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GK क्विजभारतीय राजव्यवस्था

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज: सेट 19

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय राजव्यवस्था मिश्रित क्विज़ (सेट 19) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 18 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: प्रस्तावना, अधीनस्थ न्यायालय, न्यायाधिकरण और लोक अदालत, मौलिक कर्तव्य और अन्य। ये सभी प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Service 2019 Official Paperमध्यम

संविधान की प्रस्तावना की विधिक प्रकृति क्या है?

  1. A.यह प्रवर्तनीय है
  2. B.यह प्रवर्तनीय नहीं है
  3. C.विशेष परिस्थितियों में इसे प्रवर्तित किया जा सकता है
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यह प्रवर्तनीय नहीं है

व्याख्या

सही उत्तर है B, यह प्रवर्तनीय नहीं है। प्रस्तावना संविधान के उद्देश्य और सत्ता के स्रोत को बताती है, पर यह न कोई अधिकार देती है और न कोई ऐसा कर्तव्य थोपती है जिसे अदालत लागू करा सके, इसलिए कोई केवल प्रस्तावना के आधार पर न्यायालय नहीं जा सकता। 1960 के बेरुबाड़ी यूनियन मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने इसे संविधान निर्माताओं के मन की कुंजी कहा था और माना था कि यह संविधान का भाग नहीं है; 1973 के केशवानंद भारती मामले में न्यायालय ने यह मत बदलकर कहा कि प्रस्तावना संविधान का भाग है और मूल ढाँचे को छुए बिना इसमें संशोधन हो सकता है, फिर भी यह वाद-योग्य नहीं है। विकल्प A गलत है, क्योंकि केवल प्रस्तावना के आधार पर राहत नहीं मिलती। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऐसी कोई विशेष स्थिति नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प B सही है। परीक्षा टिप: प्रस्तावना संविधान का भाग, पर वाद-योग्य नहीं; एक बार संशोधित, 42वें संशोधन 1976 से।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 6 Sept 2022, Shift 2आसान

अधीनस्थ न्यायालय की भूमिका क्या है?

  1. A.दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना
  2. B.मूल अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए रिट जारी करना
  3. C.निचले न्यायालयों के निर्णयों पर अपील सुनना
  4. D.किसी भी न्यायालय से मामले अपने पास मँगाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना

व्याख्या

सही उत्तर है A, दीवानी और फौजदारी प्रकृति के मामलों पर विचार करना। अधीनस्थ न्यायालय जिला स्तर और उससे नीचे के न्यायालय हैं, जो दीवानी तथा फौजदारी मामलों की प्रारंभिक सुनवाई करते हैं।

भारतीय न्यायपालिका एकल पिरामिड के रूप में गठित है। शीर्ष पर उच्चतम न्यायालय, उसके बाद प्रत्येक राज्य में उच्च न्यायालय और उसके नीचे अधीनस्थ न्यायालय होते हैं, जो उसी उच्च न्यायालय के नियंत्रण में कार्य करते हैं। दीवानी पक्ष में जिला न्यायाधीश सर्वोच्च होता है और उसके नीचे सिविल जज के न्यायालय आते हैं; फौजदारी पक्ष में सत्र न्यायाधीश सर्वोच्च होता है और नीचे न्यायिक मजिस्ट्रेट होते हैं। अनुच्छेद 233 से 237 इन्हीं न्यायालयों से संबंधित हैं, तथा जिला न्यायाधीशों की नियुक्ति राज्यपाल उच्च न्यायालय के परामर्श से करता है।

विकल्प B गलत है क्योंकि रिट उच्चतम न्यायालय अनुच्छेद 32 और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अंतर्गत जारी करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि अपील सुनना मुख्यतः उच्च न्यायालय का कार्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि मामलों का स्थानांतरण उच्च न्यायालयों की शक्ति है।

परीक्षा टिप: जिला और सत्र न्यायालय अधीनस्थ न्यायालय हैं; रिट केवल उच्चतम और उच्च न्यायालय जारी करते हैं।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 12 June 2022मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा मूल कर्तव्य नहीं है?

  1. A.राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और स्थलों की रक्षा करना
  2. B.प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा करना और उसे बेहतर बनाना
  3. C.सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना
  4. D.राष्ट्रगान का सम्मान करना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और स्थलों की रक्षा करना

व्याख्या

सही उत्तर है A। राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों और स्थलों की रक्षा करना मूल कर्तव्य नहीं है; यह अनुच्छेद 49 में दिया गया नीति निदेशक तत्व है, जो राज्य से कहता है कि वह राष्ट्रीय महत्व घोषित कलात्मक या ऐतिहासिक स्मारकों और वस्तुओं की रक्षा करे। मूल कर्तव्य भाग IV क के अनुच्छेद 51क में हैं, जिन्हें स्वर्ण सिंह समिति की सिफारिश पर 42वें संशोधन, 1976 द्वारा जोड़ा गया था। पहले ये दस थे और 2002 के 86वें संशोधन ने छह से चौदह वर्ष के बच्चे को शिक्षा दिलाने का माता-पिता का कर्तव्य जोड़कर इन्हें ग्यारह कर दिया। विकल्प B अनुच्छेद 51क(छ) का कर्तव्य है, जिसमें वन, झील, नदी और वन्य जीव शामिल हैं। विकल्प C अनुच्छेद 51क(झ) का कर्तव्य है, जो हिंसा से दूर रहने को भी कहता है। विकल्प D अनुच्छेद 51क(क) का कर्तव्य है। परीक्षा टिप: मूल कर्तव्य अनुच्छेद 51क, भाग IV क, 42वाँ संशोधन 1976, अब ग्यारह।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 15 Oct 2020, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किसने उस नौ न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ की अध्यक्षता की थी, जिसने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार घोषित किया?

  1. A.जे.एस. खेहर
  2. B.दीपक मिश्रा
  3. C.एच.जे. कनिया
  4. D.टी.एस. ठाकुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. जे.एस. खेहर

व्याख्या

सही उत्तर है A, जे.एस. खेहर। न्यायमूर्ति जगदीश सिंह खेहर उस समय भारत के मुख्य न्यायाधीश थे, जब 24 अगस्त 2017 को नौ न्यायाधीशों की पीठ ने न्यायमूर्ति के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ में फैसला सुनाया, और उन्होंने ही पीठ की अध्यक्षता की। पीठ ने एकमत से माना कि निजता मौलिक अधिकार है, जो मुख्यतः अनुच्छेद 21 के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार तथा भाग III की स्वतंत्रताओं से सुरक्षित है। इसने एम.पी. शर्मा (1954) और खड़क सिंह (1962) के पुराने फैसले पलट दिए, जिनमें कहा गया था कि संविधान ऐसा कोई अधिकार नहीं देता। यह मामला आधार योजना की चुनौती से निकला था। खेहर भारत के पहले सिख मुख्य न्यायाधीश भी थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि दीपक मिश्रा एक सप्ताह बाद मुख्य न्यायाधीश बने और धारा 377 तथा व्यभिचार के फैसलों की पीठों में थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि एच.जे. कनिया 1950 में भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि टी.एस. ठाकुर जनवरी 2017 में सेवानिवृत्त हो गए थे। परीक्षा टिप: पुट्टस्वामी 2017, नौ न्यायाधीश, अनुच्छेद 21, सीजेआई खेहर।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 22nd Dec 2018, Shift 2मध्यम

भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत उपराष्ट्रपति का चुनाव होता है?

  1. A.अनुच्छेद 54
  2. B.अनुच्छेद 63
  3. C.अनुच्छेद 66
  4. D.अनुच्छेद 74
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 66

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 66। अनुच्छेद 66 भारत के उपराष्ट्रपति के चुनाव की रीति बताता है। उनका चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा होता है, जिसमें निर्वाचित और मनोनीत दोनों सदस्य शामिल होते हैं, और मतदान एकल संक्रमणीय मत के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व तथा गुप्त मतदान से होता है। उम्मीदवार का भारत का नागरिक होना, कम से कम पैंतीस वर्ष का होना, राज्यसभा सदस्य बनने की योग्यता रखना और किसी लाभ के पद पर न होना आवश्यक है। ध्यान रहे कि राष्ट्रपति चुनाव के विपरीत इसमें राज्य विधानमंडल भाग नहीं लेते। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 54 राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 63 केवल यह कहता है कि भारत का एक उपराष्ट्रपति होगा। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 74 मंत्रिपरिषद से संबंधित है। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 63 पद, 64 राज्यसभा का पदेन सभापति, 66 चुनाव।

Q6.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 16 Jun 2022, Shift 2 (CBT 2, Level 2)मध्यम

भारत के संविधान के __________ के तहत वित्तीय आपातकाल घोषित किया जा सकता है।

  1. A.अनुच्छेद 356
  2. B.अनुच्छेद 359
  3. C.अनुच्छेद 360
  4. D.अनुच्छेद 352
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 360

व्याख्या

सही उत्तर है C, अनुच्छेद 360। अनुच्छेद 360 राष्ट्रपति को वित्तीय आपातकाल घोषित करने की शक्ति देता है, जब भारत या उसके किसी भाग की वित्तीय स्थिरता या साख खतरे में हो। ऐसी उद्घोषणा को दो महीने के भीतर संसद के दोनों सदनों की मंजूरी चाहिए, उसके बाद यह रद्द होने तक अनिश्चित काल चलती है; इसकी कोई अधिकतम अवधि नहीं है। इस दौरान केंद्र राज्यों को वित्तीय औचित्य के नियम मानने का निर्देश दे सकता है और सरकारी कर्मचारियों, यहाँ तक कि सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन घटाए जा सकते हैं। भारत में वित्तीय आपातकाल आज तक कभी घोषित नहीं हुआ, हालाँकि 1991 के संकट में इस पर चर्चा हुई थी। D गलत है क्योंकि अनुच्छेद 352 युद्ध, बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह पर राष्ट्रीय आपातकाल है, जो 1962, 1971 और 1975 में लगा। A गलत है क्योंकि अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति शासन है, जो राज्य का संवैधानिक तंत्र विफल होने पर लगता है। B गलत है क्योंकि अनुच्छेद 359 केवल राष्ट्रीय आपातकाल में मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित करता है। परीक्षा टिप: 352 राष्ट्रीय, 356 राज्य, 360 वित्तीय; केवल 360 कभी प्रयोग नहीं हुआ।

Q7.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CPO · 12 दिसंबर 2019, शिफ्ट 1आसान

प्रधानमंत्री और संघ के दूसरे मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति भारत के संविधान के ______ के तहत करते हैं।

  1. A.अनुच्छेद 70
  2. B.अनुच्छेद 79
  3. C.अनुच्छेद 75
  4. D.अनुच्छेद 85
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अनुच्छेद 75

व्याख्या

सही उत्तर अनुच्छेद 75 है। अनुच्छेद 75(1) कहता है कि प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करेंगे और दूसरे मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करेंगे। अनुच्छेद 75 के बाकी हिस्सों में दूसरे मुख्य नियम हैं: मंत्रिपरिषद के आकार पर 15% की सीमा (खंड 1A), लोकसभा के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व (खंड 3), शपथ (खंड 4), गैर-सदस्यों के लिए छह महीने का नियम (खंड 5) और वेतन (खंड 6)।

गलत विकल्प भाग V के अध्याय I और II के दूसरे अनुच्छेद हैं। अनुच्छेद 70 दूसरी आकस्मिक स्थितियों में राष्ट्रपति के कार्यों के निर्वहन से जुड़ा है। अनुच्छेद 79 कहता है कि संसद राष्ट्रपति और दोनों सदनों से मिलकर बनती है। अनुच्छेद 85 संसद के सत्र, सत्रावसान और विघटन से जुड़ा है। अनुच्छेद 75 एक ही अनुच्छेद में इतने नियम समेटे है कि इससे प्रश्न बार-बार आते हैं; केवल संख्या नहीं, इसके खंड याद करें।

Q8.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2019, Shift 1मध्यम

भारतीय संविधान में नागरिकता से संबंधित भाग किस देश के संविधान से प्रेरित है?

  1. A.फ्रांस
  2. B.यूएसए
  3. C.ऑस्ट्रेलिया
  4. D.यूके
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. यूके

व्याख्या

सही उत्तर है D, यूके। पूरे देश के लिए एक ही नागरिकता का विचार भारत ने ब्रिटेन के संविधान से लिया है। संविधान का भाग II, अनुच्छेद 5 से 11, नागरिकता से संबंधित है। यहाँ प्रत्येक व्यक्ति केवल भारत का नागरिक है, किसी राज्य की अलग नागरिकता नहीं होती, ठीक जैसे ब्रिटेन में एक ही सामान्य नागरिकता है। अनुच्छेद 11 संसद को इस विषय पर कानून बनाने का अधिकार देता है और संसद ने नागरिकता अधिनियम, 1955 बनाया। ब्रिटेन से ली गई अन्य विशेषताएँ हैं संसदीय शासन, विधि का शासन, अध्यक्ष का पद, मंत्रिमंडल प्रणाली और रिट प्रक्रिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि फ्रांस से प्रस्तावना के स्वतंत्रता, समता और बंधुता के आदर्श लिए गए। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमेरिका से मौलिक अधिकार, न्यायिक पुनरावलोकन, स्वतंत्र न्यायपालिका और महाभियोग की प्रक्रिया ली गई। विकल्प C गलत है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची और व्यापार की स्वतंत्रता ली गई। परीक्षा टिप: एकल नागरिकता, विधि का शासन और अध्यक्ष का पद ब्रिटेन से; दोहरी नागरिकता अमेरिकी विशेषता है जो भारत ने नहीं ली।

Q9.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 28 Oct, 2023, Shift 1मध्यम

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह केंद्र शासित प्रदेश पर किस उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार है?

  1. A.कलकत्ता उच्च न्यायालय
  2. B.दिल्ली उच्च न्यायालय
  3. C.मद्रास उच्च न्यायालय
  4. D.आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कलकत्ता उच्च न्यायालय

व्याख्या

सही उत्तर है A, कलकत्ता उच्च न्यायालय। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह कलकत्ता उच्च न्यायालय के अधीन आता है, जिसकी एक स्थायी परिपथ पीठ पोर्ट ब्लेयर में है। संविधान संसद को यह अधिकार देता है कि वह किसी उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार किसी केंद्र शासित प्रदेश तक बढ़ा दे, इसीलिए कई केंद्र शासित प्रदेशों का अपना उच्च न्यायालय नहीं, बल्कि वे पड़ोसी राज्य के उच्च न्यायालय से जुड़े हैं। 1862 में स्थापित कलकत्ता उच्च न्यायालय, बंबई और मद्रास के साथ, भारत का सबसे पुराना उच्च न्यायालय है। विकल्प B गलत है, क्योंकि दिल्ली उच्च न्यायालय केवल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली को देखता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मद्रास उच्च न्यायालय तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए है, यद्यपि द्वीप उसके निकट पड़ते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 2019 में तेलंगाना से अलग हुआ आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय केवल उसी राज्य को देखता है। परीक्षा टिप: अंडमान-निकोबार कलकत्ता, लक्षद्वीप केरल, पुडुचेरी मद्रास के अधीन।

Q10.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 2 (CBT 2, Level 6)मध्यम

गोवा भारत का 25वाँ राज्य किस दिन बना?

  1. A.30 मई 1990
  2. B.30 मई 1986
  3. C.30 मई 1987
  4. D.30 मई 1988
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 30 मई 1987

व्याख्या

सही उत्तर है C, 30 मई 1987। संविधान (56वाँ संशोधन) अधिनियम और गोवा, दमन एवं दीव पुनर्गठन अधिनियम के ज़रिये गोवा 30 मई 1987 को पूर्ण राज्य बना, और यह दिन हर साल गोवा राज्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। गोवा 19 दिसंबर 1961 को ऑपरेशन विजय में पुर्तगाली शासन से मुक्त हुआ था और फिर गोवा, दमन एवं दीव केंद्र-शासित प्रदेश के रूप में चलाया गया। 1987 में गोवा को अलग कर राज्य का दर्जा मिला, जबकि दमन और दीव केंद्र-शासित प्रदेश बने रहे; कोंकणी राजभाषा बनी और पणजी राजधानी। उसी वर्ष पहले, 20 फरवरी 1987 को, मिज़ोरम और अरुणाचल प्रदेश 23वाँ और 24वाँ राज्य बन चुके थे, इसलिए गोवा 25वें स्थान पर आया। B गलत है क्योंकि 1986 में गोवा अभी केंद्र-शासित प्रदेश था। D और A गलत हैं क्योंकि 1988 और 1990 तक गोवा को राज्य बने एक और तीन साल हो चुके थे। परीक्षा टिप: मुक्ति 1961, राज्य 30 मई 1987, मिज़ोरम (23वाँ) और अरुणाचल (24वाँ) के बाद 25वाँ राज्य।

Q11.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · 6th Jan 2019मध्यम

भारत के संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत राज्यपाल किसी विधेयक को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रख सकते हैं?

  1. A.अनुच्छेद 169
  2. B.अनुच्छेद 200
  3. C.अनुच्छेद 201
  4. D.अनुच्छेद 257
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 200

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 200। राज्य विधानमंडल से पारित विधेयक राज्यपाल के सामने आने पर अनुच्छेद 200 उन्हें चार रास्ते देता है: अनुमति देना, अनुमति रोक लेना, धन विधेयक न होने पर विधेयक पुनर्विचार के लिए लौटाना, या उसे राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित रखना। एक स्थिति में आरक्षित रखना अनिवार्य है — जब विधेयक उच्च न्यायालय की शक्तियों को कम करता हो; शेष मामलों में यह राज्यपाल पर छोड़ा गया है, जैसे जब विधेयक किसी केंद्रीय कानून से टकराता हो या ऐसे विषय को छूता हो जिसमें संघ का हित हो। विकल्प C, अनुच्छेद 201, अगला चरण है और उत्तर नहीं: वह बताता है कि आरक्षित विधेयक पर राष्ट्रपति क्या करेंगे, और उस निर्णय को राज्य विधानमंडल पलट नहीं सकता। विकल्प A, अनुच्छेद 169, राज्य में विधान परिषद के गठन या समाप्ति से जुड़ा है। विकल्प D, अनुच्छेद 257, कुछ विषयों में राज्यों पर संघ के नियंत्रण की बात करता है। परीक्षा टिप: 200 विधेयक आरक्षित करता है, 201 उस पर निर्णय देता है।

Q12.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: RRB ग्रुप D · 26 Aug 2022, Shift 1मध्यम

भारतीय संविधान की कौन-सी अनुसूची प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश से राज्य सभा (राज्यों की परिषद) में सीटों की संख्या बताती है?

  1. A.पहली अनुसूची
  2. B.चौथी अनुसूची
  3. C.तीसरी अनुसूची
  4. D.दूसरी अनुसूची
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. चौथी अनुसूची

व्याख्या

सही उत्तर है B, चौथी अनुसूची। चौथी अनुसूची राज्य सभा यानी राज्यों की परिषद की सीटों का बँटवारा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच करती है। सबसे अधिक 31 सीटें उत्तर प्रदेश को मिलती हैं, फिर महाराष्ट्र को 19 और तमिलनाडु को 18, जबकि गोवा, सिक्किम और मिज़ोरम जैसे छोटे राज्यों को एक-एक सीट मिलती है। अनुच्छेद 80 सदन की अधिकतम संख्या 250 तय करता है, जिनमें 12 सदस्य साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा में योगदान के लिए राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होते हैं। सदस्य राज्य विधानसभाओं द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व से चुने जाते हैं, कार्यकाल छह वर्ष का होता है और हर दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। A गलत है क्योंकि पहली अनुसूची राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा उनके क्षेत्रों की सूची देती है। C गलत है क्योंकि तीसरी अनुसूची में शपथ और प्रतिज्ञान के प्रारूप हैं। D गलत है क्योंकि दूसरी अनुसूची राष्ट्रपति, राज्यपालों, न्यायाधीशों और अन्य पदाधिकारियों के वेतन-भत्ते बताती है। परीक्षा टिप: अनुसूची 1 = राज्य और केंद्र शासित प्रदेश, अनुसूची 2 = वेतन, अनुसूची 3 = शपथ, अनुसूची 4 = राज्य सभा की सीटें।

Q13.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 2आसान

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का प्रहरी है और भारत के संविधान का _____ इसकी स्थापना का प्रावधान करता है।

  1. A.अनुच्छेद 356
  2. B.अनुच्छेद 324
  3. C.अनुच्छेद 352
  4. D.अनुच्छेद 101
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अनुच्छेद 324

व्याख्या

सही उत्तर है B, अनुच्छेद 324। यही अनुच्छेद चुनावों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का काम भारत निर्वाचन आयोग को देता है।

अनुच्छेद 324 संविधान के भाग XV में आता है, जो निर्वाचन से संबंधित है। आयोग संसद, राज्य विधानमंडलों तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पदों के चुनाव कराता है। पंचायतों और नगरपालिकाओं के चुनाव अनुच्छेद 243K और 243ZA के तहत राज्य निर्वाचन आयोग कराते हैं। निर्वाचन आयोग 25 जनवरी 1950 को एक सदस्यीय निकाय के रूप में शुरू हुआ था, और मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्तों का कार्यकाल कानून द्वारा निर्धारित होता है।

A गलत है: अनुच्छेद 356 राज्य में राष्ट्रपति शासन का प्रावधान करता है। C गलत है: अनुच्छेद 352 राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा से जुड़ा है। D गलत है: अनुच्छेद 101 में वे आधार दिए गए हैं जिनसे संसद की सीट रिक्त होती है।

परीक्षा टिप: अनुच्छेद 324 - निर्वाचन आयोग; अनुच्छेद 243K और 243ZA - राज्य निर्वाचन आयोग।

Q14.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: CDS · CDS (II) 2020, 8 Nov 2020मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा आयोग अनुच्छेद 338क से संबंधित है?

  1. A.राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग
  2. B.राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग
  3. C.राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग
  4. D.राष्ट्रीय महिला आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है B, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग। अनुच्छेद 338क इसी आयोग को संवैधानिक निकाय के रूप में स्थापित करता है। इसे 89वें संशोधन अधिनियम, 2003 से जोड़ा गया, जिसने पुराने संयुक्त राष्ट्रीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग को दो भागों में बांट दिया; अलग ST आयोग ने 2004 से काम शुरू किया। इसमें एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और तीन सदस्य होते हैं, जिन्हें राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुहर वाले अधिपत्र से नियुक्त करते हैं; आयोग अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को देता है, जो उसे संसद में रखवाते हैं। याद रखने का आसान तरीका: जनजातियों को अलग आयोग मिला, तो अनुच्छेद में 'क' जुड़ गया। A गलत है, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग अनुच्छेद 338 में है। C गलत है, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को 102वें संशोधन, 2018 से अनुच्छेद 338ख में संवैधानिक दर्जा मिला। D गलत है, राष्ट्रीय महिला आयोग संवैधानिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय महिला आयोग अधिनियम, 1990 से बना वैधानिक निकाय है। परीक्षा टिप: 338 SC, 338क ST, 338ख पिछड़ा वर्ग; महिला आयोग केवल वैधानिक।

Q15.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 14 March, 2023, Shift 2मध्यम

सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची में ______ से संबंधित प्रावधान नहीं है।

  1. A.औद्योगिक और श्रम विवाद
  2. B.वन
  3. C.भूमि और भवनों पर कर
  4. D.आर्थिक और सामाजिक नियोजन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. भूमि और भवनों पर कर

व्याख्या

सही उत्तर है C, भूमि और भवनों पर कर। भूमि और भवनों पर कर राज्य सूची की प्रविष्टि 49 है, इसलिए यह समवर्ती सूची में नहीं है। सातवीं अनुसूची कानून बनाने की शक्ति को तीन सूचियों में बाँटती है: संघ सूची केवल संसद के लिए, राज्य सूची राज्य विधानमंडलों के लिए और समवर्ती सूची, जिस पर दोनों कानून बना सकते हैं; टकराव होने पर अनुच्छेद 254 के अनुसार संघ का कानून प्रभावी रहता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वन समवर्ती सूची में है — इसे 42वें संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा राज्य सूची से यहाँ लाया गया था, इसके साथ शिक्षा, नाप-तौल, न्याय प्रशासन तथा वन्य जीव और पक्षियों का संरक्षण भी आए। विकल्प A गलत है, क्योंकि औद्योगिक और श्रम विवाद समवर्ती सूची की प्रविष्टि 22 है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आर्थिक और सामाजिक नियोजन उसी सूची की प्रविष्टि 20 है। परीक्षा टिप: कर से जुड़ी प्रविष्टियाँ लगभग पूरी तरह संघ या राज्य सूची में हैं; समवर्ती सूची में स्टांप शुल्क ही उल्लेखनीय कर प्रविष्टि है।

Q16.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019मध्यम

निम्नलिखित में से किस संवैधानिक उपचार को 'पोस्टमार्टम' भी कहा जाता है?

  1. A.प्रतिषेध
  2. B.परमादेश
  3. C.उत्प्रेषण
  4. D.अधिकार-पृच्छा
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. उत्प्रेषण

व्याख्या

सही उत्तर है C, उत्प्रेषण। उत्प्रेषण (सर्टियोरारी) को पोस्टमार्टम इसलिए कहते हैं, क्योंकि यह निचली अदालत या अधिकरण का आदेश आ जाने के बाद उस आदेश को रद्द करने के लिए जारी होता है। इस शब्द का अर्थ है 'प्रमाणित होना' या 'सूचित करना'। सुप्रीम कोर्ट इसे अनुच्छेद 32 और हाई कोर्ट अनुच्छेद 226 के तहत तब जारी करते हैं, जब निचली संस्था ने अधिकार-क्षेत्र के बिना या उससे बाहर जाकर काम किया हो, या नैसर्गिक न्याय के नियम तोड़े हों। प्रतिषेध और उत्प्रेषण की जोड़ी याद रखें: प्रतिषेध चलते मुकदमे को रोकता है, जबकि उत्प्रेषण हो चुके फैसले को रद्द करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि प्रतिषेध निवारक है और अंतिम आदेश से पहले जारी होता है, बाद में नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि परमादेश, यानी 'हम आदेश देते हैं', किसी लोक अधिकारी या संस्था को उसका कानूनी कर्तव्य निभाने का आदेश देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि अधिकार-पृच्छा, यानी 'किस अधिकार से', किसी व्यक्ति से सार्वजनिक पद पर बने रहने का अधिकार साबित करने को कहती है। परीक्षा टिप: प्रतिषेध रोकता है, उत्प्रेषण सुधारता है, और पोस्टमार्टम वाली रिट केवल उत्प्रेषण है।

Q17.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · 15 October 2022, Shift 1मध्यम

भारत में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग निम्नलिखित में से किस मंत्रालय के अधीन है?

  1. A.गृह मंत्रालय
  2. B.रक्षा मंत्रालय
  3. C.वित्त मंत्रालय
  4. D.इनमें से कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गृह मंत्रालय

व्याख्या

सही उत्तर है A, गृह मंत्रालय। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग गृह मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करता है, क्योंकि भारत में मानवाधिकार के लिए यही नोडल मंत्रालय है। यह आयोग संवैधानिक नहीं, बल्कि सांविधिक निकाय है, जिसे मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत बनाया गया और जिसने 12 अक्टूबर 1993 से काम शुरू किया। इसकी अध्यक्षता भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश या सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश करते हैं, जिनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति की सलाह पर राष्ट्रपति करते हैं, और यह मानवाधिकार उल्लंघन या लोक सेवक की लापरवाही की शिकायतों की जाँच करता है, यद्यपि इसकी सिफारिशें परामर्शात्मक होती हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि रक्षा मंत्रालय सशस्त्र बलों से जुड़ा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वित्त मंत्रालय राजस्व और व्यय देखता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि विकल्प A सही है। परीक्षा टिप: एनएचआरसी सांविधिक निकाय, अधिनियम 1993, गृह मंत्रालय के अधीन।

Q18.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC General Studies 2019 Official Papeमध्यम

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के कर्तव्यों का उल्लेख संविधान के किस अनुच्छेद में है?

  1. A.अनुच्छेद 146
  2. B.अनुच्छेद 147
  3. C.अनुच्छेद 148
  4. D.अनुच्छेद 149
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अनुच्छेद 149

व्याख्या

सही उत्तर है D, अनुच्छेद 149। अनुच्छेद 149 कहता है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) वही कर्तव्य निभाएगा और वही शक्तियाँ रखेगा जो संसद कानून बनाकर तय करे। इसी आधार पर CAG संघ और प्रत्येक राज्य के लेखों की, तथा सार्वजनिक धन से बड़े हिस्से में चलने वाली संस्थाओं की लेखा परीक्षा करता है। उसकी रिपोर्ट राष्ट्रपति या राज्यपाल को जाती है, जो उसे विधानमंडल के सामने रखवाते हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर ने CAG को संविधान के अंतर्गत सबसे महत्वपूर्ण अधिकारी कहा था। विकल्प A गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 146 उच्चतम न्यायालय के कर्मचारियों और व्यय से जुड़ा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 147 संवैधानिक प्रश्नों की व्याख्या से संबंधित है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अनुच्छेद 148 CAG की नियुक्ति, शपथ, कार्यकाल और सेवा शर्तों की बात करता है, कर्तव्यों की नहीं। परीक्षा टिप: 148 नियुक्ति, 149 कर्तव्य, 150 लेखों का प्रारूप, 151 लेखा परीक्षा रिपोर्ट।

Q19.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPPSC Civil Service 2018 Official Paperकठिन

संविधान के अंतर्गत भारत की राजभाषा से संबंधित उपबंध में संसद संशोधन किस प्रकार कर सकती है?

  1. A.अपने सदस्यों के साधारण बहुमत से
  2. B.दो-तिहाई बहुमत से
  3. C.तीन-चौथाई बहुमत से
  4. D.अपने एक-तिहाई सदस्यों के समर्थन से
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अपने सदस्यों के साधारण बहुमत से

व्याख्या

सही उत्तर है A, साधारण बहुमत से। अनुच्छेद 343 कहता है कि देवनागरी लिपि में हिंदी संघ की राजभाषा होगी और 1950 से पंद्रह वर्ष तक अंग्रेजी चलती रहेगी, पर साथ ही यह संसद को अधिकार देता है कि वह विधि बनाकर उस अवधि के बाद भी अंग्रेजी के प्रयोग की व्यवस्था कर सके, और ऐसी विधि के लिए उपस्थित तथा मतदान करने वाले सदस्यों का साधारण बहुमत ही पर्याप्त है। राजभाषा अधिनियम, 1963 इसी तरह पारित हुआ था और उसने हिंदी के साथ अंग्रेजी को जारी रखा। इस प्रकार यह परिवर्तन अनुच्छेद 368 की विशेष प्रक्रिया के बाहर होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि दो-तिहाई बहुमत अनुच्छेद 368 के संविधान संशोधन के लिए चाहिए। विकल्प C गलत है, क्योंकि किसी संशोधन के लिए तीन-चौथाई बहुमत की आवश्यकता नहीं होती। विकल्प D गलत है, क्योंकि एक-तिहाई समर्थन से कोई विधेयक पारित नहीं होता। परीक्षा टिप: अनुच्छेद 343, राजभाषा अधिनियम 1963, साधारण बहुमत।

Q20.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 15 April 2021, Shift 1आसान

भारतीय संविधान में मूल अधिकारों की विशेषताएँ आंशिक रूप से _______ के संविधान में निहित अधिकार पत्र (बिल ऑफ राइट्स) से प्रेरित हैं।

  1. A.कनाडा
  2. B.संयुक्त राज्य अमेरिका
  3. C.आयरलैंड
  4. D.ऑस्ट्रेलिया
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संयुक्त राज्य अमेरिका

व्याख्या

सही उत्तर है B, संयुक्त राज्य अमेरिका। भारतीय संविधान के भाग III में दिए मूल अधिकार अमेरिका के संविधान के पहले दस संशोधनों से लिए गए हैं, जिन्हें सामूहिक रूप से अधिकार पत्र यानी बिल ऑफ राइट्स कहा जाता है। इनके साथ भारत ने अमेरिकी प्रतिरूप से न्यायिक पुनरावलोकन, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, राष्ट्रपति पर महाभियोग, उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को हटाने की प्रक्रिया तथा उपराष्ट्रपति का पद भी लिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि कनाडा से मजबूत केंद्र वाला संघ, अवशिष्ट शक्तियाँ संघ में रखना, राज्यपालों की नियुक्ति और उच्चतम न्यायालय का परामर्शी क्षेत्राधिकार लिया गया। विकल्प C गलत है, क्योंकि आयरलैंड से राज्य के नीति निदेशक तत्व, राज्यसभा में सदस्यों का नामांकन और राष्ट्रपति के निर्वाचन की पद्धति ली गई। विकल्प D गलत है, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची, व्यापार और वाणिज्य की स्वतंत्रता तथा दोनों सदनों की संयुक्त बैठक ली गई। परीक्षा टिप: बिल ऑफ राइट्स अमेरिका से, नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से और आपातकालीन उपबंध जर्मनी से।

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