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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 31

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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 31) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: विजयनगर और बहमनी राज्य, भारत के वायसराय (1858–1947) और प्रमुख घटनाएं, भक्ति और सूफी आंदोलन और अन्य। इनमें से 13 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 01 Dec 2022, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से किस वंश ने विजयनगर राज्य की स्थापना की थी?

  1. A.संगम वंश
  2. B.नागम वंश
  3. C.सोम वंश
  4. D.तुलुव वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. संगम वंश

व्याख्या

सही उत्तर है A, संगम वंश। विजयनगर राज्य की स्थापना 1336 में दो भाइयों हरिहर और बुक्का ने की थी, जो संगम परिवार से थे, इसलिए इस वंश को संगम वंश कहा जाता है। इनकी राजधानी विजयनगर कर्नाटक में आज के हम्पी के पास तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी किनारे पर थी। इस राज्य पर एक के बाद एक चार वंशों ने शासन किया – संगम, सालुव, तुलुव और अराविडु। D गलत है क्योंकि तुलुव वंश तीसरे क्रम पर आया और उसने राज्य को उसका सबसे प्रसिद्ध शासक कृष्णदेव राय दिया, जिसका शासन सोलहवीं सदी के आरंभ में था, पर उसने राज्य की स्थापना नहीं की। B और C गलत हैं क्योंकि नागम और सोम विजयनगर के शासक वंश कभी नहीं रहे। बहमनी सल्तनत के साथ विजयनगर की लंबी प्रतिद्वंद्विता 1565 के तालीकोटा युद्ध में समाप्त हुई, जब दक्कन की संयुक्त सल्तनतों ने राम राय को हरा दिया। परीक्षा टिप: विजयनगर की स्थापना 1336 में संगम वंश के हरिहर और बुक्का द्वारा; वंश क्रम – संगम, सालुव, तुलुव, अराविडु।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 5 Oct 2021, Shift 2आसान

ब्रिटिश वायसराय लॉर्ड कर्ज़न ने बंगाल का विभाजन किस वर्ष किया था?

  1. A.1905
  2. B.1901
  3. C.1907
  4. D.1911
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1905

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1905। लॉर्ड कर्ज़न ने 19 जुलाई 1905 को बंगाल विभाजन की घोषणा की और यह 16 अक्टूबर 1905 से लागू हुआ, जिससे प्रांत मुस्लिम-बहुल पूर्वी हिस्से और शेष बंगाल में बँट गया। सार्वजनिक रूप से कारण यह बताया गया कि बंगाल प्रशासन के लिए बहुत बड़ा हो गया है, पर असली मकसद हिंदू-मुसलमानों को बाँटकर वहाँ बढ़ते राष्ट्रीय आंदोलन को कमज़ोर करना था। इसके विरोध से स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें विदेशी कपड़े जलाए गए और भारतीय सामान, स्कूल तथा बैंक बढ़ावा पाए; रवींद्रनाथ टैगोर का गीत 'आमार सोनार बांग्ला' इन्हीं दिनों का है। विरोध इतना व्यापक था कि 1911 में विभाजन रद्द कर दिया गया और उसी साल राजधानी कलकत्ता से दिल्ली ले जाई गई। B गलत है क्योंकि 1901 में महारानी विक्टोरिया का निधन हुआ था। C गलत है क्योंकि 1907 कांग्रेस के सूरत विभाजन का वर्ष है। D गलत है क्योंकि 1911 में विभाजन रद्द हुआ था, हुआ नहीं था। परीक्षा टिप: 1905 में कर्ज़न ने घोषित किया, 1911 में हार्डिंग के समय रद्द हुआ।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 25 Oct 2019मध्यम

गुरुमुखी लिपि का विचार किस सिख गुरु ने दिया?

  1. A.गुरु अंगद देव
  2. B.गुरु अमर दास
  3. C.गुरु राम दास
  4. D.गुरु नानक देव
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गुरु अंगद देव

व्याख्या

सही उत्तर A, गुरु अंगद देव है। दूसरे गुरु ने गुरुमुखी लिपि को व्यवस्थित और प्रचलित किया, जिसमें गुरुओं की वाणी लिखी गई, और इससे इस आंदोलन की शिक्षा उसी भाषा में सुरक्षित रखना संभव हुआ जो उसके अनुयायी वास्तव में बोलते थे। विकल्प B, तीसरे गुरु अमर दास लंगर की परंपरा को सुदृढ़ करने के लिए स्मरण किए जाते हैं, जहाँ सभी जातियों के लोग साथ भोजन करते थे, तथा उन्होंने प्रचार के लिए मंजी व्यवस्था बनाई। विकल्प C, चौथे गुरु राम दास ने अमृतसर नगर की स्थापना की। विकल्प D, प्रथम गुरु और इस पंथ के संस्थापक गुरु नानक देव ने एक निराकार ईश्वर, नाम स्मरण और ईमानदार श्रम का उपदेश दिया तथा उदासियों में दूर-दूर तक यात्रा की, परंतु लिपि का श्रेय उनके उत्तराधिकारी को दिया जाता है।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 2nd Feb 2023आसान

निम्नलिखित में से किस स्थल पर सबसे प्राचीन गांवों के प्रमाण मिले हैं?

  1. A.हल्लूर
  2. B.चिरांद
  3. C.मेहरगढ़
  4. D.बुर्जहोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मेहरगढ़

व्याख्या

सही उत्तर है C, मेहरगढ़। बलूचिस्तान के कच्छी मैदान में बोलन नदी के किनारे स्थित मेहरगढ़ भारतीय उपमहाद्वीप का ज्ञात सबसे प्राचीन कृषक गांव है, जहां लगभग 7000 ईसा पूर्व से बसाव मिलता है। यहां के लोग इस क्षेत्र में गेहूं और जौ उगाने तथा भेड़, बकरी और मवेशी पालने वालों में सबसे पहले थे, और यह स्थल शिकार तथा संग्रहण से स्थायी ग्रामीण जीवन की ओर हुए लंबे बदलाव को दर्ज करता है। पुरातत्वविदों को यहां कच्ची ईंटों के घर, अनाज भंडारण के गड्ढे, शवों के साथ रखी वस्तुओं वाली कब्रें तथा कपास और दांत छेदने के दुनिया के आरंभिक प्रमाण मिले हैं। मेहरगढ़ को हड़प्पा सभ्यता का पूर्ववर्ती माना जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कर्नाटक का हल्लूर दक्षिण भारतीय नवपाषाण तथा महापाषाण स्थल है, जो आरंभिक लोहे के लिए जाना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि बिहार का चिरांद मेहरगढ़ से काफी बाद का नवपाषाण स्थल है, जो हड्डी के औजारों के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कश्मीर का बुर्जहोम गर्त-आवासों के लिए जाना जाता है और वह भी बाद का है। परीक्षा टिप: लगभग 7000 ईसा पूर्व का मेहरगढ़ सबसे प्राचीन गांव है, बुर्जहोम में गर्त-आवास और चिरांद में हड्डी के औजार मिले हैं।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · 9 Jan 2021, Shift 1मध्यम

छत्रपति शिवाजी के अष्टप्रधान में वित्त मंत्री को क्या कहा जाता था?

  1. A.पेशवा
  2. B.सुरनवीस
  3. C.सुमंत
  4. D.अमात्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अमात्य

व्याख्या

सही उत्तर D, अमात्य है। अमात्य, जिसे मजूमदार भी कहा जाता था, राज्य के लेखे रखता था और हर परगने की आय-व्यय की जांच करता था, इसलिए वही आठ मंत्रियों में वित्त का अधिकारी माना जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पेशवा मुख्य प्रधान था जो सामान्य प्रशासन देखता और शासक की अनुपस्थिति में उसका प्रतिनिधित्व करता था; बाद के काल में यह पद सर्वोपरि हो गया, पर वह वित्त विभाग कभी नहीं था। विकल्प B गलत है क्योंकि सचिव, जिसे सुरनवीस भी कहते थे, राजकीय पत्राचार देखता और पत्रों तथा सनदों की भाषा जांचता था। विकल्प C गलत है क्योंकि सुमंत, जिसे डबीर कहा जाता था, विदेश विभाग का मंत्री था और दूसरे राज्यों के दूतों से व्यवहार करता था। याद रखने का सरल तरीका है तीन जोड़ियां: अमात्य से धन, सचिव से पत्र और सुमंत से विदेश।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: मध्य प्रदेश · General Studies 2013मध्यम

ब्रिटिश सरकार ने किस अधिनियम द्वारा चाय और चीन के व्यापार पर ईस्ट इंडिया कंपनी का एकाधिकार समाप्त किया?

  1. A.रेगुलेटिंग एक्ट – 1773
  2. B.पिट्स इंडिया एक्ट – 1784
  3. C.चार्टर एक्ट – 1813
  4. D.चार्टर एक्ट – 1833
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चार्टर एक्ट – 1833

व्याख्या

सही उत्तर है D, चार्टर एक्ट – 1833। इस अधिनियम ने ईस्ट इंडिया कंपनी के बचे हुए व्यापारिक अधिकार, यानी चीन के साथ व्यापार तथा चाय के व्यापार का एकाधिकार भी समाप्त कर दिया और कंपनी को केवल प्रशासन चलाने वाली संस्था बना दिया, जो ब्रिटिश ताज की ओर से भारत को न्यास (ट्रस्ट) में रखती थी। इसी अधिनियम से बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बनाया गया, जिस पद पर पहले विलियम बेंटिक आए; पूरे ब्रिटिश भारत के लिए कानून बनाने की शक्ति भी उन्हीं को मिली और उनकी परिषद में एक विधि सदस्य जोड़ा गया, जिस पद पर पहले मैकाले आए और जिन्होंने एक समान विधि संहिता का काम सँभाला। A गलत है क्योंकि 1773 का रेगुलेटिंग एक्ट नियंत्रण की दिशा में पहला कदम था और उसने कलकत्ता में सर्वोच्च न्यायालय बनाया। B गलत है क्योंकि 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल तथा द्वैध शासन की व्यवस्था दी। C गलत है क्योंकि 1813 के चार्टर एक्ट ने भारत का व्यापार सब ब्रिटिश व्यापारियों के लिए खोला, पर चीन और चाय का एकाधिकार कंपनी के पास बना रहा। परीक्षा टिप: 1813 – भारत का व्यापार खुला, चाय व चीन छोड़कर; 1833 – यह छूट भी खत्म।

Q7.भारतीय इतिहासआसान

तमिल प्रदेश के आलवार संत किस देवता के भक्त थे?

  1. A.शिव
  2. B.विष्णु
  3. C.सूर्य
  4. D.शक्ति
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विष्णु

व्याख्या

सही उत्तर B, विष्णु है। आलवार तमिल प्रदेश के बारह वैष्णव संत कवि थे, जो लगभग छठी से नवीं शताब्दी तक सक्रिय रहे, और जिनके स्तोत्र बाद में दिव्य प्रबंधम के रूप में संकलित हुए तथा मंदिरों में गाए जाते हैं। विकल्प A सामान्य जाल है: उसी क्षेत्र और उन्हीं शताब्दियों में शिव के भक्त तिरसठ नयनार थे, और प्रश्नों में इन दोनों समूहों की अदला-बदली की जाती है। विकल्प C और विकल्प D गलत हैं, क्योंकि सूर्य या शक्ति का इस प्रकार का कोई तुलनीय तमिल आंदोलन नहीं था, यद्यपि स्थानीय उपासना पद्धतियाँ थीं। दो बातें और याद रखें: आलवारों में आंडाल और नयनारों में कारैक्काल अम्मैयार स्त्री संत थीं, और ये संत संस्कृत के स्थान पर तमिल में रचना करते थे, इसीलिए कहा जाता है कि भक्ति आंदोलन दक्षिण से आरंभ होकर उत्तर की ओर बढ़ा।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 11 April 2022, Shift 2मध्यम

प्राचीन भारत में निम्नलिखित में से कौन एक मछुआरों की बस्ती थी, जिसका उपयोग रोमनों और यूनानी-रोमनों के साथ व्यापार के बंदरगाह के रूप में किया जाता था?

  1. A.बादामी
  2. B.अरिकामेडु
  3. C.लोथल
  4. D.तुलापुरुषदान
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अरिकामेडु

व्याख्या

सही उत्तर है B, अरिकामेडु। कोरोमंडल तट पर पुडुचेरी के निकट अरियनकुप्पम नदी के किनारे बसा अरिकामेडु पहले मछुआरों की छोटी बस्ती था, जो ईसा की पहली शताब्दियों में रोमनों और यूनानी-रोमन जगत के साथ व्यापार करने वाला व्यस्त बंदरगाह बन गया। वहाँ की खुदाई में शराब और जैतून का तेल ढोने वाले रोमन अंफोरा, लाल चमकदार ऐरेटाइन मृद्भांड, काँच और पत्थर के मनके, दीपक तथा रोमन सिक्के मिले हैं, साथ ही स्थानीय रूलेटेड मृद्भांड भी। इसी कारण इस स्थल को “पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी” में वर्णित “पोडुके” माना जाता है। A गलत है क्योंकि कर्नाटक का बादामी चालुक्यों की भीतरी राजधानी थी, जो शैलकृत गुफा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। C गलत है क्योंकि गुजरात का लोथल गोदी वाला हड़प्पाकालीन स्थल है, जो बहुत पुराना है और पश्चिमी तट पर स्थित है। D गलत है क्योंकि तुलापुरुषदान सोने के बराबर स्वयं को तौलकर दान करने की एक रस्म थी, कोई स्थान नहीं। परीक्षा टिप: अरिकामेडु (पुडुचेरी के पास) = रोमन व्यापार का पोडुके; लोथल = गुजरात की हड़प्पा गोदी।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 16 Nov 2021, Shift 1आसान

मराठों और अफगानिस्तान के शासक अहमद शाह दुर्रानी के बीच पानीपत का तीसरा युद्ध किस वर्ष लड़ा गया?

  1. A.1781
  2. B.1851
  3. C.1761
  4. D.1831
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1761

व्याख्या

सही उत्तर C, 1761 है। पानीपत का तीसरा युद्ध 14 जनवरी 1761 को सदाशिवराव भाऊ के नेतृत्व वाली मराठा सेना, जिसमें पेशवा पुत्र विश्वासराव भी थे, और रोहिलों तथा अवध के नवाब की सहायता प्राप्त अहमद शाह अब्दाली (दुर्रानी) के बीच लड़ा गया। मराठों की भारी क्षति हुई और कुछ ही महीनों में पेशवा बालाजी बाजीराव का निधन हो गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1781 प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध का वर्ष है, जो 1782 की सालबाई संधि पर समाप्त हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि 1851 तक मराठा संघ 1818 में समाप्त हो चुका था और पंजाब का विलय भी हो चुका था। विकल्प D गलत है क्योंकि 1831 कंपनी के प्रभुत्व का काल है और उस समय पानीपत में कोई युद्ध नहीं हुआ। पानीपत के तीन युद्ध 1526, 1556 और 1761 में हुए।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 23rd Dec 2021मध्यम

'भूतपूर्व देशी रियासतों' की श्रेणी में वे राज्य आते थे A. जिनके राजा ने भारत में विलय पर सहमति दी B. जिनके राजा ने पाकिस्तान में विलय पर सहमति दी C. जिन्हें राज्य का दर्जा मिलने तक प्रशासनिक इकाइयों के रूप में रखा गया D. जिन्हें गोवा और पांडिचेरी जैसे यूरोपीय उपनिवेशों के रूप में रखा गया।

  1. A.A और B सत्य हैं। B, A का सही स्पष्टीकरण है
  2. B.B, C और D
  3. C.A, C और D
  4. D.A, B और C
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. A, B और C

व्याख्या

सही उत्तर है D, A, B और C। 1947 में अंग्रेजों के जाने पर भारत में प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासन वाले प्रांतों के अलावा लगभग 565 देशी रियासतें थीं, जिनके शासकों ने ब्रिटिश सर्वोपरिता स्वीकार कर रखी थी। स्वतंत्रता के साथ यह सर्वोपरिता समाप्त हो गई और हर शासक को भारत या पाकिस्तान में विलय करना था; सरदार वल्लभभाई पटेल तथा वी. पी. मेनन ने रियासत विभाग के माध्यम से लगभग सभी से विलय पत्र पर हस्ताक्षर कराए। इस प्रकार कथन A और B दोनों रियासतों का वर्णन करते हैं। कथन C भी सही है, क्योंकि हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और त्रिपुरा जैसी कई रियासतें अलग प्रशासनिक इकाइयों के रूप में रखी गईं और बाद में पूर्ण राज्य बनीं। कथन D गलत है, क्योंकि गोवा, दमन और दीव पुर्तगाली तथा पांडिचेरी फ्रांसीसी उपनिवेश थे, रियासतें नहीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि उसमें कथन C छूट जाता है। विकल्प B और C गलत हैं, क्योंकि दोनों में असत्य कथन D शामिल है। परीक्षा टिप: लगभग 565 रियासतें, पटेल और वी. पी. मेनन, विलय पत्र, तथा गोवा और पांडिचेरी यूरोपीय उपनिवेश।

Q11.भारतीय इतिहासआसान

अद्वैत दर्शन का प्रतिपादन किसने किया?

  1. A.रामानुजाचार्य
  2. B.मध्वाचार्य
  3. C.शंकराचार्य
  4. D.वल्लभाचार्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. शंकराचार्य

व्याख्या

सही उत्तर C, शंकराचार्य है। आठवीं शताब्दी में उन्होंने तर्क दिया कि केवल ब्रह्म सत्य है, जीव ब्रह्म से भिन्न नहीं है, और सामान्य दृष्टि से दिखने वाला जगत माया का कार्य है; यही अद्वैत है। विकल्प A, रामानुजाचार्य ने ग्यारहवीं-बारहवीं शताब्दी में विशिष्टाद्वैत का उपदेश दिया, जिसमें जीव और जड़ एक परम सत्ता के वास्तविक विशेषण हैं, और उन्होंने विष्णु भक्ति को केंद्र में रखा। विकल्प B, मध्वाचार्य ने द्वैत सिखाया, जिसके अनुसार ईश्वर और जीव सदा भिन्न हैं। विकल्प D, वल्लभाचार्य ने शुद्धाद्वैत का प्रतिपादन किया और कृष्ण भक्ति के पुष्टिमार्ग की स्थापना की, जिससे सूरदास जुड़े थे। निंबार्क का द्वैताद्वैत मिलाकर वे पाँच आचार्य बनते हैं जिन्हें परीक्षाओं में सुमेलित करने को कहा जाता है। शंकराचार्य का जन्म केरल के कालडी में हुआ था और उन्होंने देश के चारों कोनों में मठ स्थापित किए, जबकि रामानुज का संबंध श्रीपेरुंबुदूर से है; यह भेद भी प्रश्नों में पूछा जाता है।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 31 July 2021, Shift 1आसान

सोवियत संघ का विघटन निम्नलिखित में से किस वर्ष शुरू हुआ?

  1. A.1990
  2. B.1989
  3. C.1991
  4. D.1992
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1991

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1991। सोवियत समाजवादी गणराज्य संघ का विघटन 1991 में हुआ: उस वर्ष अगस्त में मिखाइल गोर्बाचेव के विरुद्ध हुए असफल तख्तापलट ने केंद्र की सत्ता तोड़ दी, गणराज्य एक के बाद एक स्वतंत्रता घोषित करते गए, और 25 दिसंबर 1991 को गोर्बाचेव ने इस्तीफा दे दिया। अगले ही दिन क्रेमलिन से सोवियत ध्वज उतार लिया गया और सोवियत संघ की जगह पंद्रह अलग-अलग देश बन गए, जिनमें रूस उसका उत्तराधिकारी राज्य बना। इनमें से अधिकांश दिसंबर 1991 की अल्मा-अता घोषणा से बने स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रकुल में शामिल हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि 1990 में जर्मनी का एकीकरण हुआ और गणराज्यों में संप्रभुता की पहली आवाजें उठीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 1989 में बर्लिन की दीवार गिरी और पूर्वी यूरोप साम्यवाद से मुड़ गया, पर सोवियत संघ बना रहा। विकल्प D गलत है क्योंकि 1992 तक विघटन पूरा हो चुका था। परीक्षा टिप: बर्लिन दीवार 1989 → जर्मनी एकीकरण 1990 → सोवियत संघ विघटन 1991, और शीत युद्ध समाप्त।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: दिल्ली · 11 Nov 2018, Shift 3मध्यम

छत्रपति शिवाजी के प्रशासन में पंडितराव का कार्य क्या था?

  1. A.विदेश विभाग
  2. B.दान और धार्मिक कार्य
  3. C.महालेखाकार
  4. D.न्याय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. दान और धार्मिक कार्य

व्याख्या

सही उत्तर B, दान और धार्मिक कार्य है। पंडितराव अष्टप्रधान में धार्मिक विभाग का प्रमुख था, जो धार्मिक अनुष्ठानों की तिथियां तय करता, मंदिरों तथा विद्वानों को दिए जाने वाले अनुदान की देखरेख करता और धार्मिक आचरण से जुड़े अपराधों पर दंड देता था। विकल्प A गलत है क्योंकि विदेश विभाग सुमंत या डबीर के पास था, जो दूतों का आदान-प्रदान करता था। विकल्प C गलत है क्योंकि लेखा और वित्त अमात्य या मजूमदार का काम था, जो परगनों की आय-व्यय की जांच करता था। विकल्प D गलत है क्योंकि न्याय का काम न्यायाधीश करता था, जो प्रथा और प्राचीन धर्मशास्त्रों के आधार पर दीवानी तथा फौजदारी मामले तय करता था। यह भी याद रखें कि शेष छह मंत्रियों के विपरीत पंडितराव और न्यायाधीश को सैनिक दायित्व नहीं दिया जाता था।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 16 Oct 2020, Shift 1मध्यम

भारत का राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' पहली बार किसी राजनीतिक अवसर पर कब गाया गया था?

  1. A.1896 का कांग्रेस अधिवेशन
  2. B.1903 का कांग्रेस अधिवेशन
  3. C.1911 का कांग्रेस अधिवेशन
  4. D.1900 का कांग्रेस अधिवेशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. 1896 का कांग्रेस अधिवेशन

व्याख्या

सही उत्तर है A, 1896 का कांग्रेस अधिवेशन। वंदे मातरम् पहली बार किसी राजनीतिक अवसर पर 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था और इसकी धुन रवींद्रनाथ टैगोर ने बनाई तथा उन्होंने ही इसे वहाँ गाया। यह गीत इससे पहले बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने संस्कृतनिष्ठ बांग्ला में लिखा था और अपने उपन्यास 'आनंदमठ' में रखा था, जो 1882 में प्रकाशित हुआ। 1905 में बंगाल विभाजन के बाद यह स्वदेशी आंदोलन का नारा बन गया और आगे चलकर संविधान सभा ने इसे राष्ट्रगीत का दर्जा दिया, जिसे राष्ट्रगान के बराबर सम्मान देने की बात कही गई। B गलत है क्योंकि 1903 का अधिवेशन उस पहली प्रस्तुति के सात साल बाद हुआ। C गलत है क्योंकि 1911 का कलकत्ता अधिवेशन 'जन गण मन' के पहली बार गाए जाने के लिए याद किया जाता है। D गलत है क्योंकि 1900 के अधिवेशन से ऐसा कोई प्रसंग नहीं जुड़ा। परीक्षा टिप: वंदे मातरम्–रचना 1882, पहली प्रस्तुति 1896; जन गण मन–1911।

Q15.भारतीय इतिहासमध्यम

तुलसीदास की रामचरितमानस किस भाषा में रची गई?

  1. A.ब्रज
  2. B.अवधी
  3. C.मैथिली
  4. D.संस्कृत
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अवधी

व्याख्या

सही उत्तर B, अवधी है। तुलसीदास ने राम कथा को पूर्वी उत्तर प्रदेश की अवधी बोली में कहा, जिससे यह महाकाव्य उन लोगों तक पहुँचा जो संस्कृत नहीं पढ़ सकते थे, और रामचरितमानस उत्तर भारत की सर्वाधिक पढ़ी और गाई जाने वाली भक्ति रचना बन गई। विकल्प A, ब्रजभाषा सूरदास की भाषा थी, जिनका सूरसागर कृष्ण के बाल रूप का गान करता है, और अष्टछाप कवियों की अधिकांश कृष्ण कविता इसी में है। विकल्प C, मैथिली मिथिला के विद्यापति की भाषा थी। विकल्प D गलत है और यही इस प्रश्न का जाल है: वाल्मीकि की संस्कृत रामायण एक भिन्न और कहीं प्राचीन रचना है, जबकि तुलसीदास का पूरा उद्देश्य ही बोलचाल की भाषा में लिखना था। तुलसीदास ने विनय पत्रिका भी लिखी और हनुमान चालीसा परंपरागत रूप से उन्हीं को श्रेय दी जाती है।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 30th Dec 2021मध्यम

जाति-भेद के विरुद्ध चले आंदोलनों में से कौन अपने प्रभाव-क्षेत्र के साथ सही ढंग से जोड़ा गया है?

  1. A.सतनामी आंदोलन – पंजाब
  2. B.मतुआ संप्रदाय – तमिलनाडु
  3. C.सत्यशोधक समाज – महाराष्ट्र
  4. D.आर्य समाज – केरल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सत्यशोधक समाज – महाराष्ट्र

व्याख्या

सही उत्तर है C, सत्यशोधक समाज – महाराष्ट्र। ज्योतिराव फुले ने 1873 में पुणे में सत्यशोधक समाज की स्थापना की, जिसका उद्देश्य महाराष्ट्र में जातिगत ऊँच-नीच और पुरोहित वर्ग के वर्चस्व से लड़ना था। फुले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई के साथ लड़कियों तथा तथाकथित निचली जातियों के बच्चों के लिए विद्यालय खोले थे और अपनी पुस्तक गुलामगिरी में शूद्रों की दशा की तुलना दासों से की थी। समाज ने ब्राह्मण पुरोहित के बिना विवाह कराए और किसानों, मजदूरों तथा महिलाओं के पक्ष में आवाज उठाई। A गलत है क्योंकि सतनामी आंदोलन गुरु घासीदास ने छत्तीसगढ़ की चर्मकार जातियों के बीच चलाया था, पंजाब में नहीं। B गलत है क्योंकि मतुआ संप्रदाय हरिचंद ठाकुर ने बंगाल के नामशूद्रों के बीच शुरू किया था, तमिलनाडु में नहीं। D गलत है क्योंकि आर्य समाज की स्थापना 1875 में दयानंद सरस्वती ने की और इसका प्रभाव पंजाब तथा उत्तर भारत में सबसे अधिक रहा, केरल में नहीं। परीक्षा टिप: फुले – सत्यशोधक समाज, पुणे 1873, गुलामगिरी; घासीदास – सतनामी, छत्तीसगढ़।

Q17.भारतीय इतिहासआसान

गुरु गोबिंद सिंह ने खालसा की स्थापना किस वर्ष की?

  1. A.1604
  2. B.1675
  3. C.1699
  4. D.1708
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1699

व्याख्या

सही उत्तर C, 1699 है। 1699 की बैसाखी पर आनंदपुर साहिब में गुरु गोबिंद सिंह ने पहले पांच स्वयंसेवकों, पंज प्यारे, को खंडे की पाहुल से अमृत छकाया और खालसा पंथ की स्थापना की, जिसके सदस्यों को पांच ककार तथा सिंह और कौर नाम दिए गए। विकल्प A गलत है क्योंकि 1604 में गुरु अर्जुन देव ने आदि ग्रंथ पूरा कर हरमंदिर साहिब में स्थापित किया था। विकल्प B गलत है क्योंकि 1675 में औरंगजेब के शासन में दिल्ली में गुरु तेग बहादुर की शहादत हुई, जिसके बाद गुरु गोबिंद सिंह गद्दी पर बैठे। विकल्प D गलत है क्योंकि 1708 में नांदेड़ में गुरु गोबिंद सिंह का देहावसान हुआ, जिससे पहले उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को शाश्वत गुरु घोषित किया। इन चार वर्षों को क्रम से याद रखना इस पूरे वर्ग के प्रश्नों को हल कर देता है।

Q18.भारतीय इतिहासकठिन

भारत में किस सूफी सिलसिले ने राज्य का संरक्षण, भूमि अनुदान और पद स्वीकार किए?

  1. A.चिश्ती
  2. B.सुहरावर्दी
  3. C.फिरदौसी
  4. D.नक्शबंदी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सुहरावर्दी

व्याख्या

सही उत्तर B, सुहरावर्दी सिलसिला है। इसे भारत में मुल्तान में शेख बहाउद्दीन जकारिया ने स्थापित किया और इसका मत था कि कोई सूफी राज्य से भूमि, धन और पद स्वीकार करते हुए भी आध्यात्मिक जीवन जी सकता है; इसके शेख दिल्ली के सुल्तानों के निकट रहे। विकल्प A, चिश्ती सिलसिले का मत इसके विपरीत था: इसके संत राजकीय अनुदान अस्वीकार करते, फुतूह अर्थात बिना माँगे मिली भेंट पर निर्वाह करते, अपनी खानकाहें सबके लिए खुली रखते और जानबूझकर दरबार से दूर रहते थे, यही इस सिलसिले की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण था। विकल्प C, फिरदौसी सिलसिला छोटी शाखा थी, जो मुख्यतः बिहार में शेख शरफुद्दीन याहया मनेरी के अधीन फली-फूली। विकल्प D, नक्शबंदी सिलसिला बाद में मुगल काल में आया और शेख अहमद सरहिंदी से जुड़ा है।

Q19.भारतीय इतिहासआसान

सिखों के पहले प्रामाणिक ग्रंथ आदि ग्रंथ का संकलन किसने किया?

  1. A.गुरु नानक
  2. B.गुरु अंगद
  3. C.गुरु अर्जुन देव
  4. D.गुरु हरगोबिंद
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गुरु अर्जुन देव

व्याख्या

सही उत्तर C, गुरु अर्जुन देव है। पांचवें गुरु ने अपने से पहले के गुरुओं की वाणी के साथ कबीर, नामदेव, रविदास और शेख फरीद जैसे संतों के पद एकत्र कर 1604 में आदि ग्रंथ पूरा किया और उसे अमृतसर के हरमंदिर साहिब में स्थापित किया, जहां बाबा बुड्ढा पहले ग्रंथी बने। विकल्प A गलत है क्योंकि गुरु नानक ने वाणी का बड़ा भाग रचा अवश्य, पर ग्रंथ का संकलन नहीं किया; यह संकलन उनके चार उत्तराधिकारियों के बाद हुआ। विकल्प B गलत है क्योंकि गुरु अंगद गुरुमुखी लिपि को व्यवस्थित रूप देने और लंगर परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए जाने जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि गुरु अर्जुन देव के पुत्र गुरु हरगोबिंद मीरी और पीरी की दो तलवारों तथा हरमंदिर साहिब के सामने अकाल तख्त के निर्माण के लिए स्मरण किए जाते हैं।

Q20.भारतीय इतिहासआसान

ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह कहाँ स्थित है?

  1. A.दिल्ली
  2. B.अजमेर
  3. C.मुल्तान
  4. D.फतेहपुर सीकरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अजमेर

व्याख्या

सही उत्तर B, अजमेर है। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती, जिन्हें गरीब नवाज़ कहा जाता है, बारहवीं शताब्दी के अंत में चिश्ती सिलसिले को भारत लाए और राजस्थान के अजमेर में बसे, जहाँ उनकी दरगाह हिंदू और मुसलमान दोनों के लिए उपमहाद्वीप के सबसे अधिक दर्शन किए जाने वाले स्थलों में से एक बन गई। विकल्प A, दिल्ली में उनके उत्तराधिकारियों कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी, निजामुद्दीन औलिया और नसीरुद्दीन चिराग-ए-देहलवी की दरगाहें हैं, इसीलिए यह सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। विकल्प C, मुल्तान प्रतिद्वंद्वी सुहरावर्दी सिलसिले के शेख बहाउद्दीन जकारिया का केंद्र था। विकल्प D, फतेहपुर सीकरी में शेख सलीम चिश्ती रहते थे; अकबर ने सोलहवीं शताब्दी में उनकी खानकाह के पास नई राजधानी बसाई, और वहाँ का श्वेत संगमरमर का मकबरा उन्हीं का है। ध्यान रहे कि संत की पुण्यतिथि पर लगने वाला वार्षिक उर्स अजमेर में सबसे बड़े धार्मिक मेलों में गिना जाता है।

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