, पर उच्च न्यायालय से परामर्श करके। सेवा में आने के बाद अनुच्छेद 235 के तहत इन अधिकारियों की तैनाती, पदोन्नति और छुट्टी पर नियंत्रण उच्च न्यायालय का होता है, इसी से अधीनस्थ न्यायपालिका स्वतंत्र रहती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि परामर्श उच्च न्यायालय से लिया जाता है, नियुक्ति मुख्य न्यायाधीश नहीं करते। विकल्प B गलत है, क्योंकि राज्य की न्यायिक सेवा में प्रधानमंत्री की कोई भूमिका नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रपति अनुच्छेद 124 और 217 के तहत उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश नियुक्त करते हैं। परीक्षा टिप: 233 जिला न्यायाधीश, 234 अन्य न्यायिक अधिकारी, 235 उच्च न्यायालय का नियंत्रण।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

पंचायती राज संरचना में पंचायत समिति किस स्तर पर कार्य करती है?

  1. A.प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था
  2. B.जिला स्तर
  3. C.ग्राम पंचायत स्तर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था

व्याख्या

सही उत्तर है A, प्रखंड (ब्लॉक) स्तर की संस्था। पंचायत समिति पंचायती राज का बीच का स्तर है और प्रखंड स्तर पर काम करती है। 1992 के 73वें संशोधन ने त्रिस्तरीय व्यवस्था को संविधान का हिस्सा बनाया: गाँव स्तर पर ग्राम पंचायत, मध्यवर्ती यानी प्रखंड स्तर पर पंचायत समिति और जिला स्तर पर जिला परिषद। अनुच्छेद 243B के अनुसार 20 लाख से कम आबादी वाला राज्य ही बीच वाला स्तर छोड़ सकता है। त्रिस्तरीय ढाँचे का सुझाव 1957 की बलवंत राय मेहता समिति ने दिया था, और इसे सबसे पहले राजस्थान ने 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में लागू किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि जिला स्तर की संस्था जिला परिषद है। विकल्प C गलत है, क्योंकि ग्राम पंचायत सबसे निचला स्तर है, जो एक गाँव या गाँवों के समूह के लिए बनती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि पंचायत समिति केवल एक ही स्तर, यानी प्रखंड पर काम करती है। परीक्षा टिप: गाँव में ग्राम पंचायत, प्रखंड में पंचायत समिति, जिले में जिला परिषद।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 17 March, 2023, Shift 4मध्यम

भारतीय संविधान के 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा निम्नलिखित में से किस आयोग की स्थापना की गई?

  1. A.भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग
  2. B.राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
  3. C.राष्ट्रीय महिला आयोग
  4. D.राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है D, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग। 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के पुराने संयुक्त आयोग को दो अलग आयोगों में बाँट दिया। अनुच्छेद 338 के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग रहा और नया अनुच्छेद 338A जोड़कर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बनाया गया, जिसने 19 फरवरी 2004 से काम शुरू किया। दोनों आयोगों में राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन अन्य सदस्य होते हैं और दोनों अपनी रिपोर्ट संसद के सामने रखते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग प्रतिस्पर्धा अधिनियम, 2002 से बना वैधानिक निकाय है, संवैधानिक नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग 102वें संशोधन, 2018 से अनुच्छेद 338B जुड़ने पर संवैधानिक बना। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय महिला आयोग 1990 के अधिनियम पर आधारित वैधानिक निकाय है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 338 अनुसूचित जाति, 338A अनुसूचित जनजाति, 338B पिछड़ा वर्ग।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC 2nd Grade GK and Educational Psychoमध्यम

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार किसे बधिर कहा जाता है?

  1. A.दोनों कानों में 70 dB श्रवण हानि
  2. B.दोनों कानों में 80 dB श्रवण हानि
  3. C.दोनों कानों में 90 dB श्रवण हानि
  4. D.दोनों कानों में 60 dB श्रवण हानि
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दोनों कानों में 70 dB श्रवण हानि

व्याख्या

सही उत्तर है A, दोनों कानों में 70 dB श्रवण हानि। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की अनुसूची में बधिर उसे कहा गया है जिसे भाषण आवृत्तियों पर दोनों कानों में 70 dB श्रवण हानि हो। जिसे दोनों कानों में 60 से 70 dB तक हानि हो, उसे अलग श्रेणी श्रवण बाधित में रखा गया है, इसलिए दोनों परिभाषाएं साथ पढ़नी चाहिए। इस अधिनियम ने 1995 के निःशक्त व्यक्ति अधिनियम को बदला, मान्यता प्राप्त दिव्यांगताओं की संख्या सात से बढ़ाकर इक्कीस की, और बेंचमार्क दिव्यांगता वाले व्यक्तियों के लिए सरकारी पदों में चार प्रतिशत आरक्षण दिया। विकल्प B और C अनुसूची से ऊंची सीमा बताते हैं; 80 या 90 dB मान लेने पर बहुत से बधिर व्यक्ति परिभाषा से बाहर रह जाएंगे और अधिनियम के लाभ से वंचित हो जाएंगे। विकल्प D, 60 dB, श्रवण बाधित श्रेणी की निचली सीमा है, बधिरता की नहीं। परीक्षा टिप: 60 से 70 dB श्रवण बाधित, 70 dB और अधिक बधिर।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB JE · 27 मई 2019, शिफ्ट 3मध्यम

संविधान के अनुच्छेद 78 में निम्नलिखित में से किसका उल्लेख है?

  1. A.संसद को संदेश भेजने की राष्ट्रपति की शक्ति
  2. B.राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियां
  3. C.मंत्रिपरिषद से जानकारी प्राप्त करने की राष्ट्रपति की शक्ति
  4. D.सरकार के निर्णयों और नीतियों के बारे में राष्ट्रपति को सूचित रखने का प्रधानमंत्री का कर्तव्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सरकार के निर्णयों और नीतियों के बारे में राष्ट्रपति को सूचित रखने का प्रधानमंत्री का कर्तव्य

व्याख्या

सही उत्तर सरकार के निर्णयों और नीतियों के बारे में राष्ट्रपति को सूचित रखने का प्रधानमंत्री का कर्तव्य है। अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य बनाता है कि वे संघ के प्रशासन और कानून के प्रस्तावों से जुड़े मंत्रिपरिषद के सभी निर्णय राष्ट्रपति को बताएं; राष्ट्रपति जो जानकारी मांगें, वह दें; और राष्ट्रपति चाहें तो ऐसा कोई विषय मंत्रिपरिषद के विचार के लिए रखें जिस पर किसी मंत्री ने निर्णय ले लिया हो पर परिषद ने विचार न किया हो।

बाकी विकल्प भ्रमित करने लायक करीब हैं। संसद को संदेश भेजने की राष्ट्रपति की शक्ति अनुच्छेद 86 में है। आपातकालीन शक्तियां भाग XVIII, अनुच्छेद 352 से 360 में हैं। विकल्प C अनुच्छेद 78 के असर को राष्ट्रपति की ओर से बताता है, लेकिन यह अनुच्छेद प्रधानमंत्री के कर्तव्य के रूप में लिखा गया है, और प्रश्न यही पूछता है। अनुच्छेद 78 ही प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच की कड़ी बनाता है।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 21 नवंबर 2025, शिफ्ट 1आसान

कोई व्यक्ति संसद के किसी भी सदन का सदस्य हुए बिना कितने समय तक मंत्री रह सकता है?

  1. A.लगातार 6 महीने
  2. B.लगातार 3 महीने
  3. C.लगातार 12 महीने
  4. D.लगातार 2 महीने
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लगातार 6 महीने

व्याख्या

सही उत्तर लगातार 6 महीने है। अनुच्छेद 75(5) कहता है कि जो मंत्री लगातार छह महीने की किसी अवधि तक संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं है, वह उस अवधि के अंत में मंत्री नहीं रहेगा। इसलिए किसी व्यक्ति को सांसद हुए बिना मंत्री, यहां तक कि प्रधानमंत्री भी, नियुक्त किया जा सकता है, लेकिन उसे छह महीने के भीतर लोकसभा या राज्यसभा की सीट जीतनी होती है। पी.वी. नरसिम्हा राव 1991 में इसी तरह प्रधानमंत्री बने और फिर लोकसभा उपचुनाव जीते।

बाकी अवधियां गढ़ी हुई हैं, और तीन महीने सबसे आकर्षक है क्योंकि लोगों को दूसरे नियमों के "तीन महीने" आधे-अधूरे याद रहते हैं। यही छह महीने का नियम राज्यों में अनुच्छेद 164(4) के तहत लागू है: जो मुख्यमंत्री या राज्य मंत्री राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं है, उसे छह महीने में सदस्य बनना होता है। यह नियम सरकार को राजनीति से बाहर की प्रतिभा लाने देता है, लेकिन सीमित समय के लिए, जिसके बाद मंत्री को मतदाताओं का सामना करना होता है या किसी विधानमंडल से चुना जाना होता है।

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