‘दुनिया के मजदूरों, एक हो’ का नारा किससे जुड़ा था?
- A.फ्रांसीसी क्रांति
- B.अमेरिकी क्रांति
- C.रूसी क्रांति
- D.जापानी क्रांति
सही उत्तर
C. रूसी क्रांति
व्याख्या
सही उत्तर है C, रूसी क्रांति। ‘दुनिया के मजदूरों, एक हो’ यह पुकार कार्ल मार्क्स और फ्रेडरिक एंगेल्स द्वारा 1848 में लिखे गए कम्युनिस्ट घोषणापत्र की अंतिम पंक्तियों से आती है। यही नारा उस समाजवादी आंदोलन का प्रमुख स्वर बना जिसने 1917 में रूस में बोल्शेविकों को सत्ता तक पहुँचाया। लेनिन की पार्टी ने इसी नारे से औद्योगिक मजदूरों को अपने साथ जोड़ा, और ये शब्द बाद में लंदन में मार्क्स की समाधि पर अंकित हुए तथा सोवियत प्रतीक चिह्नों पर छपे। 1917 की फरवरी क्रांति ने ज़ार का शासन समाप्त किया और अक्टूबर क्रांति बोल्शेविकों को सत्ता में लाई। A गलत है क्योंकि 1789 की फ्रांसीसी क्रांति का नारा स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा था। B गलत है क्योंकि 1776 की अमेरिकी क्रांति प्रतिनिधित्व के बिना कर लगाने के विरोध में लड़ी गई थी। D गलत है क्योंकि जापान में 1868 की मेजी पुनर्स्थापना हुई, जो ऊपर से किया गया आधुनिकीकरण था, मजदूर क्रांति नहीं। परीक्षा टिप: कम्युनिस्ट घोषणापत्र 1848, मार्क्स और एंगेल्स; रूसी क्रांति 1917, लेनिन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकानपुर शहर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
- A.रानी लक्ष्मीबाई
- B.नाना साहब
- C.बेगम हजरत महल
- D.कुंवर सिंह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नाना साहब
व्याख्या
सही उत्तर है B, नाना साहब। अंतिम पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र नाना साहब ने कानपुर में 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया। कंपनी ने उन्हें वह पेंशन देने से इनकार कर दिया था जो उनके पिता को मिलती थी। जून 1857 में जब कानपुर की सिपाही टुकड़ियों ने विद्रोह किया, तो वे उनके साथ हो गए, पेशवा घोषित किए गए और उन्होंने अंग्रेज सेना को शहर से बाहर कर दिया। तांत्या टोपे उनके सेनापति थे। जुलाई में हैवलॉक के नेतृत्व में अंग्रेजों ने कानपुर पुनः जीत लिया, और माना जाता है कि नाना साहब नेपाल की ओर निकल गए। A गलत है क्योंकि रानी लक्ष्मीबाई ने झाँसी में संघर्ष का नेतृत्व किया। C गलत है क्योंकि बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कद्र के नाम पर लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व किया। D गलत है क्योंकि जगदीशपुर के वृद्ध जमींदार कुंवर सिंह ने बिहार में विद्रोह का नेतृत्व किया। परीक्षा टिप: कानपुर नाना साहब, झाँसी लक्ष्मीबाई, लखनऊ बेगम हजरत महल, बिहार कुंवर सिंह, दिल्ली बहादुर शाह जफर।
रैयतवाड़ी व्यवस्था किसके द्वारा शुरू की गई थी?
- A.वॉरेन हेस्टिंग्स
- B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
- C.थॉमस मुनरो
- D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. थॉमस मुनरो
व्याख्या
सही उत्तर है C, थॉमस मुनरो। रैयतवाड़ी बंदोबस्त थॉमस मुनरो ने कैप्टन अलेक्जेंडर रीड के साथ तैयार किया और 1820 से मद्रास प्रेसीडेंसी में लागू किया, जहाँ मुनरो उस समय गवर्नर थे। इस व्यवस्था में लगान सीधे रैयत, अर्थात् अलग-अलग किसान के साथ तय किया जाता था, और जब तक वह लगान चुकाता रहे, उसे अपने खेत का स्वामी माना जाता था। बीच में कोई जमींदार नहीं होता था, और मिट्टी के सर्वेक्षण के बाद हर तीस वर्ष में लगान की दर संशोधित की जाती थी। यह व्यवस्था आगे मद्रास, बंबई, असम और बरार के बड़े भाग में, यानी लगभग आधे ब्रिटिश भारत में लागू हुई, और नकद में ऊँची मांग ने बहुत किसानों को कर्ज में डुबो दिया। A गलत है क्योंकि वॉरेन हेस्टिंग्स ने बंगाल में नीलामी से लगान वसूली का प्रयोग किया था। B गलत है क्योंकि लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 1793 में जमींदारों के साथ स्थायी बंदोबस्त लागू किया। D गलत है क्योंकि लॉर्ड रिपन स्थानीय स्वशासन और इल्बर्ट बिल के लिए याद किए जाते हैं। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793 कॉर्नवालिस, रैयतवाड़ी मुनरो, महालवाड़ी उत्तर-पश्चिमी प्रांत।
1708 में गुरु गोबिंद सिंह की मृत्यु के बाद खालसा ने किसके नेतृत्व में मुगल सत्ता के विरुद्ध विद्रोह किया?
- A.गुरु अंगद
- B.गुरु अमर दास
- C.बंदा बहादुर
- D.गुरु नानक देव
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बंदा बहादुर
व्याख्या
सही उत्तर है C, बंदा बहादुर। गुरु गोबिंद सिंह की मृत्यु 1708 में नांदेड़ में हुई, और उससे पहले उन्होंने बंदा सिंह बहादुर को पंजाब भेजा था कि वे मुगल सत्ता के विरुद्ध खालसा का नेतृत्व करें। बंदा बहादुर ने 1710 में सरहिंद के सूबेदार वजीर खान को हराकर सरहिंद पर अधिकार किया। उन्होंने गुरुओं के नाम पर सिक्के चलाए, लोहगढ़ से अपनी मुहर से आदेश जारी किए और किसानों को उस भूमि पर अधिकार दिया जिसे वे जोतते थे। बादशाह बहादुर शाह और उसके बाद फर्रुखसियर ने पूरी मुगल शक्ति उनके विरुद्ध लगा दी; 1715 में गुरदास नंगल में घेरे के बाद वे पकड़े गए और 1716 में दिल्ली में उन्हें मृत्युदंड दिया गया। A गलत है क्योंकि गुरु अंगद सोलहवीं सदी के दूसरे सिख गुरु थे। B गलत है क्योंकि तीसरे गुरु, गुरु अमर दास भी उसी प्रारंभिक काल के हैं। D गलत है क्योंकि सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव का देहावसान 1539 में हुआ था। परीक्षा टिप: बंदा सिंह बहादुर — सरहिंद 1710, गिरफ्तारी 1715, मृत्युदंड 1716।
1849 में पंजाब का ब्रिटिश भारत में विलय किस गवर्नर जनरल ने किया?
- A.लॉर्ड वेलेजली
- B.लॉर्ड हेस्टिंग्स
- C.लॉर्ड डलहौजी
- D.लॉर्ड कैनिंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लॉर्ड डलहौजी
व्याख्या
सही उत्तर C, लॉर्ड डलहौजी है। 1848 से 1849 का द्वितीय आंग्ल-सिख युद्ध गुजरात के युद्ध में सिख सेना की पराजय पर समाप्त हुआ और डलहौजी ने 1849 में पंजाब का विलय कर उसे प्रशासन बोर्ड के अधीन रखा तथा बालक महाराजा दलीप सिंह को निर्वासित कर दिया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1798 से 1805 तक गवर्नर जनरल रहे लॉर्ड वेलेजली सहायक संधि व्यवस्था और बसीन की संधि के लिए याद किए जाते हैं, पंजाब के लिए नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि लॉर्ड हेस्टिंग्स ने 1817 से 1818 का तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध लड़ा और पेशवा पद समाप्त किया, जबकि उनके काल में रणजीत सिंह का पंजाब स्वतंत्र था। विकल्प D गलत है क्योंकि लॉर्ड कैनिंग 1857 के विद्रोह के समय गवर्नर जनरल थे और 1858 में पहले वायसराय बने, जो विलय से लगभग एक दशक बाद की बात है।
मराठा राज्य में वंशानुगत पेशवा परंपरा का पहला पेशवा कौन था?
- A.बाजीराव प्रथम
- B.बालाजी विश्वनाथ
- C.माधवराव प्रथम
- D.नाना फडणवीस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बालाजी विश्वनाथ
व्याख्या
सही उत्तर B, बालाजी विश्वनाथ है। 1713 में शाहू ने उन्हें पेशवा नियुक्त किया और उन्होंने मुगल दरबार से दक्कन में चौथ तथा सरदेशमुखी वसूलने का अधिकार प्राप्त किया; इसके बाद यह पद उनके परिवार में वंशानुगत हो गया और पूना से पेशवा शासन चलाने लगे, जबकि सतारा के छत्रपति नाममात्र के शासक रह गए। विकल्प A गलत है क्योंकि मालवा और गुजरात तक मराठा शक्ति फैलाने वाले बाजीराव प्रथम उनके पुत्र और इस परंपरा के दूसरे पेशवा थे। विकल्प C गलत है क्योंकि पानीपत के बाद मराठा शक्ति को संभालने वाले माधवराव प्रथम बहुत बाद में आए और 1772 में उनका निधन हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि नाना फडणवीस कभी पेशवा नहीं बने; वे माधवराव द्वितीय के अल्पवयस्क काल में पूना दरबार संभालने वाले प्रमुख मंत्री और संघ के बड़े राजनयिक थे।